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किशनगंज डीएम के निर्देश पर विभागों के बीच समन्वय तेज,प्रतिदिन मॉनिटरिंग और व्यापक स्क्रीनिंग पर विशेष जोर प्रेस विज्ञप्ति 515, दिनांक 03.07.2026 किशनगंज जिले में टीबी के खिलाफ निर्णायक लड़ाई को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने अब अभियान को पूरी तरह मिशन मोड में संचालित करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री के 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में स्क्रीनिंग, जांच, उपचार और निगरानी की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी किए गए हैं। जिला स्तर के अधिकारियों को अलग-अलग प्रखंडों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि आरबीएसके टीम, आशा कार्यकर्ता, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है। सिविल सर्जन डॉ राज कुमार चौधरी ने कहा कि टीबी केवल एक संक्रामक बीमारी नहीं, बल्कि समय पर जांच नहीं कराने और बीच में दवा छोड़ देने की प्रवृत्ति के कारण समाज के लिए गंभीर चुनौती बन जाती है। यही लापरवाही आगे चलकर एमडीआर (मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट) टीबी जैसी जटिल स्थिति पैदा करती है, जिसका उपचार लंबा और कठिन होता है। इसी कारण अब अभियान का फोकस केवल मरीज खोजने तक सीमित नहीं रहकर हर संदिग्ध व्यक्ति की समय पर जांच और पूर्ण उपचार सुनिश्चित करने पर है। जिला स्तर के अधिकारियों को मिली प्रखंडवार जिम्मेदारी, हर दिन होगी समीक्षा डीपीएम डॉ मुनाजिम ने कहा कि जारी आदेश के अनुसार सिविल सर्जन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी, जिला योजना समन्वयक सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों को अलग-अलग स्वास्थ्य संस्थानों और प्रखंडों का दैनिक अनुश्रवण सौंपा गया है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित प्रखंडों का नियमित निरीक्षण करेंगे तथा प्रत्येक दिन आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।साथ ही प्रखंड स्तर पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, जीविका, पंचायत राज विभाग तथा अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के निर्देश दिए गए हैं। आरबीएसके टीम और आशा कार्यकर्ताओं को मिला विशेष दायित्व अभियान को गति देने के लिए आरबीएसके टीमों को प्रतिदिन प्रत्येक टीम द्वारा कम-से-कम 100 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग करने का लक्ष्य दिया गया है। प्रत्येक शनिवार को भी स्क्रीनिंग जारी रखने तथा प्रतिदिन के आंकड़ों को निक्षय पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं।वहीं सभी आशा कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया है कि वे प्रतिदिन कम-से-कम 15 संभावित लाभार्थियों को स्क्रीनिंग के लिए संबंधित आयुष्मान आरोग्य मंदिर भेजें। आशा फैसिलिटेटर इसके कार्यों की निगरानी करेंगे तथा दैनिक प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगे।इसके अलावा सभी जिला अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में ओपीडी आने वाले लगभग 75 प्रतिशत मरीजों की टीबी स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। जहां सीएचओ उपलब्ध नहीं हैं, वहां एएनएम द्वारा स्क्रीनिंग कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। 100 दिवसीय अभियान से बढ़ी जांच, छूटे हुए मरीज भी आ रहे सामने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत अब तक 17,920 लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिसमें 333 नए टीबी मरीजों की पहचान हुई है। वहीं जिले में अब तक कुल 24,130 लोगों की जांच पूरी की जा चुकी है।01 जनवरी 2026 से अब तक जिले में कुल 906 टीबी मरीजों की पहचान हुई है। इनमें सर्वाधिक 620 मरीज किशनगंज शहरी क्षेत्र से मिले हैं। इसके अलावा पोठिया में 91, दिघलबैंक में 36, बहादुरगंज में 26, कोचाधामन में 30, ठाकुरगंज में 14 तथा टेढ़ागाछ में 11 मरीजों की पहचान की गई है।स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर संदिग्ध मरीजों की पहचान, बलगम जांच, डिजिटल एक्स-रे और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध करा रही हैं, जिससे पहले छूटे हुए मरीज भी अब उपचार से जुड़ रहे हैं। पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे और निक्षय पोषण योजना से मिल रही राहत दूरदराज के गांवों में रहने वाले लोगों को अस्पताल तक आने की आवश्यकता कम हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे मशीन के माध्यम से गांवों में ही जांच शिविर लगाए जा रहे हैं। इससे शुरुआती अवस्था में ही मरीजों की पहचान संभव हो रही है।साथ ही निक्षय पोषण योजना के तहत उपचाररत मरीजों के बैंक खातों में प्रतिमाह आर्थिक सहायता भेजी जा रही है। जरूरतमंद मरीजों को निक्षय मित्रों के माध्यम से पोषण पोटली भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे इलाज के दौरान उनका पोषण स्तर बेहतर बना रहे। अधूरा इलाज बढ़ा रहा एमडीआर टीबी का खतरा जिले में वर्तमान में एमडीआर टीबी के 12 मरीज उपचाराधीन हैं। इनमें किशनगंज शहरी क्षेत्र से 4, दिघलबैंक से 2, बहादुरगंज से 1, कोचाधामन से 3, ठाकुरगंज से 2 तथा टेढ़ागाछ से 2 मरीज शामिल हैं।माता गुजरी मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ. शिव कुमार ने बताया कि अधिकांश मामलों में एमडीआर टीबी का कारण मरीजों द्वारा बीच में दवा छोड़ देना या नियमित उपचार नहीं लेना होता है। ऐसे मरीजों के लिए विशेष दवाओं और लगातार चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता होती है। टीबी मुक्त किशनगंज के लिए जनभागीदारी जरूरी : जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे समाज की सहभागिता से सफल होने वाला जनअभियान है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग, पंचायत प्रतिनिधि, आशा कार्यकर्ता, जीविका समूह और आम नागरिक मिलकर यदि समय पर संदिग्ध मरीजों की पहचान और जांच सुनिश्चित करें, तो टीबी को जड़ से समाप्त करने का लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन प्रतिदिन अभियान की समीक्षा कर रहा है तथा प्रत्येक प्रखंड में निर्धारित लक्ष्य की निगरानी की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक खांसी, लगातार बुखार, रात में पसीना आना, वजन कम होना या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो बिना किसी संकोच के निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर निःशुल्क जांच कराएं और पूरा उपचार लें। District Kishanganj Bihar Health Department #viralreels #viralreelschallenge #venezuela #viralpost #vlog #newyork #nailart #naturelovers

