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Bol Panipat 24

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सदन में प्रदेश के विकास पर चर्चा होनी चाहिए, न कि नारेबाजी – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 

 हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि यह सदन प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा के लिए है और इसकी गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है।

 

मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री  भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा उठाए गए विषय पर जवाब देते हुए कहा कि श्री हुड्डा इस सदन के बहुत वरिष्ठ एवं सम्मानित सदस्य हैं और हम उनसे सीखते भी हैं, हालांकि हम उस रास्ते पर नहीं चलते, जो ये सिखाते हैं। हमारा रास्ता अलग है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे श्री हुड्डा का पूरा सम्मान करते हैं। उनके द्वारा कही गई बात की पूरी कार्यवाही और संदर्भ को देखा जा सकता है। उनका किसी का अपमान करने का कोई आशय नहीं था।

 

 नायब सिंह सैनी ने कहा कि विपक्ष के सदस्य बार-बार खड़े होकर इस महान सदन के भीतर नारे लगा रहे थे, जबकि यहां हरियाणा प्रदेश के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा होनी चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा सदस्यों से चैंबर में आकर वीडियो देखने के लिए कहे जाने के बावजूद सदन में फिर वही नारे लगाए गए।

 

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस सदस्यों द्वारा लगातार यह नारे लगाए जा रहे थे कि "इनकी तरफ से गुंडागर्दी की जा रही है।" इसी संदर्भ में उन्होंने केवल इतना कहा था कि “गुंडागर्दी हमारी तरफ से नहीं चल रही है, आपकी तरफ से चल रही है।” उन्होंने केवल यही शब्द कहे थे और इसमें कोई असंसदीय बात नहीं है।
2 लाख 26 हजार 389 विद्यार्थियों ने दी सड़क सुरक्षा नियमों की परीक्षा उप पुलिस अधीक्षक यातायात सुरेश कुमार सैनी
विकसित भारत में नौजवान युवकों का अहम योगदान होगा 

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कहीं सरकारी आई 
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 लेकिन भारतीय जनता पार्टी में लोगों ने अपना विश्वास जताया
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संजय भाटिया राज्यसभा सांसद और भारतीय जनता पार्टी  राष्ट्रीय महामंत्री
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ के 137वें संस्करण का देखा सीधा प्रसारण

 

 हरियाणा के मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने रविवार को पंचकूला में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 137वें संस्करण का ऑनलाइन माध्यम से सीधा प्रसारण देखा। इस अवसर पर सेक्टर-1 स्थित रेड बिशप के कन्वेंशन हॉल में कार्यक्रम के प्रसारण की विशेष व्यवस्था की गई थी, जहां मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, पार्टी कार्यकर्ताओं एवं आमजन के साथ ‘मन की बात’ कार्यक्रम को देखा।

 

‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर के नागरिकों से संवाद स्थापित करते हैं और प्रेरणादायक कहानियों, नवोन्मेषी विचारों तथा सकारात्मक बदलाव लाने वाली जन-नेतृत्व वाली पहलों को सांझा करते हैं। यह कार्यक्रम देश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे लोगों और संस्थाओं के प्रयासों को सामने लाने के साथ-साथ नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करता है।

 

‘मन की बात’ में उठाए गए विषयों और जनहित से जुड़ी पहलों के साथ सार्थक जुड़ाव को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की। उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री के विचारों और प्रेरणादायक संदेशों को ध्यानपूर्वक सुना।

 

इस अवसर पर पंचकूला के मेयर  श्यामलाल बंसल, हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग की चेयरपर्सन   बंतो कटारिया, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता, जिला अध्यक्ष श्री अजय मित्तल, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव  प्रवीण अत्रे, भाजपा नेता  कृष्ण ढुल, पार्षदगण, पार्टी कार्यकर्ता तथा भारी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
पंजाब की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनाने के लिए तैयार : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 

पंजाब की आस्था, संस्कृति और सम्मान की रक्षा के साथ मजबूत एवं विकसित प्रदेश बनाने का लेना होगा संकल्प – मुख्यमंत्री

 

आप सरकार पर मुख्यमंत्री का कटाक्ष, कहा: पंजाब में भ्रष्टाचार का बोलबाला, हर कार्य के रेट निर्धारित

 

हरियाणा के सफल जनकल्याणकारी मॉडल पंजाब में भी लागू करेंगे : मुख्यमंत्री

 

 हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब की जनता आम आदमी पार्टी सरकार से तंग आ चुकी है और बदलाव का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने पंजाब को बर्बाद करने का काम किया है और भ्रष्टाचार के मामले में पिछली कांग्रेस सरकार को भी पीछे छोड़ दिया है। इसलिए अब पंजाब की जनता ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनाने तथा पंजाब को मजबूत, विकसित और सुशासित प्रदेश बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब की पवित्र धरती की आस्था, संस्कृति और सम्मान की रक्षा करते हुए सभी को मिलकर प्रदेश को विकास और सुशासन के रास्ते पर आगे लेकर जाना होगा।

 

मुख्यमंत्री शुक्रवार को अमृतसर के बाबा बकाला साहिब में आयोजित महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भी महासम्मेलन को संबोधित किया। महासम्मेलन में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं एवं आमजन ने भाग लिया।

 

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत अमृतसर और बाबा बकाला साहिब की पवित्र धरती को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि यह गुरुओं की वह पावन धरती है, जहां इतिहास केवल लिखा नहीं गया, बल्कि रचा गया है। यह बाबा बकाला साहिब की वह पवित्र धरती है, जहां अनेक दावेदारों के बीच एक सच्चे गुरु की पहचान हुई थी। यहां भाई माखन शाह लुबाना ने सत्य को पहचाना और “गुरु लाधो रे” का उद्घोष किया। इसी पावन धरती पर खड़े होकर उन्होंने ‘हिंद की चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के चरणों में कोटि-कोटि नमन किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1664 में आठवें गुरु श्री गुरु हरिकृष्ण साहिब जी ने “बाबा बकाले” कहकर अपने उत्तराधिकारी का संकेत दिया था। इस घटना ने समाज को यह संदेश दिया कि सच्चे नेतृत्व की पहचान उसके चरित्र से होती है और सत्य कुछ समय के लिए ढक सकता है, लेकिन अंततः प्रकाश बनकर सामने आता है।

 

रक्षाबंधन के पावन पर्व की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऐतिहासिक और क्रांतिकारी धरती पर लोगों के बीच आकर ऐसा महसूस हो रहा है जैसे वे किसी राजनीतिक आयोजन में नहीं, बल्कि अपने परिवार के बीच आए हैं। उन्होंने कहा कि यह आत्मीयता केवल मिलन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे पंजाब के प्रति जिम्मेदारी के संकल्प में बदलना होगा। वर्तमान समय हमसे यह सवाल पूछ रहा है कि पंजाब को सच्ची राजनीति, सच्चा वादा और सच्ची सरकार कौन दे सकता है। उन्होंने कहा कि हम यहां केवल एक कार्यक्रम में शामिल होने नहीं, बल्कि पंजाब के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संकल्प लेने आए हैं।

