निवास नगर के वार्ड क्रमांक 13 में स्थित यह हेलीपैड अब हेलीकॉप्टर उतारने के बजाय शराबियों का अड्डा बनता जा रहा है। शाम होते ही, खासकर रात 6 बजे के बाद, यहाँ असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगता है।
हैरानी की बात यह है कि इस हेलीपैड के आसपास सरकारी संस्थान, खेत और संदीपनी विद्यालय स्थित है। रोज़ाना सैकड़ों स्कूली बच्चे इसी रास्ते से आते-जाते हैं, लेकिन शराबियों द्वारा फोड़ी गई कांच की बोतलें इन बच्चों और किसानों दोनों के लिए खतरा बन चुकी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब पीने के बाद बोतलें इधर-उधर फेंक दी जाती हैं। बारिश के मौसम में यही कांच के टुकड़े बहकर खेतों में पहुँच जाते हैं, जिससे खेती करने वाले किसानों को भारी परेशानी होती है और पैरों के कटने का डर हमेशा बना रहता है।
स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा—
"साहब, यहाँ छोटे-छोटे बच्चे रोज़ स्कूल जाते हैं। खेतों में कांच बिखरा रहता है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।"
यह हेलीपैड सार्वजनिक सुविधा और आपात सेवाओं के लिए बनाया गया था, लेकिन आज यह सरकारी संपत्ति के खुले दुरुपयोग का उदाहरण बन गया है। एक ओर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं, तो दूसरी ओर आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में है।
अब सवाल यह है कि—
👉 क्या प्रशासन इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेगा?
👉 क्या हेलीपैड को उसके वास्तविक उद्देश्य के लिए सुरक्षित किया जाएगा?
फिलहाल, स्थानीय लोग प्रशासन से त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
हम इस पूरे मामले पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं।
Niwas, Mandla | Jul 6, 2026