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मुख्यमंत्री ने पंचकूला में राज्य स्तरीय सशक्त पंचायत समारोह में विभिन्न योजनाओं के तहत 2,697 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की पंचायतों को अधिक अधिकार और संसाधन देने, ग्रामीण विकास को गति प्रदान करने, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का किया आह्वान गांवों को विकास की धुरी बनाकर आगे बढ़ रहा है हरियाणा- मुख्यमंत्री गांवों के समग्र विकास और नशामुक्त हरियाणा के निर्माण में सरपंचों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण - मुख्यमंत्री सरकार ने दी ग्रामीणों को बड़ी राहत: अब 16 जनवरी तक कर सकेंगे मालिकाना हक के लिए आवेदन नशा तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, सरपंच भी इस अभियान में दें सहयोग हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ग्रामीणों को बड़ी राहत देते हुए ऐलान किया है कि जो परिवार गांव की शामलात भूमि पर पिछले 20 वर्षो से मकान बनाकर रह रहे है, ऐसे परिवार मालिकाना हक के लिए नियमानुसार अब 16 जनवरी 2027 तक अपने आवेदन कर सकते है। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों से वर्ष 2004 की कलेक्टर दर की डेढ़ गुणा के अनुसार भूमि खरीद की राशि जमा करवाई जाएगी। दस्तावेजी कठिनाइयों के कारण कई पात्र लोग आवेदन नहीं कर सके थे, ऐसे में सरकार ने उन्हें राहत दी है। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की है कि ग्रामीण क्षेत्र में कचरा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली, चालक और कचरा संग्रहण कर्मी उपलब्ध करवाए जाएंगे। यह ट्रैक्टर ई—वी होंगे। इसके अलावा वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं पर भी सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को पंचकूला के इंद्रधनुष आडिटोरियम में आयोजित राज्य स्तरीय सशक्त पंचायत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 17 जिलों के 179 गांवों की फिरनियों पर एल.ई.डी. स्ट्रीट लाइटों का उद्घाटन भी किया, जिन पर 23 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत आई है। साथ ही 17 जिलों में 44 करोड़ रुपये की लागत से बनी 350 अटल लाइब्रेरियों का भी लोकार्पण किया। उन्होंने ग्राम विकास के लिए पंचायती राज संस्थाओं को विकास कार्यों हेतु 1 हजार 56 करोड़ 75 लाख रुपये सीधे उनके खातों में भी ट्रांसफर किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जागृत ग्राम पुरस्कारों के तहत प्रदेश की 6 ग्राम पंचायतों को विकास, स्वच्छता और सुशासन के नए मानदंड स्थापित करने के लिए सम्मानित किया तथा उन्हें 1 करोड़ 66 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। इन पंचायतों में फतेहाबाद जिला की गांव जांडली कलां की ग्राम पंचायत को 51 लाख रुपये, चरखीदादरी के गांव झिंझर की पंचायत को 31 लाख रुपये, अंबाला के साहा की पंचायत को 21 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई। इसी प्रकार द्वितीय श्रेणी में फतेहाबाद जिला के गांव जल्लोपुर की पंचायत को 31 लाख रुपये, गांव गदली को 21 लाख रुपये तथा करनाल के मर्दानहेड़ी गांव की ग्राम पंचायत को 11 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया। उन्होंने इस दौरान कुरुक्षेत्र के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व पर आधारित ‘धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र’ पुस्तक का विमोचन भी किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत की असली शक्ति हमेशा गांवों और पंचायतों में है तथा पंच परमेश्वर की परंपरा ने देश में लोकतंत्र को जीवित रखा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में गांवों को विकास का भागीदार बनाने की दिशा में लगातार ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं और आज इसी श्रृंखला में विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 2,697 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गांव को योजना का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि विकास का पहला केंद्र मानने की सोच दी है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण लाभ अब अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रहा है तथा सेवा, सुशासन और जन-कल्याण का नया अध्याय लिखा गया है। उन्होंने कहा कि मिडल ईस्ट में जो परिस्थितियां बनी, उन चुनौतियों से पार पाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ईंधन बचाने का आह्वान किया, इसके साथ ही ऐसी रणनीति बनाई है जिससे हम इस समस्या से पार—पा सके। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 का जिक्र करते हुए कहा कि वो दौर भी अत्यंत चुनौतीपूर्ण था, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने इस वैश्विक संकट का सफलतापूर्वक सामना किया। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं और लोगों का शासन व्यवस्था पर विश्वास लगातार मजबूत हुआ है। योजनाओं की किस्त भी जारी की मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कार्यक्रम के दौरान हर महीने डीबीटी के जरिए दी जाने वाली विभिन्न योजनाओं की किस्त भी रिमोट का बटन दबाकर जारी की। इस दौरान उन्होंने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत माताओं-बहनों को 8वीं किस्त के रूप में 207 करोड़ 75 लाख रुपये जारी किए। इसी प्रकार, हर घर-हर गृहिणी योजना के तहत 19 करोड़ 75 लाख रुपये डाले गए। सामाजिक सुरक्षा पेंशनों के लाभार्थियों को 1 हजार 151 करोड़ 51 लाख रुपये सीधे उनके खातों में हस्तांतरित किए गए। इसके अलावा ओ.बी.सी. और डी.एन.टी. वर्गों के विद्यार्थियों को 23 करोड़ 17 लाख रुपये की छात्रवृत्तियां प्रदान की गईं। दयालु योजना के तहत 169 करोड़ 50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी गई। सशक्त पंचायतें ही मजबूत लोकतंत्र और समृद्ध गांवों की आधारशिला हैं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गांवों की समस्याओं का समाधान करना केवल सरकार की ही नहीं बल्कि पंचायत प्रतिनिधियों की भी साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे कार्य हैं जिन्हें बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय सहायता के भी जनभागीदारी के माध्यम से पूरा किया जा सकता है। गांवों को विकास का केंद्र बनाने के लिए सरपंचों की सक्रिय भूमिका अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य में 98 प्रतिशत से अधिक गांव ओ.डी.एफ. प्लस बन चुके हैं और 2 अक्टूबर 2026 तक सभी गांवों को ओडीएफ प्लस मॉडल गांव बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2,100 से अधिक अमृत सरोवर बनाए जा चुके हैं। सरकार ने ग्राम पंचायत द्वारा विकास कार्य कराने की सीमा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 21 लाख रुपये की। इसके साथ ही पंचायत कार्यों और न्यायिक मामलों के लिए पंच-सरपंचों को HCS अधिकारी तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट के बराबर टी.ए.-डी.ए. दिया जाता है। पंचायतों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए स्टाम्प ड्यूटी में हिस्सेदारी और बिजली खपत पर लगने वाली 2 प्रतिशत दर सीधे पंचायत खातों में दी जा रही है। बिना पर्ची-खर्ची के रोजगार से बढ़ा युवाओं का विश्वास मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले नौकरी प्राप्त करने के लिए सिफारिश और पैसे की आवश्यकता समझी जाती थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त किया है। उन्होंने बताया कि हाल ही में लगभग 3,000 से अधिक युवाओं का चयन पूर्णतः पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से हुआ है तथा किसी भी अभ्यर्थी को कोई पैसा नहीं देना पड़ा। दूसरी भर्ती पर पीएमटी चल रहा है। आने वाले समय में 5,600 युवाओं की भर्ती हरियाणा पुलिस में की जाएगी, जबकि लगभग 8,500 अभ्यर्थियों की परीक्षा संपन्न हो चुकी है और उसका परिणाम शीघ्र घोषित किया जाएगा। इससे युवाओं में यह विश्वास पैदा हुआ है कि अब योग्यता के आधार पर रोजगार प्राप्त किया जा सकता है। 