कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना ने आज जिला कार्यालय में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 योजना’ की प्रगति एवं आगामी निष्पादन की कार्यवाही पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि योजना का क्रियान्वयन 17 सितंबर 2026 से प्रारंभ किया जाएगा। योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में भूमिस्वामियों के पक्ष में अधिकार अभिलेखों का निःशुल्क पंजीयन (रजिस्ट्री) कराया जाएगा, जिससे उन्हें अपनी संपत्ति के आधार पर बैंकों एवं वित्तीय संस्थाओं से बैंक ऋण एवं अंतरण प्राप्त करने में सुविधा मिल सकेगी।
कलेक्टर श्री मीना ने निर्देश दिए कि योजना के तहत अधिकार अभिलेखों के निष्पादन एवं पंजीयन की कार्यवाही समय-सीमा में एवं पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवेदक से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार को निष्पादन अधिकारी के दायित्व सौंपे गए हैं।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना से संबंधित कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए तथा पात्र भूमिस्वामियों को इसका लाभ सहजता और समय पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
*राजस्व प्रकरणों के समय-सीमा में निराकरण के निर्देश*
बैठक में आरसीएमएस (RCMS) पोर्टल पर दर्ज लंबित प्रकरणों, विशेष रूप से नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा तथा अपील एवं निगरानी के मामलों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) को निर्देशित किया कि फार्मर रजिस्ट्री में आ रही तकनीकी एवं अन्य समस्याओं का त्वरित निराकरण कर कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
*50 दिवस से अधिक लंबित सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों को प्राथमिकता*
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन में 50 दिवस से अधिक समय से लंबित प्रकरणों की भी विशेष रूप से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर त्वरित एवं संतुष्टिपूर्ण ढंग से निराकृत किया जाए।
बैठक में भू-अर्जन, भूमि आवंटन सहित अन्य राजस्व संबंधी विषयों पर भी गहन चर्चा की गई। कलेक्टर श्री मीना ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मैदानी स्तर पर सक्रियता से कार्य करें तथा आम नागरिकों को राजस्व सेवाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराएं। बैठक में अपर कलेक्टर श्री संजीव केशव पाण्डेय, समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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32 views | Dhar, Madhya Pradesh | Sep 5, 2026