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मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण (संबल) योजना के तहत 57 दिव्यांगजनों को बैटरी चालित ट्राईसाइकिल प्रदान करने हेतु आवेदन स्वीकृत
              प्रेस विज्ञप्ति 519, दिनांक 04.07.2026
किशनगंज जिलाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में आज दिनांक 04 जुलाई 2026 को समाहरणालय स्थित कार्यालय वेश्म में जिला स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 'मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण छत्र योजना' (संबल योजना) के तहत जिले के पात्र दिव्यांगजनों को बैटरी चालित ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने हेतु प्राप्त आवेदनों पर विचार कर उन्हें स्वीकृति प्रदान करना था।

बैठक के दौरान सहायक निदेशक, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग द्वारा समिति के समक्ष कुल 57 आवेदन प्रस्तुत किए गए, जिन्हें जाँचोपरांत सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान कर दी गई। प्रखंडवार स्वीकृत आवेदनों के विवरण के अनुसार, इसमें किशनगंज प्रखंड के 19, कोचाधामन के 11, दिघलबैंक के 11, ठाकुरगंज के 6, पोठिया के 5, बहादुरगंज के 4 और टेढ़ागाछ प्रखंड के  1 लाभार्थी शामिल है।

अनिवार्य मानदंडों के तहत लाभार्थी का बिहार राज्य का स्थायी निवासी होना, परिवार की अधिकतम वार्षिक आय 2 लाख रुपये होना, आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होना तथा न्यूनतम 40 प्रतिशत की चलंत दिव्यांगता का होना शामिल है। इसके अतिरिक्त, यह भी सुनिश्चित किया गया है कि चयनित लाभार्थी को विगत 5 वर्षों में बैटरी चालित ट्राईसाइकिल का लाभ न दिया गया हो।

इस महत्वपूर्ण बैठक में सिविल सर्जन, भूमि सुधार उपसमाहर्ता, और सचिव (रेडक्रॉस) सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, उनके आवागमन को सुगम बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। #viralreels #viralreelschallenge #venezuela #viralpost #vlog #newyork #naturelovers

मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण (संबल) योजना के तहत 57 दिव्यांगजनों को बैटरी चालित ट्राईसाइकिल प्रदान करने हेतु आवेदन स्वीकृत प्रेस विज्ञप्ति 519, दिनांक 04.07.2026 किशनगंज जिलाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में आज दिनांक 04 जुलाई 2026 को समाहरणालय स्थित कार्यालय वेश्म में जिला स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 'मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण छत्र योजना' (संबल योजना) के तहत जिले के पात्र दिव्यांगजनों को बैटरी चालित ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने हेतु प्राप्त आवेदनों पर विचार कर उन्हें स्वीकृति प्रदान करना था। बैठक के दौरान सहायक निदेशक, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग द्वारा समिति के समक्ष कुल 57 आवेदन प्रस्तुत किए गए, जिन्हें जाँचोपरांत सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान कर दी गई। प्रखंडवार स्वीकृत आवेदनों के विवरण के अनुसार, इसमें किशनगंज प्रखंड के 19, कोचाधामन के 11, दिघलबैंक के 11, ठाकुरगंज के 6, पोठिया के 5, बहादुरगंज के 4 और टेढ़ागाछ प्रखंड के 1 लाभार्थी शामिल है। अनिवार्य मानदंडों के तहत लाभार्थी का बिहार राज्य का स्थायी निवासी होना, परिवार की अधिकतम वार्षिक आय 2 लाख रुपये होना, आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होना तथा न्यूनतम 40 प्रतिशत की चलंत दिव्यांगता का होना शामिल है। इसके अतिरिक्त, यह भी सुनिश्चित किया गया है कि चयनित लाभार्थी को विगत 5 वर्षों में बैटरी चालित ट्राईसाइकिल का लाभ न दिया गया हो। इस महत्वपूर्ण बैठक में सिविल सर्जन, भूमि सुधार उपसमाहर्ता, और सचिव (रेडक्रॉस) सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने, उनके आवागमन को सुगम बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। #viralreels #viralreelschallenge #venezuela #viralpost #vlog #newyork #naturelovers

Terhagachh, Kishanganj | Jul 4, 2026

किशनगंज जिला सामान्य प्रशाखा के कार्यों की समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न,लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का जिलाधिकारी ने दिया निर्देश
           प्रेस विज्ञप्ति 521, दिनांक 04 जुलाई 2026
किशनगंज जिलाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय वेश्म में जिला सामान्य प्रशाखा, किशनगंज के कार्यों की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सामान्य प्रशाखा से संबंधित विभिन्न कार्यों एवं लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) से संबंधित सभी नियम एवं विनियम (Rule & Regulation) की अद्यतन फाइल तैयार कर सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। चरित्र सत्यापन के लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए पुलिस अधीक्षक को जिला पदाधिकारी स्तर से पत्र प्रेषित करने का निर्देश भी दिया गया।

अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) सहित विभिन्न प्रमाण-पत्रों के लंबित आवेदनों की अंचलवार सूची तैयार करने तथा प्रत्येक अंचलाधिकारी के पास लंबित मामलों का पृथक विवरण संधारित करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में वन विभाग, पथ निर्माण विभाग (RCD), प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), अग्निशमन विभाग, अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) एवं अंचलाधिकारी (CO) स्तर पर लंबित अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) आवेदनों की सूची तैयार कर संबंधित विभागों को भेजने तथा एक सप्ताह के भीतर उनका निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

शस्त्र शाखा की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने थानावार शस्त्र सत्यापन की सूची संधारित करने, शस्त्र अनुज्ञप्ति (आर्म्स लाइसेंस) के नवीकरण हेतु चेकलिस्ट एवं नियमावली उपलब्ध रखने तथा जिन अनुज्ञप्तिधारकों द्वारा निर्धारित चालान जमा नहीं किया गया है उन्हें नोटिस निर्गत करने का निर्देश दिया। बैठक में शस्त्र से संबंधित विभिन्न प्रशासनिक एवं विधिक प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई।

भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में अतिक्रमण की सतत निगरानी एवं जांच के लिए अंचलाधिकारियों को संबंधित प्रतिवेदन प्राप्त करने हेतु पत्र निर्गत करने का निर्देश दिया गया। साथ ही भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सीमा स्तंभों (पिलरों) की मरम्मत एवं रखरखाव के संबंध में भी विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में जिले के जीवित स्वतंत्रता सेनानियों का सत्यापन एवं जांच कराने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही चौकीदारों के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई एवं उनके पदोन्नति संबंधी मामलों की समीक्षा की गई। भारत की नागरिकता प्रमाण-पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया, आवश्यक अभिलेखों एवं प्रावधानों पर भी विस्तार से चर्चा करते हुए निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

