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*कौशल से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम!* 🚀 #बड़वानी जिले के श्री दत्तात्रेय डाबी ने आईटीआई बड़वानी से इलेक्ट्रिशियन कोर्स ...

567 views | Barwani, Madhya Pradesh | Apr 15, 2026

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ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 एवं एबीसी सेंटर संचालन को लेकर निकाय स्तरीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न
बड़वानी, 04 जून 2026/नगर पालिका परिषद बड़वानी में गुरुवार को निकाय स्तरीय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा नगर क्षेत्र में पशु नियंत्रण एवं एबीसी (एनीमल बर्थ कन्ट्रोल) सेंटर के संचालन एवं प्रबंधन से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में नगर को स्वच्छ, सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए विभिन्न कार्ययोजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
 बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने समिति सदस्यों एवं अधिकारियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि माननीय सर्वाेच्च न्यायालय में प्रचलित याचिका क्रमांक 6174/2023 एवं 7728/2023 की सुनवाई के दौरान अधिसूचित इन नियमों के तहत स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण, वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति, बल्क वेस्ट जनरेटर की जिम्मेदारियां तथा स्थानीय निकायों की भूमिका को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है।
 बैठक में गीले, सूखे, स्वच्छता संबंधी एवं विशेष श्रेणी के अपशिष्टों का पृथक्करण सुनिश्चित करने, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण, कंपोस्टिंग एवं रिसाइक्लिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। समिति द्वारा निर्णय लिया गया कि नगर के सभी वार्डों में स्वच्छता गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी तथा नागरिक सहभागिता बढ़ाने के लिए विशेष स्वच्छता जागरूकता अभियान संचालित किए जाएंगे।
 बैठक में इस बात पर भी विशेष बल दिया गया कि स्वच्छ एवं स्वस्थ नगर के निर्माण के लिए सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, जिससे शासन की स्वच्छता संबंधी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
 बैठक के द्वितीय चरण में नगर क्षेत्र में आवारा एवं निराश्रित श्वानों की बढ़ती संख्या और नागरिकों की सुरक्षा के मद्देनजर पशु नियंत्रण एवं एबीसी (।दपउंस ठपतजी ब्वदजतवस) सेंटर के संचालन एवं प्रबंधन की समीक्षा की गई। समिति द्वारा एबीसी सेंटर के माध्यम से आवारा श्वानों की नसबंदी, टीकाकरण, मानवीय नियंत्रण एवं पुनर्वास संबंधी कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
 अधिकारियों ने बताया कि एबीसी सेंटर के प्रभावी संचालन से नगर में आवारा श्वानों की संख्या नियंत्रित करने, रेबीज जैसी घातक बीमारियों की रोकथाम करने तथा मानव-पशु संघर्ष की घटनाओं में कमी लाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। इसके लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, तकनीकी व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण तथा जनसहयोग को बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
 समिति सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वच्छता प्रबंधन एवं पशु नियंत्रण दोनों ही विषय सीधे तौर पर नागरिकों के जीवन, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े हुए हैं। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा एबीसी सेंटर के सुचारू संचालन से नगर में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जनस्वास्थ्य एवं जनसुरक्षा को नई दिशा मिलेगी।
 बैठक के अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं समिति सदस्यों ने नगरहित में इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु समन्वित एवं प्रतिबद्ध प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया। नगर पालिका परिषद बड़वानी द्वारा आगामी समय में स्वच्छता एवं पशु नियंत्रण संबंधी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाकर नागरिकों को बेहतर एवं सुरक्षित शहरी वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किए जाने की बात कही गई।

