खाद वितरण में अनियमितता पर जिला जांच दल ने की कार्रवाईः मैसर्स विनोद ट्रेडिंग कंपनी सील
झांसी तिराहा स्थित प्रतिष्ठान पर औचक निरीक्षण में मिला 144 बैग अघोषित यूरिया और स्टॉक में भारी अंतर*m
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार उर्वरक वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने एवं अनियमितताओं पर प्रभावी रोकथाम के उद्देश्य से आज जिला जांच दल द्वारा झांसी तिराहा स्थित खाद प्रतिष्ठान मैसर्स विनोद ट्रेडिंग कंपनी पर औचक निरीक्षण की कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं एवं स्टॉक में गड़बड़ी पाए जाने पर दल द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रतिष्ठान को सील कर दिया गया है।
उर्वरक विक्रय में गड़बड़ी और अनियमितता के संबंध में प्राप्त शिकायत के आधार पर जिला जांच दल द्वारा यह कार्रवाई की गई। जांच दल में उप संचालक कृषि श्री मुनेश कुमार शाक्य, सहायक संचालक कृषि डॉ. श्रीमती किरण रावत एवं जिला स्तरीय दल के सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे। दल द्वारा मौके पर पहुंचकर दुकान एवं गोदाम के स्टॉक, पीओएस मशीन तथा विक्रय अभिलेखों का गहन सत्यापन किया गया।
*निरीक्षण में पाई गईं गंभीर खामियां एवं अनियमितताएं*
जांच के दौरान मौके पर पीओएस मशीन में प्रदर्शित स्टॉक एवं दुकान में भौतिक रूप से उपलब्ध स्टॉक के मिलान में भारी भिन्नता पाई गई। भौतिक सत्यापन के दौरान दुकान में लगभग 144 बैग यूरिया उर्वरक बिना किसी पीओएस रिकॉर्ड के अघोषित रूप से भंडारित पाया गया। इसके अतिरिक्त टॉप-20 यूरिया बायर्स के रिकॉर्ड की जांच में पाया गया कि फर्म द्वारा माह अगस्त में 26 कृषकों को 50-50 बैग यूरिया का वितरण किया गया था, किंतु इस भारी वितरण के संबंध में संचालक द्वारा किसानों का भूमि विवरण प्रस्तुत नहीं किया गया।
*कालाबाजारी की आशंका और नियमों का उल्लंघन*
जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि खाद खरीदने वाले संबंधित कृषकों के पहचान पत्र व पते अन्य बाहरी जिलों के पाए गए, जिससे नियम विरुद्ध विक्रय अथवा कालाबाजारी की आशंका पाई गई। इसके अलावा प्रतिष्ठान पर अनिवार्य रेट लिस्ट चस्पा नहीं पाई गई तथा दुकान व गोदाम का स्वीकृत नक्शा भी दल के समक्ष प्रदर्शित नहीं किया गया।
*प्रतिष्ठान सील, वैधानिक जांच जारी*
उर्वरक नियंत्रण आदेश के स्पष्ट उल्लंघन तथा प्रथम दृष्टया अनियमितताएं पाए जाने पर जांच दल द्वारा मैसर्स विनोद ट्रेडिंग कंपनी के प्रतिष्ठान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। कृषि विभाग के उपसंचालक ने बताया कि मामले में फर्म के विरुद्ध विस्तृत जांच कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
Department of Agriculture, Madhya Pradesh
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