मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत संयुक्त संचालक, कृषि इंदौर संभाग, इंदौर श्री जितेन्द्र सिंह द्वारा विकासखंड धार का भ्रमण कर विभिन्न कृषि गतिविधियों, बीज उत्पादन कार्यक्रम, प्राकृतिक खेती एवं फसलों की वर्तमान स्थिति का अवलोकन किया गया। इस दौरान उन्होंने कृषकों से संवाद कर कृषि विभाग की योजनाओं और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी भी दी।
संयुक्त संचालक कृषि द्वारा ग्राम एकलदुना में माँ कालका बीज उत्पादक सहकारी संस्था मर्यादित द्वारा लगभग 45 एकड़ क्षेत्र में सोयाबीन की एन.आर.सी.-150-142 एवं जे.एस.-2172 किस्मों के बीज उत्पादन कार्यक्रम का निरीक्षण किया गया। उन्होंने बीज उत्पादन कार्यक्रम से जुड़े कृषकों की बैठक ली। बैठक में संस्था के संचालक श्री पदमसिंह पटेल सहित लगभग 35 कृषक एवं सदस्य उपस्थित रहे। श्री जितेन्द्र सिंह ने कृषकों को बीज की गुणवत्ता, बीज उत्पादन की प्रक्रिया एवं गुणवत्तापूर्ण बीज के महत्व के संबंध में विस्तार से जानकारी दी तथा निर्धारित मापदंडों का पालन करने की समझाइश दी।
*अन्तरवर्तीय फसल का किया अवलोकन*
ग्राम एकलदुना में क्षेत्र भ्रमण के दौरान कृषक श्री अजय पाटीदार के खेत का निरीक्षण किया गया। उनके द्वारा 4 एकड़ क्षेत्र में पिंक ताईवान अमरूद के साथ अन्तरवर्तीय फसल के रूप में जे.एस.-2506 सोयाबीन लगाई गई है। इसी प्रकार कृषक श्री दिलीप पाटीदार द्वारा 7 एकड़ क्षेत्र में पिंक ताईवान अमरूद के साथ जे.एस.-2506 सोयाबीन की अन्तरवर्तीय खेती की जा रही है। निरीक्षण के दौरान दोनों कृषकों की फसलों की स्थिति अच्छी पाई गई। संयुक्त संचालक कृषि ने अन्तरवर्तीय फसल प्रणाली को आय के विविधीकरण एवं भूमि के बेहतर उपयोग की दृष्टि से उपयोगी बताया।
*प्राकृतिक खेती एवं बॉयो रिसोर्स केन्द्र का किया अवलोकन*
भ्रमण के दौरान ग्राम खेरोद में प्राकृतिक खेती करने वाले कृषक श्री राजेन्द्र पिता अम्बाराम दांगी के खेत पर स्थापित सौर ऊर्जा प्लांट एवं बॉयो रिसोर्स केन्द्र का भी अवलोकन किया गया। केन्द्र में जीवामृत, भृमास्त्र एवं घनजीवामृत जैसे प्राकृतिक कृषि उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।
कृषक द्वारा प्राकृतिक खेती के अंतर्गत मक्का, सोयाबीन एवं मूंगफली की फसलों में बॉयो रिसोर्स केन्द्र से तैयार उत्पादों का उपयोग किया जा रहा है। कीट नियंत्रण के लिए नीमास्त्र एवं भृमास्त्र तथा फसल में पोषण की पूर्ति के लिए जीवामृत एवं घनजीवामृत का उपयोग किया गया। फसलों के निरीक्षण के दौरान पौधों की बढ़वार एवं फलियों की संख्या अच्छी पाई गई तथा फसलों में किसी प्रकार की विशेष समस्या नहीं पाई गई।
ग्राम पंचायत खेरोद में आयोजित कृषक संवाद के दौरान संयुक्त संचालक कृषि ने लगभग 100 कृषकों को प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कृषकों से अपनी फार्मर आईडी बनवाने की भी अपील की तथा कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अभिलेखों को अद्यतन रखने की समझाइश दी।
*कृषि प्रक्षेत्र में फसलों का निरीक्षण एवं पौधारोपण*
इसके पश्चात संयुक्त संचालक कृषि द्वारा शासकीय कृषि प्रक्षेत्र, धार का निरीक्षण किया गया। उन्होंने कृषि प्रक्षेत्र में अरहर की ए.जी.-4 (गौरी) एवं सोयाबीन की 100-39 किस्म का अवलोकन कर फसलों की स्थिति की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने बादामी आम के पौधे का रोपण भी किया।
*रबी कार्ययोजना को लेकर अधिकारियों से की समीक्षा*
भ्रमण के उपरांत कार्यालय उप संचालक, कृषि धार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के समस्त अनुभागीय कृषि अधिकारियों एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। बैठक में कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति, वर्तमान खरीफ फसलों की स्थिति एवं कृषकों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की समीक्षा की गई। साथ ही आगामी रबी 2026-27 की कार्ययोजना के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देश दिए गए।
भ्रमण के दौरान उप संचालक कृषि श्री विजय चौरसिया, परियोजना संचालक आत्मा श्री त्रिलोकचंद्र छावानिया, सहायक कृषि अधिकारी श्री बी.के. खण्डवाये, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री ए.के. सत्यार्थी सहित क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारी, बीटीएम एवं एटीएम उपस्थित रहे।
#JanVishwasAbhiyan2026 #हर_शुक्रवार_जनता_के_नाम
Jansampark Madhya Pradesh
32 views | Dhar, Madhya Pradesh | Sep 5, 2026