 

पंजाब की आस्था, किसानों की मेहनत, युवाओं के भविष्य और बहन-बेटियों के सम्मान की रक्षा हमारा संकल्प:मुख्यमंत्री

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की आस्था की रक्षा, किसानों की मेहनत की रक्षा, नौजवानों के भविष्य की रक्षा, बहन-बेटियों के सम्मान की रक्षा और देश की सीमा पर बसे माझा की सुरक्षा ही आज भारतीय जनता पार्टी का रक्षा-संकल्प है। उन्होंने कहा कि मां-बहनों की रक्षा और सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है।

 

उन्होंने कहा कि माझा की धरती वीरता, पराक्रम, शहादत और किसान शक्ति की धरती है। यहां के लोगों ने देश की रक्षा और राष्ट्र निर्माण में हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पंजाब केवल एक प्रदेश नहीं, बल्कि देश की आस्था, संस्कृति और गौरव का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने कहा, “हम पंजाब की आस्था की रक्षा करने के लिए आए हैं और पंजाब के सम्मान को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करेंगे।”

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब और हरियाणा के लोगों के बीच सदियों पुराना भाईचारा है। दोनों प्रदेशों की संस्कृति, परंपराएं और भावनाएं एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने आह्वान किया कि सभी को मिलकर आगे बढ़ना है और पंजाब को विकास, सुशासन और समृद्धि के रास्ते पर लेकर जाना है।

 

आप सरकार ने पंजाब की जनता से किए वादों से मोड़ा मुंह:मुख्यमंत्री

 

मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लगभग साढ़े चार वर्षों में आप सरकार ने जनता से किए वादों से मुंह मोड़ लिया और पंजाब को भ्रष्टाचार के दलदल में धकेल दिया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार की नीति और नीयत ठीक नहीं है। आज पंजाब में भ्रष्टाचार का बोलबाला है, हर कार्य के रेट निर्धारित कर दिए गए हैं और बिना पैसे के कोई काम नहीं होता।

 

उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता ने जिस उम्मीद और विश्वास के साथ आम आदमी पार्टी को सत्ता सौंपी थी, सरकार उस विश्वास पर खरी नहीं उतरी। जनता अब सरकार के कामकाज को अच्छी तरह समझ चुकी है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को महसूस हो रहा है कि भ्रष्टाचार के मामले में मौजूदा सरकार पिछली कांग्रेस सरकार से भी आगे निकल गई है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का काम व्यवस्था बनाना, कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और आम नागरिक को सुविधाएं उपलब्ध करवाना है, न कि जनता को परेशान करना।

 

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब की जनता से जो अनेक वादे किए थे। इनमें से कितने पूरे किए गए, यह पंजाब की जनता के सामने है। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी “एक ही थैली के चट्टे-बट्टे” हैं।

 

एक्साइज इंस्पेक्टर भर्ती को लेकर भी आप सरकार पर साधा निशाना

 

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछले दिनों एक्साइज इंस्पेक्टर की भर्ती में केवल चहेतों को नौकरियां दी गईं और गरीब परिवारों के बच्चों को रोजगार के अवसरों से दूर रखा गया। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवा बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं और उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार से रोजगार की बड़ी उम्मीदें लगाई थीं। उन्होंने पंजाब सरकार से सवाल किया कि सत्ता में आने के बाद अब तक कितने युवाओं को रोजगार दिया गया है।

 

इसके विपरीत हरियाणा सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में युवाओं को पारदर्शी तरीके से “बिना खर्ची-बिना पर्ची” और बिना किसी भेदभाव के मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं। हरियाणा में अब तक 2 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

 

उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व जनहितैषी एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू कर लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। हरियाणा सरकार ने अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लोगों के आर्थिक और सामाजिक जीवन में व्यापक बदलाव लाने का काम किया है।

 

हरियाणा के सफल जनकल्याणकारी मॉडल पंजाब में भी लागू करेंगे–मुख्यमंत्री

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में पंजाब में भाजपा की सरकार बनने पर हरियाणा के सफल जनकल्याणकारी मॉडलों को पंजाब में भी लागू किया जाएगा, ताकि प्रदेश का सुरक्षित और समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।

 

उन्होंने कहा कि हरियाणा की भाजपा सरकार ने केवल 18 महीनों के कार्यकाल में अपने संकल्प पत्र के 217 संकल्पों में से 70 को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और शेष संकल्पों पर तेजी से काम किया जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 लाख 80 हजार रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को मात्र 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाया जा रहा है और इस योजना के तहत लाभार्थियों के खातों में अब तक 300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है।

 

लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को 2,100 रुपये की आर्थिक सहायता

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 2,100 रुपये की आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा सरकार ने बजट में 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था, जिसमें से अब तक महिलाओं के खातों में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी जा चुकी है।

 

उन्होंने आम आदमी पार्टी को पंजाब की महिलाओं से किए गए वादों पर घेरते हुए कहा कि पार्टी ने महिलाओं को आर्थिक सहायता सहित अनेक बड़े वादे किए थे, लेकिन आज भी महिलाएं उन वादों के पूरा होने का इंतजार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकारें जो कहती हैं, उसे पूरा करने के लिए काम करती हैं और सरकार की नीतियों एवं योजनाओं के केंद्र में आम नागरिक रहता है।

 

किसानों की पूरी फसल एमएसपी पर खरीद रहा हरियाणा–मुख्यमंत्री

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां किसानों की पूरी फसल एमएसपी पर खरीदी जाती है और 48 घंटों के भीतर किसानों के खातों में भुगतान सुनिश्चित किया जाता है। फसल नुकसान के मुआवजे के रूप में किसानों के खातों में 1,600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी गई है। इसके अलावा सब्जी उत्पादक किसानों को भावांतर भरपाई योजना के तहत नुकसान की भरपाई की जा रही है।

 

2 लाख से अधिक मरीजों को मिला निःशुल्क डायलिसिस का लाभ

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे हरियाणा में किडनी के मरीजों के लिए निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है और 2 लाख से अधिक मरीजों को बिना किसी व्यक्तिगत खर्च के इसका लाभ मिला है।

 

उन्होंने कहा कि प्रदेश में  42 लाख परिवारों के आयुष्मान और चिरायु कार्ड बनाए गए हैं तथा सरकार इस योजना के तहत अब तक 4,500 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेघर लोगों को आवास उपलब्ध करवाने की दिशा में भी सरकार ने महत्वपूर्ण कार्य किया है। प्रदेश में 1 लाख 60 हजार से अधिक मकान बनाकर लाभार्थियों को उनकी चाबियां सौंपी गई हैं। इसके साथ ही भूमिहीन परिवारों को गांवों में 100 गज तथा शहरों में 30 गज के प्लॉट उपलब्ध करवाए गए हैं और उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़ा गया है, ताकि उनके पक्के मकान बनाए जा सकें।

