पथरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे कलेक्टर प्रताप नारायण यादव,
==
स्वास्थ्य सेवाए सुढृण सुनिश्चित करने दिए निर्देश
==
बंद जन औषधि केंद्र, डॉक्टर की अनुपस्थिति और आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर दिए सख्त निर्देश
==
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर प्रताप नारायण यादव लगातार अस्पतालों का निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार, 29 जून को उन्होंने पथरिया स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों से सीधे संवाद कर स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान एक मरीज ने दवाइयां उपलब्ध नहीं होने की शिकायत की। इस पर कलेक्टर ने तत्काल ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर से जानकारी ली। बताया गया कि संबंधित दवाएं अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं और जिला मुख्यालय से मांग की गई है। कलेक्टर ने तत्काल सीएमएचओ को आवश्यक दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा जिले के सभी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवाइयों की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर श्री यादव ने कहा कई आवश्यक दवाएं समय पर जिला स्टोर से नहीं मंगाई गईं, जिसके कारण मरीजों को बाहर से दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने अस्पताल परिसर में संचालित जन औषधि केंद्र बंद मिलने पर नाराजगी जताई और ड्रग इंस्पेक्टर को तत्काल निरीक्षण कर केंद्र को शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा यदि वर्तमान संचालक केंद्र नहीं चला रहा है तो इसे किसी अन्य पात्र व्यक्ति को सौंपा जाए, ताकि आम लोगों को सस्ती दरों पर दवाइयां उपलब्ध हो सकें।
डेंटिस्ट अपने निर्धारित कक्ष में बैठकर करें उपचार
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि डॉक्टर और डेंटिस्ट एक ही कक्ष में बैठकर मरीजों का उपचार कर रहे थे। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि डेंटिस्ट अपने निर्धारित कक्ष में बैठकर उपचार करें, जहां दांतों की जांच की समुचित सुविधा उपलब्ध है।
श्रमिको को दिलाया जायेगा उनका पूरा वेतन
अस्पताल में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा कम वेतन मिलने की शिकायत पर कलेक्टर ने लेबर इंस्पेक्टर को जांच के निर्देश देते हुए कहा कि श्रमिकों को उनका पूरा वेतन दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।
अनुपस्थिति अवधि का वेतन काटने के निर्देश
कलेक्टर श्री यादव ने डॉक्टरों को निर्देशित किया कि अस्पताल की किसी भी कमी की जानकारी समय पर बैठकों में दें, ताकि उसका शीघ्र समाधान किया जा सके। निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजी के अवलोकन में डॉ. अमित जैन अनुपस्थित पाए गए। जानकारी मिलने पर कि उनका स्थानांतरण हो चुका है, कलेक्टर ने अनुपस्थिति अवधि का वेतन काटने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए।
उन्होने कहा डॉक्टर मेहनत कर रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाने के लिए व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार आवश्यक है।
#Damoh
Damoh, Madhya Pradesh | Jun 29, 2026