2036 ओलंपिक को रखें टारगेट, नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में पंचायतों से मांगा सहयोग: मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ सरकार पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने सरपंचों से आह्वान किया कि वे अपने गांवों को नशामुक्त बनाने का संकल्प लें और नशा तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई में प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘मानस पोर्टल’ पर कोई भी व्यक्ति नशे से संबंधित जानकारी दे सकता है तथा सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। यदि किसी स्तर पर पुलिस कर्मियों की मिलीभगत की जानकारी मिलती है तो उसके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ गांवों के सरपंचों ने यह संकल्प लिया है कि उनके गांव में न तो कोई व्यक्ति नशा करेगा और न ही कोई नशा बेचेगा। ऐसे प्रयास पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के युवाओं को नशे से दूर रखकर खेलों की ओर प्रेरित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि पंचायतों को खेल सामग्री की आवश्यकता होगी तो खेल विभाग आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए खेल संस्कृति को मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विकसित गांव की पहचान नशामुक्ति, स्वच्छता और जल संरक्षण मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति करने के लिए पूरा समय है, लेकिन चुने जाने के बाद पांच वर्षों तक गांव के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विकसित गांव की पहचान नशामुक्त वातावरण, स्वच्छता, पर्याप्त पेयजल उपलब्धता और पर्यावरण संरक्षण से होती है। उन्होंने सरपंचों से पराली न जलाने के लिए किसानों को जागरूक करने का आह्वान किया और कहा कि सरकार इस दिशा में विभिन्न प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है। गरीब परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाने में निभाएं सक्रिय भूमिका मुख्यमंत्री ने सरपंचों से कहा कि वे अपने गांवों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की पहचान करें ताकि उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि पात्र परिवारों को सोलर पैनल लगाने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे उनका बिजली बिल शून्य के करीब पहुंच सके। इसके अलावा उन्होंने कहा कि यदि किसी गरीब परिवार को आवास की आवश्यकता है तो उसकी जानकारी ग्राम पंचायत सरकार तक पहुंचाएं, ताकि उसे आवास योजना का लाभ मिल सके। प्राकृतिक खेती और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने का आह्वान मुख्यमंत्री ने सरपंचों से किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और लोगों के स्वास्थ्य की दृष्टि से प्राकृतिक खेती अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों तथा देसी गाय पालने वाले किसानों को प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। साथ ही फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि मोरनी क्षेत्र में हल्दी की खेती को बढ़ावा देने के लिए समझौते किए गए हैं तथा हल्दी और अदरक की खेती करने वाले किसानों को 45 हजार रुपये तक प्रति एकड़ की सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग का प्रभाव अब खाद्य पदार्थों और दूध तक में दिखाई देने लगा है, इसलिए टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाना समय की मांग है। विकसित भारत का मार्ग गांवों से होकर गुजरता है मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित हरियाणा और विकसित भारत का सपना गांवों की चौपालों से ही साकार होगा। जितने जागरूक गांव होंगे, उतना ही मजबूत प्रदेश और देश बनेगा। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाएं बना सकती है, बजट उपलब्ध करा सकती है और नीतियां तैयार कर सकती है, लेकिन इतिहास तब बनता है जब जनता स्वयं संकल्प लेकर आगे बढ़ती है। उन्हें विश्वास है कि हरियाणा की पंचायतें, युवा और आमजन मिलकर विकास का नया इतिहास रचेंगे। सरपंचों ने मुख्यमंत्री के समक्ष रखे अपने अनुभव, पारदर्शी व्यवस्था और महिला सशक्तिकरण की सराहना की समारोह के दौरान राज्य के विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए सरपंचों ने मुख्यमंत्री के साथ संवाद कर ग्रामीण विकास एवं पंचायत सशक्तिकरण से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। महेंद्रगढ़, पिंजौर, पंचकूला, पुंडरी सहित विभिन्न क्षेत्रों के सरपंचों ने ग्राम पंचायतों के समग्र विकास के लिए पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था स्थापित करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गांवों में स्थापित की गई ई-लाइब्रेरी युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही हैं, जिनकी बदौलत अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बिना किसी ‘पर्ची-खर्ची’ के सरकारी नौकरियों में चयन का अवसर मिला है। सरपंचों ने यह भी कहा कि पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों का विवरण डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराए जाने से पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगा है। महिला सरपंच कविता चौधरी ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पंचायतों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान कर उन्हें नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने का ऐतिहासिक कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिससे महिलाओं को समाज में नई पहचान और आत्मविश्वास मिला है। हरियाणा में पंचायतों और ग्रामीण विकास को मिल रही नई दिशा: पंवार समारोह को संबोधित करते हुए विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में ग्रामीण विकास, पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने तथा गांवों को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा पंचायतों को अधिक अधिकार और संसाधन उपलब्ध करवाकर गांवों के समग्र विकास को नई गति दी गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन को धरातल पर उतारने का कार्य हरियाणा सरकार द्वारा किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 6225 ग्राम पंचायतों में इंडोर जिम, आधुनिक लाइब्रेरी तथा महिला संस्कृति केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए गांव स्तर पर आधुनिक लाइब्रेरी स्थापित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। हाल ही में हरियाणा के 37 युवाओं के यूपीएससी परीक्षा में चयन को देखते हुए सरकार ने निर्णय लिया है कि गांवों में बेहतर अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के युवा भी उच्च प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकें। इसी तरह महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी हरियाणा सरकार निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के लगभग 633 गांवों में महिला संस्कृति केंद्र खोले जा चुके हैं, जहां महिलाओं को सामाजिक, सांस्कृतिक और कौशल विकास से जुड़ी गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि गांवों में भी शहरों जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। इसी सोच के तहत गांवों में सिवरेज, सड़कें, स्ट्रीट लाइट तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आवासीय कॉलोनियों के विकास की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, ताकि गांवों में रहने वाले लोगों को उच्च स्तरीय जीवन सुविधाएं मिल सकें। पॉलिथीन का इस्तेमाल ना करे: राव नरबीर सिंह उपस्थित सरपंचों को संबोधित करते हुए उद्योग एवं वाणिज्य, पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने पॉलीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को समाप्त करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरपंचों को इस दिशा में सरकार का सहयोग करना चाहिए, क्योंकि पर्यावरण सुरक्षित होगा तो हम सुरक्षित होंगे। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। समारोह में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती रेखा शर्मा, मेयर श्याम लाल बंसल, हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया तथा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जी. अनुपमा, विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेन्द्र कुमार, निदेशक अनीश यादव, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यशपाल यादव तथा पंचायत एवं विकास विभाग के अतिरिक्त निदेशक आशुतोष राजन भी उपस्थित थे।