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 एवं एबीसी सेंटर संचालन को लेकर निकाय स्तरीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न बड़वानी, 04 जून 2026/नगर पालिका परिषद बड़वानी में गुरुवार को निकाय स्तरीय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा नगर क्षेत्र में पशु नियंत्रण एवं एबीसी (एनीमल बर्थ कन्ट्रोल) सेंटर के संचालन एवं प्रबंधन से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में नगर को स्वच्छ, सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए विभिन्न कार्ययोजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने समिति सदस्यों एवं अधिकारियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि माननीय सर्वाेच्च न्यायालय में प्रचलित याचिका क्रमांक 6174/2023 एवं 7728/2023 की सुनवाई के दौरान अधिसूचित इन नियमों के तहत स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण, वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति, बल्क वेस्ट जनरेटर की जिम्मेदारियां तथा स्थानीय निकायों की भूमिका को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है। बैठक में गीले, सूखे, स्वच्छता संबंधी एवं विशेष श्रेणी के अपशिष्टों का पृथक्करण सुनिश्चित करने, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण, कंपोस्टिंग एवं रिसाइक्लिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। समिति द्वारा निर्णय लिया गया कि नगर के सभी वार्डों में स्वच्छता गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी तथा नागरिक सहभागिता बढ़ाने के लिए विशेष स्वच्छता जागरूकता अभियान संचालित किए जाएंगे। बैठक में इस बात पर भी विशेष बल दिया गया कि स्वच्छ एवं स्वस्थ नगर के निर्माण के लिए सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, जिससे शासन की स्वच्छता संबंधी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। बैठक के द्वितीय चरण में नगर क्षेत्र में आवारा एवं निराश्रित श्वानों की बढ़ती संख्या और नागरिकों की सुरक्षा के मद्देनजर पशु नियंत्रण एवं एबीसी (।दपउंस ठपतजी ब्वदजतवस) सेंटर के संचालन एवं प्रबंधन की समीक्षा की गई। समिति द्वारा एबीसी सेंटर के माध्यम से आवारा श्वानों की नसबंदी, टीकाकरण, मानवीय नियंत्रण एवं पुनर्वास संबंधी कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि एबीसी सेंटर के प्रभावी संचालन से नगर में आवारा श्वानों की संख्या नियंत्रित करने, रेबीज जैसी घातक बीमारियों की रोकथाम करने तथा मानव-पशु संघर्ष की घटनाओं में कमी लाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। इसके लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, तकनीकी व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण तथा जनसहयोग को बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। समिति सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वच्छता प्रबंधन एवं पशु नियंत्रण दोनों ही विषय सीधे तौर पर नागरिकों के जीवन, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े हुए हैं। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा एबीसी सेंटर के सुचारू संचालन से नगर में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जनस्वास्थ्य एवं जनसुरक्षा को नई दिशा मिलेगी। बैठक के अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं समिति सदस्यों ने नगरहित में इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु समन्वित एवं प्रतिबद्ध प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया। नगर पालिका परिषद बड़वानी द्वारा आगामी समय में स्वच्छता एवं पशु नियंत्रण संबंधी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाकर नागरिकों को बेहतर एवं सुरक्षित शहरी वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किए जाने की बात कही गई।

Barwani, Madhya Pradesh | Jun 4, 2026

पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) की टीम ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ किया ऐतिहासिक स्थलों का विस्तृत निरीक्षण
बड़वानी 04 जून 2026/कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह के निर्देशन में बुधवार को पुरातत्व विभाग की टीम ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ जिले के विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों का सर्वे किया गया। 
इस टीम ने मुख्य रूप से सेंधवा स्थित ऐतिहासिक किले, निवाली तहसील की ग्राम पंचायत वझर में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर एवं ग्राम फुलजवारी में स्थित प्राचीन शिव मंदिर का सर्वे किया। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की प्राचीन, ऐतिहासिक और पुरातात्विक संपदा को सहेजना तथा उसके बेहतर रख-रखाव व संरक्षण के लिए एक ठोस आगामी रूपरेखा (रोडमैप) तैयार करना है।
पुरातत्व विभाग की टीम द्वारा किए गए सर्वे में विशेष रूप से किले में उगे पेड़ों की सफाई और मंडी परिसर की स्थिति पर गौर किया गया। किले के मूल स्वरूप को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए इसका रिस्टोरेशन (जीर्णाेद्धार) कार्य बेहद आवश्यक पाया गया है। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों द्वारा किए गए इस व्यापक सर्वे के आधार पर जल्द ही एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। इसके पश्चात, पुरातत्व निदेशालय और जिला प्रशासन के निर्देशानुसार आगामी आवश्यक जीर्णाेद्धार और संरक्षण संबंधी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) की टीम ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ किया ऐतिहासिक स्थलों का विस्तृत निरीक्षण बड़वानी 04 जून 2026/कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह के निर्देशन में बुधवार को पुरातत्व विभाग की टीम ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ जिले के विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों का सर्वे किया गया। इस टीम ने मुख्य रूप से सेंधवा स्थित ऐतिहासिक किले, निवाली तहसील की ग्राम पंचायत वझर में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर एवं ग्राम फुलजवारी में स्थित प्राचीन शिव मंदिर का सर्वे किया। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की प्राचीन, ऐतिहासिक और पुरातात्विक संपदा को सहेजना तथा उसके बेहतर रख-रखाव व संरक्षण के लिए एक ठोस आगामी रूपरेखा (रोडमैप) तैयार करना है। पुरातत्व विभाग की टीम द्वारा किए गए सर्वे में विशेष रूप से किले में उगे पेड़ों की सफाई और मंडी परिसर की स्थिति पर गौर किया गया। किले के मूल स्वरूप को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए इसका रिस्टोरेशन (जीर्णाेद्धार) कार्य बेहद आवश्यक पाया गया है। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों द्वारा किए गए इस व्यापक सर्वे के आधार पर जल्द ही एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। इसके पश्चात, पुरातत्व निदेशालय और जिला प्रशासन के निर्देशानुसार आगामी आवश्यक जीर्णाेद्धार और संरक्षण संबंधी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

