बलरामपुर: थारू कल्याण समिति ने जाति प्रमाण-पत्रों में कथित फर्जीवाड़े के खिलाफ उठाई आवाज, आंदोलन की चेतावनी
बलरामपुर। थारू कल्याण समिति, बलरामपुर की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों में अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण-पत्र कथित रूप से फर्जी तरीके से बनाए जाने का आरोप लगाया गया है। समिति ने इस मामले में शासन-प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
समिति का आरोप है कि गोरखपुर, महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, बलिया, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, वाराणसी, गाजीपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर एवं बस्ती सहित कई जनपदों में भुजवा, भूज, भड़भूजा, कहार एवं कश्यप समुदाय के कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर गोंड अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण-पत्र कूटरचित ढंग से बनवाए जा रहे हैं।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यदि ऐसे प्रमाण-पत्र बनाए जा रहे हैं तो इससे वास्तविक रूप से गोंड समुदाय तथा थारू समुदाय के पात्र लोगों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। समिति ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में संबंधित लोगों को प्रमाण-पत्र बनवाने में सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है।
समिति के अनुसार इस संबंध में जिलाधिकारी बलरामपुर के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को ज्ञापन देने की बात कही गई है। साथ ही शासन स्तर पर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि यदि एक माह के भीतर कथित रूप से फर्जी जाति प्रमाण-पत्र बनाए जाने पर रोक नहीं लगाई गई, तो समिति की ओर से बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है। समिति ने इसके लिए सरकार एवं प्रशासन को जिम्मेदार ठहराने की बात कही है।
बताया गया कि थारू कल्याण समिति, बलरामपुर के बैनर तले आयोजित ज्ञापन/प्रदर्शन कार्यक्रम में समिति के संरक्षक, पदाधिकारियों, युवा मोर्चा एवं समाज के लोगों सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
नोट: उपरोक्त खबर में जाति प्रमाण-पत्रों में फर्जीवाड़े से जुड़े आरोपों को समिति के प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर लिखा गया है। संबंधित विभाग/प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।