Panipat, Panipat | Jun 9, 2026

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12 वर्षों में विकास, सुशासन और जनकल्याण की नई मिसाल बना हरियाणा: शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा

मनोहर लाल की पारदर्शी व्यवस्था और नायब सैनी के नेतृत्व में विकास को मिली नई गति

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा योजनाओं का लाभ, हर क्षेत्र में हुआ ऐतिहासिक परिवर्तन

कानून व्यवस्था से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य तक, हरियाणा बना देश के लिए मॉडल राज्य

कोई अन्य राज्य भी कर रहे हरियाणा की योजनाओं की नकल

पानीपत, 13 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष और हरियाणा में पिछले साढ़े 11 वर्षों का कार्यकाल विकास, सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण का स्वर्णिम काल रहा है। सरकार ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य किया है। आज देश और प्रदेश विकास के नए मानदंड स्थापित कर रहे हैं। यह बात हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने शनिवार को  केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में स्थानीय लोक निर्माण विश्रामगृह में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। सम्मेलन में पहुंचने पर उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने शिक्षा मंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया।

    इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि हरियाणा में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था की मजबूत नींव रखी, जबकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी उस व्यवस्था को और अधिक जनहितैषी, संवेदनशील तथा प्रभावी बनाते हुए विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल है जहां विकास योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के सीधे पात्र लोगों तक पहुंच रहा है। महिपाल ढांडा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, खेल, उद्योग, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण विकास और आधारभूत ढांचे के निर्माण जैसे सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, डिजिटल सेवाओं के विस्तार और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण के कारण जनता का विश्वास शासन व्यवस्था में और अधिक मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल योजनाएं बनाना नहीं बल्कि उन्हें धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करना है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर लगातार बढ़ाए गए हैं। भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है, जिससे योग्य युवाओं को बिना किसी सिफारिश और बिना किसी अतिरिक्त खर्च के अवसर प्राप्त हुए हैं। कौशल विकास, रोजगारोन्मुखी शिक्षा और उद्योगों में निवेश

12 वर्षों में विकास, सुशासन और जनकल्याण की नई मिसाल बना हरियाणा: शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा मनोहर लाल की पारदर्शी व्यवस्था और नायब सैनी के नेतृत्व में विकास को मिली नई गति अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा योजनाओं का लाभ, हर क्षेत्र में हुआ ऐतिहासिक परिवर्तन कानून व्यवस्था से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य तक, हरियाणा बना देश के लिए मॉडल राज्य कोई अन्य राज्य भी कर रहे हरियाणा की योजनाओं की नकल पानीपत, 13 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष और हरियाणा में पिछले साढ़े 11 वर्षों का कार्यकाल विकास, सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण का स्वर्णिम काल रहा है। सरकार ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य किया है। आज देश और प्रदेश विकास के नए मानदंड स्थापित कर रहे हैं। यह बात हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने शनिवार को  केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में स्थानीय लोक निर्माण विश्रामगृह में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। सम्मेलन में पहुंचने पर उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने शिक्षा मंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया।     इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि हरियाणा में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था की मजबूत नींव रखी, जबकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी उस व्यवस्था को और अधिक जनहितैषी, संवेदनशील तथा प्रभावी बनाते हुए विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल है जहां विकास योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के सीधे पात्र लोगों तक पहुंच रहा है। महिपाल ढांडा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, खेल, उद्योग, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण विकास और आधारभूत ढांचे के निर्माण जैसे सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, डिजिटल सेवाओं के विस्तार और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण के कारण जनता का विश्वास शासन व्यवस्था में और अधिक मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल योजनाएं बनाना नहीं बल्कि उन्हें धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करना है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर लगातार बढ़ाए गए हैं। भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है, जिससे योग्य युवाओं को बिना किसी सिफारिश और बिना किसी अतिरिक्त खर्च के अवसर प्राप्त हुए हैं। कौशल विकास, रोजगारोन्मुखी शिक्षा और उद्योगों में निवेश

Panipat, Panipat | Jun 13, 2026

नीट परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न करवाने के लिए प्रशासन कृतसंकल्प: डीसी

 सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर प्रशासन की रहेगी कड़ी नजर: डीसी

 नीट के लिए 21 जून को जिला में 8 परीक्षा केंद्रों पर 2708 युवा देंगे परीक्षा: डीसी

 नीट (यूजी) परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक ऑफलाइन मोड में होगी आयोजित।

 परीक्षार्थियों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया जाएगा।

 करनाल, 13 जून।   डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि नीट-2026 की परीक्षा का आयोजन 21 जून को होगा। यह परीक्षा देशभर में पुन: आयोजित हो रही है और इस पर सभी की नजरें हैं। इसलिए परीक्षा से जुड़े सभी अधिकारी, कर्मचारी अपनी ड्यूटी को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ निभाएं और कहीं पर भी लापरवाही नजर ना आए क्योंकि यह बच्चों के भविष्य का सवाल है। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा को जिला में शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न करवाने के लिए प्रशासन कृतसंकल्प है। जिला में परीक्षा के दृष्टिगत 8 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 2708 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। जिले में परीक्षा के लिए सीईओ अमित कुमार को नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है।

डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा शनिवार को लघु सचिवालय के सभागार में नीट 2026 की परीक्षा की तैयारियों को लेकर बैठक में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे थे। इससे पहले मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीसी के माध्यम से जिला उपायुक्तों व पुलिस अधीक्षकों के साथ नीट परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वीसी में एनटीए के प्रतिनिधि अभिषेक ने नीट परीक्षा की तैयारियों की पीपीटी के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी और हिदायतों के बारे में अवगत कराया।

वीसी के बाद डीसी ने निर्देश दिए कि सभी ड्यूटी मजिस्ट्रेट सभी परीक्षा केंद्रों का दौरा कर आवश्यक प्रबंधों का जायजा लें। अगर कहीं पर कोई आवश्यकता है तो उसे तुरंत पूरी करवाएं। उन्होंने कहा कि अधिकारी सभी निर्धारित परीक्षा केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय तथा बिजली की उचित व्यवस्था कराना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों में रैम्प तथा व्हील चेयर की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों के बाहर सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था तथा परीक्षार्थियों के लिए पार्किंग की व्यवस्था करवाई जाए। पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा के दृष्टिगत प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर एक एएसआई सहित चार कांस्टेबल नियुक्त किए जाएं। उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्र मे