जिलाधिकारी ने जिला परियोजना पदाधिकारी, नमामि गंगे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) एवं अन्य सरकारी अस्पतालों में बायोमेडिकल अपशिष्ट (Biomedical Waste) के समुचित प्रबंधन एवं निस्तारण की जांच कराने का निर्देश दिया।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को लंबित कार्यों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने तथा नियमित अनुश्रवण करते हुए कार्यों में अपेक्षित प्रगति लाने का निर्देश दिया।

बैठक में वरीय उपसमाहर्ता श्रीमती सुनीता कुमारी एवं जिला सामान्य प्रशाखा के संबंधित कर्मी उपस्थित थे।
District Kishanganj Bihar Health Department Kishanganj Police 
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किशनगंज जिला सामान्य प्रशाखा के कार्यों की समीक्षात्मक बैठक सम्पन्न,लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का जिलाधिकारी ने दिया निर्देश प्रेस विज्ञप्ति 521, दिनांक 04 जुलाई 2026 किशनगंज जिलाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय वेश्म में जिला सामान्य प्रशाखा, किशनगंज के कार्यों की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सामान्य प्रशाखा से संबंधित विभिन्न कार्यों एवं लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) से संबंधित सभी नियम एवं विनियम (Rule & Regulation) की अद्यतन फाइल तैयार कर सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। चरित्र सत्यापन के लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए पुलिस अधीक्षक को जिला पदाधिकारी स्तर से पत्र प्रेषित करने का निर्देश भी दिया गया। अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) सहित विभिन्न प्रमाण-पत्रों के लंबित आवेदनों की अंचलवार सूची तैयार करने तथा प्रत्येक अंचलाधिकारी के पास लंबित मामलों का पृथक विवरण संधारित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में वन विभाग, पथ निर्माण विभाग (RCD), प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), अग्निशमन विभाग, अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) एवं अंचलाधिकारी (CO) स्तर पर लंबित अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) आवेदनों की सूची तैयार कर संबंधित विभागों को भेजने तथा एक सप्ताह के भीतर उनका निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। शस्त्र शाखा की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने थानावार शस्त्र सत्यापन की सूची संधारित करने, शस्त्र अनुज्ञप्ति (आर्म्स लाइसेंस) के नवीकरण हेतु चेकलिस्ट एवं नियमावली उपलब्ध रखने तथा जिन अनुज्ञप्तिधारकों द्वारा निर्धारित चालान जमा नहीं किया गया है उन्हें नोटिस निर्गत करने का निर्देश दिया। बैठक में शस्त्र से संबंधित विभिन्न प्रशासनिक एवं विधिक प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में अतिक्रमण की सतत निगरानी एवं जांच के लिए अंचलाधिकारियों को संबंधित प्रतिवेदन प्राप्त करने हेतु पत्र निर्गत करने का निर्देश दिया गया। साथ ही भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सीमा स्तंभों (पिलरों) की मरम्मत एवं रखरखाव के संबंध में भी विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिले के जीवित स्वतंत्रता सेनानियों का सत्यापन एवं जांच कराने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही चौकीदारों के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई एवं उनके पदोन्नति संबंधी मामलों की समीक्षा की गई। भारत की नागरिकता प्रमाण-पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया, आवश्यक अभिलेखों एवं प्रावधानों पर भी विस्तार से चर्चा करते हुए निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने जिला परियोजना पदाधिकारी, नमामि गंगे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) एवं अन्य सरकारी अस्पतालों में बायोमेडिकल अपशिष्ट (Biomedical Waste) के समुचित प्रबंधन एवं निस्तारण की जांच कराने का निर्देश दिया। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को लंबित कार्यों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने तथा नियमित अनुश्रवण करते हुए कार्यों में अपेक्षित प्रगति लाने का निर्देश दिया। बैठक में वरीय उपसमाहर्ता श्रीमती सुनीता कुमारी एवं जिला सामान्य प्रशाखा के संबंधित कर्मी उपस्थित थे। District Kishanganj Bihar Health Department Kishanganj Police #viralreels #viralreelschallenge #viralpost #venezuela #vida #newyork #naturelovers

Terhagachh, Kishanganj | Jul 4, 2026

स्वास्थ्य सेवाओं में अब नहीं चलेगी लापरवाही: हर दिन होगी समीक्षा, हर लक्ष्य की होगी जवाबदेही

