श्री राम पाठशाला में अणुव्रत अनुशासन दिवस आयोजित
अनुशासन ही जीवन की वास्तविक सफलता का आधार : रमेश बंसल
भिवानी, 07 अक्तूबर : विद्यार्थी जीवन मानव जीवन की वह मजबूत नींव है, जिस पर उज्ज्वल भविष्य की भव्य इमारत खड़ी होती है। यदि इस नींव में अनुशासन का संतुलन और संकल्प का पोषण हो, तो सफलता मिलना निश्चित है। इसी सकारात्मक संदेश के साथ अणुव्रत समिति द्वारा स्थानीय श्री राम पाठशाला में अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के अवसर पर अनुशासन दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को जीवन में संयम, नियमों के पालन और नैतिक मूल्यों के महत्व से अवगत कराया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अणुव्रत समिति के संरक्षक रमेश बंसल ने विद्यार्थियों में ऊर्जा और प्रेरणा भरते हुए अनुशासन को जीवन का सबसे बड़ा गुण बताया। उन्होंने कहा कि अनुशासन सफलता की पहली सीढ़ी है। विद्यार्थी जीवन में ही अनुशासन का कठोरता से पालन करना चाहिए। विद्यार्थी जीवन के अलावा घर-परिवार, व्यापार तथा रोजगार के क्षेत्र में भी अनुशासित व्यक्ति ही सफल हो सकता है। प्रकृति भी अपनी सभी गतिविधियां बहुत ही अनुशासित तरीके से संचालित करती है। अगर हमारे जीवन में अनुशासन नहीं है, तो हमारा जीवन बालू रेत की दीवार की तरह है, जो थोड़ी सी भी बारिश आने पर ढह जाती है। उन्होंने कहा कि जिस तरह सूर्य, चंद्रमा और ऋतुएं अपने निश्चित नियम और समय का पालन करते हैं, ठीक उसी तरह मनुष्य को भी अपने जीवन को अनुशासित बनाना चाहिए। नियमबद्ध जीवन जीने वाले व्यक्ति के समक्ष बड़ी से बड़ी चुनौतियां भी आसान हो जाती हैं। समारोह में समिति के अध्यक्ष नरेश बंसल ने अणुव्रत समिति के सामाजिक और नैतिक उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने समिति द्वारा समाज-निर्माण, चरित्र-निर्माण और मानवीय मूल्यों के उत्थान के लिए चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। विद्यालय परिवार की ओर से प्रबंधक बैजनाथ जैन एवं प्राचार्या संगीता अरोड़ा ने अणुव्रत समिति के सभी पदाधिकारियों का शब्द-सुमन से भावभीना स्वागत किया। उन्होंने समिति के इस अभिनव प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों में नैतिक चेतना और संस्कारों का बीजारोपण करते हैं। इस अवसर पर सुनील सराफ, राम अवतार गुप्ता, विनोद जिंदल, प्रबंधक बैजनाथ जैन, प्राचार्या संगीता अरोड़ा सहित विद्यालय का समस्त शिक्षक वर्ग, स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन एक सकारात्मक ऊर्जा और समाज में अनुशासन का प्रकाश फैलाने के संकल्प के साथ हुआ।