नीट परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न करवाने के लिए प्रशासन कृतसंकल्प: डीसी  सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर प्रशासन की रहेगी कड़ी नजर: डीसी  नीट के लिए 21 जून को जिला में 8 परीक्षा केंद्रों पर 2708 युवा देंगे परीक्षा: डीसी  नीट (यूजी) परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक ऑफलाइन मोड में होगी आयोजित।  परीक्षार्थियों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया जाएगा।  करनाल, 13 जून।   डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि नीट-2026 की परीक्षा का आयोजन 21 जून को होगा। यह परीक्षा देशभर में पुन: आयोजित हो रही है और इस पर सभी की नजरें हैं। इसलिए परीक्षा से जुड़े सभी अधिकारी, कर्मचारी अपनी ड्यूटी को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ निभाएं और कहीं पर भी लापरवाही नजर ना आए क्योंकि यह बच्चों के भविष्य का सवाल है। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा को जिला में शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न करवाने के लिए प्रशासन कृतसंकल्प है। जिला में परीक्षा के दृष्टिगत 8 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 2708 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। जिले में परीक्षा के लिए सीईओ अमित कुमार को नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है। डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा शनिवार को लघु सचिवालय के सभागार में नीट 2026 की परीक्षा की तैयारियों को लेकर बैठक में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे थे। इससे पहले मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीसी के माध्यम से जिला उपायुक्तों व पुलिस अधीक्षकों के साथ नीट परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वीसी में एनटीए के प्रतिनिधि अभिषेक ने नीट परीक्षा की तैयारियों की पीपीटी के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी और हिदायतों के बारे में अवगत कराया। वीसी के बाद डीसी ने निर्देश दिए कि सभी ड्यूटी मजिस्ट्रेट सभी परीक्षा केंद्रों का दौरा कर आवश्यक प्रबंधों का जायजा लें। अगर कहीं पर कोई आवश्यकता है तो उसे तुरंत पूरी करवाएं। उन्होंने कहा कि अधिकारी सभी निर्धारित परीक्षा केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय तथा बिजली की उचित व्यवस्था कराना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों में रैम्प तथा व्हील चेयर की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों के बाहर सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था तथा परीक्षार्थियों के लिए पार्किंग की व्यवस्था करवाई जाए। पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा के दृष्टिगत प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर एक एएसआई सहित चार कांस्टेबल नियुक्त किए जाएं। उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्र मे

Panipat, Panipat | Jun 13, 2026

तेजली खेल परिसर में नगर निगम ने चलाया सफाई अभियान, स्वच्छता के साथ रोपे पौधे

तेजली स्टेडियम में निगम की 'क्लीन-ग्रीन' मुहिम; स्वच्छता के साथ रोपे पौधे, पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

स्वच्छ सर्वेक्षण 2026: मेयर और कमिश्नर के निर्देश पर एसडब्ल्यूएम रूल्स-2026 के तहत लोगों को किया जागरूक

यमुनानगर। शहर को स्वच्छ, सुंदर और हरा-भरा बनाने के संकल्प के साथ नगर निगम द्वारा एक बड़ी मुहिम की शुरुआत की गई है। स्वच्छता प्रबंधन नियम (एसडब्ल्यूएम रूल्स-2026) के प्रभावी क्रियान्वयन और जन-जागरूकता के उद्देश्य से नगर निगम की टीम ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के अंतर्गत वार्ड नंबर 11 स्थित तेजली खेल परिसर (स्टेडियम) में विशेष स्वच्छता अभियान और पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया।

यह पूरा अभियान मेयर सुमन बहमनी और नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद के विशेष दिशा-निर्देशों पर चलाया गया। अभियान के दौरान निगम की विशेष टीम ने तेजली खेल परिसर तथा उसके आसपास के पूरे इलाके में व्यापक स्तर पर सफाई की। जगह-जगह फैले हुए कूड़े-कचरे को एकत्रित किया गया और गाड़ियों के माध्यम से उसका उचित व वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया गया। इसके साथ ही, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए स्टेडियम परिसर में विभिन्न प्रजातियों के छायादार और फलदार पौधों का रोपण भी किया गया।

कार्यक्रम के दौरान स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के विशेषज्ञ आकाश कुमार, सहयोगी गगन बेनीवाल व उनकी टीम और कर्मचारियों ने वहां मौजूद खिलाड़ियों और स्थानीय नागरिकों को स्वच्छता की बारीकियां समझाईं। लोगों को एसडब्ल्यूएम रूल्स-2026 के तहत स्रोत स्तर (सोर्स सेग्रीगेशन) पर ही कचरा अलग करने की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि गीले और सूखे कचरे को हमेशा अलग-अलग डस्टबिन में रखें। साथ ही, घरेलू खतरनाक कचरे (जैसे पुरानी दवाइयां, बैटरी, सीएफएल आदि) के सुरक्षित निपटान के बारे में भी जागरूक किया गया। नागरिकों को सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने और पर्यावरण की सुरक्षा में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

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जनसहभागिता से ही सुंदर बनेगा शहर - मेयर

इस अभियान में नगर निगम के अधिकारियों, सफाई कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने बेहद उत्साह के साथ भाग लिया और शहर को स्वच्छ व हरित बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। मेयर सुमन बहमनी ने कहा कि ऐसे अभियानों का मुख्य उद्देश्य सिर्फ सफाई करना नहीं, बल्कि नागरिकों के व्यवहार में बदलाव लाना है। जब तक आमजन कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक नहीं होंगे, तब तक पूर्ण स्वच्छता का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा स

तेजली खेल परिसर में नगर निगम ने चलाया सफाई अभियान, स्वच्छता के साथ रोपे पौधे तेजली स्टेडियम में निगम की 'क्लीन-ग्रीन' मुहिम; स्वच्छता के साथ रोपे पौधे, पर्यावरण संरक्षण का संकल्प स्वच्छ सर्वेक्षण 2026: मेयर और कमिश्नर के निर्देश पर एसडब्ल्यूएम रूल्स-2026 के तहत लोगों को किया जागरूक यमुनानगर। शहर को स्वच्छ, सुंदर और हरा-भरा बनाने के संकल्प के साथ नगर निगम द्वारा एक बड़ी मुहिम की शुरुआत की गई है। स्वच्छता प्रबंधन नियम (एसडब्ल्यूएम रूल्स-2026) के प्रभावी क्रियान्वयन और जन-जागरूकता के उद्देश्य से नगर निगम की टीम ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के अंतर्गत वार्ड नंबर 11 स्थित तेजली खेल परिसर (स्टेडियम) में विशेष स्वच्छता अभियान और पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। यह पूरा अभियान मेयर सुमन बहमनी और नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद के विशेष दिशा-निर्देशों पर चलाया गया। अभियान के दौरान निगम की विशेष टीम ने तेजली खेल परिसर तथा उसके आसपास के पूरे इलाके में व्यापक स्तर पर सफाई की। जगह-जगह फैले हुए कूड़े-कचरे को एकत्रित किया गया और गाड़ियों के माध्यम से उसका उचित व वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया गया। इसके साथ ही, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए स्टेडियम परिसर में विभिन्न प्रजातियों के छायादार और फलदार पौधों का रोपण भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के विशेषज्ञ आकाश कुमार, सहयोगी गगन बेनीवाल व उनकी टीम और कर्मचारियों ने वहां मौजूद खिलाड़ियों और स्थानीय नागरिकों को स्वच्छता की बारीकियां समझाईं। लोगों को एसडब्ल्यूएम रूल्स-2026 के तहत स्रोत स्तर (सोर्स सेग्रीगेशन) पर ही कचरा अलग करने की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि गीले और सूखे कचरे को हमेशा अलग-अलग डस्टबिन में रखें। साथ ही, घरेलू खतरनाक कचरे (जैसे पुरानी दवाइयां, बैटरी, सीएफएल आदि) के सुरक्षित निपटान के बारे में भी जागरूक किया गया। नागरिकों को सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने और पर्यावरण की सुरक्षा में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया। --------- जनसहभागिता से ही सुंदर बनेगा शहर - मेयर इस अभियान में नगर निगम के अधिकारियों, सफाई कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने बेहद उत्साह के साथ भाग लिया और शहर को स्वच्छ व हरित बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। मेयर सुमन बहमनी ने कहा कि ऐसे अभियानों का मुख्य उद्देश्य सिर्फ सफाई करना नहीं, बल्कि नागरिकों के व्यवहार में बदलाव लाना है। जब तक आमजन कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक नहीं होंगे, तब तक पूर्ण स्वच्छता का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा स