 

पंजाब को विकास और सुशासन की नई दिशा देने का आह्वान

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के पास अपार संभावनाएं हैं। पंजाब मेहनतकश किसानों, बहादुर जवानों, प्रतिभाशाली युवाओं और मातृशक्ति की धरती है। आवश्यकता इस बात की है कि प्रदेश को ऐसी 1सरकार मिले जो विकास, सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण को प्राथमिकता दे।

 

उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता को अब तय करना है कि प्रदेश को वादों की राजनीति चाहिए या विकास और सुशासन की राजनीति। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता आम आदमी पार्टी सरकार से तंग आ चुकी है और बदलाव का मन बना चुकी है। आने वाला समय भारतीय जनता पार्टी का है और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पंजाब में भाजपा की सरकार बनने जा रही है।

 

महासम्मेलन को पूर्व मंत्री  मनप्रीत सिंह बादल और पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री  तरुण चुग, विधायक  अश्विनी शर्मा, भाजपा  नेता  श्री सुनील जाखड़,  मनजीत सिंह,  कंवर वीर सिंह, जीवन गर्ग सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
हरियाणा सरकार के नवनियुक्त एडवोकेट जनरल पवन मुटनेजा ने लिया नीति सैन भाटिया का आशीर्वाद 

रविवार को हरियाणा प्रदेश के नवनियुक्त  एडवोकेट जनरल पवन कुमार मुटनेजा मॉडल टाउन भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता नीति सैन भाटिया के निवास स्थान पहुंचे और उनका आशीर्वाद लिया। बता दे की हाल ही में ही हरियाणा सरकार ने हाई कोर्ट के वरिष्ठ वकील पवन कुमार मुटनेजा को एडवोकेट जनरल नियुक्त किया है।

 भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता नीति सैन भाटिया ने कहा कि पवन कुमार पानीपत के समाजसेवी प्रेम कुमार के बेटे हैं और वह अपने पिता के बताए मार्ग पर चलकर हरियाणा हाई कोर्ट में सीनियर वकील की ड्यूटी निभाते हुए समाज की सेवा भी कर रहे हैं और हरियाणा सरकार ने एडवोकेट जनरल नियुक्त किया है उसके लिए इनको बहुत-बहुत बधाई। उन्होंने कहा कि बहुत ही सौभाग्य की बात है की पानीपत के पहले दो मंत्री, राष्ट्रीय महामंत्री और प्रदेश अध्यक्ष भी पानीपत से हैं और यह बड़ी उपलब्धि पानीपत के खाते में आई है। नवनियुक्त  एडवोकेट जनरल पवन मुटनेजा ने कहा कि नीति सैन भाटिया और उनके पिता पारिवारिक संबंध है। आज परिवार के बीच पहुंचा हूं और अपने पिता के रूप में भाटिया जी का आशीर्वाद प्राप्त किया है और जो जिम्मेदारी हरियाणा सरकार ने मुझको दी है जिम्मेदारी को बहुत ही ईमानदारी के साथ निभाई जाएगी
एसपी ने जिला डायल-112 राइडर्स का किया निरीक्षण, पुलिसकर्मियों को मुस्तैदी से ड्यूटी निभाने के दिए निर्देश

पानीपत  पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने वीरवार को जिला सचिवालय परिसर में डायल-112 राइडर्स का निरीक्षण किया। उन्होंने राइडर्स पर तैनात पुलिसकर्मियों से ड्यूटी व्यवस्था की जानकारी लेकर समीक्षा की और पूरी मुस्तैदी, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए । इस दौरान यातायात उप पुलिस अधीक्षक सुरेश कुमार सैनी व अन्य अधिकारी भी मौजूद रहें।

पुलिस अधीक्षक  भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने इस दौरान तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि डायल-112 की सेवा के तहत प्राप्त होने वाली प्रत्येक सूचना पर पूरी जिम्मेदारी, मुस्तैदी और संवेदनशीलता के साथ तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने ने पुलिसकर्मियों को जनता के साथ अच्छा व्यवहार करने तथा डायल-112 पर प्राप्त होने वाली सूचना पर तुरंत मौके पर पहुंचकर आवश्यक पुलिस सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने कहा कि आमजन की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सूचना मिलते ही बिना किसी देरी के मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालें और जरूरत के अनुसार संबंधित थाना पुलिस को भी सूचित करें। क्षेत्र में लगातार और प्रभावी गश्त करने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए।  
उन्होंन कहा की आगामी त्योहारी सीजन में बड़ी सख्या में लोग खरीदारी के लिए बाजारों में आएगे। आमजन को बेहतर व सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पूरी सतर्कता के साथ प्रभावी गश्त करे।

पानीपत पुलिस को हरियाणा पुलिस महानिदेशक कार्यालय की ओर से बीते दिनों 10 नए डायल-112 राइडर्स वाहन प्राप्त हुए हैं। इन सभी डायल 112 राइडर्स को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किया गया है। राइडर के माध्यम से डायल-112 की व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

पुलिस अधीक्षक  भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने कहा कि कई बार शहर और ग्रामीण अंचलों की संकरी व तंग गलियों तथा भारी जाम वाले बाजारों में चार पहिया पुलिस वाहन (ERV) समय पर घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाते। ऐसी परिस्थितियों में टू-व्हीलर राइडर्स आसानी से इन स्थानों तक पहुंचकर कम से कम समय में पुलिस सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिले में शुरू किए गए 10 नए टू-व्हीलर राइडर्स जिला पुलिस की आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को धरातल पर और अधिक सुदृढ़ व गतिशील बनाने में मददगार साबित हो रहे हैं। इन सभी 10 नए राइडर्स वाहनों को मुख्य रूप से डायल-112 आपातकालीन सेवा से जोड़ा गया है। कंट्रोल रूम में डायल-112 की कॉल प्राप्त होते ही संबंधित क्षेत्र के राइडर को जीपीएस के माध्यम से घटनास्थल की लोकेशन मार्क कर तुरंत रवाना किया जाता है।

पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने कहा कि टू-व्हीलर राइडर्स के माध्यम से संकरी गलियों, भीड़भाड़ वाले बाजारों और जाम वाले क्षेत्रों में पुलिस की पहुंच को और तेज किया जा रहा है। इससे आपात स्थिति में लोगों को कम से कम समय में पुलिस सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इन नए राइडर्स वाहनों के फील्ड में उतरने से जहां एक ओर आपराधिक तत्वों और असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिल रही है, वहीं दूसरी ओर आमजन को समय पर पुलिस सहायता मिलने से नागरिकों के मन में सुरक्षा की भावना और पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत होगा।
पुलिस अधीक्षक श्री भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने कहा कि आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए बाजारों में और प्रभावी गश्त की जाएगी, ताकि आमजन को सुरक्षित माहौल मिल सके और असामाजिक तत्वों में भय बना रहें।
666 दिनों में हरियाणा में निवेश का नया विश्वास, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बने निवेशकों के भरोसेमंद उत्प्रेरक

