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PRO JS Dhar

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नवरात्रि मेले एवं दुर्गा उत्सव के दौरान धार नगर में यातायात व्यवस्था रहेगी प्रभावी
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19 अक्टूबर तक मध्यम एवं भारी वाहनों का शहर में प्रवेश प्रतिबंधित, निर्धारित मार्गों से होगा डायवर्जन
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Jansampark Madhya Pradesh
महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध हिंसा की रोकथाम, संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी तथा पीड़ित-केंद्रित पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ट्रांसफॉर्मिंग रूरल इंडिया फाउंडेशन (TRI) द्वारा 9 एवं 10 अक्टूबर को धार जिले में दो दिवसीय पुलिस प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। महिला सुरक्षा शाखा, पुलिस मुख्यालय भोपाल के मार्गदर्शन में आयोजित यह प्रशिक्षण पुलिस अधीक्षक कार्यालय, धार के सभागार में संपन्न हुआ। इसमें जिले के सभी थानों से दो-दो पुलिस प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
      कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक श्री सचिन शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के विभिन्न सत्रों का संचालन TRI की विशेषज्ञ टीम ने किया। इसमें अधिवक्ता एवं जेंडर विशेषज्ञ सुश्री सुनीला सिंह, विधि एवं जेंडर विशेषज्ञ श्री बलवंत सिंह तथा जेंडर विशेषज्ञ सुश्री ईशा शांडिल्य, सुश्री पल्लवी जैन और सुश्री स्वाति प्रमार शामिल रहीं। TRI की ओर से श्री विनम्र धाकड़, श्री मयंक सोनी एवं श्री आनंदू ने भी सहभागिता की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विजय डावर एवं सुश्री पारुल बेलपुरकर ने उपस्थित होकर प्रतिभागियों को संबोधित किया तथा महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।
      प्रशिक्षण में पुलिस विभाग के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग तथा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM), धार के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। सामुदायिक स्तर पर महिलाओं के अधिकारों, हिंसा से संबंधित समस्याओं और उपलब्ध सहायता सेवाओं के अनुभवों को प्रशिक्षण से जोड़ने के उद्देश्य से लोक अधिकार केंद्र, मनावर की समता सखी श्रीमती समोनती दीदी तथा TRI की सामुदायिक संसाधन व्यक्ति श्रीमती गीता देवड़ा भी शामिल हुईं। उनकी सहभागिता से महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों तथा सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया को समझने का अवसर मिला।

*कानूनी प्रावधानों और संवेदनशील पुलिसिंग पर विशेष जोर*

प्रशिक्षण के दौरान लैंगिक असमानता, महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध हिंसा के विभिन्न स्वरूपों तथा घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम (PWDVA), भारतीय न्याय संहिता (BNS) और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO) के प्रमुख प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसका उद्देश्य पुलिसकर्मियों की कानूनी समझ को मजबूत करना तथा हिंसा से प्रभावित महिलाओं एवं बच्चों के मामलों में कानून के अनुरूप उचित, संवेदनशील और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की क्षमता विकसित करना था।
     प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि हिंसा से जुड़े मामलों में पुलिस की भूमिका केवल शिकायत दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की बात गंभीरता से सुनना, उसकी परिस्थितियों को समझना तथा उसकी सुरक्षा, गरिमा और गोपनीयता का सम्मान करना भी आवश्यक है। पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग के अंतर्गत शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को सहज एवं भरोसेमंद बनाने और प्रभावित व्यक्तियों को आवश्यक सहायता सेवाओं से जोड़ने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
      बच्चों के विरुद्ध लैंगिक अपराधों के मामलों में विशेष संवेदनशीलता बरतने, उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देने तथा संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करने के महत्व को भी रेखांकित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को इस प्रकार सक्षम बनाना था कि वे हिंसा से प्रभावित महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रभावी सहायता उपलब्ध करा सकें।

*पुलिस एवं सहायता संस्थाओं के बीच समन्वय मजबूत करने पर चर्चा*

प्रशिक्षण के दौरान पुलिस, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM), ब्लॉक स्तरीय लोक अधिकार केंद्रों (LAK/GRC) तथा वन स्टॉप सेंटर (OSC) के बीच समन्वय को मजबूत करने पर विशेष चर्चा की गई। विभिन्न संस्थाओं की भूमिकाओं, आपसी सहयोग और हिंसा से प्रभावित महिलाओं एवं बच्चों को सुरक्षा सेवाओं, कानूनी सहायता तथा अन्य आवश्यक सेवाओं से समय पर जोड़ने की प्रक्रिया पर विचार साझा किए गए।
      लोक अधिकार केंद्रों और सामुदायिक संस्थाओं के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों तथा उपलब्ध सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। सामुदायिक स्तर पर महिलाओं से संबंधित समस्याओं की पहचान होने पर संबंधित विभागों और संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर जरूरतमंदों को उचित सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई गई।
      प्रतिभागियों को बताया गया कि पुलिस और सामुदायिक संस्थाओं के बीच बेहतर संवाद से महिलाओं के लिए सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सुलभ हो सकती है। इसके लिए संबंधित संस्थाओं की स्पष्ट भूमिका, प्रभावी संवाद और समयबद्ध समन्वय आवश्यक है, ताकि हिंसा से प्रभावित व्यक्तियों को उनकी जरूरतों के अनुरूप सुरक्षा, कानूनी सहायता और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

*सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण की दिशा में पहल*

दो दिवसीय प्रशिक्षण का व्यापक उद्देश्य पुलिस व्यवस्था और सामुदायिक संस्थाओं के बीच सहयोग को सुदृढ़ करना तथा महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध हिंसा की रोकथाम और प्रभावित व्यक्तियों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था को प्रभावी बनाना रहा। प्रशिक्षण के माध्यम से कानूनी जानकारी, संवेदनशील व्यवहार और संस्थागत समन्वय को एकीकृत करने पर बल दिया गया, ताकि हिंसा से जुड़े मामलों में कार्रवाई के साथ-साथ प्रभावित व्यक्तियों की सुरक्षा, गरिमा और अधिकारों का भी संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
      पुलिस, विभिन्न विभागों, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, लोक अधिकार केंद्रों और सहायता सेवा प्रदाताओं के बीच बेहतर तालमेल से महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा तथा न्याय तक उनकी पहुंच को अधिक सहज और प्रभावी बनाया जा सकता है। यह पहल ऐसे सुरक्षित एवं संवेदनशील वातावरण के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण है, जहां महिलाएं और बच्चे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें तथा आवश्यकता पड़ने पर बिना किसी भय या संकोच के सहायता प्राप्त कर सकें।
Jansampark Madhya Pradesh
कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के विभागवार निराकरण, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के लंबित प्रकरणों, विभिन्न आयोगों से संबंधित शिकायतों, स्वामित्व योजना, पेयजल व्यवस्था तथा अन्य विभागीय विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें।
      कलेक्टर श्री मीना ने मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी विभाग अपने यहां लंबित शिकायतों का गंभीरता से निराकरण करें। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का एल-1 स्तर पर ही संतुष्टिपूर्वक निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निराकरण में लापरवाही न बरती जाए तथा लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाए।
      प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने  ई-केवाईसी पूर्ण नहीं होने के कारण लंबित प्रकरणों को निराकृत किए जाने के निर्देश दिए। जिससे पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ प्राप्त प्राप्त हो। स्वास्थ्य विभाग में ई-केवाईसी से संबंधित लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए प्रशिक्षण आयोजित करने को भी कहा, ताकि प्रकरणों का समय पर निराकरण किया जा सके।
      कलेक्टर ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत समय-सीमा से बाहर हुए प्रकरणों की समीक्षा की। जनपद पंचायत डही स्तर पर प्रकरण लंबित पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत डही का तीन दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। विभिन्न आयोगों से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित प्रकरणों के प्रभारी अधिकारियों को भी शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
       स्वामित्व योजना के अंतर्गत रजिस्ट्री की कार्यवाही की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने समस्त पटवारियों को इस कार्य में सक्रिय रूप से लगाने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं राजस्व निरीक्षकों  को भी कार्य में शामिल करने को कहा। उन्होंने समस्त अनुविभागीय अधिकारियों राजस्व को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्र में योजना के कार्यों की नियमित समीक्षा करें तथा रजिस्ट्री से संबंधित लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराएं। भूमि आवंटन से संबंधित प्रकरणों का भी प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
      जिले में अल्प वर्षा की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर ने नल-जल योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने जल निगम एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से योजनाओं की स्थिति की जानकारी लेते हुए पूछा कि कितनी योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, कितनी हस्तांतरित की जा चुकी हैं, कितनी संचालित हैं तथा कितनी बंद हैं। उन्होंने बंद योजनाओं की स्थिति का परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने तथा पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
      कलेक्टर ने नल-जल योजनाओं के सुचारु संचालन के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। इसके लिए जनपद पंचायतों के अधिकारियों तथा सहायक यंत्रियों का प्रशिक्षण आयोजित करने को कहा। उन्होंने पेयजल परिरक्षण अधिनियम के अंतर्गत आवश्यक प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए।
      कलेक्टर श्री मीना ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में पेयजल आपूर्ति सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अपने स्तर पर संबंधित विभागों की बैठक आयोजित कर कार्ययोजना तैयार करें तथा पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए पेयजल संबंधी समस्याओं का समय पर निराकरण करने के निर्देश दिए।
       कलेक्टर ने नगरपालिका अधिकारी को शहर के मुख्य मार्गों पर प्रतिदिन नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी की जाए तथा निर्धारित दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन किया जाए।
     बैठक में विभिन्न विभागों के समयावधि पत्रों एवं लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रकरणों का निराकरण गंभीरता और प्राथमिकता के साथ किया जाए। उन्होंने लंबित मामलों में अनावश्यक विलंब नहीं करने तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्यवाही पूर्ण करने पर जोर दिया। बैठक में अपर कलेक्टर श्री संजीव केशव पाण्डेय सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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<nis:link nis:type=tag nis:id=सेवा_संकल्प_अभियान nis:value=सेवा_संकल्प_अभियान nis:enabled=true nis:link/> के अंतर्गत पीएमसीओई महाराजा भोज शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, धार में रेडक्रॉस समिति द्वारा महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता, मासिक धर्म के दौरान आवश्यक सावधानियों, संतुलित आहार तथा स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस.एस. बघेल के संरक्षण में आयोजित कार्यक्रम में जिला अस्पताल की नोडल अधिकारी डॉ. नंदिता निगम मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. सुलोचना पाटिल ने की।

*स्वस्थ नारी ही सशक्त भारत का आधार*

मुख्य वक्ता डॉ. नंदिता निगम ने कहा कि नारी शक्ति का पुंज है और युवा छात्राएं सशक्त भारत का भविष्य हैं। इसलिए प्रत्येक छात्रा के लिए अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना और उसकी देखभाल करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता का अभाव अनेक बीमारियों का कारण बनता है। कोरोना महामारी के दौरान मास्क का उपयोग और बार-बार हाथ धोने जैसी स्वच्छता संबंधी आदतों ने संक्रमण से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी प्रकार दैनिक जीवन में स्वच्छता अपनाकर भी अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है।

*मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता पर विशेष जोर*

डॉ. निगम ने छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए बालों, नाखूनों एवं शरीर को स्वच्छ रखने की सलाह दी। उन्होंने विशेष रूप से मासिक धर्म के दौरान साफ-सफाई का ध्यान रखने तथा सैनिटरी पैड को निर्धारित समय पर बदलने की आवश्यकता बताई। उन्होंने समझाया कि लंबे समय तक एक ही पैड का उपयोग करने और स्वच्छता में लापरवाही बरतने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। संक्रमण की गंभीर स्थिति में प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए छात्राओं को अपने शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना चाहिए।

*संतुलित आहार और नियमित व्यायाम अपनाने की सलाह*

विशेष व्याख्यान में छात्राओं को स्वस्थ जीवनशैली के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त प्रोटीन, ताजे फल, हरी सब्जियों और पर्याप्त पानी के सेवन का महत्व बताया गया। डॉ. निगम ने नियमित योग एवं व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देते हुए कहा कि स्वास्थ्य के प्रति सजगता और स्वच्छता की अच्छी आदतें जीवनभर लाभकारी होती हैं।

*प्रश्नोत्तरी आयोजित, छात्रा को मिनी सिलाई मशीन प्रदान की*

कार्यक्रम के दौरान विषय से संबंधित प्रश्नोत्तरी का आयोजन भी किया गया, जिसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागी छात्राओं को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। रेडक्रॉस समिति की ओर से छात्रा सपना भूरिया को मिनी सिलाई मशीन प्रदान की गई।
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As per instructions of ECI, the DEO of Dhar district has started a proactive campaign to ensure that No eligible elector is left from the electoral rolls.