Panipat, Panipat | Jun 13, 2026

सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित

 विधायक रामकुमार कश्यप ने एसटीपी पार्क में किया पौधारोपण

वंचितों का कल्याण सरकार का संकल्प : रामकुमार कश्यप

इंद्री, 13 जून।  विधायक एवं गवर्नमेंट चीफ व्हिप रामकुमार कश्यप ने सरकार के 12 वर्षों वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में चलाए जा रहे कार्यक्रमों के तहत शनिवार को जनस्वास्थ्य विभाग के एसटीपी पार्क में पौधारोपण किया। यहां पहुंचने पर एसडीएम डॉ. रमन गुप्ता, तहसीलदार विनोद कुमार, रेंज ऑफिसर रजत सहित अन्य अधिकारियों व गणमान्य लोगों ने विधायक का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। आज के पौधारोपण कार्यक्रम में आम, आंवला, रीठा, अमरूद, मोलश्री, बोतल ब्रश, जामुन सहित अन्य फलदार, छायादार व औषधीय पौधे लगाए गए।

इस अवसर पर  विधायक एवं गवर्नमेंट चीफ व्हिप रामकुमार कश्यप ने कहा कि वर्तमान सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में सरकार के विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को आमजन तक पहुंचाने के लिए 20 जून तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी प्राथमिकता समाज के सबसे वंचित और जरूरतमंद वर्ग को बनाया है। विकास की ऊँची इमारत तभी खड़ी हो सकती है जब उसकी नींव मजबूत हो। यही सरकार का पहला संकल्प था, और बीते वर्षों में इसे धरातल पर उतारा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा हर वर्ग के कल्याण के लिये योजनाएं शुरू की गई हैं, जिनका सीधा लाभ किसी न किसी रूप में योग्य पात्रों को मिल रहा है।

विधायक ने कहा कि पर्यावरण असंतुलन तथा प्रदूषण की समस्या वर्तमान समय की बड़ी चुनौतियों में से एक है। पर्यावरण असंतुलन तथा प्रदूषण से मानव स्वास्थ्य, जैव विविधता और पारिस्थितिक तंत्र के लिए गंभीर समस्या पैदा कर रहा है। औद्योगिक उत्सर्जन, वाहनों का धुआं और प्लास्टिक कचरे के कारण सभी जगह प्रदूषण बढ़ रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए व्यापक वृक्षारोपण, इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाना और ठोस कचरा प्रबंधन जैसे उपाय अपनाना जरूरी है। विधायक ने यह भी बताया कि उन्हें पर्यावरण एवं प्रदूषण विषय समिति के अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह समिति राज्य में पर्यावरणीय समस्याओं का अध्ययन और प्रदूषण जैसे जल, वायु, ध्वनि की जांच करना और उनके निवारण के लिए उपाय सुझाना है।

इस मौके पर तहसीलदार विनोद कुमार, रेंज ऑफिसर रजत, जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ अर्पित धीमान, मार्किट कमेटी चेयरमैन महिन्द्र सिंह पंजोखरा, मंडल अध्यक्ष विजय कश्यप, प्रभारी दीपक शर्मा, सुमित सैनी मंडल महामंत्री, संजीव सैनी ,सुभाष खेड़ा, पार्षद गुरमीत सिंह, का

सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित विधायक रामकुमार कश्यप ने एसटीपी पार्क में किया पौधारोपण वंचितों का कल्याण सरकार का संकल्प : रामकुमार कश्यप इंद्री, 13 जून। विधायक एवं गवर्नमेंट चीफ व्हिप रामकुमार कश्यप ने सरकार के 12 वर्षों वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में चलाए जा रहे कार्यक्रमों के तहत शनिवार को जनस्वास्थ्य विभाग के एसटीपी पार्क में पौधारोपण किया। यहां पहुंचने पर एसडीएम डॉ. रमन गुप्ता, तहसीलदार विनोद कुमार, रेंज ऑफिसर रजत सहित अन्य अधिकारियों व गणमान्य लोगों ने विधायक का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। आज के पौधारोपण कार्यक्रम में आम, आंवला, रीठा, अमरूद, मोलश्री, बोतल ब्रश, जामुन सहित अन्य फलदार, छायादार व औषधीय पौधे लगाए गए। इस अवसर पर विधायक एवं गवर्नमेंट चीफ व्हिप रामकुमार कश्यप ने कहा कि वर्तमान सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में सरकार के विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को आमजन तक पहुंचाने के लिए 20 जून तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी प्राथमिकता समाज के सबसे वंचित और जरूरतमंद वर्ग को बनाया है। विकास की ऊँची इमारत तभी खड़ी हो सकती है जब उसकी नींव मजबूत हो। यही सरकार का पहला संकल्प था, और बीते वर्षों में इसे धरातल पर उतारा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा हर वर्ग के कल्याण के लिये योजनाएं शुरू की गई हैं, जिनका सीधा लाभ किसी न किसी रूप में योग्य पात्रों को मिल रहा है। विधायक ने कहा कि पर्यावरण असंतुलन तथा प्रदूषण की समस्या वर्तमान समय की बड़ी चुनौतियों में से एक है। पर्यावरण असंतुलन तथा प्रदूषण से मानव स्वास्थ्य, जैव विविधता और पारिस्थितिक तंत्र के लिए गंभीर समस्या पैदा कर रहा है। औद्योगिक उत्सर्जन, वाहनों का धुआं और प्लास्टिक कचरे के कारण सभी जगह प्रदूषण बढ़ रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए व्यापक वृक्षारोपण, इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाना और ठोस कचरा प्रबंधन जैसे उपाय अपनाना जरूरी है। विधायक ने यह भी बताया कि उन्हें पर्यावरण एवं प्रदूषण विषय समिति के अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह समिति राज्य में पर्यावरणीय समस्याओं का अध्ययन और प्रदूषण जैसे जल, वायु, ध्वनि की जांच करना और उनके निवारण के लिए उपाय सुझाना है। इस मौके पर तहसीलदार विनोद कुमार, रेंज ऑफिसर रजत, जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ अर्पित धीमान, मार्किट कमेटी चेयरमैन महिन्द्र सिंह पंजोखरा, मंडल अध्यक्ष विजय कश्यप, प्रभारी दीपक शर्मा, सुमित सैनी मंडल महामंत्री, संजीव सैनी ,सुभाष खेड़ा, पार्षद गुरमीत सिंह, का

