*कहानी बदलाव की*
*प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से धुएँ से मिली मुक्ति, आसान हुई रूबिता आदिवासी की जिंदगी*
जिले के ग्राम हातोद की रहने वाली रूबिता आदिवासी का जीवन पहले काफी कठिनाइयों से भरा था। ग्रामीण अंचल की अन्य महिलाओं की तरह उन्हें भी प्रतिदिन अपने परिवार का भोजन तैयार करने के लिए पारंपरिक मिट्टी के चूल्हे का सहारा लेना पड़ता था। चूल्हा जलाने के लिए सूखी लकड़ियाँ एकत्र करने हेतु रूबिता को रोज़ कड़ा परिश्रम करते हुए दूर जंगल जाना पड़ता था। चूल्हे से निकलने वाले अत्यधिक धुएँ के कारण न केवल उनकी आँखों और स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता था, बल्कि खाना बनाने में उनका काफी समय और ऊर्जा भी नष्ट होती थी।
रूबिता आदिवासी के जीवन में यह बड़ा और सुखद बदलाव केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ के माध्यम से आया। योजना के अंतर्गत जब रूबिता को निशुल्क एलपीजी गैस कनेक्शन एवं सिलेंडर प्रदान किया गया, तो उन्हें वर्षों पुराने इस दै