Barwani, Madhya Pradesh | Jun 4, 2026

*जब तक तरीका नहीं बदलेंगे, तब तक परिवर्तन नहीं होगा' : कलेक्टर श्रीमती सिंह* 
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 *वरला तहसील के ग्राम केरमला में आयोजित हुई 'रात्रि चौपाल'* 
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 *कलेक्टर और कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को दिए उन्नत कृषि और प्राकृतिक खेती के गुर* 

बड़वानी 3 जून 2026/  'कृषक कल्याण वर्ष 2026' के अंतर्गत जिले के किसानों को आधुनिक, उन्नत और स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से किसान कल्याण एवं कृषि विभाग द्वारा विभिन्न ग्राम पंचायतों में 'रात्रि चौपाल' का नियमित आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को वरला तहसील के ग्राम केरमला में कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह के मार्गदर्शन में रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया।
चौपाल में कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह,एसडीएम सेंधवा,संयुक्त कलेक्टर,कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के वरिष्ठ वैज्ञानिक और कृषि विभाग के अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय कृषकों ने सहभागिता की।

चौपाल को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह ने किसानों को पारंपरिक पद्धति को छोड़ आधुनिक पद्धति अपनाने की सलाह दी।। उन्होंने सीधे संवाद करते हुए कहा कि "खेती को लाभ का जरिया बनाने के लिए हमें अपनी सोच और तकनीक में बदलाव करना होगा। जब तक हम खेती का तरीका नहीं बदलेंगे, तब तक हमारे जीवन और आय में परिवर्तन नहीं आ सकता।"

प्रमुख बिंदुओं पर दी गई जानकारी:

1.एचडीपीएस तकनीक- कृषि वैज्ञानिकों द्वारा कपास व अन्य फसलों के लिए 'हाई डेंसिटी प्लांटिंग सिस्टम' की विस्तृत जानकारी दी गई। इस तकनीक से कम रकबे में पौधों की संख्या बढ़ाकर उत्पादन को दोगुना किया जा सकता है। इस दौरान कलेक्टर ने किसानों से इस पद्धति को अपनाने हेतु जोर दिया।
2.जैविक एवं प्राकृतिक खेती: रसायन मुक्त खेती पर जोर देते हुए किसानों को भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने और कम लागत में बेहतर फसल लेने के लिए जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने हेतु प्रेरित किया।
3.उन्नत बीज एवं प्रमाणीकरण: कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अच्छी पैदावार की नींव उन्नत और प्रमाणित बीजों से ही संभव है। किसानों को बीज प्रमाणीकरण के बारे में समझाया गया।
4.पीएम मिशन फॉर प्राकृतिक खेती (पीएम-एमएनएफ): 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन' के अंतर्गत किसानों को अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की गई। इसके तहत पोर्टल पर पंजीयन कराने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया ताकि किसान सीधे तौर पर शासकीय योजनाओं और अनुदान का लाभ ले सकें।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी कृषकों को कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा तैयार किए गए मार्गदर्शिका पैम्फलेट  वितरित किए गए। इन पैम्फलेट्स में जैविक खाद बनाने की विधि, एचडीपीएस तकनीक के दिशा-निर्देश और सरकारी योजनाओं की पात्रता की  जानकारी दी गई है, ताकि किसान चौपाल के बाद भी इसका अभ्यास कर सकें। इस अवसर पर क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए और प्रशासन की इस पहल की सराहना की, जिससे उन्हें घर बैठे ही  मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है।
#JansamparkMP
#badwani