Panipat, Panipat | Jun 13, 2026

प्रत्येक सोमवार व वीरवार को प्रात: 10 से 12 बजे तक समाधान शिविर आयोजित
यमुनानगर, 13 जून- उपायुक्त प्रीति ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व हरियाणा सरकार की मंशा है कि आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान हो। उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा जिला मुख्यालय के जिला सचिवालय के सभागार कक्ष 203  में समाधान शिविर आयोजित किया जाता हैै।  कोई भी प्रार्थी अपनी समस्या का समाधान इस शिविर में करवा सकता है। उन्होंने बताया कि यह समाधान शिविर सप्ताह में दो दिन सोमवार व वीरवार सुबह 10 से 12 बजे तक आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि समाधान शिविर का आयोजन जिला व उपमंडल दोनों स्तरों पर किया जा रहा है।
उपायुक्त ने बताया कि इन समाधान शिविरों में अपनी समस्याओं को लेकर आने वाले प्रत्येक प्रार्थी की समस्याओं को मौके पर ही निपटान करने का भरसक प्रयास किया जाता है। उपायुक्त प्रीति ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान शिविर में आने वाली सभी समस्याओं का तत्काल समाधान करें। यदि कोई समस्या का समाधान दस्तावेजों या अन्य जांच पर आधारित है तब भी उसका समयबद्ध होकर जल्द निपटान करवाना सुनिश्चित करें।

Photo of DC

 

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देश भर में विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान और मध्यस्थता के माध्यम से निपटारे के लिए उच्चतम न्यायालय की पहल
यमुनानगर, 13 जून  - जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम सुमित्रा कादियान ने बताया कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा विशेष लोक अदालत का आयोजन 21, 22 और 23 अगस्त, 2026 को होगा। यदि आप माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष लंबित अपने मामलों का निपटारा करना चाहते हैं, तो आप अपने मामले को इस विशेष समाधान समारोह में सूचीबद्ध कराने के लिए निकटतम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर सकते हैं। प्रशिक्षित मध्यस्थ, पक्षकारों को सौहार्दपूर्ण समझौता कराने में सहायता हेतु पूर्व-लोक अदालत बैठकें आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि माननीय उच्चतम न्यायालय में आयोजित होने वाले विशेष समाधान समारोह में विचार किए जाने वाले चैक से सम्बन्धित मामले (एन.आई. एक्ट),धन वसूली मामले, अपराधिक मामले जिनमे कानूनी तौर पर समझौता किया जा सकता है, एक्सीडेंट क्लेम केस (एम.ए. सी.टी.), श्रम एवं रोजगार सम्बन्धी विवाद, पारिवारिक विवाद मामले, किराया संबंधी मामले, स्थानान्तरण याचिकाएं (सिविल एवं आपराधिक), भरण-पोषण संबंधित मामले, भूमि अधिग्रहण और भूमि विवाद मामले, सेवाएं संबंधी मामले, राजस्व मामले व अन्य मामले हो सकते है।
उन्होंने बताया कि वकील और पक्षकार हरियाणा र

प्रत्येक सोमवार व वीरवार को प्रात: 10 से 12 बजे तक समाधान शिविर आयोजित यमुनानगर, 13 जून- उपायुक्त प्रीति ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व हरियाणा सरकार की मंशा है कि आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान हो। उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा जिला मुख्यालय के जिला सचिवालय के सभागार कक्ष 203  में समाधान शिविर आयोजित किया जाता हैै।  कोई भी प्रार्थी अपनी समस्या का समाधान इस शिविर में करवा सकता है। उन्होंने बताया कि यह समाधान शिविर सप्ताह में दो दिन सोमवार व वीरवार सुबह 10 से 12 बजे तक आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि समाधान शिविर का आयोजन जिला व उपमंडल दोनों स्तरों पर किया जा रहा है। उपायुक्त ने बताया कि इन समाधान शिविरों में अपनी समस्याओं को लेकर आने वाले प्रत्येक प्रार्थी की समस्याओं को मौके पर ही निपटान करने का भरसक प्रयास किया जाता है। उपायुक्त प्रीति ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान शिविर में आने वाली सभी समस्याओं का तत्काल समाधान करें। यदि कोई समस्या का समाधान दस्तावेजों या अन्य जांच पर आधारित है तब भी उसका समयबद्ध होकर जल्द निपटान करवाना सुनिश्चित करें। Photo of DC   ---------- देश भर में विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान और मध्यस्थता के माध्यम से निपटारे के लिए उच्चतम न्यायालय की पहल यमुनानगर, 13 जून  - जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम सुमित्रा कादियान ने बताया कि माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा विशेष लोक अदालत का आयोजन 21, 22 और 23 अगस्त, 2026 को होगा। यदि आप माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष लंबित अपने मामलों का निपटारा करना चाहते हैं, तो आप अपने मामले को इस विशेष समाधान समारोह में सूचीबद्ध कराने के लिए निकटतम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर सकते हैं। प्रशिक्षित मध्यस्थ, पक्षकारों को सौहार्दपूर्ण समझौता कराने में सहायता हेतु पूर्व-लोक अदालत बैठकें आयोजित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि माननीय उच्चतम न्यायालय में आयोजित होने वाले विशेष समाधान समारोह में विचार किए जाने वाले चैक से सम्बन्धित मामले (एन.आई. एक्ट),धन वसूली मामले, अपराधिक मामले जिनमे कानूनी तौर पर समझौता किया जा सकता है, एक्सीडेंट क्लेम केस (एम.ए. सी.टी.), श्रम एवं रोजगार सम्बन्धी विवाद, पारिवारिक विवाद मामले, किराया संबंधी मामले, स्थानान्तरण याचिकाएं (सिविल एवं आपराधिक), भरण-पोषण संबंधित मामले, भूमि अधिग्रहण और भूमि विवाद मामले, सेवाएं संबंधी मामले, राजस्व मामले व अन्य मामले हो सकते है। उन्होंने बताया कि वकील और पक्षकार हरियाणा र