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कहानी बदलाव की
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आत्मनिर्भर भारत की आत्मनिर्भर सरमी दीदी
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बाग प्रिंट ने बदली सरमी दीदी की जिंदगी, अब प्रतिमाह 25 हजार रुपये तक की अर्जित कर रही आय
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      जिले के बाग विकासखण्ड के ग्राम आगर की श्रीमती सरमी दीदी का जन्म एक आर्थिक रूप से कमजोर परिवार में हुआ। सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद उनके माता-पिता ने उनकी शिक्षा को प्राथमिकता दी और उन्हें कक्षा 12वीं तक शिक्षित किया। विवाह के पश्चात वे ग्राम आगर में रहने लगीं। परिवार की आजीविका के लिए वे बाग प्रिंट कारखाने में दैनिक मजदूरी के आधार पर प्रिंटिंग का कार्य करती थीं।
      वर्ष 2017 में सरमी दीदी आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक गतिविधियों के लिए ऋण एवं अन्य आवश्यक सहयोग प्राप्त हुआ। आजीविका मिशन द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहभागिता के दौरान उन्हें बाग प्रिंट गतिविधि को व्यवसाय के रूप में अपनाने की प्रेरणा मिली।

*प्रशिक्षण से मिला नया अवसर*

    आजीविका मिशन द्वारा चयनित समूह की दीदियों को बाग प्रिंट का एक माह का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बाग प्रिंट की विभिन्न तकनीकों, डिजाइन तैयार करने, कपड़ों पर प्रिंटिंग तथा उत्पाद निर्माण की जानकारी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सरमी दीदी ने अपने ग्राम में ही एक छोटे से कच्चे झोपड़े से बाग प्रिंट का कार्य प्रारंभ किया। धीरे-धीरे उनके कार्य में दक्षता बढ़ी और उन्होंने बाग प्रिंट की साड़ियां, बेडशीट, सलवार-सूट एवं पर्दे आदि तैयार करना शुरू किया।

*मेहनत रंग लाई, बढ़ी आमदनी*

     सरमी दीदी द्वारा तैयार बाग प्रिंट उत्पादों की बिक्री आजीविका मिशन के माध्यम से आयोजित हाट-बाजारों एवं मेलों में की जाने लगी। उत्पादों की मांग बढ़ने के साथ उनकी आमदनी में भी निरंतर वृद्धि हुई। वर्तमान में संस्था के सहयोग से उन्हें पक्का कार्यस्थल उपलब्ध कराया गया है, जहां वे बेहतर स्तर पर बाग प्रिंट का कार्य कर रही हैं। आज सरमी दीदी एवं उनके पति मिलकर बाग प्रिंट गतिविधि संचालित कर रहे हैं। इससे परिवार को प्रतिमाह लगभग 24 से 25 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है। अब परिवार को रोजगार की तलाश में अन्य स्थानों पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और वे अपने गांव में रहकर ही सम्मानजनक एवं स्थायी आजीविका अर्जित कर रहे हैं।

*जिला से राष्ट्रीय स्तर तक पहचान*

    सरमी दीदी द्वारा जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित आजीविका सरस मेलों में सहभागिता कर बाग प्रिंट उत्पादों के स्टॉल लगाए जा रहे हैं। इन मेलों के माध्यम से उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध हुआ है, जिससे उनकी आय एवं व्यवसाय दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

*अन्य महिलाओं को भी बना रहीं आत्मनिर्भर*

     सरमी दीदी स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वे आर्थिक रूप से कमजोर स्व-सहायता समूह की महिलाओं को बाग प्रिंट का प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने का कार्य कर रही हैं।
       सरमी दीदी स्व-सहायता समूह एवं ग्राम संगठन की अध्यक्ष होने के साथ-साथ संकुल स्तरीय आजीविका संगठन की कोषाध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी निभा रही हैं। उनके प्रयासों से समूह की अन्य महिलाएं भी बाग प्रिंट गतिविधि से जुड़कर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही हैं।
  
*आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायी मिसाल*
 
    आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद सरमी दीदी के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। बाग प्रिंट गतिविधि ने न केवल उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार किया है। आज उनके बच्चे बेहतर विद्यालय में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और परिवार सम्मानपूर्वक अपने गांव में रहकर व्यवसाय संचालित कर रहा है।
सरमी दीदी की सफलता यह संदेश देती है कि यदि अवसर, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिले तो ग्रामीण महिलाएं भी अपनी मेहनत और हुनर के बल पर आत्मनिर्भर बन सकती हैं तथा अन्य महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित कर सकती हैं। इसके लिये सरमी दीदी ने मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद दिया।
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कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना ने मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं एवं मांगों को गंभीरतापूर्वक सुनी और संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस जनसुनवाई में कुल 105 आवेदन प्राप्त हुए।
     कलेक्टर श्री मीना ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है तथा प्रत्येक आवेदन पर नियमानुसार प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए है कि जिन प्रकरणों में तत्काल कार्यवाही संभव है, उनमें त्वरित निराकरण किया जाए। साथ ही ऐसे प्रकरण जिनमें अन्य विभागों से समन्वय की आवश्यकता हो, उनमें संबंधित विभागों से समन्वय कर आवेदकों को राहत प्रदान की जाए। कलेक्टर ने लंबित आवेदनों की नियमित समीक्षा करने तथा निराकरण की स्थिति से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराने के निर्देश भी दिए।
      इस साप्ताहिक जनसुनवाई में मुख्य रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने,  पट्टा प्रदाय करने, शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने, भूमि का सीमांकन करने, भू-अर्जन अधिग्रहित भूमि का मुआवजा राशि दिलवाने, बीमारी हेतु आर्थिक सहायता राशि प्रदाय करने,  भूमि पर आने-जाने का रास्ता खुलवाने, निजी भूमि पर अतिक्रमण करने,  सेवानिवृत्ति पश्चात क्लेमों का भुगतान करने, आंगनवाड़ी में फर्जी नियुक्ति करने, लोन माफ करने, मजदूरी की राशि का भुगतान करने, अनुकंपा नियुक्ति दिलवाने, खनिज खदान की लीज निरस्त करने, हाउंसिंग बोर्ड कॉलोनी के मकानों को फ्रीहोल्ड करने के संबंध में, कृषि भूमि का आपसी बटवारा करने, फर्जी फौती नामांतरण करवाने, अवैध खनन रोकने, प्रायवेट स्कूल द्वारा अवैॅध रूप से पूरे साल की फीस जमा कराने, दिव्यांग व्यक्ति को ट्रायसिकल प्रदाय करने, वृद्धा पेंशन प्रदाय करने सहित विभिन्न समस्याओं तथा मांगों संबंधी आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर श्री मीना ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्राप्त समस्त आवेदनों का एक निश्चित समय-सीमा के भीतर पूरी गुणवत्ता के साथ निराकरण करना सुनिश्चित करे, ताकि किसी भी आवेदक को अपनी बुनियादी समस्याओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
      कलेक्टर श्री मीना ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित से जुड़े मामलों का संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है तथा प्रत्येक आवेदन पर नियमानुसार प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
     इस जनसुनवाई कार्यक्रम में अपर कलेक्टर श्री संजीव केशव पाण्डेय ने भी आवेदकों की समस्याओं को विस्तार से सुना और उनके न्यायोचित व वैधानिक समाधान के संबंध में संबंधित मैदानी अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी भी उपस्थित रहे।
Jansampark Madhya Pradesh
<nis:link nis:type=tag nis:id=सेवा_संकल्प_अभियान nis:value=सेवा_संकल्प_अभियान nis:enabled=true nis:link/> के अंतर्गत 7 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाली ‘सेवा ज्योति संकल्प यात्रा’  कार्यक्रम की  तैयारियों का जायजा लेने के लिए कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना एवं पुलिस अधीक्षक श्री सचिन शर्मा ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पुरानी सब्जी मंडी, धार स्थित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। 
       कार्यक्रम में संशोधन करते हुए अब विधानसभा से यात्राएँ पुरानी सब्जी मंडी में प्रातः 9:00 बजे एकत्रित होगी। देशभक्ति गीतों का वादन 9 से 10 तक बजे किया जाएगा । मुख्य अतिथियों का कार्यक्रम स्थल पर आगमन 10 बजे होगा। प्रातः 10:10  बजे दिल्ली से लाइव प्रसारण होगा। तत्पश्चात 10:55 बजे सामूहिक संकल्प लिया जाएगा। तत्पश्चात 11 बजे  सेवा ज्योति प्रज्वलित की जाएगी। इसके पश्चात राष्ट्रगान होगा। तत्पश्चात सेवा ज्योति यात्राओं का प्रस्थान होगा।
        निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना ने सुरक्षा व्यवस्था, मंचीय व्यवस्था, बैठक व्यवस्था,  जन-सुविधाओं, पार्किंग, पेयजल और यातायात प्रबंधन को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम गरिमामय रूप में आयोजित हो।  कार्यक्रम स्थल पर विभागीय योजना के स्टॉल भी लगाए जाने के निर्देश दिए। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री संजीव केशव पाण्डेय तथा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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Jansampark Madhya Pradesh
जिला धार में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण का जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जनगणना शाखा प्रभारी श्री जीवन कुमार पानखेड़े ने बताया कि इस प्रशिक्षण के तहत ग्रामीण क्षेत्र के चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण 5 एवं 6 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया गया है, वहीं नगरीय क्षेत्रों के चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण 7 से 8 अक्टूबर 2026 के मध्य आयोजित किया जाएगा।
     प्रशिक्षण सत्र में जनगणना निदेशालय, भोपाल से आए मास्टर ट्रेनर श्री राजकुमार सिंह एवं श्री रघुवीर सिंह साहू द्वारा विस्तृत मार्गदर्शन दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान फील्ड कार्य निष्पादन की कार्यप्रणाली, आवश्यक सावधानियों तथा डेटा संग्रह में गोपनीयता एवं सुरक्षा मानदंडों के पालन के संबंध में अधिकारियों को अवगत कराया गया।
      इस जिला स्तरीय प्रशिक्षण में जिला जनगणना अधिकारी, अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी, ग्रामीण चार्ज अधिकारी, जनगणना लिपिक तथा तकनीकी सहायक उपस्थित रहे।
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सेवा ज्योति कलश यात्रा-विकसित भारत का संकल्प 7 अक्टूबर को निकलेगी*
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कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना ने समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में दिए आवश्यक निर्देश
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    कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना ने सोमवार को प्रातः 10 बजे आयोजित समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में जिले में संचालित विभिन्न अभियानों एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में अपर कलेक्टर श्री संजीव केशव पाण्डेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
     कलेक्टर श्री मीना ने सर्वप्रथम सेवा संकल्प अभियान की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों में अधिकारियों द्वारा बेहतर कार्य किया गया है। आगे भी इसी समन्वय और सक्रियता के साथ कार्य करते हुए अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को चिन्हित कर उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें।

*7 अक्टूबर को निकलेगी सेवा ज्योति कलश यात्रा*

बैठक में बताया गया कि विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने तथा सरकार की उपलब्धियों, विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा-विकसित भारत का संकल्प’ का आयोजन 7 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। यात्रा में कलश एवं मशाल प्रमुख आकर्षण होंगे। प्रचार वाहन के माध्यम से शासन की उपलब्धियों, विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाएगी। 
       समापन अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का वर्चुअल संबोधन होगा। कार्यक्रम में मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन की सहभागिता रहेगी। कार्यक्रम में जिले की विकास यात्रा एवं शासन की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा तथा उपस्थित जनसमूह को जिला विकास पुस्तिका का वितरण किया जाएगा।
     कलेक्टर श्री मीना ने अधिकारियों को यात्रा के रूट, कलश, प्रचार वाहन, सुरक्षा, यातायात सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करने तथा समस्त अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) को अपने-अपने क्षेत्रों में आवश्यक तैयारियों की सतत समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यक्रम के लिए उपयुक्त स्थानों का चिन्हांकन कर व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रूप से सुनिश्चित करने को कहा।
     
*सेवा सेतु अभियान की हुई समीक्षा*

कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत आयोजित शिविरों में किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने ‘सेवा सेतु अभियान—सरकार आपके द्वार’ की समीक्षा करते हुए विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित हितग्राहियों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने 70 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए।
     उन्होंने खाद्य विभाग के हितग्राहियों की ई-केवाईसी पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इसके लिए लक्ष्य निर्धारित कर नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करने तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने को कहा।
      
*सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करें*

कलेक्टर श्री मीना ने सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की। जननी सुरक्षा योजना के लंबित प्रकरणों की समीक्षा के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि कुछ प्रकरण ई-केवाईसी के कारण लंबित हैं। कलेक्टर ने लीड बैंक मैनेजर (एलडीएम) से समन्वय कर ई-केवाईसी की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
     उन्होंने मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत सीएम हेल्पलाइन में लंबित विभागवार प्रकरणों की भी समीक्षा की और सभी अधिकारियों को प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
      
