जिला शिक्षक सम्मान समारोह समिति, धार द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं विशिष्ट प्रतिभाओं का सम्मान समारोह श्रद्धा गार्डन, धार में आयोजित किया गया। समारोह में 1 सितम्बर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक सेवानिवृत्त हुए जनजातीय कार्य विभाग एवं शिक्षा विभाग के 208 शिक्षकों, व्याख्याताओं एवं प्राचार्यों का शॉल, श्रीफल, माला एवं सम्मान पत्र भेंट कर सम्मान किया गया। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में धार जिले का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करने वाली 13 विशिष्ट प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया।
समारोह की मुख्य वक्ता प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवं साहित्यकार डॉ. स्वाति तिवारी, मुख्य अतिथि कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना तथा अध्यक्षता जिला पुलिस अधीक्षक श्री सचिन शर्मा ने की। इस अवसर पर समिति के संरक्षक श्री बबन अग्रवाल, श्री रामनारायण धाकड़, अध्यक्ष श्री नारायण कुबेर जोशी, संस्थापक एवं सचिव श्री सुरेशचंद्र गोयल तथा भारतीय स्टेट बैंक के चीफ मैनेजर श्री बी. संतोष मंचासीन रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत किया।
*43 वर्षों से सेवानिवृत्त शिक्षकों के सम्मान की परंपरा*
समिति के प्रवक्ता श्री आशीष गोयल ने समिति का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि जिला शिक्षक सम्मान समारोह समिति द्वारा पिछले 43 वर्षों से सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान किया जा रहा है। इस अवधि में लगभग 6 हजार सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान किया जा चुका है। समिति द्वारा सम्मानित शिक्षकों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की जाती है।
उन्होंने बताया कि समिति द्वारा राष्ट्रपति एवं राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों तथा हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी विद्यालयों में शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने वाले प्राचार्यों का भी सम्मान किया जाता रहा है। विगत 12 वर्षों से शिक्षा, साहित्य, कला, संस्कृति, खेल, समाजसेवा एवं पर्यावरण सहित विभिन्न क्षेत्रों में जिले का नाम गौरवान्वित करने वाली विशिष्ट प्रतिभाओं का सम्मान भी किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि समिति के इस आयोजन को वर्ष 2018 में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स तथा वर्ष 2022 में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन द्वारा सम्मानित किया गया है। समिति के अनुसार यह आयोजन सेवानिवृत्त शिक्षकों के विश्व के सबसे बड़े सम्मान समारोह के रूप में पहचान बना चुका है।
समिति द्वारा सामाजिक एवं पर्यावरणीय क्षेत्र में भी निरंतर गतिविधियां संचालित की जाती हैं। नगर में चार यात्री प्रतीक्षालयों का निर्माण, विश्व पर्यावरण दिवस एवं हरियाली अमावस्या पर पौधारोपण तथा कोरोना काल में जरूरतमंदों को भोजन वितरण एवं टीकाकरण शिविर का आयोजन भी समिति द्वारा किया गया।
*13 विशिष्ट प्रतिभाओं का सम्मान*
समारोह में समाजसेवा के क्षेत्र में श्री बबनलाल अग्रवाल ‘मामाजी’, भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित श्री अनिमेष जैन, श्री प्रक्षाल जैन, श्री गौरव जाट, भारतीय थल सेना में लेफ्टिनेंट पद पर चयनित सुश्री श्रावणी विभूते, सीए परीक्षा में राष्ट्रीय स्तर पर टॉपर श्री मुकुंद अग्रवाल, राष्ट्रपति पुलिस पदक प्राप्त डॉ. श्रीमती सीमा अलावा, जज पद पर चयनित श्री अभिनव अग्रवाल, राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका श्रीमती राधा शर्मा, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एवं कोच श्री विशाल दामके, राष्ट्रीय जूनियर बैडमिंटन चैंपियन श्री अश्मित अरोड़ा, भारतीय संसद में यूथ आइकॉन सुश्री सोनालिका निगम तथा पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने वाले श्री चेतन वसुनिया को सम्मानित किया गया।