Panipat, Panipat | Jun 13, 2026

मुख्यमंत्री ने पंचकूला में राज्य स्तरीय सशक्त पंचायत समारोह में विभिन्न योजनाओं के तहत 2,697 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की पंचायतों को अधिक अधिकार और संसाधन देने, ग्रामीण विकास को गति प्रदान करने, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का किया आह्वान गांवों को विकास की धुरी बनाकर आगे बढ़ रहा है हरियाणा- मुख्यमंत्री गांवों के समग्र विकास और नशामुक्त हरियाणा के निर्माण में सरपंचों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण - मुख्यमंत्री सरकार ने दी ग्रामीणों को बड़ी राहत: अब 16 जनवरी तक कर सकेंगे मालिकाना हक के लिए आवेदन नशा तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, सरपंच भी इस अभियान में दें सहयोग हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ग्रामीणों को बड़ी राहत देते हुए ऐलान किया है कि जो परिवार गांव की शामलात भूमि पर पिछले 20 वर्षो से मकान बनाकर रह रहे है, ऐसे परिवार मालिकाना हक के लिए नियमानुसार अब 16 जनवरी 2027 तक अपने आवेदन कर सकते है। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों से वर्ष 2004 की कलेक्टर दर की डेढ़ गुणा के अनुसार भूमि खरीद की राशि जमा करवाई जाएगी। दस्तावेजी कठिनाइयों के कारण कई पात्र लोग आवेदन नहीं कर सके थे, ऐसे में सरकार ने उन्हें राहत दी है। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की है कि ग्रामीण क्षेत्र में कचरा प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली, चालक और कचरा संग्रहण कर्मी उपलब्ध करवाए जाएंगे। यह ट्रैक्टर ई—वी होंगे। इसके अलावा वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं पर भी सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को पंचकूला के इंद्रधनुष आडिटोरियम में आयोजित राज्य स्तरीय सशक्त पंचायत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 17 जिलों के 179 गांवों की फिरनियों पर एल.ई.डी. स्ट्रीट लाइटों का उद्घाटन भी किया, जिन पर 23 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत आई है। साथ ही 17 जिलों में 44 करोड़ रुपये की लागत से बनी 350 अटल लाइब्रेरियों का भी लोकार्पण किया। उन्होंने ग्राम विकास के लिए पंचायती राज संस्थाओं को विकास कार्यों हेतु 1 हजार 56 करोड़ 75 लाख रुपये सीधे उनके खातों में भी ट्रांसफर किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जागृत ग्राम पुरस्कारों के तहत प्रदेश की 6 ग्राम पंचायतों को विकास, स्वच्छता और सुशासन के नए मानदंड स्थापित करने के लिए सम्मानित किया तथा उन्हें 1 करोड़ 66 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। इन पंचायतों में फतेहाबाद जिला की गांव जांडली कलां की ग्राम पंचायत को 51 लाख रुपये, चरखीदादरी के गांव झिंझर की पंचायत को 31 लाख रुपये, अंबाला के साहा की पंचायत को 21 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई। इसी प्रकार द्वितीय श्रेणी में फतेहाबाद जिला के गांव जल्लोपुर की पंचायत को 31 लाख रुपये, गांव गदली को 21 लाख रुपये तथा करनाल के मर्दानहेड़ी गांव की ग्राम पंचायत को 11 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया। उन्होंने इस दौरान कुरुक्षेत्र के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व पर आधारित ‘धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र’ पुस्तक का विमोचन भी किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत की असली शक्ति हमेशा गांवों और पंचायतों में है तथा पंच परमेश्वर की परंपरा ने देश में लोकतंत्र को जीवित रखा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में गांवों को विकास का भागीदार बनाने की दिशा में लगातार ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं और आज इसी श्रृंखला में विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 2,697 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गांव को योजना का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि विकास का पहला केंद्र मानने की सोच दी है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण लाभ अब अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रहा है तथा सेवा, सुशासन और जन-कल्याण का नया अध्याय लिखा गया है। उन्होंने कहा कि मिडल ईस्ट में जो परिस्थितियां बनी, उन चुनौतियों से पार पाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ईंधन बचाने का आह्वान किया, इसके साथ ही ऐसी रणनीति बनाई है जिससे हम इस समस्या से पार—पा सके। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 का जिक्र करते हुए कहा कि वो दौर भी अत्यंत चुनौतीपूर्ण था, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने इस वैश्विक संकट का सफलतापूर्वक सामना किया। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं और लोगों का शासन व्यवस्था पर विश्वास लगातार मजबूत हुआ है। योजनाओं की किस्त भी जारी की मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कार्यक्रम के दौरान हर महीने डीबीटी के जरिए दी जाने वाली विभिन्न योजनाओं की किस्त भी रिमोट का बटन दबाकर जारी की। इस दौरान उन्होंने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत माताओं-बहनों को 8वीं किस्त के रूप में 207 करोड़ 75 लाख रुपये जारी किए। इसी प्रकार, हर घर-हर गृहिणी योजना के तहत 19 करोड़ 75 लाख रुपये डाले गए। सामाजिक सुरक्षा पेंशनों के लाभार्थियों को 1 हजार 151 करोड़ 51 लाख रुपये सीधे उनके खातों में हस्तांतरित किए गए। इसके अलावा ओ.बी.सी. और डी.एन.टी. वर्गों के विद्यार्थियों को 23 करोड़ 17 लाख रुपये की छात्रवृत्तियां प्रदान की गईं। दयालु योजना के तहत 169 करोड़ 50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी गई। सशक्त पंचायतें ही मजबूत लोकतंत्र और समृद्ध गांवों की आधारशिला हैं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गांवों की समस्याओं का समाधान करना केवल सरकार की ही नहीं बल्कि पंचायत प्रतिनिधियों की भी साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे कार्य हैं जिन्हें बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय सहायता के भी जनभागीदारी के माध्यम से पूरा किया जा सकता है। गांवों को विकास का केंद्र बनाने के लिए सरपंचों की सक्रिय भूमिका अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य में 98 प्रतिशत से अधिक गांव ओ.डी.एफ. प्लस बन चुके हैं और 2 अक्टूबर 2026 तक सभी गांवों को ओडीएफ प्लस मॉडल गांव बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2,100 से अधिक अमृत सरोवर बनाए जा चुके हैं। सरकार ने ग्राम पंचायत द्वारा विकास कार्य कराने की सीमा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 21 लाख रुपये की। इसके साथ ही पंचायत कार्यों और न्यायिक मामलों के लिए पंच-सरपंचों को HCS अधिकारी तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट के बराबर टी.ए.-डी.ए. दिया जाता है। पंचायतों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए स्टाम्प ड्यूटी में हिस्सेदारी और बिजली खपत पर लगने वाली 2 प्रतिशत दर सीधे पंचायत खातों में दी जा रही है। बिना पर्ची-खर्ची के रोजगार से बढ़ा युवाओं का विश्वास मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले नौकरी प्राप्त करने के लिए सिफारिश और पैसे की आवश्यकता समझी जाती थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त किया है। उन्होंने बताया कि हाल ही में लगभग 3,000 से अधिक युवाओं का चयन पूर्णतः पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से हुआ है तथा किसी भी अभ्यर्थी को कोई पैसा नहीं देना पड़ा। दूसरी भर्ती पर पीएमटी चल रहा है। आने वाले समय में 5,600 युवाओं की भर्ती हरियाणा पुलिस में की जाएगी, जबकि लगभग 8,500 अभ्यर्थियों की परीक्षा संपन्न हो चुकी है और उसका परिणाम शीघ्र घोषित किया जाएगा। इससे युवाओं में यह विश्वास पैदा हुआ है कि अब योग्यता के आधार पर रोजगार प्राप्त किया जा सकता है। 