शेरघाटी के होटल में करोड़ों के पैंगोलिन स्केल छाल का खेल बेनकाब! 19.5 किलो बरामद, चार संदिग्ध हिरासत में, इंटरनेशनल सिंडिकेट पर वन विभाग की नजर
गुप्त सूचना पर होटल में छापा, विदेशी बाजार में करोड़ों की कीमत वाले प्रतिबंधित वन्यजीव उत्पाद की तस्करी की आशंका
गया: गया जिले के शेरघाटी में वन विभाग ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक होटल से 19.5 किलोग्राम कथित पैंगोलिन स्केल (शल्क/छाल) बरामद किए हैं। इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि प्रतिबंधित वन्यजीव उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के जरिए विदेश भेजने की तैयारी थी। बरामदगी के बाद वन विभाग पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुट गया है।
जानकारी के अनुसार, वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि शेरघाटी थाना क्षेत्र स्थित केके पैलेस होटल में कुछ लोग प्रतिबंधित वन्यजीव उत्पाद के साथ ठहरे हुए हैं और इसकी बड़ी डील होने वाली है। सूचना मिलते ही शेरघाटी के वन क्षेत्र पदाधिकारी नीतिकेश कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने होटल में दबिश देकर कमरों की तलाशी ली, जहां से 19.5 किलोग्राम कथित पैंगोलिन स्केल बरामद किए गए। बरामद सामग्री को मौके पर ही जब्त कर लिया गया। कार्रवाई के दौरान चार संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। उनकी पहचान इमामगंज निवासी मोहम्मद आफताब, जहानाबाद निवासी मोहम्मद नवाब, घोसी थाना क्षेत्र निवासी मोहम्मद शरफू तथा शेरघाटी निवासी मोहम्मद मुमताज के रूप में हुई है। सभी से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बरामद सामग्री कहां से लाई गई, इसकी खरीद-फरोख्त में कौन-कौन शामिल हैं और इसे आगे किसे सौंपा जाना था।
वन विभाग के वन क्षेत्र पदाधिकारी नीतीकेश कुमार का कहना है की यह कोई छोटा मामला नहीं है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि प्रतिबंधित वन्यजीव उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंची कीमत पर बेचने के उद्देश्य से विदेश भेजने की तैयारी थी। हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया है कि बरामद सामग्री का वैज्ञानिक सत्यापन और पूरे नेटवर्क की जांच अभी जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इसका संबंध किसी बड़े अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह से तो नहीं है।
वन क्षेत्र पदाधिकारी नीतिकेश कुमार ने बताया कि बरामद सामग्री को विधिवत जब्त कर लिया गया है और सभी संदिग्धों से गहन पूछताछ की जा रही है। जांच के आधार पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी बड़े गिरोह की संलिप्तता सामने आती है तो उससे जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई होगी।
दुनिया का सबसे ज्यादा तस्करी होने वाला स्तनधारी है पैंगोलिन, इसके शल्कों के लिए होती है अवैध तस्करी
भारत में पैंगोलिन संरक्षित वन्यजीव, शिकार और व्यापार पर पूरी तरह प्रतिबंध; दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा का प्रावधान
पैंगोलिन दुनिया के सबसे अधिक तस्करी किए जाने वाले स्तनधारियों में शामिल है। इसकी सबसे बड़ी वजह इसके शरीर पर मौजूद कठोर केराटिन से बने शल्क (स्केल) हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इनकी अवैध मांग के कारण लगातार इनकी तस्करी की जाती है। हालांकि वैज्ञानिक समुदाय बार-बार स्पष्ट कर चुका है कि इन शल्कों के औषधीय गुणों का कोई प्रमाणित वैज्ञानिक आधार नहीं है।
भारत में पैंगोलिन को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत सर्वोच्च स्तर की कानूनी सुरक्षा प्राप्त है। इसका शिकार, खरीद-बिक्री, परिवहन या इसके किसी भी अंग का व्यापार पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर कठोर कारावास और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शेरघाटी में हुई यह कार्रवाई वन्यजीव तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता है। हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बरामद सामग्री कहां से लाई गई थी और इसके पीछे कितना बड़ा नेटवर्क सक्रिय था। फिलहाल जब्त सामग्री को सुरक्षित रखा गया है और सभी संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय गिरोह की संलिप्तता सामने आती है तो अन्य एजेंसियों की भी मदद ली जाएगी। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों की तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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