गगनदीप आखिर कहां है? रावी में बहा या कहानी के पीछे छिपा है कोई और सच?
एक महीने बाद मां के सवालों ने फिर खड़ा किया बड़ा सवाल—पुलिस जांच में अब सामने आएंगे कौन से राज?
सुरेंद्र ठाकुर
चंबा। चंबा के परेल पुल से मासूम गगनदीप को रावी नदी में फेंके जाने के सनसनीखेज मामले में करीब एक महीने बाद कहानी में नया मोड़ सामने आया है।
अपने मासूम बेटे की तलाश में दर-दर भटक रही मां सारिका ने अब उस दावे पर ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें बच्चे को रावी नदी में फेंके जाने की बात कही गई थी।
सारिका का कहना है कि करीब एक महीना गुजर जाने के बाद भी गगनदीप का कोई सुराग नहीं मिला है। ऐसे में उनके मन में यह आशंका लगातार मजबूत हो रही है कि क्या बच्चे को वास्तव में रावी नदी में फेंका गया था, या फिर इस पूरी कहानी के पीछे कोई और सच छिपा है?
इसी आशंका को लेकर सारिका ने उपायुक्त चंबा और पुलिस अधीक्षक को शिकायत सौंपकर मामले की गहन, निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच करवाने की मांग की है।
शिकायत में सारिका ने घटना से जुड़े कई अहम बिंदुओं की जांच की मांग उठाई है। उनका दावा है कि घटना के समय उनके पति हितेश कुमार के साथ एक महिला भी मौजूद थी। उन्होंने उस महिला, उसकी मां और भाई से पूछताछ करवाने की मांग की है।
हालांकि, इन लोगों की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इसकी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ सकती है।
सारिका ने परेल स्थित उस क्वार्टर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने, स्थानीय लोगों के बयान दर्ज करने और घटनाक्रम से जुड़े प्रत्येक पहलू की बारीकी से जांच करवाने की मांग की है।
इसके अलावा उन्होंने अपने पति द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे तीन मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच करवाने की भी अपील की है।
मां का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान को एक साथ जांचने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है।
अब सबसे बड़ा सवाल
करीब एक महीने से अपने बेटे की तलाश में भटक रही इस मां के लिए हर गुजरता दिन उम्मीद और दर्द के बीच बीत रहा है।
अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि गगनदीप रावी में बहा या नहीं।
सवाल यह भी है कि—
क्या घटना की पूरी सच्चाई सामने आई है?
क्या जांच में हर संभावित पहलू को शामिल किया गया?
क्या सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन जैसे तकनीकी साक्ष्यों की गहराई से जांच हुई?
और सबसे बड़ा सवाल—
गगनदीप आखिर कहां है?
रावी की लहरों में गुम हुआ मासूम...
या फिर इस कहानी के पीछे छिपा है कोई ऐसा सच, जिसका अभी सामने आना बाकी है?
इन तमाम सवालों के जवाब अब पुलिस की निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच पर टिके हैं।
सारिका की मांग है कि पुलिस और प्रशासन हर संभावित एंगल से जांच करे, उनके बेटे गगनदीप को जल्द से जल्द तलाशे और यदि जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई की जाए।
एक मां को सिर्फ जवाब नहीं चाहिए—उसे अपने बच्चे की सच्चाई चाहिए।
Chamba, Chamba | Sep 7, 2026