 

हरियाणा के मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी के दूसरे कार्यकाल के 666 दिनों में प्रदेश ने निवेश के क्षेत्र में नई गति हासिल की है। मुख्यमंत्री की सहज, हंसमुख और मिलनसार कार्यशैली ने जहां आमजन और राजनीतिक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है, वहीं देश-विदेश के निवेशकों में भी उनके प्रति विश्वास बढ़ा है। इसी विश्वास का परिणाम है कि उद्यमियों द्वारा अब तक 140 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) के माध्यम से करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई गई है। इनमें 1 जून, 2026 को गुरुग्राम में तथा 24 अगस्त को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आयोजित रोडशो के दौरान हुए 66,821 करोड़ रुपये के 17 एमओयू प्रमुख हैं।

 

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के पहले जापान दौरे के दौरान जापानी कंपनियों ने 10 एमओयू के माध्यम से करीब 3,900 करोड़ रुपये के निवेश की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा कि जापानी कंपनियां अपने वादों को पूरा करने के लिए जानी जाती हैं। वर्ष 1980 के दशक में गुरुग्राम में मारुति की पहली इकाई के साथ हरियाणा में निवेश की शुरुआत करने वाली जापानी कंपनियों ने गुरुग्राम को मिलेनियम सिटी के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन को साकार करने के लिए हरियाणा सरकार ने हरियाणा विजन डॉक्यूमेंट-2047 तैयार किया है। इसके तहत वर्ष 2030 तक सभी प्रमुख विभागों को अपनी योजनाओं का रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद वर्ष 2035, 2040 और 2045 के चरणों में योजनाओं को आगे बढ़ाते हुए 2047 तक हरियाणा को विकास के नए मुकाम पर पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

 
 राव नरबीर सिंह ने बताया कि निवेशकों को हरियाणा की ओर आकर्षित करने के लिए ‘हैपनिंग हरियाणा 2.0’ के तहत देश के चार प्रमुख महानगरों मुंबई, कोलकाता, दिल्ली और चेन्नई में रोडशो आयोजित किए जाएंगे। मुंबई में 24 अगस्त को रोडशो सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है, जबकि अगला रोडशो आईटी हब बेंगलुरु में आयोजित करने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश करने वाले किसी भी उद्यमी को सरकार की ओर से किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।

 

उन्होंने कहा कि हरियाणा की भौगोलिक स्थिति, मजबूत सड़क नेटवर्क और बेहतर कनेक्टिविटी इसे निवेश के लिए महत्वपूर्ण राज्य बनाती है। प्रदेश का लगभग हर जिला नेशनल हाईवे नेटवर्क से जुड़ा है। दिल्ली का आईजीआई एयरपोर्ट और उत्तर प्रदेश का जेवर एयरपोर्ट प्रदेश को बेहतर एयर कनेक्टिविटी प्रदान कर रहे हैं। अब राज्य के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचने में करीब साढ़े तीन घंटे का समय लगता है, जबकि वर्ष 2014 से पहले यही दूरी तय करने में 7 से 8 घंटे लगते थे। भाजपा सरकार के कार्यकाल में सड़क, सार्वजनिक परिवहन और एयर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व सुधारों ने हरियाणा को निवेश के लिए और अधिक आकर्षक बनाया है।

 

उन्होंने कहा कि हरियाणा को ऐसा मुख्यमंत्री मिला है जो केवल घोषणाओं में नहीं, बल्कि धरातल पर काम करने में विश्वास रखते हैं। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के 666 दिनों के कार्यकाल में हुए निवेश समझौते इस बदलाव और निवेशकों के बढ़ते विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।

 

 राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के माध्यम से देश की करीब 2 लाख पंचायतों के 30 लाख युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विश्व उद्यमिता दिवस के अवसर पर ‘हरियाणा युवा उद्यमी यात्रा’ के तहत दो वाहनों को रवाना कर प्रदेश के युवाओं में उद्यमिता की भावना को बढ़ावा देने की पहल की है। ये वाहन प्रदेश के सभी जिलों में तीन-तीन दिन प्रवास कर भावी युवा उद्यमियों से संवाद करेंगे और उन्हें हरियाणा में उपलब्ध औद्योगिक एवं उद्यमिता संबंधी अवसरों की जानकारी देंगे।
हरियाणा में इन्फ्लुएंजा की स्थिति नियंत्रण में, स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाई: डॉ. सुमिता मिश्रा

 

हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्य में मौसमी इन्फ्लुएंजा (फ्लू) की स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताते हुए नागरिकों से इससे न घबराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग राज्य भर में कड़ी निगरानी रख रहा है और सभी सरकारी व निजी अस्पतालों को समय पर जांच और इलाज के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

 

डॉ. मिश्रा ने लोगों को आम मौसमी फ्लू और 'स्वाइन फ्लू' (H1N1) के बीच का अंतर समझाते हुए स्पष्ट किया कि H1N1 अब मौसमी इन्फ्लुएंजा का ही एक हिस्सा है, जिसे नियमित स्वास्थ्य निगरानी प्रणाली के तहत ट्रैक और इलाज किया जाता है। वर्ष 2009 के दौरान इस वायरस के मूल स्रोत के कारण इसे 'स्वाइन फ्लू' कहा गया था, लेकिन अब यह इंसानों के बीच फैलने वाले सामान्य वायरस का ही रूप ले चुका है, इसलिए इस नाम से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है।

 

डॉ. सुमिता मिश्रा ने इन्फ्लुएंजा के लक्षणों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह सांस से जुड़ा एक तीव्र संक्रमण है, जिसमें बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, शरीर और सिर में दर्द, ठंड लगना तथा थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। कुछ मामलों में, विशेषकर बच्चों में, उल्टी और दस्त जैसी पेट की समस्याएं भी हो सकती हैं। यद्यपि अधिकांश मामलों में यह संक्रमण अपने आप ठीक हो जाता है, फिर भी उच्च जोखिम वाले समूहों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।

 

उन्होंने 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों, 5 वर्ष से छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और मधुमेह, उच्च रक्तचाप, सांस या दिल की बीमारियों से पीड़ित मरीजों को अधिक सावधान रहने की सलाह दी है। सांस लेने में तकलीफ, छाती में दर्द, अत्यधिक कमजोरी या हालत बिगड़ने पर बिना किसी देरी के डॉक्टरी सलाह लेने का आग्रह किया गया है।

 

रोकथाम के उपायों पर जोर देते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि नागरिक बुनियादी सावधानियां अपनाकर इस संक्रमण से सुरक्षित रह सकते हैं। उन्होंने भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनने, साबुन और पानी या सैनिटाइज़र से बार-बार हाथ धोने, आंख, नाक और मुंह को छूने से बचने तथा खांसते या छींकते समय मुंह को रुमाल या टिश्यू से ढकने की सलाह दी है।

