कोटा-बूंदी में सड़क हादसों से मौतें रोकने की बड़ी पहल, लागू होगा ‘जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम’
नई दिल्ली/कोटा, 24 जून। लोक सभा अध्यक्ष Om Birla ने कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों को शून्य करने के लक्ष्य के साथ महत्वपूर्ण पहल की है। संसद भवन स्थित कार्यालय में सड़क सुरक्षा क्षेत्र में कार्यरत SaveLIFE Foundation के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में “जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम” लागू करने पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में ओम बिरला ने सड़क हादसों में युवाओं की बढ़ती मौतों पर चिंता जताते हुए कहा कि यह केवल परिवारों के लिए ही नहीं बल्कि देश की उत्पादक शक्ति के लिए भी बड़ी क्षति है। उन्होंने सड़क सुरक्षा को सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए इसे जन आंदोलन का रूप देने की आवश्यकता बताई।
फाउंडेशन के अध्ययन के अनुसार कोटा-बूंदी क्षेत्र में हर वर्ष 400 से अधिक लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में होती है। रिपोर्ट में 21 ऐसे गंभीर सड़क कॉरिडोर चिन्हित किए गए हैं जहां करीब 50 प्रतिशत सड़क हादसा जनित मौतें होती हैं। वहीं 19 स्थान ऐसे हैं जहां ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के कारण लगभग 25 प्रतिशत मौतें होती हैं।
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, पुलिस, परिवहन और स्वास्थ्य विभाग के लिए अलग-अलग कार्ययोजनाओं पर चर्चा की गई। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में इंजीनियरिंग सुधार, ब्लैक स्पॉट हटाने, सड़क सुरक्षा ऑडिट, पैदल यात्रियों की सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
ओम बिरला ने कहा कि कोटा में स्थापित कमांड एंड कंट्रोल सेंटरों का अधिकतम उपयोग किया जाए तथा AI आधारित निगरानी प्रणाली अपनाकर राजमार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले और तेज गति से वाहन चलाने वालों की तत्काल पहचान कर कार्रवाई करने की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से कोटा-बूंदी को देश का पहला आदर्श “जीरो फेटेलिटी संसदीय क्षेत्र” बनाया जा सकता है।