*जब तक तरीका नहीं बदलेंगे, तब तक परिवर्तन नहीं होगा' : कलेक्टर श्रीमती सिंह* ---------- *वरला तहसील के ग्राम केरमला में आयोजित हुई 'रात्रि चौपाल'* ---------- *कलेक्टर और कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को दिए उन्नत कृषि और प्राकृतिक खेती के गुर* बड़वानी 3 जून 2026/ 'कृषक कल्याण वर्ष 2026' के अंतर्गत जिले के किसानों को आधुनिक, उन्नत और स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से किसान कल्याण एवं कृषि विभाग द्वारा विभिन्न ग्राम पंचायतों में 'रात्रि चौपाल' का नियमित आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को वरला तहसील के ग्राम केरमला में कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह के मार्गदर्शन में रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह,एसडीएम सेंधवा,संयुक्त कलेक्टर,कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के वरिष्ठ वैज्ञानिक और कृषि विभाग के अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय कृषकों ने सहभागिता की। चौपाल को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह ने किसानों को पारंपरिक पद्धति को छोड़ आधुनिक पद्धति अपनाने की सलाह दी।। उन्होंने सीधे संवाद करते हुए कहा कि "खेती को लाभ का जरिया बनाने के लिए हमें अपनी सोच और तकनीक में बदलाव करना होगा। जब तक हम खेती का तरीका नहीं बदलेंगे, तब तक हमारे जीवन और आय में परिवर्तन नहीं आ सकता।" प्रमुख बिंदुओं पर दी गई जानकारी: 1.एचडीपीएस तकनीक- कृषि वैज्ञानिकों द्वारा कपास व अन्य फसलों के लिए 'हाई डेंसिटी प्लांटिंग सिस्टम' की विस्तृत जानकारी दी गई। इस तकनीक से कम रकबे में पौधों की संख्या बढ़ाकर उत्पादन को दोगुना किया जा सकता है। इस दौरान कलेक्टर ने किसानों से इस पद्धति को अपनाने हेतु जोर दिया। 2.जैविक एवं प्राकृतिक खेती: रसायन मुक्त खेती पर जोर देते हुए किसानों को भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने और कम लागत में बेहतर फसल लेने के लिए जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने हेतु प्रेरित किया। 3.उन्नत बीज एवं प्रमाणीकरण: कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अच्छी पैदावार की नींव उन्नत और प्रमाणित बीजों से ही संभव है। किसानों को बीज प्रमाणीकरण के बारे में समझाया गया। 4.पीएम मिशन फॉर प्राकृतिक खेती (पीएम-एमएनएफ): 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन' के अंतर्गत किसानों को अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की गई। इसके तहत पोर्टल पर पंजीयन कराने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया ताकि किसान सीधे तौर पर शासकीय योजनाओं और अनुदान का लाभ ले सकें। कार्यक्रम में उपस्थित सभी कृषकों को कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा तैयार किए गए मार्गदर्शिका पैम्फलेट वितरित किए गए। इन पैम्फलेट्स में जैविक खाद बनाने की विधि, एचडीपीएस तकनीक के दिशा-निर्देश और सरकारी योजनाओं की पात्रता की जानकारी दी गई है, ताकि किसान चौपाल के बाद भी इसका अभ्यास कर सकें। इस अवसर पर क्षेत्र के प्रगतिशील किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए और प्रशासन की इस पहल की सराहना की, जिससे उन्हें घर बैठे ही मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। #JansamparkMP #badwani

Barwani, Madhya Pradesh | Jun 4, 2026

निवाली क्षेत्र में अवैध नलकूप खनन पर कार्रवाई 
..............
दो बोरवेल गाड़ियां जब्त कर थाना सेंधवा को सुपुर्द
बड़वानी 04 जून 2026/ शासन के निर्देशानुसार अवैध जलदोहन और बिना अनुमति नलकूप खनन के खिलाफ प्रशासन द्वारा निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में तहसील निवाली के ग्राम बोरली में अवैध नलकूप खनन की शिकायत प्राप्त होने पर त्वरित एवं सख्त कार्रवाई की गई है।
 ग्राम बोरली में अवैध नलकूप खनन की शिकायत पर नायब तहसीलदार निवाली श्रीमती अर्चना गिरवाल द्वारा प्रात 9 बजे मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्राम बोरली के बालू पिता हरसिंह भाबर निवासी भाबरिया फलिया की निजी भूमि है, पर अवैध रूप से नलकूप खनन कार्य करते हुए पाया गया। मौके पर मौजूद बोरवेल गाड़ी क्रमांक जीजे 03 सीएल 9090 एवं जीजे 03 ईए 9638 के चालकों रमेश पिता रुखडिया एवं तुकाराम पिता गुल सिंह से जब नलकूप खनन से संबंधित वैध अनुमति व दस्तावेज मांगे गए, तो उनके द्वारा कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। 
 वैध परमिशन न होने के कारण दोनों बोरवेल गाड़ियों को तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया गया है। जब्तशुदा वाहनों को सुरक्षित अभिरक्षा हेतु ग्रामीण थाना सेंधवा के सुपुर्द कर दिया गया है। इस अवैध कृत्य को लेकर भूमि स्वामी एवं संबंधितों के विरुद्ध आगामी वैधानिक कार्रवाई का प्रतिवेदन तैयार कर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पानसेमल की ओर उचित अग्रिम कार्रवाई हेतु प्रेषित किया गया है।