 

इसके अलावा, सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से परहेज करने, पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ व पौष्टिक आहार लेने और बीमार होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखने की सिफारिश की गई है। उन्होंने यह भी सख्त चेतावनी दी कि लोग बिना डॉक्टरी सलाह के खुद से एंटीबायोटिक दवाएं न लें, क्योंकि वायरल संक्रमण में एंटीबायोटिक दवाओं की आवश्यकता नहीं होती है। राज्य भर के अस्पतालों को पर्याप्त बेड, दवाओं और आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था के साथ सतर्क रहने के निर्देश दे दिए गए हैं।
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CEIR पोर्टल बना गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी में कारगर माध्यम - गुम और चोरी हुए मोबाइल के लिए अब नहीं काटने पड़ेंगे कार्यालयों के चक्कर, नजदीकी थाने में CEIR के माध्यम से होगा समाधान
करनाल, 26 अगस्त 2026: गुम अथवा चोरी हुए मोबाइल फोन की शिकायत एवं उन्हें ट्रेस/ब्लॉक कराने की प्रक्रिया को आमजन के लिए और अधिक सरल एवं सुविधाजनक बनाने के लिए करनाल रेंज पुलिस द्वारा विशेष पहल की जा रही है। अब मोबाइल गुम होने पर नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे अपने नजदीकी पुलिस थाने में जाकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जहां CEIR (Central Equipment Identity Register) के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इसी संबंध में आईजी कार्यालय करनाल रेंज में करनाल रेंज के सभी थानों के ऑपरेटरों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें CEIR प्रणाली के माध्यम से गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक करने, ट्रेस करने तथा उनके संबंध में की जाने वाली आवश्यक कार्रवाई के बारे में ऑपरेटरों को विस्तार से जानकारी एवं दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में ऑपरेटरों को निर्देशित किया गया कि मोबाइल गुम होने की शिकायत प्राप्त होने पर नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगवाएं तथा CEIR के माध्यम से नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। 
आईजी करनाल रेंज श्री अशोक कुमार, IPS ने कहा कि तकनीकी बदलाव को ध्यान में रखते हुए अपने कार्यालय कर्मचोरियों को AI कोर्स करवाने वाली पहली रेंज बनी करनाल रेंज। पुलिस का उद्देश्य तकनीक का अधिकतम उपयोग करते हुए आमजन को पुलिस सेवाएं सरल, सुगम और त्वरित रूप से उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन गुम होने की स्थिति में नागरिक घबराएं नहीं और तुरंत अपने नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाएं। पुलिस द्वारा CEIR प्रणाली के माध्यम से मोबाइल को ब्लॉक एवं ट्रेस करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस द्वारा आमजन से अपील की गई है कि वे अपने मोबाइल फोन का IMEI नंबर सुरक्षित रखें और मोबाइल गुम अथवा चोरी होने की स्थिति में बिना देरी किए नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाएं और शिकायतकर्ता साथ ही अपना एक Alternate Contact Mobile Number भी दर्ज करवाए ताकि चोरी व गुम हुए मोबाईल मिलने पर उनसे सम्पर्क किया जा सके।

पुलिस का संदेश
“मोबाइल गुम हो तो परेशान न हों—नजदीकी थाने में शिकायत दें, CEIR से समाधान पाएं।”
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य स्तरीय समारोह में कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक विजेताओं और प्रतिभागियों को किया सम्मानित

 

राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में 24 खिलाड़ियों को दिए 13 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपये के नकद पुरस्कार

 

कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा के खिलाड़ियों ने फिर दिखाया दम, देश के 28 प्रतिशत से अधिक पदक जीते – मुख्यमंत्री

 

देश की आबादी में हरियाणा की हिस्सेदारी महज 2 प्रतिशत, कॉमनवेल्थ के 11 पदक प्रदेश के खिलाड़ियों के नाम

 

हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते 7 स्वर्ण सहित 11 पदक, बेटियों ने 6 पदक जीतकर बढ़ाया प्रदेश का गौरव

 

हरियाणा की मिट्टी में केवल अन्न ही नहीं, चैंपियन भी पैदा होते हैं – नायब सिंह सैनी

 हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को पंचकूला में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 के पदक विजेताओं एवं प्रतिभागियों के राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर 24 खिलाड़ियों को 13 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपये के नकद पुरस्कार दिए गए।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम, सांसद  रेखा शर्मा, मेयर श्यामलाल बंसल , खेल विभाग की प्रधान सचिव  अमनीत पी. कुमार,  खेल विभाग के निदेशक  पार्थ गुप्ता, , खिलाड़ी और उनके परिजन उपस्थित रहे।

 

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर गर्व जताते हुए कहा कि किसी खिलाड़ी की कहानी पदक से शुरू नहीं होती। उसकी कहानी उस मिट्टी से शुरू होती है, जहां उसने पहली बार दौड़ना सीखा, उस मैदान से जहां उसने पहली बार हार का सामना किया और उन सुबहों से, जब बाकी दुनिया सो रही होती है और वह अपने सपने के लिए पसीना बहा रहा होता है। उसके पीछे माता-पिता का विश्वास, गुरु का अनुशासन और हर हार के बाद फिर उठ खड़े होने का संकल्प होता है। पोडियम पर खड़ा खिलाड़ी कुछ क्षणों के लिए पूरी दुनिया को दिखाई देता है, लेकिन उस पोडियम तक पहुंचने का वर्षों का संघर्ष दिखाई नहीं देता।

उन्होंने कहा कि ग्लासगो में हरियाणा के खिलाड़ियों ने अपने दमखम और प्रतिभा का डंका पूरी दुनिया में बजाया है। आज हर हरियाणवी का सीना गर्व से चौड़ा है और खिलाड़ियों की उपलब्धियों की खुशी पूरे हरियाणा में उत्सव बनकर छाई हुई है। हरियाणा की मिट्टी की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यहां खेतों में सिर्फ अन्न नहीं उगता, यहां चैंपियन भी पैदा होते हैं।

