जिलाधिकारी की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत जिला सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की द्वितीय बैठक का आयोजन
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अत्याचार का सम्पूर्ण निवारण एवं पीड़ितों को त्वरित गति से न्याय दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता; सभी पदाधिकारी इसके प्रति सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहेंगेः डीएम ने दिया पदाधिकारियों को निदेश
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मुजफ्फरपुर जिला पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर कुमार गौरव की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभागार में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 नियम 1995 के तहत गठित जिला सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक हुई। कैलेण्डर वर्ष 2026 की यह द्वितीय बैठक थी। इसमें माननीय विधायिका श्रीमती बेबी कुमारी, श्री कांतेश मिश्रा वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर श्री निशांत सिहारा उप विकास आयुक्त, मुजफ्फरपुर श्री सुधीर कुमार सिन्हा अपर समाहत्र्ता, विधि-व्यवस्था, अपर समाहर्त्ता (लोक शिकायत निवारण), जिला कल्याण पदाधिकारी, अनुमण्डल पदाधिकारी, पूर्वी/पश्चिमी सहित अन्य पदाधिकारी तथा समिति के सदस्य उपस्थित थे।
जिलाधिकारी ने कहा कि अत्याचार का सम्पूर्ण निवारण एवं पीड़ितों को त्वरित गति से न्याय दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को इसके प्रति सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहने का निदेश दिया। साथ ही उन्होंने सभी स्टेकहोल्डर्स को इसके लिए दृढ़-संकल्पित रहने की आवश्यकता पर बल दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। जिला प्रशासन, मुजफ्फरपुर द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के प्रति अत्याचार के विरूद्ध शून्य सहिष्णुता के सिद्धान्त का अक्षरशः अनुसरण किया जा रहा है। अधिनियम अंतर्गत नियम 15 (1) (घ) के तहत सरकारी उपक्रम में रोजगार के मामलों को सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा निर्धारित प्रावधानों के आलोक में आवश्यक कार्रवाई करते हुए मुजफ्फरपुर जिले में नौकरी हेतु योग्य अश्रित कुल 05 मामलों में समूह ‘घ’ के रूप में पूर्व में सरकारी नौकरी प्रदान की गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि अधिनियम अंतर्गत सभी दर्ज मामलों में प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति, मुआवजा, पेंशन, यात्रा भत्ता आदि का भुगतान किया जा रहा है।
जिला कल्याण पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर द्वारा जिलाधिकारी के संज्ञान में लाया गया कि वित्तीय वर्ष 2026 में द्वितीय बैठक तक कुल 243 पीड़ितों के मुआवजा भुगतान हेतु स्वीकृति देते हुए कुल 165 लाख रुपये का भुगतान किया गया है।
जिला कल्याण पदाधिकारी द्वारा बैठक में जानकारी दी गयी कि कैलेंडर वर्ष 2026 में कुल 72 मामलों में मृतक के आश्रितों को प्रति माह पेंशन भुगतान किया जा रहा है। जुलाई माह तक यह किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने जिला कल्याण पदाधिकारी को निदेश दिया कि पेंशन का भुगतान हमेशा अद्यतन रखें। आवश्यकता के अनुसार उक्त मदों में आवंटन की मांग करते हुए पेंशनरों एवं गंभीर मामलों के पीड़ितों को तत्परता के साथ भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निदेश दिया कि आरोप पत्र हेतु लंबित मामलों को अविलम्ब एवं विधिवत निष्पादित करें तथा पीड़ितों को मुआवजा भुगतान दें। जघन्य मामलों में स्पीडी ट्रायल चलाते हुए मामले को निष्पादित करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि अधिनियम के तहत लंबित कांडों के निष्पादन हेतु त्वरित अनुसंधान एवं पर्यवेक्षण करने तथा ससमय राहत अनुदान की राशि उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन द्वारा सभी कार्रवाई की गयी है। साथ ही उक्त योजना के तहत अन्य सुविधाएं निर्धारित समय में उपलब्ध करायी जाती है। जिलाधिकारी ने कहा कि सुसंगत धाराओं के तहत निर्धारित अवधि में अन्वेषण और आरोप पत्र दाखिल करने के लिए अपेक्षित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
आज की इस बैठक में समिति के सदस्य-सचिव-सह-जिला कल्याण पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर द्वारा विस्तृत भौतिक एवं वित्तीय प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। जिलाधिकारी द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 नियम-1995 के अन्तर्गत आयोजित विगत बैठक के अनुपालन स्थिति की समीक्षा की गई तथा अद्यतन प्रगति का जायजा लिया गया। अधिनियम अंतर्गत दर्ज मामलों की समीक्षा की गई। पुलिस द्वारा प्रतिवेदित एवं निष्पादित कांडों, समर्पित आरोप पत्रों, गिरफ्तारियों एवं मुआवजा भुगतान से संबंधित मामलों के भौतिक एवं वित्तीय प्रतिवेदन पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में माननीय विधायकों, जन-प्रतिनिधियों एवं अन्य सदस्यों द्वारा अपना-अपना सुझाव दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि सुझावों पर नियमानुसार अपेक्षित कार्रवाई की जाएगी।
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 नियमावली 1995 के नियम 11(1) के तहत गवाहःसाक्षी को माननीय न्यायालय में उपस्थित होने के उपरान्त मुजफ्फरपुर जिला में इस कैलेण्डर वर्ष में कुल 18 व्यक्तियों को यात्रा भत्ता एवं दैनिक भत्ता का भुगतान किया गया है। मुजफ्फरपुर जिला में इसके नियमित कार्यान्वयन हेतु सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित प्रणाली विकसित की गई है।
जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को अधिनियम के तहत प्राप्त होने वाले मामलों को संवेदनशीलता के साथ ससमय निष्पादित करने का निदेश दिया। साथ ही इस अधिनियम के प्रावधानों का वृहत स्तर पर प्रचार-प्रसार करने का निदेश दिया गया।
जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी व्यक्ति द्वारा किसी भी प्रकार की सूचना प्रशासन को दी जा सकती है।
जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि जिला कल्याण पदाधिकारी के पर्यवेक्षण में मुजफ्फरपुर जिला में नियमित तौर पर बैठक हो रही है। अनुमंडलों में भी बैठक हो रहा है। अधिकारीद्वय ने सभी अनुमंडलों में आगे भी नियमित तौर पर समिति की बैठकें आयोजित करते हुए इन बैठकों में सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को अनिवार्य रूप से भाग लेने का निदेश दिया।
इस बैठक के बाद समाहरणालय सभाकक्ष में मैनुअल स्कैवेंजर निषेध एवं पुनर्वास अधिनियम, 2013 के अन्तर्गत जिला-स्तरीय मैनुअल स्कैवेंजर समिति की बैठक हुई। जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा अधिनियम के प्रभावी एवं सफलतापूर्वक क्रियान्वयन हेतु सभी स्टेकहोल्डर्स को सजग तथा दृढ़-संकल्पित रहने की आवश्यकता पर बल दिया गया।