मुख्यमंत्री शभजनलाल शर्मा ने कोटा में लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ पदयात्रा को संबोधित किया
कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर लोकतांत्रिक अधिकारों का गला घोंटा, अब लोकतंत्र के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है*
कांग्रेस ने भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण और जातिवाद के सारे रिकॉर्ड तोड़े, लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास किया*
कोटा, 30 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को कोटा में लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ पदयात्रा को संबोधित किया और इसके पश्चात पदयात्रा में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जिन लोगों ने कभी लोकतंत्र को माना ही नहीं और संविधान को हमेशा तोड़ने का काम किया, वे आज लोकतंत्र की दुहाई दे रहे हैं। लोकतंत्र जनता की शक्ति है और देश के प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की रक्षा का आधार है। आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पूरी दुनिया में भारत की गौरवशाली विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों का डंका बज रहा है। दुनिया ने माना है कि प्रजातंत्र सही मायने में अगर जीवंत और सशक्त है, तो उसका सबसे बड़ा उदाहरण भारत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव लड़ना और अपनी बात रखना सबका अधिकार है। लेकिन कांग्रेस की राजनीति का दोहरापन देखिए कि जब चुनाव परिणाम उसके पक्ष में आते हैं तो लोकतंत्र मजबूत होता है और जब परिणाम पक्ष में नहीं आते तो लोकतंत्र खतरे में पड़ जाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोगों ने भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण के सारे आंकड़े तोड़ दिए और लोकतंत्र का मजाक बनाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रही है। जहां ये जीतते हैं वहां इनके लिए ईवीएम सही और जहां हारते हैं वहां खराब है, ऐसा इनका दोहरा चरित्र है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1975 के आपातकाल के समय कांग्रेस ने लोकतांत्रिक अधिकारों का गला घोंट दिया गया था और संविधान की मर्यादा को कुचला था। जिसकी वजह से अनेक लोकतंत्र सेनानियों और उनके परिवारों ने असहनीय पीड़ा झेली। उन्होंने कांग्रेस से सवाल करते हुए कहा कि क्या आपातकाल व्यक्तिगत स्वार्थ के आधार पर नहीं लगाया गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकाल के काले दौर से सबक लेते हुए हम सभी को देश के लोकतंत्र, इसकी पवित्र संस्थाओं और संविधान की रक्षा के लिए सदैव डटे रहने का संकल्प लेना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने केंद्र सरकार में रहते हुए राज्यों की सरकारों को बर्खास्त किया था, यह बात उसे याद रखना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने देश के गौरव एवं स्वाभिमान से जुड़े विषयों पर प्रश्नचिन्ह खड़े किए। सेना, चुनाव आयोग, सर्वोच्च न्यायालय, सीबीआई और ईडी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी कहते हैं कि ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा और अगर खाया है, तो उसको भी निकाल लूंगा। जबकि कांग्रेस ने अपने पूरे शासनकाल में भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण और जातिवाद के आधार पर काम किया और जनता के दर्द को कभी नहीं जाना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता दिन के 24 घंटे, महीने के 30 दिन और साल के 365 दिन जनता के बीच रहकर काम करता है। भाजपा ने लंबे समय तक विपक्ष की सक्रिय भूमिका निभाई। हमारे कार्यकर्ताओं ने जनता के बीच जाकर उनकी संवेदनाओं में शामिल होकर देश की जनता का दिल जीता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता जब सरकार में होते हैं तो चार-चार महीने होटलों में बिता देते हैं। इनके लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता देश में कम और विदेश में ज्यादा रहते हैं।
मुख्यमंत्री ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण है। वास्तविक मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रहें और अपात्र प्रविष्टियों की नियमानुसार जांच हो, ये दोनों बातें आवश्यक हैं। यदि किसी को एसआईआर की प्रक्रिया पर आपत्ति है तो उसे ठोस प्रमाणों के साथ सक्षम प्राधिकरण और न्यायालय के समक्ष रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल अपने जवाबी हलफनामे में एसआईआर से संबंधित विभिन्न आरोपों पर अपना पक्ष रखा है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर से संबंधित प्रमुख आदेश सर्वसम्मति से अनुमोदित किए गए थे। मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने का अधिकार वैधानिक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के पास है।
मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तीखा हमला करते हुए कहा कि राजस्थान में सत्ता संघर्ष के दौरान चार महीने तक कांग्रेस होटलों में बंद थी। इनकी सरकार ने पंचायत और निकाय चुनाव कराने में दो साल लगाए। हर तीन महीने में आचार संहिता लगाते थे। उन्होंने कहा कि हमने वन स्टेट-वन इलेक्शन की बात कही तो कांग्रेस के लोग कहते थे कि ये नहीं करा पाएंगे, तुम्हारे काका जी भी नहीं करा पाएंगे। अब वो देख लें कि काका जी ने चुनाव कराए कि नहीं। निकाय चुनाव संपन्न हुए हैं और पंचायत चुनाव भी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग लोकतंत्र की बात करते हैं, लेकिन इनके शासनकाल में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का किस तरह दुरुपयोग किया, यह जनता जानती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। अब तक 265 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित किया गया है और करीब 700 के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। कई मामलों में शत-प्रतिशत पेंशन रोकी गई है तथा कार्मिकों को सेवा से हटाने और बर्खास्त करने जैसी कार्रवाई भी की गई है। भ्रष्टाचारी कोई भी हो, उसे किसी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा और पूरी तरह दंडित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार गरीब कल्याण की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। कांग्रेस जिस तरह लोकतंत्र में अराजकता फैलाने का काम कर रही है, हम सभी को उसका जनता के बीच जाकर मुंहतोड़ जवाब देना होगा। आज जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है, इसलिए उसे अब लोकतंत्र के नाम पर भ्रम फैलाने के बजाय अपने शासनकाल के कारनामों का जवाब देना चाहिए। आने वाले समय में कांग्रेस का अन्य राज्यों से भी सूपड़ा साफ होने वाला है।
लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ पदयात्रा कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री मदन राठौड़, शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर, ऊर्जा मंत्री श्री हीरालाल नागर, विधायक श्री संदीप शर्मा, विधायक श्रीमती कल्पना देवी, कोटा शहर जिला अध्यक्ष श्री राकेश जैन, कोटा देहात जिला अध्यक्ष श्री प्रेम गोचर, महापौर श्रीमती अनुसुइया गोस्वामी, उपमहापौर श्री विवेक राजवंशी, अजमेर के पूर्व उपमहापौर श्री नीरज जैन, कार्यक्रम संयोजक श्री पुनीत कर्णावट, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री मुकेश दाधीच सहित वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Sangod, Kota | Oct 30, 2026