           प्रेस विज्ञप्ति 520, दिनांक 04 जुलाई 2026
किशनगंज जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक उत्तरदायी, पारदर्शी और परिणाम आधारित बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने सख्त कार्ययोजना लागू करने की शुरुआत कर दी है। अब केवल योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। इसी उद्देश्य से शनिवार को समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में जिला पदाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में टीबी उन्मूलन, सुरक्षित मातृत्व, नियमित टीकाकरण, एचपीवी वैक्सीनेशन, गैर-संचारी रोग नियंत्रण, आयुष्मान भारत योजना, परिवार नियोजन, बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन तथा सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली की बिंदुवार समीक्षा की गई।बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वास्थ्य विभाग के प्रत्येक कार्यक्रम की सफलता का पैमाना केवल आंकड़े नहीं होंगे, बल्कि आम नागरिक को मिलने वाली वास्तविक स्वास्थ्य सुविधा होगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाने तथा प्रतिदिन उसकी समीक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

टीबी उन्मूलन बनेगा जनआंदोलन, हर चिकित्सक को मिला प्रतिदिन स्क्रीनिंग का लक्ष्य

बैठक में टीबी उन्मूलन अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक चिकित्सक को प्रतिदिन कम-से-कम 50 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग करने का लक्ष्य दिया गया। इसके साथ ही सभी प्रखंडों के चिकित्सकों को स्क्रीनिंग, एक्स-रे तथा संभावित मरीजों की पहचान के लिए अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित करने का निर्देश दिया गया। आगामी 40 दिनों तक विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक संभावित मरीजों की पहचान की जाएगी तथा प्रतिदिन शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसकी समीक्षा होगी।जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक टीबी मरीज के परिवार के सदस्यों को भी नोटिफाई कर उनका रिकॉर्ड तैयार किया जाए तथा आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी मरीज उपचार बीच में न छोड़े और संक्रमण की श्रृंखला को समय रहते तोड़ा जा सके।जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि टीबी को समाप्त करना केवल स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। यदि मरीज की समय पर पहचान हो, उसका पूरा इलाज सुनिश्चित किया जाए और उसके परिवार की भी जांच हो, तो हम टीबी के संक्रमण की श्रृंखला को प्रभावी ढंग से तोड़ सकते हैं। अगले 40 दिनों तक प्रत्येक दिन की समीक्षा होगी और प्रत्येक चिकित्सक की जवाबदेही तय की जाएगी।"

हर गर्भवती महिला तक पहुंचे गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा, गृह प्रसव मुक्त पंचायत अभियान को मिलेगी और गति

बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिले में 465 एएनएम कार्यरत हैं। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीकरण, शत-प्रतिशत एएनसी जांच तथा सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जाए। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं की पहचान एवं निगरानी को और मजबूत बनाने का निर्देश दिया गया।उन्होंने सभी प्रखंडों में रैंडम आधार पर गर्भवती महिलाओं की जांच कराने तथा सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण प्रसव सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया। बैठक में यह भी बताया गया कि जिले में प्रतिमाह लगभग 500 प्रसव निजी अस्पतालों में हो रहे हैं, जिस पर जिला पदाधिकारी ने सरकारी अस्पतालों में सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाकर लोगों का भरोसा मजबूत करने का निर्देश दिया।

15 दिनों में पूरा होगा एचपीवी टीकाकरण, गैर-संचारी रोगों की जांच होगी तेज

बैठक में 9 से 14 वर्ष की बालिकाओं के लिए चल रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया गया कि अगले 15 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया जाए। साथ ही प्रत्येक प्रखंड से नियमित टीकाकरण का अद्यतन डाटा प्राप्त करने तथा उच्च रक्तचाप, मधुमेह एवं अन्य गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। विश्व स्वास्थ्य संगठन की गतिविधियों तथा आयुष्मान भारत योजना की भी विस्तार से समीक्षा की गई।

बायोमेट्रिक उपस्थिति, बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन और अस्पतालों की रैंकिंग से बढ़ेगी जवाबदेही

