स्वास्थ्य सेवाओं में अब नहीं चलेगी लापरवाही: हर दिन होगी समीक्षा, हर लक्ष्य की होगी जवाबदेही
प्रेस विज्ञप्ति 520, दिनांक 04 जुलाई 2026
किशनगंज जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक उत्तरदायी, पारदर्शी और परिणाम आधारित बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने सख्त कार्ययोजना लागू करने की शुरुआत कर दी है। अब केवल योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। इसी उद्देश्य से शनिवार को समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में जिला पदाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में टीबी उन्मूलन, सुरक्षित मातृत्व, नियमित टीकाकरण, एचपीवी वैक्सीनेशन, गैर-संचारी रोग नियंत्रण, आयुष्मान भारत योजना, परिवार नियोजन, बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन तथा सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली की बिंदुवार समीक्षा की गई।बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वास्थ्य विभाग के प्रत्येक कार्यक्रम की सफलता का पैमाना केवल आंकड़े नहीं होंगे, बल्कि आम नागरिक को मिलने वाली वास्तविक स्वास्थ्य सुविधा होगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाने तथा प्रतिदिन उसकी समीक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
टीबी उन्मूलन बनेगा जनआंदोलन, हर चिकित्सक को मिला प्रतिदिन स्क्रीनिंग का लक्ष्य
बैठक में टीबी उन्मूलन अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक चिकित्सक को प्रतिदिन कम-से-कम 50 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग करने का लक्ष्य दिया गया। इसके साथ ही सभी प्रखंडों के चिकित्सकों को स्क्रीनिंग, एक्स-रे तथा संभावित मरीजों की पहचान के लिए अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित करने का निर्देश दिया गया। आगामी 40 दिनों तक विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक संभावित मरीजों की पहचान की जाएगी तथा प्रतिदिन शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसकी समीक्षा होगी।जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक टीबी मरीज के परिवार के सदस्यों को भी नोटिफाई कर उनका रिकॉर्ड तैयार किया जाए तथा आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी मरीज उपचार बीच में न छोड़े और संक्रमण की श्रृंखला को समय रहते तोड़ा जा सके।जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि टीबी को समाप्त करना केवल स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। यदि मरीज की समय पर पहचान हो, उसका पूरा इलाज सुनिश्चित किया जाए और उसके परिवार की भी जांच हो, तो हम टीबी के संक्रमण की श्रृंखला को प्रभावी ढंग से तोड़ सकते हैं। अगले 40 दिनों तक प्रत्येक दिन की समीक्षा होगी और प्रत्येक चिकित्सक की जवाबदेही तय की जाएगी।"
हर गर्भवती महिला तक पहुंचे गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा, गृह प्रसव मुक्त पंचायत अभियान को मिलेगी और गति
बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिले में 465 एएनएम कार्यरत हैं। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीकरण, शत-प्रतिशत एएनसी जांच तथा सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जाए। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं की पहचान एवं निगरानी को और मजबूत बनाने का निर्देश दिया गया।उन्होंने सभी प्रखंडों में रैंडम आधार पर गर्भवती महिलाओं की जांच कराने तथा सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण प्रसव सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया। बैठक में यह भी बताया गया कि जिले में प्रतिमाह लगभग 500 प्रसव निजी अस्पतालों में हो रहे हैं, जिस पर जिला पदाधिकारी ने सरकारी अस्पतालों में सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाकर लोगों का भरोसा मजबूत करने का निर्देश दिया।
15 दिनों में पूरा होगा एचपीवी टीकाकरण, गैर-संचारी रोगों की जांच होगी तेज
बैठक में 9 से 14 वर्ष की बालिकाओं के लिए चल रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया गया कि अगले 15 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया जाए। साथ ही प्रत्येक प्रखंड से नियमित टीकाकरण का अद्यतन डाटा प्राप्त करने तथा उच्च रक्तचाप, मधुमेह एवं अन्य गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। विश्व स्वास्थ्य संगठन की गतिविधियों तथा आयुष्मान भारत योजना की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
बायोमेट्रिक उपस्थिति, बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन और अस्पतालों की रैंकिंग से बढ़ेगी जवाबदेही
बैठक में सभी पीएचसी, सीएचसी एवं सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए। जहां मशीन उपलब्ध नहीं है, वहां शीघ्र स्थापना सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही बायो मेडिकल वेस्ट का नियमानुसार वैज्ञानिक निष्पादन सुनिश्चित करने तथा सभी सरकारी अस्पतालों की प्रदर्शन आधारित रैंकिंग तैयार करने का निर्देश दिया गया, ताकि बेहतर कार्य करने वाले संस्थानों को प्रोत्साहित किया जा सके और कमजोर संस्थानों में समयबद्ध सुधार हो सके।बैठक में 11 से 31 जुलाई तक चलने वाले परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा जनभागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया गया।
"जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है"
बैठक के समापन पर जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाला प्रत्येक मरीज सम्मानजनक व्यवहार, गुणवत्तापूर्ण उपचार और समय पर सुविधा का अधिकारी है। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी अपने निर्धारित लक्ष्य के प्रति पूर्ण जवाबदेह रहेगा। हमारी प्राथमिकता है कि टीबी मुक्त किशनगंज, सुरक्षित मातृत्व, शत-प्रतिशत टीकाकरण और मजबूत प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था के माध्यम से जिले के प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं। स्वास्थ्य योजनाओं का वास्तविक मूल्यांकन कागजों से नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में दिखाई देने वाले सकारात्मक बदलाव से होगा।
#viralreels #viralreelschallenge #venezuela #viralpost #vida #vlog #newyork #nailart
District Kishanganj
Bihar Health Department
Bihar Education Department