छोटी बहन को लेकर पिता की शिकायत करने एसडीएम के पास पहुंची बालिका
बोली—‘परिवार की जिम्मेदारी उठाने से पिता कर रहे इनकार’
जालौन। परिवार की जिम्मेदारियों से पिता की कथित बेरुखी से परेशान कक्षा 10 की एक छात्रा मंगलवार को अपनी पांच वर्षीय छोटी बहन को साथ लेकर एसडीएम के पास मदद की गुहार लगाने पहुंची। बालिका ने शिकायती पत्र देकर पिता पर परिवार की उपेक्षा और सहयोग से इनकार करने का आरोप लगाया। मामले को सुनने के बाद एसडीएम ने दोनों बहनों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नारोभास्कर निवासी कक्षा 10 की छात्रा प्रियंका मंगलवार दोपहर अपनी पांच वर्षीय बहन दीपिका के साथ एसडीएम राकेश कुमार सोनी के पास पहुंची। बालिका ने बताया कि वह पहले अपने परिवार के साथ बैरागढ़-अकोढ़ी में पिता के साथ रहती थी। उसके अनुसार, घर में पिता के व्यवहार से परेशान होकर करीब चार वर्ष पहले वह अपनी मां, भाई और बहन के साथ जालौन में किराये के मकान में रहने लगी।
प्रियंका ने बताया कि इस मुश्किल समय में उसके मामा ने परिवार का सहारा दिया। उन्होंने किराये के मकान, राशन और बच्चों की स्कूल फीस तक की जिम्मेदारी उठाई। हालांकि, समय बीतने के साथ मामा के सामने भी अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ गईं, जिसके बाद परिवार के सामने आर्थिक और घरेलू परेशानियां खड़ी होने लगीं।
रिश्ते सुधारने की कई कोशिशें, लेकिन नहीं बनी बात: बालिका के मुताबिक परिवार ने पिता के साथ रिश्ते सुधारने और उनकी जिम्मेदारी तय कराने के लिए कई बार प्रयास किए। इस मामले की जानकारी तत्कालीन एसडीएम रिंकू सिंह राही और सीओ शैलेंद्र बाजपेई को भी दी गई थी। अधिकारियों द्वारा समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं बनी।
इसके बाद परिवार ने पारिवारिक न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाया, लेकिन वहां भी कोई समाधान नहीं निकल सका। छात्रा का आरोप है कि पिता अब किसी भी प्रकार का सहयोग करने से इनकार कर रहे हैं।
छोटी बहन की जिम्मेदारी ने बढ़ाई चिंता: अपनी पांच वर्षीय बहन को साथ लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंची बालिका की सबसे बड़ी चिंता छोटी बहन की देखभाल और परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर है। छात्रा ने एसडीएम से मामले में हस्तक्षेप कर पिता से परिवार की जिम्मेदारी निभाने के लिए आवश्यक कार्रवाई और सहयोग दिलाने की मांग की।
मामले को गंभीरता से सुनने के बाद एसडीएम राकेश कुमार सोनी ने बालिका को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। अब बालिका और उसके परिवार को प्रशासन से मदद की उम्मीद है।
Orai, Jalaun | Aug 26, 2026