कृषक विकास संगठनों को सुदृढ़ बनाने में प्रबंधन समिति की भूमिका महत्वपूर्ण : विशेषज्ञ
Kullu Times
खण्ड परियोजना प्रबंधन इकाई, हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (चरण-II), जायका-ओडीए, कुल्लू द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र, बजौरा में जिला कुल्लू की 16 उप-परियोजनाओं से जुड़े कृषक विकास संगठनों के 42 प्रबंधन समिति सदस्यों के लिए “कृषक विकास संगठनों के प्रबंधन समिति सदस्यों की भूमिका एवं उत्तरदायित्व” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ खण्ड परियोजना प्रबंधक, कुल्लू डॉ. जयंत रत्ना ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों एवं संसाधन व्यक्तियों का स्वागत करते हुए कहा कि कृषक विकास संगठनों को प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने में प्रबंधन समिति की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सदस्यों से पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं परियोजना के वरिष्ठ परामर्शदाता श्री बलजीत सिंह संधू ने परियोजना निदेशक डॉ. सुनील चौहान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वे परियोजना एवं किसानों के हित में कार्य करने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। उन्होंने कहा कि जायका परियोजना का उद्देश्य केवल सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, किसान उत्पादक संगठनों और बेहतर बाजार व्यवस्था से जोड़कर उनकी आय एवं आजीविका को मजबूत करना है। उन्होंने किसानों से संगठित होकर कार्य करने, स्थानीय उत्पादों में मूल्य संवर्धन बढ़ाने तथा सामूहिक प्रयासों से परियोजना के लाभों को दीर्घकालिक एवं स्थायी बनाने का आह्वान किया।
उप परियोजना निदेशक डॉ. राजेश ठाकुर ने किसान उत्पादक संगठन की सफलता में निदेशक मंडल की सक्रिय एवं सक्षम भूमिका पर जोर देते हुए अनुभवी, शिक्षित एवं युवा सदस्यों को जोड़ने तथा बाजार की मांग के अनुरूप बेहतर व्यावसायिक गतिविधियां विकसित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने मूल्य संवर्धन, बाजार संपर्क, गुणवत्ता परीक्षण, अधिकतम अवशेष सीमा मानकों और प्रमाणीकरण पर विशेष ध्यान देने की बात कही तथा हिमालयी क्षेत्र के विशिष्ट उत्पादों में ब्रांड निर्माण एवं प्रसंस्करण की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
कटाई उपरांत प्रबंधन विशेषज्ञ डॉ. नरदेव ठाकुर ने कटाई उपरांत प्रबंधन, प्रसंस्करण और किसान उत्पादक संगठनों के महत्व पर जानकारी दी। उन्होंने कटाई के बाद उचित रख-रखाव, शीतलीकरण, छंटाई, श्रेणीकरण और आकर्षक पैकेजिंग के माध्यम से उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने एवं नुकसान कम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसान उत्पादक संगठनों के माध्यम से सामूहिक खरीद से उत्पादन लागत कम करने तथा कृषक हित समूहों एवं किसान उत्पादक संगठनों के माध्यम से कृषि यंत्र सेवा केंद्र विकसित कर किसानों को कृषि मशीनरी एवं प्रसंस्करण सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा सकता है।
संस्थागत विकास विशेषज्ञ डॉ. आर. एस. ठाकुर ने कृषक विकास संगठनों की भूमिका, संचालन एवं रख-रखाव तथा परियोजना की स्थिरता पर प्रकाश डाला। उन्होंने परियोजना परिसंपत्तियों के हस्तांतरण के बाद उनके उचित संचालन एवं रख-रखाव के लिए पारदर्शिता, नियमित बैठकों तथा वित्तीय एवं अन्य आवश्यक अभिलेखों के व्यवस्थित रख-रखाव पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की सक्रिय भागीदारी और नियमित संचालन एवं रख-रखाव से ही परियोजना की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित होगी।
कार्यक्रम समन्वयक, कृषि विज्ञान केंद्र डॉ. सुरेंद्र ठाकुर ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए परियोजना की टीम एवं कार्यप्रणाली की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसानों की वास्तविक जरूरतों और सुझावों के आधार पर नीचे से ऊपर की ओर योजना बनाने की प्रक्रिया के माध्यम से गतिविधियों की योजना बनाना आवश्यक है। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र की भूमिका बताते हुए खेत पर परीक्षण, प्रशिक्षण एवं प्रसार गतिविधियों के माध्यम से किसानों तक नई तकनीकों और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को पहुंचाने पर जोर दिया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कृषक विकास संगठनों के गठन एवं संचालन, प्रबंधन समिति की भूमिका एवं उत्तरदायित्व, संगठनात्मक प्रबंधन, अभिलेखों के रख-रखाव, बैठकों के आयोजन, निर्णय लेने की प्रक्रिया, वित्तीय प्रबंधन तथा परियोजना के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करने संबंधी जानकारी दी गई। प्रतिभागियों ने संसाधन व्यक्तियों के साथ अपने अनुभव, जमीनी समस्याएं एवं सुझाव भी साझा किए।
कार्यक्रम के अंत में जिला परियोजना प्रबंधक, मंडी डॉ. हेम राज वर्मा ने सभी संसाधन व्यक्तियों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने प्रतिनिधियों से प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई बातों को अपने-अपने कृषक विकास संगठनों में व्यवहारिक रूप से लागू करने तथा संगठनों को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
Kullu, Kullu | Aug 21, 2026