माँ की जागरूकता और एनआरसी की देखभाल से स्वस्थ हुई नन्हीं कीर्ति
ग्राम छपारा, विकासखंड नारायणगंज की रहने वाली 6 माह की नन्हीं कीर्ति उरेती के परिवार के लिए पिछले कुछ महीनों से चिंता का विषय उसका कमजोर स्वास्थ्य था। पर्याप्त पोषण नहीं मिलने के कारण कीर्ति का वजन उसकी उम्र के अनुसार काफी कम था और वह अति कुपोषण की श्रेणी में पहुंच गई थी।
23 मई को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की सलाह पर कीर्ति को जिला चिकित्सालय मंडला स्थित पोषण पुनर्वास केन्द्र (एनआरसी) में भर्ती कराया गया। भर्ती के समय उसका वजन मात्र 3.615 किलोग्राम था। चिकित्सकों द्वारा जाँच के दौरान पता चला कि बच्ची को पर्याप्त स्तनपान नहीं मिल पा रहा था, जिसके कारण उसका शारीरिक विकास प्रभावित हो रहा था।
एनआरसी में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने बच्ची की नियमित निगरानी की। साथ ही उसकी मां श्रीमती सुकमती उरेती को सही तरीके से स्तनपान कराने, शिशु की देखभाल और पोषण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कंगारू मदर केयर के माध्यम से बच्ची को आवश्यक गर्माहट और सुरक्षा भी प्रदान की गई।
एनआरसी प्रभारी डॉ. कमलेश एवं उनकी टीम के मार्गदर्शन में कीर्ति का उपचार जारी रहा। फीडिंग डेमॉन्स्ट्रेटर श्रीमती रश्मि वर्मा ने मां को शिशु पोषण और पूरक आहार के बारे में विस्तार से समझाया। धीरे-धीरे बच्ची के स्वास्थ्य में सुधार दिखाई देने लगा और उसका वजन बढ़ने लगा।
लगातार 14 दिनों की देखभाल, उपचार और उचित पोषण के बाद कीर्ति का वजन बढ़कर 3.990 किलोग्राम हो गया। अब वह स्वस्थ है और उसकी मां उसे सही तरीके से स्तनपान करा रही हैं। स्वस्थ होने के बाद कीर्ति को घर भेज दिया गया।
कीर्ति की मां सुकमती उरेती ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि एनआरसी के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने उनकी बच्ची की बहुत अच्छी देखभाल की। उनकी मेहनत और मार्गदर्शन से बच्ची के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। उन्होंने जिला प्रशासन और अस्पताल की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया।
कीर्ति की यह कहानी बताती है कि समय पर पहचान, उचित उपचार, माताओं की काउंसलिंग और पोषण संबंधी सही जानकारी से कुपोषण पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है तथा बच्चों को स्वस्थ जीवन की नई शुरुआत दी जा सकती है।
Jansampark Madhya Pradesh
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