!सूत्रों की माने तो पुनः हुए बीस शराब दुकानों के ट्रेंडर प्रक्रिया का प्रस्ताव हो सकता हैं निरस्त!
!!आबकारी अधिकारी की सज्जनता राजस्व बसूली के लिये बनी मुसीबत!!
!!!जिला आबकारी विभाग की लापरवाही के कारण करोड़ों रुपयों की राजस्व बसूली के नुकसान की मार झेल रहा शासन प्रशासन!!!
!!!!जब से आबकारी विभाग की कमान अमृता जैन के हाथो में आई तब से जिले की आबकारी व्यवस्था लड़खड़ाई!!!!
!!!!!जिले के आबकारी विभाग से होने वाली राजस्व हानि से अनजान बने जिला आबकारी अधिकारी!!!!!
छतरपुर। सरकार को छतरपुर जिले के आबकारी विभाग से मिलने बाले राजस्व हानि का अंदाजा कोई नहीं लगा सकता। जबकि इन दिनों प्रदेश सरकार जिले से करोड़ों के राजस्व हानि से गुजर रहा हैं। क्योंकि दस दिन से जिले की लगभग बीस दुकानों का संचालन खुद कर रहा हैं। लेकिन ठेकेदारों की उपेछा आबकारी विभाग खुद उतनी शराब बिक्री नहीं कर पा रहा हैं। इसी वजह से करोड़ों की राजस्व हानि सरकार को छतरपुर जिले से हो रहीं हैं। हलाकि विभाग ने ट्रेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया हैं। लेकिन गुप्त सूत्र बता रहे हैं की ट्रेंडर घाटे में होने के करण सरकार के पास पांच दिन से पास होने के लिये रखा हुआ हैं सम्भवता इन ट्रेंडरो पर मंजूरी की मुहूर लगना संभव नहीं हैं। इतना सब होने के बाद भी शहर में खुले आम अवैध शराब बिक रहीं हैं। जब शराब दुकानों की कमान विभाग के पास हैं तो इन अवैध शराब तस्करो के ऊपर किसका हाथ हैं। यह शहर वासियों के समझ से परे हैं। मामला कुछ भी हो कंही न कंही जिला आवकारी अधिकारी अमृता जैन इस मामले को लेकर सबालो के घेरे में बनी हुई हैं।