जिलाधिकारी ने की श्रावणी मेला की तैयारियों की समीक्षा, पदाधिकारियों को निर्धारित मापदंडों के अनुसार सुदृढ़ एवं त्रुटिहीन तैयारी सुनिश्चित का दिया निदेश
-----------------------------------
मेला का आयोजन श्रद्धालुओं के लिए प्रशासनिक सुविधाओं से युक्त एवं पूर्णतः दुर्घटना-मुक्त होना चाहिए, इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगीः जिलाधिकारी ने पदाधिकारियों को दिया निदेश
------------------------------------
उत्कृष्ट भीड़-प्रबंधन, सुदृढ़ सुरक्षा-व्यवस्था एवं सुचारू यातायात-प्रबंधन के लिए सभी पदाधिकारी सजग एवं तत्पर रहेंः जिलाधिकारी
------------------------------------
मेला का सफल आयोजन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताय सुविकसित कॉम्युनिकेशन प्लान के साथ सभी पदाधिकारी मुस्तैद रहेंः जिलाधिकारी
------------------------------------
टीम भावना एवं अन्तर्विभागीय समन्वय की आवश्यकता पर जिलाधिकारी ने दिया बल
------------------------------------
जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर कुमार गौरव ने कहा है कि श्रावणी मेला, 2026 का आयोजन पूर्णतः सुविधापूर्ण एवं इंसिडेंट-फ्री (दुर्घटनामुक्त) होना चाहिए। उत्कृष्ट भीड़-प्रबंधन, सुदृढ़ सुरक्षा-व्यवस्था एवं सुचारू यातायात-प्रबंधन के लिए सभी पदाधिकारी सजग, सक्रिय एवं तत्पर रहें। वे आज मेला के आयोजन हेतु समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में आयोजित एक बैठक में पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। जिलाधिकारी ने कहा कि मेला का सफल आयोजन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। द्वितीय एवं तृतीय सोमवार को कांफी भीड़ रहती है। अतः भीड़ नियंत्रण के मानको का अक्षरशः अनुपालन अनिवार्य है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दण्डाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने कर्तव्य स्थलों पर मुस्तैद रहें एवं सजग तथा सक्रिय होकर कार्य करें। अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी इसका अनुश्रवण करें। प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की स्पाॅट ब्रीफिंग भी करने का निदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए हर प्रशासनिक सुविधा उपलब्ध रहनी चाहिए। नियंत्रण कक्ष, वॉच टावर, ड्रॉप गेट, सीसीटीवी कैमरों से मॉनिटरिंग, बिजली, साफ-सफाई, चिकित्सा शिविर, ट्रैफिक व्यवस्था, एसडीआरएफ, पेयजल,शौचालय सुविधा सहित अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध रहनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने निदेश दिया कि उन्नत एवं सुविकसित कॉम्युनिकेशन प्लान के साथ सभी पदाधिकारी मुस्तैद रहें। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर से सरैयागंज टावर तक विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। जन सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। श्रद्धालुओं का मार्ग पूरी तरह अवरोध-मुक्त रहना चाहिए। ट्रैफिक प्लान का अक्षरशः अनुपालन करें। पार्किंग स्थल से इतर गाड़ी नहीं रहनी चाहिए। श्रद्धालुओं के रास्ते में कोई भी अनधिकृत वेण्डर या दुकान नहीं रहना चाहिए। इसका उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों को चिन्हित करते हुए उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दोषी अधिकारियों के विरूद्ध भी जिम्मेदारी निर्धारित कर अनुशासनात्मक एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने बैरिकेडिंग, साफ सफाई की व्यवस्था, सड़क का सुदृढ़ीकरण, ट्रैफिक प्लान, पार्किंग की व्यवस्था, विद्युत एवं प्रकाश की व्यवस्था, ठहराव स्थल की व्यवस्था, पेयजल/शौचालय की व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, चिकित्सा व्यवस्था, अग्निशमन, भीड़ प्रबंधन, पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम, विधि-व्यवस्था संधारण, साइनेज एवं अन्य बिन्दुओं पर एक-एक कर विस्तृृत समीक्षा की। उन्होंने आयोजन समिति के सदस्यों से भी विस्तृत विमर्श किया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को फकुली मोड़ से बाबा गरीब नाथ मंदिर तक श्रद्धालुओं के आने-जाने वाले पूरे मार्ग एवं स्थलों को अवरोधमुक्त एवं सुविधायुक्त बनाने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को सुदृढ़ बैरिकेडिंग सुनिश्चित करने का निदेश दिया। पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता को शौचालय, चापाकल एवं यूरिनल की समुचित व्यवस्था रखने का निदेश दिया गया। पुलिस उपाधीक्षक यातायात को निदेश दिया गया कि प्रेशर प्वांईट एवं क्रिटिकल प्वांईट को चिन्हित कर मानको के अनुसार टैªफिक पुलिस की प्रतिनियुक्ति करेंगे। वाच टावरों पर भी सिपाहियों की प्रतिनियुक्ति करने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी द्वारा अधिकारियों को सीमावत्र्ती जिलों से भी समन्वय स्थापित रखने का निदेश दिया गया।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निदेश देते हुए कहा कि विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को टीम भावना से काम करना होगा। राजस्व, भवन निर्माण, नगर निगम, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, पीएचईडी, पथ निर्माण, एनएचएआई, पुलिस, प्रशासन, कला एवं संस्कृति, विद्युत, अग्निशमन, बुडको सहित सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को आपस में समन्वय स्थापित करते हुए तत्परता एवं उत्कृष्टतापूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु सभी भागीदार(स्टेकहोल्डर्स) आपस में समन्वय कर समय से सभी कार्य करें।
जिलाधिकारी ने निदेश दिया कि श्रद्धालुओं सहित आम लोगों की सुरक्षा एवं सुविधा हर हाल में सुनिश्चित करें। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को इसका लगातार पर्यवेक्षण करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध है। श्रद्धालुओं के लिए सभी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध है। शौचालय, स्वच्छ पेयजल की सुविधा, ठहराव स्थल, पार्किंग की बेहतर सुविधा है। टेंट सिटी का निर्माण किया गया है। सड़क की स्थिति बेहतर है। वाच टावर, नियंत्रण कक्ष, ध्वनि विस्तारक यंत्र एवं सीसीटीवी कैमरा का अधिष्ठापन किया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि सफाई की उतम सुविधा है। उत्कृष्ट प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। बैरिकेडिंग/ड्रॉप गेट की व्यवस्था है।
जिलाधिकारी ने कहा कि आईसीसीसी एवं सीसीटीवी कैमरे से निगरानी रखी जा रही है तथा अचूक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर साईनेज लगाया गया है। नगर निकायों एवं विद्युत विभाग द्वारा प्रकाश की समुचित व्यवस्था की गई है। सिविल सर्जन द्वारा पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस, पारा मेडिकल स्टाफ तथा चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। आपदा प्रबंधन कोषांग द्वारा पाँच स्थानों पर एसडीआरएफ की प्रतिनियुक्ति की गयी है। यातायात पुलिस द्वारा प्रेशर प्वाइंट को चिन्हित कर आवश्यक प्रतिनियुक्ति की की गई है तथा यातायात प्रबंधन से संबंधित सूचना पब्लिक डोमेन में प्रकाशित की जाती है।
जिलाधिकारी ने निदेश देते हुए कहा कि मेला के समय भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था एवं यातायात संचालन हेतु मानकों के अनुरूप दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती के साथ-साथ हर प्रशासनिक व्यवस्था रहनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पूरा तंत्र सजग एवं सतर्क रहे। आकस्मिक प्लान तैयार कर उसका पालन सुनिश्चित करे।