उन्होंने कहा कि देश की कुल आबादी में हरियाणा की हिस्सेदारी महज 2 प्रतिशत है, लेकिन इन खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले 122 खिलाड़ियों में 24 खिलाड़ी हरियाणा के थे और इनमें से लगभग हर दूसरा खिलाड़ी पदक लेकर लौटा। हरियाणा के खिलाड़ियों ने कुल 11 पदक जीते, जिनमें 7 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल हैं। इस प्रकार देश की कुल पदक संख्या में हरियाणा के खिलाड़ियों का योगदान 28 प्रतिशत से अधिक रहा है। यह महज आंकड़ा नहीं है, बल्कि हरियाणा की खेल प्रतिभा, मेहनत और जुझारूपन की वह ताकत है, जिसने दुनिया के मंच पर एक बार फिर तिरंगे की शान बढ़ाई है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की पौने तीन करोड़ जनता तथा अपनी ओर से ग्लासगो में तिरंगा ऊंचा करने वाले हरियाणा के पदक विजेताओं और प्रत्येक प्रतिभागी खिलाड़ी का हृदय की गहराइयों से अभिनंदन किया। उन्होंने खिलाड़ियों के माता-पिता और प्रशिक्षकों को भी बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने कदम-कदम पर खिलाड़ियों का साथ दिया है।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प से देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। आज हम केवल पदकों का सम्मान नहीं कर रहे हैं, बल्कि उस तपस्या, संघर्ष और संकल्प का सम्मान कर रहे हैं, जिसने इन पदकों को जन्म दिया है। किसी खिलाड़ी के गले में आने वाला पदक केवल उसकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होता, उसमें उसके परिवार का त्याग, गुरु का मार्गदर्शन और पूरे प्रदेश की उम्मीदें भी शामिल होती हैं।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2028, 2032 और 2036 के ओलंपिक खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों के बलबूते भारत दुनिया की बड़ी खेल शक्ति के रूप में उभरेगा। आज ग्लासगो में खिलाड़ियों ने तिरंगा ऊंचा किया है और आने वाले वर्षों में वे ओलंपिक के पोडियम पर भी तिरंगा ऊंचा करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान प्राप्त किया। यह खिलाड़ियों की इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति समर्पण का परिणाम है। इस गौरवशाली अभियान में हरियाणा ने एक बार फिर अपनी अलग पहचान बनाई है।

*हरियाणा की बेटियों ने जीते 6 पदक, इनमें 5 स्वर्ण*

 

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से प्रदेश की बेटियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों द्वारा जीते गए 11 पदकों में से 6 पदक बेटियों के हैं, जिनमें 5 स्वर्ण पदक शामिल हैं। मुक्केबाजी रिंग में भी हरियाणा के खिलाड़ियों का दबदबा रहा और भारत के 7 स्वर्ण पदकों में से 6 स्वर्ण हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते।

उन्होंने कहा कि प्रीति पवार, जैस्मिन लम्बोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घनघस, सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को पराजित करके स्वर्णिम इतिहास रचा है।

पैरा-एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली बेटी शर्मिला का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सिद्ध किया है कि मन की शक्ति के सामने कोई बाधा टिक नहीं सकती। नीरज चोपड़ा ने भाला फेंक में रजत पदक अर्जित कर अपनी विश्वस्तरीय प्रतिभा को फिर से प्रमाणित किया। मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल ने रजत पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया और बेटी सीमा कालीरमन ने कांस्य पदक प्राप्त कर हरियाणा की पदक संख्या में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इन खिलाड़ियों ने अलग-अलग मैदानों में खेलते हुए एक ही तिरंगे को ऊंचा किया है।

 

*केवल पदकों का नहीं, खिलाड़ियों की तपस्या, संघर्ष और संकल्प का भी सम्मान – मुख्यमंत्री*

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का सम्मान केवल पदक विजेताओं का नहीं है। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले हर प्रतिभागी खिलाड़ी का योगदान हमारे लिए समान रूप से गौरवपूर्ण है। खेल में पदक जीतना निश्चित रूप से बहुत बड़ी उपलब्धि है, लेकिन विश्व के श्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच देश की जर्सी पहनकर मैदान में उतरना भी अपने आप में एक असाधारण सम्मान है।

 

उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी आज पदक लेकर लौटे हैं, वे हमारी उपलब्धि हैं और जो खिलाड़ी अनुभव लेकर लौटे हैं, वे हमारी अगली उपलब्धि की नींव हैं। आज का अनुभव कल का पदक बन सकता है। सरकार, खेल विभाग और पूरा हरियाणा खिलाड़ियों के साथ खड़ा है।

 

*खिलाड़ी देश के लिए खेले तो उसे अपने भविष्य की चिंता न हो – मुख्यमंत्री*

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सोच स्पष्ट है कि खिलाड़ी जब देश के लिए खेले तो उसे यह चिंता नहीं होनी चाहिए कि खेल के बाद उसका भविष्य क्या होगा। इसलिए सरकार की नीतियां केवल पदक तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खिलाड़ी को सम्मान, सुरक्षा और अवसर देने की दिशा में काम किया जा रहा है।

 

उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए सरकारी सेवाओं के अवसर, खेल अकादमियां, खेल नर्सरियां, प्रशिक्षण सुविधाएं और आधुनिक खेल ढांचे का निरंतर विस्तार इसी सोच का प्रमाण हैं।

 

*अब तक 260 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को दी सरकारी नौकरियां*

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी भर्ती नियमों के तहत अब तक 260 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को ग्रुप-ए, बी और सी की सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

 

उन्होंने कहा कि हाल ही में खेल ग्रेडेशन नीति में संशोधन किया गया है। अब हरियाणा स्टेट गेम्स में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को भी खेल ग्रेडेशन का लाभ मिलेगा। इससे उन्हें सरकारी नौकरियों सहित अन्य अवसरों का भी लाभ मिलेगा।

 

*पिछले लगभग 12 वर्षों में 17,544 खिलाड़ियों को 742 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार*

 

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज 24 खिलाड़ियों को 13 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपये के नकद पुरस्कार दिए गए हैं। यह केवल आज की घोषणा नहीं है। पिछले लगभग 12 वर्षों में प्रदेश के 17 हजार 544 खिलाड़ियों को 742 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि दी गई है।

 

उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए खिलाड़ियों को तैयारी हेतु अग्रिम राशि देने का भी प्रावधान किया गया है, ताकि पैसे की कमी के कारण किसी खिलाड़ी की ट्रेनिंग न रुके।

 

सरकार ने अवार्ड विजेता खिलाड़ियों के मासिक मानदेय में भी बढ़ोतरी की है। अब खेल रत्न, द्रोणाचार्य, अर्जुन, ध्यानचंद तथा तेनजिंग नोर्गे अवार्ड विजेताओं को प्रतिमाह 20 हजार रुपये तथा भीम अवार्ड विजेताओं को प्रतिमाह 5 हजार रुपये का मानदेय दिया जा रहा है।

*लक्ष्य केवल आज के चैंपियनों का सम्मान नहीं, कल के चैंपियन तैयार करना भी – मुख्यमंत्री*

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आज के चैंपियनों का सम्मान करना नहीं, बल्कि कल के चैंपियन तैयार करना भी है। खिलाड़ी की यह यात्रा गांव की मिट्टी, स्कूल के मैदान और स्थानीय खेल नर्सरी से शुरू होती है। इसी सोच के साथ खेल प्रतिभाओं को तलाशने और तराशने के लिए प्रदेश में 2 हजार खेल नर्सरियां खोली गई हैं।

 

उन्होंने कहा कि प्रतिभा को अवसर के साथ आर्थिक सहारा भी चाहिए। इसलिए 8 से 14 वर्ष के खिलाड़ियों को 1500 रुपये तथा 15 से 19 वर्ष के आयु वर्ग के खिलाड़ियों को 2 हजार रुपये मासिक छात्रवृत्ति देने का प्रावधान किया गया है।