*संस्थाओं के निरीक्षण एवं लंबित प्रकरणों के निराकरण पर जोर*

कलेक्टर ने विभिन्न संस्थाओं के निरीक्षण के संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया कि निरीक्षण के दौरान आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। नोडल अधिकारी किसी भी समस्या की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित अधिकारी से समन्वय कर उसका निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने भूमि से संबंधित लंबित प्रकरणों में भी आवश्यक कार्यवाही समय-सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
Jansampark Madhya Pradesh
वन मंडल धार द्वारा अवैध वनोपज के परिवहन के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में धार एवं सरदारपुर वन परिक्षेत्र में वन विभाग के अमले ने रात्रि गश्त के दौरान कार्रवाई करते हुए तीन वाहनों को जब्त किया है। वाहनों में जलाऊ प्रजाति के ताजे गुटके एवं नीम की लकड़ी का परिवहन किया जा रहा था। संबंधित वाहनों के चालकों द्वारा वनोपज परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर वन विभाग द्वारा जब्ती की कार्रवाई करते हुए प्रकरण दर्ज किए गए हैं।

*नागदा फाटा पर दो वाहन जब्त*

वन परिक्षेत्र अधिकारी धार श्री प्रभुराम मुछाला ने बताया कि 4 अक्टूबर 2026 को वन विभाग के अमले द्वारा रात्रि गश्त के दौरान नागदा फाटा पर वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान दो संदिग्ध वाहनों क्रमांक एमपी-09 जीजी-2158 एवं एमपी-09 जीजी-1511 को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान दोनों वाहनों में जलाऊ प्रजाति के ताजे गुटके पाए गए।

वाहन चालकों से वनोपज के परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन उनके द्वारा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। इस पर वन अमले द्वारा दोनों वाहनों एवं उनमें परिवहन की जा रही वनोपज को जब्त किया गया। रात्रि अधिक होने के कारण आवश्यक कार्रवाई पूर्ण करने के बाद दोनों वाहनों को रेशम केंद्र, धार लाकर खड़ा कराया गया।

*इंदौर-अहमदाबाद हाईवे पर ट्रक पकड़ा*

इसी क्रम में सरदारपुर वन परिक्षेत्र में भी वन विभाग के अमले द्वारा अवैध वनोपज परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई की गई। वन परिक्षेत्र अधिकारी सरदारपुर श्री शैलेन्द्र सोलंकी ने बताया कि 4 अक्टूबर 2026 को रात्रि गश्त के दौरान इंदौर-अहमदाबाद हाईवे पर ट्रक क्रमांक एमपी-09 एचएच-3774 को रोककर जांच की गई।

जांच के दौरान ट्रक में नीम की लकड़ी पाई गई। वाहन चालक से लकड़ी के परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन चालक द्वारा कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। इस पर वन अमले द्वारा ट्रक एवं उसमें परिवहन की जा रही नीम की लकड़ी को मौके पर जब्त कर वन परिक्षेत्र परिसर, सरदारपुर लाया गया।

*तीनों प्रकरणों में नियमों के तहत कार्रवाई*

वन विभाग द्वारा दोनों कार्रवाइयों में जब्त वाहनों एवं वनोपज के संबंध में मध्यप्रदेश अभिवहन वनोपज परिवहन नियम, 2022 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। वन विभाग द्वारा वनोपज के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए रात्रि गश्त एवं वाहनों की जांच की कार्रवाई लगातार की जा रही है।

यह कार्रवाई वन मंडलाधिकारी धार श्री विजयानंथम टी.आर. के मार्गदर्शन में की गई। धार वन परिक्षेत्र की कार्रवाई में वनपाल श्री जितेन्द्र गौड़, परिक्षेत्र सहायक बंगरेड श्री नर्गेश चौहान, वनरक्षक श्री राम सिंह कनेल, वनपाल श्री मनीष गहलोत, वनरक्षक श्री आकाश बडेरा एवं वनरक्षक श्री कमल रावत सहित परिक्षेत्र स्टाफ का योगदान रहा।

वहीं सरदारपुर वन परिक्षेत्र की कार्रवाई में उप वन मंडलाधिकारी सरदारपुर श्रीमती सरिता ठाकुर के मार्गदर्शन में डिप्टी रेंजर श्री विक्रम निनामा, वनरक्षक श्री मनीष पालसिंह राठौर, वनरक्षक श्री मनीष पंवार, वनरक्षक श्री विजेन्द्र बामनिया सहित परिक्षेत्र स्टाफ का विशेष योगदान रहा।
Jansampark Madhya Pradesh Department of Forest, Madhya Pradesh
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कहानी बदलाव की
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आजीविका मिशन से जुड़कर गीता दीदी ने बनाई अपनी अलग पहचान
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स्व-सहायता समूह से जुड़कर व्यवसाय स्थापित किया, परिवार की आय बढ़ाई और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाया कदम
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      मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार एवं आजीविका के विभिन्न अवसरों से लाभान्वित किया जा रहा है। मिशन से जुड़कर महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होने के साथ ही अपने परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। ऐसी ही प्रेरणादायी कहानी विकासखंड धरमपुरी के ग्राम चंदावड़ निवासी श्रीमती गीता रविंद चौहान की है।

*समूह से जुड़ने से पहले की स्थिति*

श्रीमती गीता रविंद चौहान के परिवार के पास कृषि भूमि नहीं थी। परिवार के भरण-पोषण के लिए वे मजदूरी एवं घरेलू कार्यों पर निर्भर थीं। उनके पति भी मजदूरी का कार्य करते थे। मजदूरी से प्राप्त सीमित आय से परिवार का दैनिक खर्च संचालित होता था। आय के सीमित साधनों के कारण परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति में कठिनाई होती थी तथा कई आवश्यक कार्यों के लिए ऋण लेना पड़ता था।
         ऐसी परिस्थितियों में श्रीमती गीता ने परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने तथा स्वयं की आय का स्थायी साधन विकसित करने का संकल्प लिया।

*आजीविका मिशन से जुड़कर मिली नई दिशा*

ग्राम में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की गतिविधियों की जानकारी मिलने पर श्रीमती गीता ने अन्य महिलाओं के साथ मिलकर ‘साई बाबा आजीविका स्व-सहायता समूह’ का गठन किया। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने नियमित बचत एवं आपसी लेन-देन की गतिविधियों में सहभागिता की। समूह द्वारा प्रति सप्ताह 25 रुपये तथा प्रतिमाह 100 रुपये की बचत के माध्यम से समूह का संचालन किया गया।
       समूह को प्राप्त 15 हजार रुपये की सामुदायिक निवेश निधि से समूह की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सहायता मिली। इसके साथ ही MPGB शाखा धामनोद के माध्यम से साई बाबा आजीविका स्व-सहायता समूह को 3.50 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ।