निवाली क्षेत्र में अवैध नलकूप खनन पर कार्रवाई .............. दो बोरवेल गाड़ियां जब्त कर थाना सेंधवा को सुपुर्द बड़वानी 04 जून 2026/ शासन के निर्देशानुसार अवैध जलदोहन और बिना अनुमति नलकूप खनन के खिलाफ प्रशासन द्वारा निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में तहसील निवाली के ग्राम बोरली में अवैध नलकूप खनन की शिकायत प्राप्त होने पर त्वरित एवं सख्त कार्रवाई की गई है। ग्राम बोरली में अवैध नलकूप खनन की शिकायत पर नायब तहसीलदार निवाली श्रीमती अर्चना गिरवाल द्वारा प्रात 9 बजे मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्राम बोरली के बालू पिता हरसिंह भाबर निवासी भाबरिया फलिया की निजी भूमि है, पर अवैध रूप से नलकूप खनन कार्य करते हुए पाया गया। मौके पर मौजूद बोरवेल गाड़ी क्रमांक जीजे 03 सीएल 9090 एवं जीजे 03 ईए 9638 के चालकों रमेश पिता रुखडिया एवं तुकाराम पिता गुल सिंह से जब नलकूप खनन से संबंधित वैध अनुमति व दस्तावेज मांगे गए, तो उनके द्वारा कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। वैध परमिशन न होने के कारण दोनों बोरवेल गाड़ियों को तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया गया है। जब्तशुदा वाहनों को सुरक्षित अभिरक्षा हेतु ग्रामीण थाना सेंधवा के सुपुर्द कर दिया गया है। इस अवैध कृत्य को लेकर भूमि स्वामी एवं संबंधितों के विरुद्ध आगामी वैधानिक कार्रवाई का प्रतिवेदन तैयार कर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पानसेमल की ओर उचित अग्रिम कार्रवाई हेतु प्रेषित किया गया है।

Barwani, Madhya Pradesh | Jun 4, 2026

मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना से समृद्ध हो रहे पशुपालक
बड़वानी 04 जून 2026 / कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती जयती सिंह के निर्देशन में जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से रात्रि चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। इन चौपालों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि के साथ-साथ पशुपालन को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि करने के गुर सिखाए जा रहे हैं, जिसके अब जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम दिखाई देने लगे हैं।
 पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उपसंचालक डॉ. दिनेश पाटिल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना का क्रियान्वयन तेजी से किया जा रहा है। योजना के तहत अब तक जिले के 68 हितग्राहियों को उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता वाली मुर्रा नस्ल की कुल 136 भैंसें प्रदान की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना का उद्देश्य पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। योजना के तहत सभी वर्ग के पशुपालकों को औसतन 8 से 10 लीटर प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली दो दुधारू भैंसें प्रदाय की जाती हैं।
 इस योजना की कुल इकाई लागत 2,50,000 (ढाई लाख रुपये) निर्धारित है सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को 50 प्रतिशत यानी 1 लाख 25 हजार रुपये एवं अनुसूचित जाति एव जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को 75 प्रतिशत यानी 1 लाख  87 हजार 500 रुपये का अनुदान  शासन द्वारा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना से समृद्ध हो रहे पशुपालक बड़वानी 04 जून 2026 / कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती जयती सिंह के निर्देशन में जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से रात्रि चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। इन चौपालों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि के साथ-साथ पशुपालन को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि करने के गुर सिखाए जा रहे हैं, जिसके अब जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम दिखाई देने लगे हैं। पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उपसंचालक डॉ. दिनेश पाटिल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना का क्रियान्वयन तेजी से किया जा रहा है। योजना के तहत अब तक जिले के 68 हितग्राहियों को उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता वाली मुर्रा नस्ल की कुल 136 भैंसें प्रदान की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना का उद्देश्य पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। योजना के तहत सभी वर्ग के पशुपालकों को औसतन 8 से 10 लीटर प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली दो दुधारू भैंसें प्रदाय की जाती हैं। इस योजना की कुल इकाई लागत 2,50,000 (ढाई लाख रुपये) निर्धारित है सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को 50 प्रतिशत यानी 1 लाख 25 हजार रुपये एवं अनुसूचित जाति एव जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को 75 प्रतिशत यानी 1 लाख 87 हजार 500 रुपये का अनुदान शासन द्वारा दिया जा रहा है।

Barwani, Madhya Pradesh | Jun 4, 2026