*शिक्षक समाज के मूल्यों के निर्माण में महत्वपूर्ण — कलेक्टर*
कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना ने कहा कि समाज की दिशा-दशा एवं मूल्यों के निर्धारण में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। व्यक्ति के संस्कारों का निर्माण शिक्षक ही करता है। भारत की शिक्षा परंपरा का गौरवशाली इतिहास रहा है। नालंदा और तक्षशिला जैसे विश्वस्तरीय शिक्षा केंद्रों ने भारत को ज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी स्थान दिलाया।
उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों से कहा कि वे सेवानिवृत्ति के बाद भी बच्चों को सत्य, चरित्र एवं परिश्रम जैसे सद्गुणों के लिए प्रेरित करते रहें। उन्होंने कहा कि नए शिक्षकों को वरिष्ठ एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों के अनुभव का लाभ मिलना चाहिए।
*शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला — एसपी*
जिला पुलिस अधीक्षक श्री सचिन शर्मा ने कहा कि शिक्षक समाज और देश के भविष्य निर्माता हैं। हर परिस्थिति में शिक्षक का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन देशों में शिक्षकों को विशेष महत्व एवं सम्मान दिया जाता है, वहां राष्ट्र निर्माण की दिशा भी मजबूत होती है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक के ऊपर समाज का भरोसा होता है कि वह बच्चों के भविष्य को बेहतर ढंग से संवार सकता है। उन्होंने कहा कि जहां बुजुर्ग, गुरु और स्त्री का सम्मान होता है, वहां ईश्वर का वरदान होता है। उन्होंने समिति को इस अनुकरणीय आयोजन के लिए बधाई दी।
*शिक्षक अपने कर्म से कभी सेवानिवृत्त नहीं होता — डॉ. तिवारी*
मुख्य वक्ता डॉ. स्वाति तिवारी ने कहा कि शिक्षक अपने कर्म से कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। शासकीय दायित्व से मुक्त होना अलग बात है, लेकिन समाज को शिक्षक के मार्गदर्शन की आवश्यकता सदैव बनी रहती है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने जिस ज्ञान और संस्कार की परंपरा से विद्यार्थियों को तैयार किया है, उसका क्रम सेवानिवृत्ति के बाद भी जारी रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि “शिक्षक और माँ कभी सेवानिवृत्त नहीं हो सकते। सर्वत्र न्योछावर करने की क्षमता गुरु में होती है।” उन्होंने एक साथ बड़ी संख्या में गुरुजनों के सम्मान को सौभाग्य बताते हुए समिति द्वारा 43 वर्षों से आयोजित किए जा रहे सम्मान समारोह की सराहना की।
*सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां*
समारोह में बालिकाओं मुक्ता एवं हिमानी अंकुर पालीवाल ने सरस्वती वंदना पर नृत्य की प्रस्तुति दी। हरजीत सिंह होरा ने गुरु वंदना, राजेश सक्सेना ने श्लोक वाचन तथा लोकेश पिपरकर ने गीत प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में स्वागत भाषण समिति के उपाध्यक्ष श्री ब्रजकिशोर बोडा ने दिया। आभार प्रदर्शन कोषाध्यक्ष श्री रमेश सोलंकी ने किया तथा संचालन प्रसिद्ध साहित्यकार एवं वरिष्ठ शिक्षाविद् डॉ. श्रीकांत द्विवेदी ने किया।
समारोह में समिति के संरक्षक श्री बबन अग्रवाल, अध्यक्ष श्री नारायण कुबेर जोशी, संस्थापक एवं सचिव श्री सुरेशचंद्र गोयल, भारतीय स्टेट बैंक के मैनेजर श्री बी. संतोष सहित समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए।
समारोह में गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधिगण, शासकीय अधिकारी, मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। समारोह को सफल बनाने में समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
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4 views | Dhar, Madhya Pradesh | Sep 5, 2026