*कटलरी व्यवसाय से बढ़ी आय*

समूह से प्राप्त ऋण में से श्रीमती गीता ने 1 लाख रुपये का ऋण लेकर कटलरी दुकान का व्यवसाय प्रारंभ किया। व्यवसाय के विस्तार के साथ उन्होंने सिलाई कार्य को भी व्यवसाय से जोड़ने की योजना बनाई, ताकि आय के अतिरिक्त साधन विकसित किए जा सकें।
        व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए श्रीमती गीता को मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना से 50 हजार रुपये तथा ग्राम संगठन के माध्यम से 80 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। उपलब्ध वित्तीय सहयोग एवं निरंतर मेहनत से उन्होंने अपनी कटलरी दुकान के व्यवसाय को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया।
      व्यवसाय में धीरे-धीरे ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी और आय में भी वृद्धि होने लगी। उनके पति ने भी व्यवसाय में सहयोग करना प्रारंभ किया। इसके साथ ही वे ड्राइवरी का कार्य भी करने लगे। इस प्रकार परिवार के दोनों सदस्यों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए और परिवार की आर्थिक स्थिति में निरंतर सुधार आया।

*परिवार की आर्थिक स्थिति में आया सकारात्मक बदलाव*

श्रीमती गीता के प्रयासों एवं आजीविका मिशन से प्राप्त सहयोग के परिणामस्वरूप उनके परिवार की मासिक आय लगभग 15 हजार रुपये तक पहुंच गई है। बढ़ी हुई आय से परिवार की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति सुगमता से होने लगी है। आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ परिवार अधिक आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य की योजनाएं बना पा रहा है।
         श्रीमती गीता की सफलता यह दर्शाती है कि स्व-सहायता समूह, नियमित बचत, बैंक ऋण एवं शासकीय योजनाओं का समन्वित लाभ लेकर ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।
     आज श्रीमती गीता न केवल स्वयं आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं, बल्कि उनका अनुभव गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का माध्यम बन रहा है। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर उन्होंने आत्मनिर्भरता, स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक नई पहचान बनाई है। श्रीमती गीता इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करती हैं।
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Jansampark Madhya Pradesh
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से श्री दद्दू ने बदली अपनी राह, मत्स्य पालन बना आत्मनिर्भरता का आधार
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बी.टेक. के बाद नौकरी से स्वरोजगार तक का सफर, निजी भूमि पर तालाब बनाकर प्रतिवर्ष करीब 2.50 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर रहे हैं
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    सही अवसर की पहचान, योजनाओं की जानकारी और मेहनत के साथ आगे बढ़ने का जज्बा किसी भी व्यक्ति के जीवन में बदलाव ला सकता है। धार जिले के विकासखंड उमरबन अंतर्गत ग्राम करोदियामोटा निवासी श्री दद्दू पिता श्री शोभाराम की सफलता इसी का प्रेरक उदाहरण है। बी.टेक. की शिक्षा प्राप्त करने के बाद पावर हाउस में नौकरी करने वाले श्री दद्दू ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की जानकारी मिलने पर मत्स्य पालन को स्वरोजगार के रूप में अपनाने का निर्णय लिया। आज वे अपनी निजी भूमि पर तालाब बनाकर पंगेशियस मछली पालन कर रहे हैं और इससे लगभग 2.50 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर रहे हैं।

*समाचार पत्र में मिली योजना की जानकारी बनी बदलाव की शुरुआत*

ग्राम करोदियामोटा के श्री दद्दू ने बी.टेक. की डिग्री प्राप्त करने के बाद पावर हाउस में नौकरी की। नौकरी के साथ उनके मन में स्वयं का स्वरोजगार स्थापित करने की इच्छा थी। इसी दौरान स्थानीय समाचार पत्र के माध्यम से उन्हें भारत सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की जानकारी मिली।
       योजना के बारे में जानने के बाद उन्होंने इसे अपनी निजी भूमि का बेहतर उपयोग कर आय का नया स्रोत विकसित करने के अवसर के रूप में देखा। उन्होंने मत्स्य पालन विभाग, जिला धार से संपर्क किया और योजना के प्रावधानों, पात्रता, प्रक्रिया तथा तकनीकी पहलुओं की जानकारी प्राप्त कर आवेदन प्रस्तुत किया। विभागीय मार्गदर्शन के बाद उन्होंने मत्स्य पालन को स्वरोजगार के रूप में अपनाने का निर्णय लिया।

*निजी भूमि पर बनाया आधा हेक्टेयर का तालाब*

योजना के अंतर्गत श्री दद्दू ने अपनी निजी भूमि पर 0.50 हेक्टेयर क्षेत्र में नवीन तालाब का निर्माण कराया। तालाब निर्माण एवं मत्स्य पालन गतिविधि की कुल इकाई लागत 5.50 लाख रुपये निर्धारित थी। योजना के प्रावधानों के अनुसार उन्हें मार्च 2023 में 3.30 लाख रुपये की अनुदान राशि प्राप्त हुई।
        योजना से मिली आर्थिक सहायता ने मत्स्य पालन की शुरुआत के लिए उन्हें मजबूत आधार दिया। उन्होंने अपनी निजी भूमि और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए तालाब को मत्स्य उत्पादन के लिए तैयार किया और स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया।

*विभागीय मार्गदर्शन से शुरू किया पंगेशियस मछली पालन*

मत्स्य पालन उनके लिए नया क्षेत्र था। इसलिए श्री दद्दू ने स्वयं जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों से तकनीकी मार्गदर्शन लिया। विभागीय मार्गदर्शन के अनुसार उन्होंने तालाब में पंगेशियस मछली पालन प्रारंभ किया।
       उन्होंने मछली बीज के संचयन, संतुलित मत्स्य आहार, आवश्यक दवाइयों तथा अन्य इनपुट्स की नियमित व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। तालाब की देखरेख और मछलियों की वृद्धि के लिए आवश्यक प्रबंधन कार्य भी उन्होंने विभागीय सलाह के अनुसार किया।

*5.50 टन उत्पादन से हुई 5.50 लाख रुपये की आय*

लगातार मेहनत और उचित प्रबंधन का परिणाम पहली ही उत्पादन अवधि में सामने आया। श्री दद्दू ने लगभग 5.50 टन मछली का उत्पादन प्राप्त किया। उत्पादित मछलियों के विक्रय से उन्हें लगभग 5.50 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई।
      उपलब्ध आय-व्यय विवरण के अनुसार मत्स्य पालन गतिविधि में आवश्यक खर्च के बाद उन्हें लगभग 2.50 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। इस प्रकार योजना के माध्यम से शुरू की गई गतिविधि उनके लिए लाभकारी स्वरोजगार का माध्यम बन गई।
       एक समय नौकरी के माध्यम से आय अर्जित करने वाले श्री दद्दू ने अब अपनी निजी भूमि को आय के सशक्त माध्यम में परिवर्तित कर लिया है। तालाब उनके लिए केवल मत्स्य उत्पादन का केंद्र नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण का आधार बन गया है।