 

प्रदेश में 25 आवासीय खेल अकादमियां भी खोली गई हैं। इनमें हर खिलाड़ी को 500 रुपये प्रतिदिन की दर से डाइट मनी दी जा रही है।

 

*खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर लगभग 1100 करोड़ रुपये खर्च, बजट बढ़कर 668.42 करोड़ रुपये*

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभा को अवसर और आर्थिक सहारे के साथ विश्वस्तरीय सुविधाएं भी चाहिए। खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं देने के लिए मजबूत खेल बुनियादी ढांचा बेहद जरूरी है।

 

उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 12 वर्षों में लगभग 1100 करोड़ रुपये खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किए गए हैं। खेल विभाग का बजट बढ़ाकर 668 करोड़ 42 लाख रुपये किया गया है, जो वर्ष 2013-14 में केवल 163 करोड़ रुपये था।

 

*चोट के बाद खिलाड़ी को वापसी का भरोसा देने के लिए स्थापित किया ‘ए-स्टार’ केंद्र*

 

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जब खिलाड़ी चोटिल होता है तो उसका करियर दांव पर लग जाता है। खिलाड़ियों के इसी दर्द को दूर करने और चोट के बाद उन्हें वापसी का भरोसा देने के लिए पंचकूला के ताऊ देवीलाल खेल परिसर में लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय स्तर का ‘ए-स्टार’ उन्नत वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित किया गया है। यह उत्तर भारत में अपनी तरह का पहला और सबसे आधुनिक केंद्र है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को बचपन से ही तराशने की नीति पर काम कर रही है और उनकी तैयारियों के लिए हर कदम पर सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने के लिए कृतसंकल्प है। सरकार का प्रयास है कि हरियाणा की मिट्टी से शुरू होने वाली किसी भी प्रतिभा की यात्रा संसाधनों की कमी के कारण बीच में न रुके और वह यात्रा दुनिया के पोडियम तक पहुंचे।

 

उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों ने भी अपनी मेहनत से साबित किया है कि वे ऐसे प्रोत्साहनों और सुविधाओं के हकदार हैं। खिलाड़ियों ने हर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के बाद प्रदेश को जश्न मनाने का अवसर दिया है। अब सरकार की जिम्मेदारी है कि उनकी अगली जीत की तैयारी में भी उनके साथ खड़ी रहे। कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 का यह उत्सव जैसा माहौल उसी विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

 

*वर्ष 2030 के राष्ट्रमंडल खेल भारत की बढ़ती खेल शक्ति दिखाने का अवसर – मुख्यमंत्री*

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में देश के सामने एक और बड़ा अवसर है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से वर्ष 2030 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी भारत को मिली है। यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि दुनिया के सामने भारत की बढ़ती खेल शक्ति को दिखाने का अवसर है।

 

श्री नायब सिंह सैनी ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2028, 2032 और 2036 के ओलंपिक खेलों में हरियाणा के खिलाड़ी भारत को दुनिया की बड़ी खेल शक्ति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। आज ग्लासगो में खिलाड़ियों ने तिरंगा ऊंचा किया है और आने वाले वर्षों में वे ओलंपिक के पोडियम पर भी तिरंगा ऊंचा करेंगे।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा कि आज उनके गले में जो पदक हैं, वे उनकी मंजिल नहीं, बल्कि अगली उड़ान की शुरुआत हैं। जिस मिट्टी से उन्होंने अपने सपने की पहली लकीर खींची थी, उसी मिट्टी से अब दुनिया के सबसे बड़े खेल मंचों तक अपनी पहचान लिखनी है। आज ग्लासगो में तिरंगा उनके हाथों से ऊंचा हुआ है और कल यही तिरंगा ओलंपिक के पोडियम पर और ऊंचा लहराए, यही हर हरियाणवी का सपना और हर भारतीय की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने खेल विभाग, सभी प्रशिक्षकों, माता-पिता और विशेष रूप से सभी खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि थककर भी जो ठहरा नहीं, वही सफ़र की पहचान बना, गिरकर जिसने उठना सीखा, वही आज हिंदुस्तान बना। मंज़िल मिली तो क्या हुआ, अब राह नई बनानी है;

एक जीत मिली है आज, कल दुनिया जीतकर आनी है।

 

*खिलाड़ियों से रूबरू हुए मुख्यमंत्री, संघर्ष और सफलता की यात्रा को करीब से जाना*

 

सम्मान समारोह के उपरांत मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों के साथ विशेष रूप से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के बीच पहुंचकर आत्मीयता से उनसे बातचीत की और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की उनकी खेल यात्रा, कठिन परिश्रम, संघर्ष तथा इस दौरान सामने आई चुनौतियों के बारे में विस्तार से जाना। खिलाड़ियों ने भी मुख्यमंत्री के साथ अपने अनुभव और सफलता की कहानियां साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के बल पर उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स के मंच तक का सफर तय किया और देश के लिए पदक जीतने में सफलता हासिल की।

 

संवाद के दौरान खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने खेल जीवन से जुड़े अनुभव साझा किए और प्रदेश में खिलाड़ियों को मिल रहे प्रोत्साहन एवं सहयोग के लिए मुख्यमंत्री तथा राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण, खेल सुविधाओं और अन्य आवश्यक सहयोग के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा खिलाड़ियों की हरसंभव सहायता सुनिश्चित की जा रही है। सरकार से मिले इस सहयोग और प्रोत्साहन ने उन्हें अपने खेल पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करने तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। इसी का परिणाम है कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश और प्रदेश का नाम रोशन किया।

 

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उन्हें आगे भी इसी समर्पण और जज्बे के साथ देश के लिए खेलते हुए नई उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें आगे बढ़ने के लिए आवश्यक सहयोग एवं सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।

 

 

*हरियाणा की खेल नीति का पूरे देश में बज रहा डंका, दूसरे प्रदेश भी कर रहे अनुसरण – महिपाल ढांडा*

 

शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी एक ऐसे संवेदनशील व्यक्ति हैं, जिन्होंने इस प्रकार के अवसरों पर कभी राजनीति नहीं की, बल्कि राजनीति को सेवा का माध्यम बनाकर प्रदेश और देश के युवाओं को आगे बढ़ाने का काम किया है। युवाओं और खिलाड़ियों के लिए उनके दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं। इसी सोच का परिणाम है कि प्रदेश के बच्चों की प्रतिभा को बचपन से पहचानकर उन्हें उनकी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है और मुख्यमंत्री स्वयं इसकी व्यवस्था की चिंता करते हैं।

 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हमेशा इस बात पर जोर देते हैं कि खिलाड़ियों को किसी भी प्रकार की सुविधा या संसाधन की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्हें प्रदेश के युवाओं और उनके भविष्य की बहुत चिंता है। जब हरियाणा के खिलाड़ियों ने पदक जीते तो मुख्यमंत्री के चेहरे पर दिखाई दिया गर्व और खुशी इस बात का प्रमाण था कि वे खिलाड़ियों की उपलब्धियों को कितनी आत्मीयता से देखते हैं।