बैठक में सभी पीएचसी, सीएचसी एवं सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए। जहां मशीन उपलब्ध नहीं है, वहां शीघ्र स्थापना सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही बायो मेडिकल वेस्ट का नियमानुसार वैज्ञानिक निष्पादन सुनिश्चित करने तथा सभी सरकारी अस्पतालों की प्रदर्शन आधारित रैंकिंग तैयार करने का निर्देश दिया गया, ताकि बेहतर कार्य करने वाले संस्थानों को प्रोत्साहित किया जा सके और कमजोर संस्थानों में समयबद्ध सुधार हो सके।बैठक में 11 से 31 जुलाई तक चलने वाले परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा जनभागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया गया।

"जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है"

बैठक के समापन पर जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाला प्रत्येक मरीज सम्मानजनक व्यवहार, गुणवत्तापूर्ण उपचार और समय पर सुविधा का अधिकारी है। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी अपने निर्धारित लक्ष्य के प्रति पूर्ण जवाबदेह रहेगा। हमारी प्राथमिकता है कि टीबी मुक्त किशनगंज, सुरक्षित मातृत्व, शत-प्रतिशत टीकाकरण और मजबूत प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था के माध्यम से जिले के प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं। स्वास्थ्य योजनाओं का वास्तविक मूल्यांकन कागजों से नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में दिखाई देने वाले सकारात्मक बदलाव से होगा।
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District Kishanganj 
Bihar Health Department 
Bihar Education Department

स्वास्थ्य सेवाओं में अब नहीं चलेगी लापरवाही: हर दिन होगी समीक्षा, हर लक्ष्य की होगी जवाबदेही प्रेस विज्ञप्ति 520, दिनांक 04 जुलाई 2026 किशनगंज जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक उत्तरदायी, पारदर्शी और परिणाम आधारित बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने सख्त कार्ययोजना लागू करने की शुरुआत कर दी है। अब केवल योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। इसी उद्देश्य से शनिवार को समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में जिला पदाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में टीबी उन्मूलन, सुरक्षित मातृत्व, नियमित टीकाकरण, एचपीवी वैक्सीनेशन, गैर-संचारी रोग नियंत्रण, आयुष्मान भारत योजना, परिवार नियोजन, बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन तथा सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली की बिंदुवार समीक्षा की गई।बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वास्थ्य विभाग के प्रत्येक कार्यक्रम की सफलता का पैमाना केवल आंकड़े नहीं होंगे, बल्कि आम नागरिक को मिलने वाली वास्तविक स्वास्थ्य सुविधा होगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाने तथा प्रतिदिन उसकी समीक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। टीबी उन्मूलन बनेगा जनआंदोलन, हर चिकित्सक को मिला प्रतिदिन स्क्रीनिंग का लक्ष्य बैठक में टीबी उन्मूलन अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक चिकित्सक को प्रतिदिन कम-से-कम 50 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग करने का लक्ष्य दिया गया। इसके साथ ही सभी प्रखंडों के चिकित्सकों को स्क्रीनिंग, एक्स-रे तथा संभावित मरीजों की पहचान के लिए अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित करने का निर्देश दिया गया। आगामी 40 दिनों तक विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक संभावित मरीजों की पहचान की जाएगी तथा प्रतिदिन शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसकी समीक्षा होगी।जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक टीबी मरीज के परिवार के सदस्यों को भी नोटिफाई कर उनका रिकॉर्ड तैयार किया जाए तथा आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी मरीज उपचार बीच में न छोड़े और संक्रमण की श्रृंखला को समय रहते तोड़ा जा सके।जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि टीबी को समाप्त करना केवल स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। यदि मरीज की समय पर पहचान हो, उसका पूरा इलाज सुनिश्चित किया जाए और उसके परिवार की भी जांच हो, तो हम टीबी के संक्रमण की श्रृंखला को प्रभावी ढंग से तोड़ सकते हैं। अगले 40 दिनों तक प्रत्येक दिन की समीक्षा होगी और प्रत्येक चिकित्सक की जवाबदेही तय की जाएगी।" हर गर्भवती महिला तक पहुंचे गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा, गृह प्रसव मुक्त पंचायत अभियान को मिलेगी और गति बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिले में 465 एएनएम कार्यरत हैं। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीकरण, शत-प्रतिशत एएनसी जांच तथा सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जाए। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं की पहचान एवं निगरानी को और मजबूत बनाने का निर्देश दिया गया।उन्होंने सभी प्रखंडों में रैंडम आधार पर गर्भवती महिलाओं की जांच कराने तथा सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण प्रसव सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया। बैठक में यह भी बताया गया कि जिले में प्रतिमाह लगभग 500 प्रसव निजी अस्पतालों में हो रहे हैं, जिस पर जिला पदाधिकारी ने सरकारी अस्पतालों में सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाकर लोगों का भरोसा मजबूत करने का निर्देश दिया। 15 दिनों में पूरा होगा एचपीवी टीकाकरण, गैर-संचारी रोगों की जांच होगी तेज बैठक में 9 से 14 वर्ष की बालिकाओं के लिए चल रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया गया कि अगले 15 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया जाए। साथ ही प्रत्येक प्रखंड से नियमित टीकाकरण का अद्यतन डाटा प्राप्त करने तथा उच्च रक्तचाप, मधुमेह एवं अन्य गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। विश्व स्वास्थ्य संगठन की गतिविधियों तथा आयुष्मान भारत योजना की भी विस्तार से समीक्षा की गई। बायोमेट्रिक उपस्थिति, बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन और अस्पतालों की रैंकिंग से बढ़ेगी जवाबदेही बैठक में सभी पीएचसी, सीएचसी एवं सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए। जहां मशीन उपलब्ध नहीं है, वहां शीघ्र स्थापना सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही बायो मेडिकल वेस्ट का नियमानुसार वैज्ञानिक निष्पादन सुनिश्चित करने तथा सभी सरकारी अस्पतालों की प्रदर्शन आधारित रैंकिंग तैयार करने का निर्देश दिया गया, ताकि बेहतर कार्य करने वाले संस्थानों को प्रोत्साहित किया जा सके और कमजोर संस्थानों में समयबद्ध सुधार हो सके।बैठक में 11 से 31 जुलाई तक चलने वाले परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा जनभागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया गया। "जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है" बैठक के समापन पर जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाला प्रत्येक मरीज सम्मानजनक व्यवहार, गुणवत्तापूर्ण उपचार और समय पर सुविधा का अधिकारी है। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी अपने निर्धारित लक्ष्य के प्रति पूर्ण जवाबदेह रहेगा। हमारी प्राथमिकता है कि टीबी मुक्त किशनगंज, सुरक्षित मातृत्व, शत-प्रतिशत टीकाकरण और मजबूत प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था के माध्यम से जिले के प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं। स्वास्थ्य योजनाओं का वास्तविक मूल्यांकन कागजों से नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में दिखाई देने वाले सकारात्मक बदलाव से होगा। #viralreels #viralreelschallenge #venezuela #viralpost #vida #vlog #newyork #nailart District Kishanganj Bihar Health Department Bihar Education Department