*किसान क्रेडिट कार्ड से मिली आर्थिक मजबूती*

मत्स्य पालन गतिविधि को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए कार्यशील पूंजी की आवश्यकता को देखते हुए श्री दद्दू को भारतीय स्टेट बैंक, शाखा धामनोद के माध्यम से 2 लाख रुपये का किसान क्रेडिट कार्ड भी जारी किया गया है। इससे उन्हें मत्स्य पालन से संबंधित आवश्यकताओं के लिए वित्तीय सुविधा उपलब्ध हुई है।

*प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति व्यक्त किया आभार*

अपनी सफलता से उत्साहित श्री दद्दू ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन द्वारा किसानों एवं युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए संचालित योजनाएं उनके जैसे हितग्राहियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रही हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से मिली अनुदान सहायता और विभागीय मार्गदर्शन से उन्हें अपनी निजी भूमि पर मत्स्य पालन शुरू करने का अवसर मिला।
      उन्होंने कहा कि योजना का लाभ मिलने से उनके लिए मत्स्य पालन को व्यवस्थित रूप से शुरू करना संभव हुआ और आज इससे उन्हें अच्छी आय प्राप्त हो रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्री दद्दू ने कहा कि सरकार की योजनाएं युवाओं और किसानों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं।

