*जिले में 'मिशन पोषण ज्योति' के तहत 2384 अति कुपोषित बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार और पोषण प्रबंधन जारी*
बड़वानी 23 अगस्त 2026/कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह के कुशल मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 'मिशन पोषण ज्योति अभियान' का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। अभियान के तहत जिले के चिन्हांकित 2384 अति कुपोषित (सैम) बच्चों का राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यकतानुसार उपचार और विशेष पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है।
जांच के दौरान 1724 अति कुपोषित बच्चों में विभिन्न स्वास्थ्य समस्याएं एवं बीमारियां चिन्हांकित की गईं, जिनका त्वरित उपचार सुनिश्चित किया गया है:
• अंडरन्यूट्रिशन - कुपोषण से ग्रसित कुल 472 बच्चों को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विशेष पोषण आहार दिया जा रहा है।
• कम वजन वाले बच्चे - 42 बच्चों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में उपचारित करने के पश्चात उचित आहार प्रबंधन से जोड़ा गया है।
• एनोरेक्सिया- भूख न लगने की समस्या से पीड़ित 68 बच्चों को भूख बढ़ाने की दवा/सिरप प्रदान की गई।
• डिहाइड्रेशन: निर्जलीकरण से ग्रसित 25 बच्चों का आरबीएसके टीम द्वारा मौके पर ही ओआरएस एवं आवश्यक दवाएं देकर उपचार किया गया।
• सिकल सेल एनीमिया: 19 बच्चों में पुष्टि होने पर उन्हें हाइड्रोक्सीयूरिया, आईएफए एवं अन्य दवाएं दी जा रही हैं।
• टी.बी. : टीबी से ग्रसित 10 बच्चों का डॉट्स (DOTS) श्रेणी के अंतर्गत उपचार जारी है।
• सामान्य एनीमिया: 116 बच्चों में खून की कमी पाई गई, जिनका इलाज स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जा रहा है।
• बाल हृदय रोग: 03 बच्चों में हृदय रोग के लक्षण मिले, जिनमें से 02 बच्चों की इको जांच सामान्य रही तथा 01 बच्चे की 'मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना' के तहत सफल सर्जरी कराई गई।
• डेवलपमेंटल डिले : विकास संबंधी देरी का सामना कर रहे 08 बच्चों का स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपचार व थेरेपी दी जा रही है।
विभागों में बेहतर समन्वय स्थापित कर अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही है। कुपोषण के मूल कारणों पर प्रहार करते हुए बच्चों के अभिभावकों की हर स्तर पर काउंसलिंग की जा रही है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य सुधार में अभूतपूर्व प्रगति देखने को मिल रही है।
अभियान मे विशेष रूचि लेते हुये स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग में समन्वय स्थापित कर, नियमित रूप से अभियान की प्रगति की समीक्षा कर एवं कुपोषण के कारणों की जड़ पर कार्य कर बड़वानी, जिले को कुपोषण के विरूध्द इस निर्णायक कदम को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई गई।