बरदहा नदी में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र का डीएम व एसपी ने किया स्थलीय निरीक्षण
स्वास्थ्य सुविधाओं एवं आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता का लिया जायजा, ग्रामीणों की समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश
जनपद में लगातार हो रही वर्षा के कारण बरदहा नदी में आई बाढ़ से ग्राम पंचायत ऊंचाडीह के मजरा चमरौहा का संपर्क मार्ग प्रभावित होने के दृष्टिगत जिलाधिकारी पुलकित गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति तथा आवागमन की स्थिति का जायजा लिया।
वर्तमान में बरदहा नदी में पीएसी की स्टीमर बोट लगाई गई है, जिसके माध्यम से ग्रामीणों तक आवश्यक वस्तुओं का आदान-प्रदान एवं पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने स्टीमर बोट की व्यवस्था किए जाने पर जिलाधिकारी एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि इससे आवागमन एवं आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता में काफी सहूलियत हो रही है।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए स्वास्थ्य शिविर का भी जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने शिविर में तैनात स्वास्थ्यकर्मियों से दवाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने वाले लोगों की जानकारी प्राप्त की। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि पूर्व दिवस लगभग 100 लोगों द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं एवं दवाओं का लाभ लिया गया, जबकि आज दोपहर 2 बजे तक लगभग 75 लोगों को दवाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।
जिलाधिकारी ने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर गांव की समस्याओं की जानकारी ली। ग्रामीणों द्वारा सड़क, नाली एवं विद्युत संबंधी समस्याओं से अवगत कराया गया। जिलाधिकारी ने मौके पर सड़क एवं नालियों की स्थिति का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए तथा ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि आवश्यक कार्रवाई कर समस्याओं का समाधान कराया जाएगा।
कुछ ग्रामीणों द्वारा बरदहा नदी पर पुल निर्माण की आवश्यकता बताई गई, जिससे क्षेत्र में आवागमन सुचारु रूप से संचालित हो सके। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए कहा कि इसकी कार्ययोजना बनाकर प्राथमिकता से शासन को भेजी जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय लोगों से क्षेत्र में होने वाली प्रमुख फसलों के संबंध में जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में मुख्य रूप से गेहूं, धान एवं सरसों की खेती की जाती है। जिलाधिकारी ने किसानों को चना, मूंग एवं मिलेट्स जैसी कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलों की खेती पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इन फसलों में पानी की आवश्यकता अपेक्षाकृत कम होती है तथा किसानों को अच्छी पैदावार के साथ बेहतर आय भी प्राप्त हो सकती है।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी मानिकपुर, खंड विकास अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
Manikpur, Chitrakoot | Aug 21, 2026