*अन्य किसानों और युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत*

श्री दद्दू की सफलता बताती है कि शासन की योजनाओं की जानकारी लेकर उनका सही उपयोग किया जाए तो उपलब्ध संसाधनों को आय के नए स्रोत में बदला जा सकता है। उन्होंने अपनी निजी भूमि का उपयोग करते हुए मत्स्य पालन को स्वरोजगार में बदला और विभागीय मार्गदर्शन से इसे लाभकारी गतिविधि के रूप में विकसित किया।
      उनकी सफलता जिले के किसानों और युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। विशेष रूप से ऐसे युवा, जो अपने गांव में रहकर स्वरोजगार स्थापित करना चाहते हैं, वे मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों को भी आय के वैकल्पिक एवं लाभकारी माध्यम के रूप में अपना सकते हैं।
     श्री दद्दू की कहानी यह संदेश देती है कि सरकारी योजना का लाभ, सही मार्गदर्शन और स्वयं की मेहनत जब एक साथ जुड़ते हैं, तो आत्मनिर्भरता की नई राह तैयार होती है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के सहयोग से शुरू हुई उनकी यह यात्रा आज आर्थिक सशक्तिकरण, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी बन चुकी है।
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Jansampark Madhya Pradesh
<nis:link nis:type=tag nis:id=सेवा_संकल्प_अभियान nis:value=सेवा_संकल्प_अभियान nis:enabled=true nis:link/>  के अंतर्गत पुराना नगर परिषद कार्यालय परिसर, राजबाड़ा चौक, धरमपुरी में नगरीय स्तरीय ‘सेवा सेतु अभियान—सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता कर नगरवासियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, सेवाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी दी।
     कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री कालूसिंह ठाकुर ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक सुगमता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पहुंचाना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ उनके नजदीक उपलब्ध कराना तथा उनकी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर निराकरण सुनिश्चित करना है।
     कार्यक्रम का उद्देश्य शासन की योजनाओं और सेवाओं को आमजन तक पहुंचाना तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करना है। जनसेवा, सुशासन और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक शासन की पहुंच सुनिश्चित करना ही सेवा संकल्प अभियान का मूल उद्देश्य है।
      कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथियों एवं जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया तथा अधिकारियों से योजनाओं एवं सेवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से अधिक से अधिक लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
      इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री प्रमोद कुमार गुर्जर सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नगरवासी एवं हितग्राही उपस्थित रहे।
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Jansampark Madhya Pradesh
श्रद्धालय वृद्धाश्रम में बुजुर्गों से संवाद एवं सम्मान समारोह सम्पन्न
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अनुभव-कथन के माध्यम से बुजुर्गों ने साझा किए अपने अनुभव
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    <nis:link nis:type=tag nis:id=सेवा_संकल्प_अभियान nis:value=सेवा_संकल्प_अभियान nis:enabled=true nis:link/> अभियान के अंतर्गत सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा स्थानीय श्रद्धालय वृद्धाश्रम में बुजुर्गों से संवाद, अनुभव-कथन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अतिथियों ने वृद्धाश्रम में निवासरत बुजुर्गों से आत्मीय संवाद कर उनके अनुभव सुने और उनका सम्मान किया।
      कार्यक्रम में नरेश राजपुरोहित, कालीचरण सोनवानिया, विपिन राठौर, डॉ. शरद विजयवर्गीय, ममता जोशी, संजय शर्मा एवं दिलीप पटोंदिया मंचासीन रहे। अतिथियों का स्वागत संस्था के सत्कार अधिकारी रामकिशोर पांडे, आश्रम निवासी महेश पाटीदार एवं प्रबंधक विद्या गुंजाल द्वारा किया गया।
      कार्यक्रम का शुभारंभ नूपुर कला केंद्र की बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम से हुआ। केंद्र संचालक श्रीमती वृषाली देशमुख के निर्देशन में बालिकाओं ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। इसके पश्चात अतिथियों द्वारा वृद्धाश्रम में निवासरत सभी बुजुर्गों का शॉल एवं पुष्पमाला से सम्मान किया गया।
    इस अवसर पर आश्रम निवासी पूरनचंद सक्सेना एवं महेश पाटीदार ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने श्रद्धालय वृद्धाश्रम में उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए आयोजन के प्रति आभार व्यक्त किया।
        सेवा संकल्प अभियान के समन्वयक नरेश राजपुरोहित एवं विपिन राठौर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस से प्रारंभ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत देशवासियों के हित में विभिन्न जनकल्याणकारी एवं सेवा गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अभियान का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक सेवा और जनकल्याण की भावना को पहुंचाना है।
      सत्कार अधिकारी जयंत जोशी ने बताया कि अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत निर्धारित समस्त सुविधाएं श्रद्धालय वृद्धाश्रम में पूर्व से उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने आश्रम में बुजुर्गों को प्रदान की जा रही सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी।
       कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थितजनों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। आयोजन की सफलता में रानी पवार एवं तोताराम लववंशी का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के अंत में उप संचालक, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, श्री दिनेश वर्मा ने आभार व्यक्त किया।
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Jansampark Madhya Pradesh
<nis:link nis:type=tag nis:id=मुख्यमंत्री_जनविश्वास_अभियान nis:value=मुख्यमंत्री_जनविश्वास_अभियान nis:enabled=true nis:link/> के अंतर्गत मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के धार जिले स्थित 132 केवी सबस्टेशन छायन में निर्माणाधीन औद्योगिक क्षेत्र (एमपीआईडीसी) के 33 केवी फीडर बे का निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधीक्षण अभियंता श्री शेखर फटाले ने निर्माण कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता का अवलोकन किया।
     निरीक्षण के दौरान फीडर बे के निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री तथा विभिन्न तकनीकी कार्यों का परीक्षण किया गया। अर्थिंग पिट के निर्माण में तकनीकी कमी पाए जाने पर आवश्यक सुधार मौके पर ही कराया गया। अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। 
     इसी प्रकार फाउंडेशन बोल्टों में लगे कुछ नट जंग लगे पाए गए। निरीक्षण के दौरान इन्हें तत्काल बदलवाया गया। अधिकारियों ने निर्माण कार्य में उपयोग होने वाली सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य पूर्ण करने पर जोर दिया।
     कार्यपालन अभियंता श्री सुनील बामनिया सहित उपस्थित अधिकारियों के साथ निर्माण कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता की समीक्षा भी की गई। निरीक्षण के दौरान सामने आई तकनीकी कमियों का तत्काल निराकरण कराते हुए निर्माण कार्य को निर्धारित मापदंडों के अनुरूप करने के निर्देश दिए गए।
     इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता श्री शेखर फटाले एवं अधिकारियों द्वारा वृक्षारोपण भी किया गया।
Jansampark Madhya Pradesh
कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना ने आज सरदारपुर भ्रमण के दौरान कन्या शिक्षा परिसर एवं निर्माणाधीन एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय परिसर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
       कन्या शिक्षा परिसर के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री मीना ने परिसर में उपलब्ध शैक्षणिक एवं आवासीय सुविधाओं, साफ-सफाई, पेयजल तथा भोजन की गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने छात्राओं से आत्मीय संवाद किया और पढ़ाई के स्तर व छात्रावास सुविधाओं का फीडबैक लिया। संवाद के दौरान बालिकाओं ने अपनी शैक्षणिक आवश्यकताओं को रेखांकित करते हुए अध्ययन हेतु स्मार्ट इंटरएक्टिव पैनल, नए भवन की उपलब्धता तथा इंग्लिश क्लास शुरू कराए जाने की आवश्यकता बताई। इस पर कलेक्टर ने बच्चों को कहा कि इसके लिए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी । छात्राओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे मनोयोग और मेहनत के साथ पढ़ाई कर अपने सपनों को साकार करें।
       तत्पश्चात कलेक्टर श्री मीना एकलव्य आवासीय परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने परिसर की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने परिसर में निर्बाध पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने और पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत व्यापक स्तर पर पौधारोपण करने के निर्देश दिए। भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों को शेष कार्य शीघ्र पूर्ण कर भवन को जल्द से जल्द हैंडओवर करने के सख्त निर्देश दिए, ताकि पठन-पाठन सुचारू रूप से संचालित हो सके।
      निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री अजमेर सिंह गौड़ सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं संस्था का अमला उपस्थित रहा।
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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश, भोपाल द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्वाचक नामावली के निरंतर अद्यतन तथा पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा निर्देश दिए गए कि अभियान के तहत पात्र मतदाताओं को चिन्हित कर उनके नाम निर्वाचक नामावली में जोड़ने की कार्यवाही निर्धारित अवधि में प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित की जाए। बैठक में जिले से कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना, अपर कलेक्टर श्री संजीव केशव पाण्डेय सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
     मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान विभिन्न कारणों से निर्वाचक नामावली से विलोपित किए गए मतदाताओं के प्रकरणों का पुनः परीक्षण कर पात्रता के अनुसार उनके नाम सम्मिलित किये जायें। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान जिन निर्वाचक नामावलियों के आधार पर कार्यवाही की गई थी, उसके पश्चात यदि किसी मतदान केन्द्र में परिवर्तन हुआ है, तो संबंधित सूचियों का मिलान किया जाए। मिलान के उपरांत छूटे हुए मतदाताओं की सूची दो दिवस के भीतर बी.एल.ओ. एवं बी.एल.ए. को उपलब्ध कराई जाए, ताकि सूची में छूटे पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने की कार्यवाही की जा सके। एईआरओ द्वारा इस सूची को विशेष रूप से तैयार कराया जाएगा तथा ईआरओ द्वारा प्रतिदिन इस कार्य की समीक्षा की जाएगी।
      ईआरओ स्तर पर हेल्पडेस्क स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि नागरिकों को निर्वाचक नामावली में नाम जुड़वाने तथा निर्वाचन संबंधी अन्य प्रक्रियाओं की जानकारी एवं आवश्यक सहायता सहज रूप से उपलब्ध हो सके। साथ ही अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं।
       मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि प्रारूप-6 के साथ संलग्न घोषणा पत्र का उपयोग केवल विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान ही किया जाएगा। गैर-एसआईआर अवधि में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1960 के अनुसार लागू प्रपत्रों का ही उपयोग किया जाना सुनिश्चित किया जाए।
     बैठक में बी.एल.ओ. की बैठक आयोजित कर उन्हें डोर-टू-डोर सर्वे के माध्यम से पात्र मतदाताओं को चिन्हित करने तथा उनके नाम निर्वाचक नामावली में सम्मिलित कराने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। नवीन बसाहटों में भी विशेष अभियान चलाकर वहां निवासरत पात्र मतदाताओं के नाम निर्वाचक नामावली में जोड़ने की कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया।
    अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ आवश्यकता अनुसार स्थानीय निकायों से सहयोग प्राप्त करने के निर्देश दिए गए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता निर्वाचक नामावली में नाम जुड़वाने से वंचित न रहे। इसके साथ ही DSE प्रकरणों का त्वरित गति से निराकरण करने तथा रिक्त बी.एल.ओ. एवं बी.एल.ओ. सुपरवाइजर के पदों की पूर्ति शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
     मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि अभियान की साप्ताहिक समीक्षा  की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संबंधित अधिकारी अभियान के अंतर्गत त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए अपेक्षित प्रगति प्राप्त करें तथा प्रतिदिन की प्रगति से जिला कार्यालय को अवगत कराना सुनिश्चित करें।
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जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सरदार सिंह मेड़ा के मुख्य आतिथ्य में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड गंधवानी द्वारा ‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान के अंतर्गत सेक्टर बलवारी कला स्थित बलवारी हनुमान बालाजी मंदिर परिसर में <nis:link nis:type=tag nis:id=स्वच्छता nis:value=स्वच्छता nis:enabled=true nis:link/> एवं <nis:link nis:type=tag nis:id=वृक्षारोपण nis:value=वृक्षारोपण nis:enabled=true nis:link/> कार्यक्रम आयोजित किया गया।
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