प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में सुधा डेयरी प्लांट से निकल रहे जल के रोकथाम हेतु उच्च-स्तरीय बैठक का आयोजन; अधिकारियों को दिया समस्या का त्वरित गति से समाधान का निदेश
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*पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेन्स; आम जनता के जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताः प्रमंडलीय आयुक्त*
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सभी स्टेकहोल्डर से समन्वय, सम्पूर्ण मामले का विस्तृत अध्ययन एवं मामले के समाधान के लिए विधिवत कार्रवाई हेतु आयुक्त ने किया दो कमिटि का गठन
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अन्तर्विभागीय समन्वय एवं सार्थक संवाद की आवश्यकता पर प्रमंडलीय आयुक्त ने दिया विशेष जोर
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मुजफ्फरपुर, मंगलवार, दिनांक 18.08.2026ः आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर श्री गिरिवर दयाल सिंह की अध्यक्षता में आज काँटी प्रखंड अंतर्गत सुधा डेयरी प्लांट से निकल रहे केमिकल-युक्त दूषित जल के रोकथाम हेतु उच्च-स्तरीय बैठक का आयोजन हुआ। इसमें माननीय विधायक, काँटी विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र श्री अजीत कुमार, जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर; उप विकास आयुक्त, मुजफ्फरपुर; अपर समाहर्त्ता, सुधा डेयरी-तिमूल, एनएचएआई, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पीएचईडी, रेलवे एवं अन्य विभागों के पदाधिकारीगण उपस्थित थे। प्रमंडलीय आयुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पर्यावरण नियमों के उल्लंघन के विरूद्ध उनके द्वारा शून्य सहिष्णुता (जीरो टॉलरेन्स) की नीति का अक्षरशः अनुपालन किया जाता है। आम जनता के जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनहित के मामलों में कोई भी शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रमंडलीय आयुक्त ने अधिकारियों को निदेश दिया कि सभी हितधारकों से समन्वय स्थापित कर मामले का त्वरित गति से एवं विधिवत समाधान करें।
प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि सुधा डेयरी का अपशिष्ट पानी कई सालों से आस-पास के क्षेत्रों में बह रहा है। इससे लोगों को काफी समस्या होती है। कृषि के साथ-साथ रासायनिक पदार्थों यथा आर्सेनिक, क्लोराईड, फॉस्फेट इत्यादि से युक्त पानी के बहने से लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना रहती है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत खेदजनक स्थिति है। इस मामले का शीघ्र समाधान करने की आवश्यकता है। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि उनके द्वारा इस विषय पर शीघ्र कार्रवाई हेतु क्षेत्र का आज निरीक्षण भी किया गया है। उन्होंने बैठक के दरम्यान ही समस्या के समाधान के उद्देश्य से दो बहु-सदस्यीय कमिटी का निर्माण किया। एक समिति उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में तथा दूसरी समिति अपर समाहर्त्ता की अध्यक्षता में क्रियाशील रहेगी। दोनों समितियों में सुधा डेयरी, तिमूल, एनएचएआई, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पीएचईडी, रेलवे एवं अन्य विभागों के पदाधिकारीगण भी शामिल किए गए हैं। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति सुधा डेयरी से निकलने वाले पानी की गुणवत्ता एवं ट्रीटमेंट प्लांट की क्रियाशीलता का निरीक्षण करेगी। पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता जल का सैंपल लेकर इसमें केमिकल की मात्रा की जाँच करेंगे। अपर समाहर्त्ता की अध्यक्षता में गठित समिति सुधा डेयरी के जल निकासी हेतु उपयुक्त भूमि की उपलब्धता का सर्वे एवं आवश्यक कार्रवाई करेगी। प्रमंडलीय आयुक्त ने निदेश दिया कि दोनांे कमिटि द्वारा माननीय विधायक से नियमित तौर पर सम्पर्क स्थापित कर उनका सुझाव प्राप्त किया जायेगा। साथ ही सभी स्टेकहोल्डर्स से *सार्थक संवाद एवं सुदृढ़ समन्वय* स्थापित रखा जाएगा।
प्रमंडलीय आयुक्त ने *आशा एवं हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि जिलावासियों को इस चिरकालीन समस्या का जल्द समाधान मिलेगा*। इसके लिए अथक प्रयास किया जा रहा है। दोनों समिति के अध्यक्षों को निदेश दिया गया है कि एक सप्ताह के अन्दर तथ्यपरक एवं सारगर्भित प्रतिवेदन समर्पित करें। उन्होंने कहा कि इन प्रतिवेदनों का अध्ययन किया जाएगा। हमलोगों का उद्देश्य है कि सुधा डेयरी से निकलने वाले पानी की समस्या के समाधान हेतु आवश्यक संरचनाओं का निर्माण 15 सितम्बर/नवरात्र पूजा से प्रारंभ कर दिया जाए।
प्रमंडलीय आयुक्त ने सुधा डेयरी के प्रबंध निदेशक को निदेशित किया कि जल निकासी की व्यवस्था सुदृढ़ करें। प्लांट से निकलने वाला अपशिष्ट पानी अगल-बगल के इलाक़ों में जमा न हो। ट्रीटेड पानी के स्टोरेज हेतु विभाग के आदेश के अनुसार तालाब को विकसित करें। पर्यावरण सुरक्षा के मानकों का अक्षरशः अनुपालन करें। निकलने वाले पानी का नियमानुसार प्रसंस्करण (ट्रीटमेंट) अनिवार्य है।
प्रमंडलीय आयुक्त ने निदेश दिया कि सुधा डेयरी, तिमूल, एनएचएआई, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पीएचईडी, रेलवे एवं अन्य विभागों के पदाधिकारीगण आपस में समन्वय स्थापित कर मामले का स्थायी एवं दीर्घकालीन समाधान सुनिश्चित करें। एक सप्ताह के बाद वे कृत कार्रवाई की पुनः समीक्षा करेंगे।