2036 ओलंपिक को रखें टारगेट, नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में पंचायतों से मांगा सहयोग: मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ सरकार पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने सरपंचों से आह्वान किया कि वे अपने गांवों को नशामुक्त बनाने का संकल्प लें और नशा तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई में प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘मानस पोर्टल’ पर कोई भी व्यक्ति नशे से संबंधित जानकारी दे सकता है तथा सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। यदि किसी स्तर पर पुलिस कर्मियों की मिलीभगत की जानकारी मिलती है तो उसके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ गांवों के सरपंचों ने यह संकल्प लिया है कि उनके गांव में न तो कोई व्यक्ति नशा करेगा और न ही कोई नशा बेचेगा। ऐसे प्रयास पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के युवाओं को नशे से दूर रखकर खेलों की ओर प्रेरित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि पंचायतों को खेल सामग्री की आवश्यकता होगी तो खेल विभाग आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए खेल संस्कृति को मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विकसित गांव की पहचान नशामुक्ति, स्वच्छता और जल संरक्षण मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति करने के लिए पूरा समय है, लेकिन चुने जाने के बाद पांच वर्षों तक गांव के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विकसित गांव की पहचान नशामुक्त वातावरण, स्वच्छता, पर्याप्त पेयजल उपलब्धता और पर्यावरण संरक्षण से होती है। उन्होंने सरपंचों से पराली न जलाने के लिए किसानों को जागरूक करने का आह्वान किया और कहा कि सरकार इस दिशा में विभिन्न प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है। गरीब परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाने में निभाएं सक्रिय भूमिका मुख्यमंत्री ने सरपंचों से कहा कि वे अपने गांवों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की पहचान करें ताकि उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि पात्र परिवारों को सोलर पैनल लगाने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे उनका बिजली बिल शून्य के करीब पहुंच सके। इसके अलावा उन्होंने कहा कि यदि किसी गरीब परिवार को आवास की आवश्यकता है तो उसकी जानकारी ग्राम पंचायत सरकार तक पहुंचाएं, ताकि उसे आवास योजना का लाभ मिल सके। प्राकृतिक खेती और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने का आह्वान मुख्यमंत्री ने सरपंचों से किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और लोगों के स्वास्थ्य की दृष्टि से प्राकृतिक खेती अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों तथा देसी गाय पालने वाले किसानों को प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। साथ ही फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि मोरनी क्षेत्र में हल्दी की खेती को बढ़ावा देने के लिए समझौते किए गए हैं तथा हल्दी और अदरक की खेती करने वाले किसानों को 45 हजार रुपये तक प्रति एकड़ की सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग का प्रभाव अब खाद्य पदार्थों और दूध तक में दिखाई देने लगा है, इसलिए टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाना समय की मांग है। विकसित भारत का मार्ग गांवों से होकर गुजरता है मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित हरियाणा और विकसित भारत का सपना गांवों की चौपालों से ही साकार होगा। जितने जागरूक गांव होंगे, उतना ही मजबूत प्रदेश और देश बनेगा। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाएं बना सकती है, बजट उपलब्ध करा सकती है और नीतियां तैयार कर सकती है, लेकिन इतिहास तब बनता है जब जनता स्वयं संकल्प लेकर आगे बढ़ती है। उन्हें विश्वास है कि हरियाणा की पंचायतें, युवा और आमजन मिलकर विकास का नया इतिहास रचेंगे। सरपंचों ने मुख्यमंत्री के समक्ष रखे अपने अनुभव, पारदर्शी व्यवस्था और महिला सशक्तिकरण की सराहना की समारोह के दौरान राज्य के विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए सरपंचों ने मुख्यमंत्री के साथ संवाद कर ग्रामीण विकास एवं पंचायत सशक्तिकरण से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। महेंद्रगढ़, पिंजौर, पंचकूला, पुंडरी सहित विभिन्न क्षेत्रों के सरपंचों ने ग्राम पंचायतों के समग्र विकास के लिए पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था स्थापित करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गांवों में स्थापित की गई ई-लाइब्रेरी युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही हैं, जिनकी बदौलत अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बिना किसी ‘पर्ची-खर्ची’ के सरकारी नौकरियों में चयन का अवसर मिला है। सरपंचों ने यह भी कहा कि पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों का विवरण डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराए जाने से पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगा है। महिला सरपंच कविता चौधरी ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पंचायतों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान कर उन्हें नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने का ऐतिहासिक कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिससे महिलाओं को समाज में नई पहचान और आत्मविश्वास मिला है। हरियाणा में पंचायतों और ग्रामीण विकास को मिल रही नई दिशा: पंवार समारोह को संबोधित करते हुए विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में ग्रामीण विकास, पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने तथा गांवों को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा पंचायतों को अधिक अधिकार और संसाधन उपलब्ध करवाकर गांवों के समग्र विकास को नई गति दी गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन को धरातल पर उतारने का कार्य हरियाणा सरकार द्वारा किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 6225 ग्राम पंचायतों में इंडोर जिम, आधुनिक लाइब्रेरी तथा महिला संस्कृति केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए गांव स्तर पर आधुनिक लाइब्रेरी स्थापित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। हाल ही में हरियाणा के 37 युवाओं के यूपीएससी परीक्षा में चयन को देखते हुए सरकार ने निर्णय लिया है कि गांवों में बेहतर अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के युवा भी उच्च प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकें। इसी तरह महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी हरियाणा सरकार निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के लगभग 633 गांवों में महिला संस्कृति केंद्र खोले जा चुके हैं, जहां महिलाओं को सामाजिक, सांस्कृतिक और कौशल विकास से जुड़ी गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि गांवों में भी शहरों जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। इसी सोच के तहत गांवों में सिवरेज, सड़कें, स्ट्रीट लाइट तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आवासीय कॉलोनियों के विकास की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, ताकि गांवों में रहने वाले लोगों को उच्च स्तरीय जीवन सुविधाएं मिल सकें। पॉलिथीन का इस्तेमाल ना करे: राव नरबीर सिंह उपस्थित सरपंचों को संबोधित करते हुए उद्योग एवं वाणिज्य, पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने पॉलीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को समाप्त करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरपंचों को इस दिशा में सरकार का सहयोग करना चाहिए, क्योंकि पर्यावरण सुरक्षित होगा तो हम सुरक्षित होंगे। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। समारोह में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती रेखा शर्मा, मेयर श्याम लाल बंसल, हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया तथा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जी. अनुपमा, विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेन्द्र कुमार, निदेशक अनीश यादव, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यशपाल यादव तथा पंचायत एवं विकास विभाग के अतिरिक्त निदेशक आशुतोष राजन भी उपस्थित थे। - Panipat News