Terhagachh, Kishanganj | Jul 4, 2026

किशनगंज जिला मुख्यालय स्थित आज दिनांक- 03.07.2026 को निर्देशानुसार पुलिस कप्तान संतोष कुमार द्वारा साप्ताहिक परेड का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान परेड में शामिल परि0पु0अ0नि0, पी0टी0सी0 एवं डी0ए0पी0 सिपाहियों की वर्दी, अनुशासन, शारीरिक दक्षता, टर्नआउट एवं परेड की गुणवत्ता का अवलोकन किया गया। पुलिस कप्तान द्वारा सभी पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को उच्च स्तर का अनुशासन बनाए रखने, शारीरिक एवं मानसिक रूप से सदैव तत्पर रहने तथा आमजन को बेहतर, संवेदनशील एवं प्रभावी पुलिस सेवा प्रदान करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। #viralreels #viralreelschallenge Bihar Police #BMW #venezuela #viralpost #vlog #newyork #naturelovers

किशनगंज जिला मुख्यालय स्थित आज दिनांक- 03.07.2026 को निर्देशानुसार पुलिस कप्तान संतोष कुमार द्वारा साप्ताहिक परेड का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान परेड में शामिल परि0पु0अ0नि0, पी0टी0सी0 एवं डी0ए0पी0 सिपाहियों की वर्दी, अनुशासन, शारीरिक दक्षता, टर्नआउट एवं परेड की गुणवत्ता का अवलोकन किया गया। पुलिस कप्तान द्वारा सभी पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को उच्च स्तर का अनुशासन बनाए रखने, शारीरिक एवं मानसिक रूप से सदैव तत्पर रहने तथा आमजन को बेहतर, संवेदनशील एवं प्रभावी पुलिस सेवा प्रदान करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। #viralreels #viralreelschallenge Bihar Police #BMW #venezuela #viralpost #vlog #newyork #naturelovers

Terhagachh, Kishanganj | Jul 3, 2026