किसानों की समस्याओं और मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ का प्रदर्शन, तीनों तहसीलों में सौंपा ज्ञापन
डिंडौरी में 15, शहपुरा में 18 और बजाग में 17 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन; धान उपार्जन सीमा बढ़ाने से लेकर बिजली, राजस्व और कृषि महाविद्यालय की मांग
डिंडौरी में किसानों की विभिन्न समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ ने जिले की डिंडौरी, शहपुरा और बजाग तहसील में एक साथ ज्ञापन सौंपे। डिंडौरी में 15, शहपुरा में 18 और बजाग में 17 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन के नाम संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग की गई।
ज्ञापन में कृषि, विद्युत, राजस्व, पशु चिकित्सा, शिक्षा और सहकारिता सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं को उठाया गया। किसान संघ का कहना है कि इन समस्याओं के कारण किसानों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए शासन स्तर से शीघ्र कार्रवाई आवश्यक है।
धान उपार्जन सीमा 40 क्विंटल करने की मांग
भारतीय किसान संघ ने डिंडौरी जिले में धान उपार्जन की सीमा 22 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर करने की मांग रखी। साथ ही फसल कटाई प्रयोग के दौरान कृषि विस्तार अधिकारी और राजस्व हल्का पटवारी द्वारा गांव में मुनादी के माध्यम से किसानों को सूचना देने की मांग की गई।
सिंचित भूमि की सही गिरदावरी और खेत में बोई गई फसल के अनुसार समय पर गिरदावरी कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। बांध, नहर, कुआं, तालाब और नदी से सिंचित भूमि को सिंचित कमांड क्षेत्र मानकर रिकॉर्ड में दर्ज करने की मांग उठाई गई।
ट्रांसफार्मर और बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग
किसान संघ ने क्षमता से अधिक भार वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने और जले हुए ट्रांसफार्मरों को 24 घंटे के भीतर बदलने की मांग की। वितरण केंद्रों पर ट्रांसफार्मर बैंक की व्यवस्था करने तथा नदी, कुआं, तालाब और नहर से लगे भूमिधारक किसानों को विद्युत स्थाई कनेक्शन देने की मांग भी की गई।
राजस्व और किसान सम्मान निधि के मामले भी उठाए
राजस्व न्यायालयों में लंबित बंटवारा, नामांतरण और त्रुटि सुधार के मामलों का शीघ्र निराकरण कराने की मांग की गई। प्रत्येक किसान के खेत तक जाने वाले रास्ते को कृषि यंत्रों सहित राजस्व नक्शे में दर्ज करने की मांग भी संघ ने रखी।
वहीं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में जिन किसानों के नाम काटे गए हैं, उनमें पात्र किसानों के परिवार से एक सदस्य का नाम जोड़ने की मांग की गई।
कृषि, उद्यान और पशु चिकित्सा सुविधाओं पर जोर
किसान संघ ने पावर टिलर, जैविक खाद स्थायी ढांचा और फेंसिंग तार जैसी उद्यान विभाग की योजनाओं में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति सहित सभी वर्गों के लिए लक्ष्य बढ़ाने की मांग की। शहपुरा विकासखंड के बिलगांव से ढोंढ़ा के बीच क्षतिग्रस्त सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
इसके अलावा पशु चिकित्सा विभाग में पर्याप्त आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने और डिंडौरी जिले में कृषि महाविद्यालय खोलने की मांग उठाई गई।
पटवारियों की हड़ताल और मॉडल कॉलेज का मुद्दा
पटवारियों की कलमबंद हड़ताल के कारण किसानों को हो रही परेशानियों का मुद्दा भी किसान संघ ने उठाया। संघ ने पटवारियों की जायज मांगों का शीघ्र निराकरण कर उन्हें उनके पदस्थापना हल्के में भेजने की मांग की।
साथ ही शासकीय मॉडल कॉलेज बड़खेरा का भवन बनकर तैयार होने का हवाला देते हुए वहां जल्द शैक्षणिक गतिविधियां शुरू कराने की मांग भी की गई।
तीनों तहसीलों में सौंपे ज्ञापन
शहपुरा में जिला अध्यक्ष बिहारी लाल साहू की अगुवाई में ज्ञापन सौंपा गया। डिंडौरी में तहसील अध्यक्ष खमोद चंदेल के नेतृत्व में किसानों ने एसडीएम रामबाबू देवांगन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। वहीं बजाग में तहसील अध्यक्ष आशाराम यादव के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया।
इस दौरान जिला उपाध्यक्ष भानसिंह मरकाम, जिला विपणन प्रमुख खिलपत गौतम, रमेश चौहान, संतोष चौहान, मटरू दादा, सतीष, मनसाराम सहित किसान संघ के पदाधिकारी और किसान मौजूद रहे।
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