मध्यप्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों के भू-खण्ड संबंधी अधिकारों को सुरक्षित करने तथा उन्हें संपत्ति का वैधानिक मालिकाना हक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’’ का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाएगा। योजना के अंतर्गत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में स्वामित्व योजना से संबंधित अधिकार अभिलेखों के हस्तांतरण विलेख (डीड ऑफ कन्वेयंस) का निष्पादन एवं पंजीयन निःशुल्क किया जाएगा। योजना का क्रियान्वयन 17 सितम्बर 2026 से प्रारंभ होगा।
योजना के क्रियान्वयन के संबंध में प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, राजस्व विभाग के निर्देशन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले से कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना सहित संबंधित अधिकारी शामिल हुए। बैठक में स्वामित्व योजना अंतर्गत निर्मित अधिकार अभिलेखों के हस्तांतरण विलेख के निष्पादन एवं पंजीयन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
*संपत्ति के आधार पर आसानी से मिल सकेगा बैंक ऋण*
स्वामित्व योजना के अंतर्गत अधिकार अभिलेख प्राप्त करने वाले भू-खण्डधारियों को अब अपनी संपत्ति के आधार पर बैंक ऋण प्राप्त करने में सुविधा होगी। पंजीकृत दस्तावेज उपलब्ध होने से नागरिक गृह निर्माण, नया व्यवसाय प्रारंभ करने तथा कृषि संबंधी आवश्यकताओं के लिए अपनी संपत्ति को वित्तीय परिसंपत्ति के रूप में उपयोग कर सकेंगे।
पंजीकृत अभिलेखों के आधार पर बैंकिंग संस्थाओं को भू-खण्ड की कीमत एवं स्वामित्व का सटीक आकलन करने में सुविधा होगी, जिससे ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया अधिक सुगम हो सकेगी।
*जिले में विशेष अभियान चलाकर समय-सीमा में होगी कार्यवाही*
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले में विशेष अभियान चलाया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को पात्र भू-खण्डधारियों के दस्तावेजों के निष्पादन एवं पंजीयन की कार्यवाही समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए जाएंगे। अभियान के दौरान नागरिकों को योजना एवं आवेदन प्रक्रिया की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।
*ड्रोन सर्वे से तैयार अभिलेखों को मिलेगा कानूनी आधार*
स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक के माध्यम से सर्वेक्षण एवं डिजिटल मानचित्रण कर भू-खण्डों के अधिकार अभिलेख तैयार किए गए हैं। अब इन अधिकार अभिलेखों के आधार पर हस्तांतरण विलेख का निष्पादन एवं पंजीयन होने से नागरिकों को उनकी संपत्ति का कानूनी एवं पंजीकृत मालिकाना हक प्राप्त होगा। डिजिटल मानचित्रण और स्पष्ट अभिलेखों से संपत्ति संबंधी आपसी एवं वैधानिक विवादों में भी कमी आने की संभावना है।
*MPeSEVA से घर बैठे कर सकेंगे आवेदन*
स्वामित्व दस्तावेज पंजीयन की प्रक्रिया को सरल एवं नागरिक सुविधा आधारित बनाया गया है। इसके तहत—
- भूस्वामी MPeSEVA एप के माध्यम से घर बैठे स्वामित्व दस्तावेज के लिए आवेदन कर सकेंगे।
- आवेदन का सत्यापन पटवारी द्वारा SAARA एप के माध्यम से किया जाएगा।
- सत्यापन के बाद पंजीयन के लिए दस्तावेज तहसीलदार को प्रेषित किए जाएंगे।
- तहसीलदार द्वारा SAMPADA एप के माध्यम से स्वामित्व दस्तावेज का पंजीयन किया जाएगा।
- यदि कोई भूस्वामी स्वयं आवेदन करने में सक्षम नहीं है, तो वह पटवारी के समक्ष उपस्थित होकर आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करा सकेगा। ऐसी स्थिति में पटवारी द्वारा SAARA एप के माध्यम से भूस्वामी की ओर से आवेदन किया जाएगा।
*ग्रामीण संपत्तियों की निःशुल्क रजिस्ट्री*
योजना के तहत मध्यप्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण संपत्तियों की रजिस्ट्री, स्टाम्प शुल्क, पंचायत उपकर एवं अन्य पंजीयन शुल्क से संबंधित व्यय का वहन किया जाएगा। इससे ग्रामीण नागरिकों को बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक भार के अपनी संपत्ति का पंजीकृत दस्तावेज प्राप्त होगा।
स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों के भू-खण्ड संबंधी अधिकार अधिक सुरक्षित एवं सुदृढ़ होंगे। साथ ही संपत्ति को आर्थिक परिसंपत्ति के रूप में उपयोग करने, बैंक ऋण प्राप्त करने तथा स्वरोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
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21 views | Dhar, Madhya Pradesh | Sep 5, 2026