अस्पतालों के आसपास खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा: मानक से अधिक टीपीसी वाला तेल व खराब खाद्य सामग्री करवाई नष्ट, लिए नमूने
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हनुमानगढ़। मरीजों और तीमारदारों की सेहत से खिलवाड़ रोकने के लिए चिकित्सा एवं खाद्य सुरक्षा विभाग ने अस्पतालों के आसपास संचालित भोजनालयों और कैंटीनों पर शिकंजा कस दिया है। राज्यव्यापी विशेष अभियान के तहत मंगलवार को खाद्य सुरक्षा दल ने सघन निरीक्षण कर अमानक तेल व बासी खाद्य सामग्री मौके पर ही नष्ट करवाई, साथ ही कई प्रतिष्ठानों से नमूने लेकर जांच के लिए बीकानेर प्रयोगशाला भेजे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि 24 से 30 सितम्बर तक सरकारी व निजी अस्पतालों के आसपास खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता जांचने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को जुनेजा होटल से पनीर व हल्दी, न्यू गुरुनानक स्वीट्स से बेसन की बर्फी, गुरुनानक स्वीट्स से मावा व पनीर तथा रामचन्द्र टी स्टॉल से चीनी व समोसे के नमूने लिए गए।
निरीक्षण के दौरान न्यू गुरुनानक स्वीट्स पर मटर तलने के लिए प्रयुक्त तेल की जांच में टीपीसी (टोटल पोलर कंपाउंड) वैल्यू 34 पाई गई, जो निर्धारित मानक 25 से कहीं अधिक थी। अत्यधिक इस्तेमाल से जहरीले हो चुके इस करीब 20 लीटर तेल और इसी में तले गए 16 समोसों को टीम ने तत्काल नष्ट करवाया। इसके अलावा गुरुनानक स्वीट्स पर पाई गई 10 किलो सड़ी-गली सामग्री को नष्ट करवाकर संचालक को इम्प्रूवमेंट (सुधार) नोटिस थमाया गया।
कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक कुमार, संजय कुमार और अनुपम चोयल शामिल रहे। डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होते ही संबंधित कारोबारियों पर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने प्रतिष्ठान संचालकों को सख्त हिदायत दी कि गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षित भंडारण के मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।