 

श्री महिपाल ढांडा ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि हरियाणा की खेल नीति का आज पूरे देश में डंका बज रहा है और दूसरे प्रदेश भी हरियाणा की खेल नीति का अनुसरण करने लगे हैं। उन्होंने हरियाणा के खिलाड़ियों और उनके परिवारों का अभिनंदन एवं स्वागत किया तथा खिलाड़ियों की मेहनत, उत्साह और जोश की सराहना की।

 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने हम सभी के सामने यह संकल्प रखा है कि भारत की प्रत्येक प्रतिभा, चाहे वह किसी भी क्षेत्र में हो, अपना शत-प्रतिशत योगदान दे और वर्ष 2047 तक भारत को दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में शामिल करने में अपनी भूमिका निभाए। हरियाणा के खिलाड़ियों ने इस दिशा में मजबूती से कदम बढ़ाए हैं।

 

शिक्षा मंत्री ने कार्यक्रम में आए छोटे बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि वे भी अपनी मेहनत और अनुशासन के बल पर भविष्य में देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी प्रदेश के बच्चों और युवाओं को कभी निराश नहीं होने देंगे और उन्हें आगे बढ़ने के लिए हरसंभव सहयोग एवं अवसर उपलब्ध करवाते रहेंगे।
हरियाणा में चीनी की जमाखोरी पर सख्ती

सरकार ने लागू की स्टॉक सीमा

व्यापारियों के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

 

हरियाणा सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने राज्य में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और जमाखोरी रोकने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं।

 

एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि भारत सरकार द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और शुगर (कंट्रोल) ऑर्डर, 2025 के तहत जारी आदेश (S.O. 4165(E)) के अनुसार चीनी व्यापारियों के लिए नई स्टॉक सीमाएं तय की गई हैं।

 

 इस नए नियम के तहत अब कोई भी व्यापारी चीनी के स्टॉक को प्राप्त होने की तारीख से 30 दिनों से अधिक समय तक नहीं रख पाएगा। इसके अलावा, किसी भी व्यापारी को किसी भी स्थान या समय पर अधिकतम 4,000 क्विंटल यानी 400 मीट्रिक टन से अधिक चीनी का स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी।  व्यापारियों के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (DFPD) के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण करना और अपने वर्तमान स्टॉक की घोषणा करना तुरंत प्रभाव से अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही व्यापारियों को हर शुक्रवार पोर्टल पर नियमित रूप से अपने स्टॉक का विवरण अद्यतन (अपडेट) करना होगा।

 

उन्होंने बताया कि यह विशेष आदेश 1 अगस्त 2026 से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि पोर्टल पर पंजीकरण न कराने, विलंब करने या गलत और अधूरी जानकारी देने वाले दोषियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

 

हरियाणा सरकार ने राज्य में चीनी की कीमतों और आपूर्ति की निरंतर निगरानी का आश्वासन देते हुए आम जनता से घबराकर अनावश्यक खरीदारी या जमाखोरी न करने की अपील की है। यदि किसी उपभोक्ता को जमाखोरी, निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक रखने या अनुचित दाम वसूलने की जानकारी मिलती है, तो वे इसकी सूचना संबंधित जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (DFSC) कार्यालय में दे सकते हैं, ताकि त्वरित जांच कर उचित कार्रवाई की जा सके।
सौर ऊर्जा भविष्य की जरूरत है और प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना इस दिशा में आम परिवारों को सीधे जोड़ने का प्रभावी माध्यम= उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ 

ज़िले में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना ने पकड़ी रफ्तार, 7,586 आवेदन जारी
19 अगस्त तक 4,752 आवेदनों को मिली स्वीकृति, 543 आवेदन जुलाई और 239 अगस्त में जारी

पीएम सूर्य घर योजना से उपभोक्ताओं को राहत, बिजली बिल घटाने के साथ आत्मनिर्भरता की ओर कदम

जिले में 9,801 के लक्ष्य के मुकाबले 7,586 आवेदन, 4,752 हुए जारी

पानीपत, 22 अगस्त। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना को जिले में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रशासन एवं बिजली विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। योजना के तहत जिले में निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं और हजारों आवेदनों को जारी किया जा चुका है। 
   उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि प्रशासन का जोर अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना का लाभ पहुंचाने तथा घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर बिजली की बचत को बढ़ावा देने पर है।
  विदित रहे कि 19 अगस्त तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले में योजना के तहत 9,801 के लक्ष्य के मुकाबले 7,586 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 4,752 आवेदन जारी किए जा चुके हैं। कुल लक्ष्य की तुलना में आवेदन प्राप्ति का प्रतिशत 77.40 प्रतिशत, जबकि जारी आवेदनों का प्रतिशत 48.48 प्रतिशत रहा है। जुलाई 2026 में 543 तथा अगस्त माह में 239 आवेदन जारी किए गए। 18 अगस्त को भी 11 आवेदन जारी किए गए।
   उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है । इसका सीधा लाभ आम परिवारों को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा को अपनाना केवल बिजली की बचत का माध्यम नहीं, बल्कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 
  उपायुक्त डॉ हरीश ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि पात्र परिवारों को योजना की जानकारी, आवेदन प्रक्रिया और मिलने वाले लाभों के संबंध में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के लंबित आवेदनों का समयबद्ध तरीके से निपटारा किया जाए और पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता गतिविधियां चलाई जाएं। 
   उपायुक्त ने कहा कि हर घर की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का उद्देश्य बिजली की जरूरत को स्थानीय स्तर पर पूरा करना और परिवारों के बिजली खर्च को कम करना है। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को भी योजना की प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा लक्ष्य को गति के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
ध्यान दे कि 
सब अर्बन डिवीजन में 3,428 के लक्ष्य के मुकाबले 3,073 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो लक्ष्य का 89.64 प्रतिशत है। यहां 1,886 आवेदन जारी किए जा चुके हैं। 
    वहीं समालखा डिवीजन में 3,324 के लक्ष्य के मुकाबले 2,920 आवेदन प्राप्त हुए हैं और 1,786 आवेदन जारी किए जा चुके हैं। समालखा डिवीजन में आवेदन प्राप्ति का प्रतिशत 87.85 प्रतिशत रहा।
सब-डिवीजन स्तर पर बिहौली में 546 के लक्ष्य के मुकाबले 782 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो लक्ष्य का 143.22 प्रतिशत है। इनमें 465 आवेदन जारी किए जा चुके हैं। 
  इसी प्रकार सब अर्बन में 937 के लक्ष्य के मुकाबले 1,055 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि 693 आवेदन जारी किए गए हैं।    
   इसराना में 1,076 के लक्ष्य के मुकाबले 1,029 आवेदन और 644 जारी आवेदन दर्ज किए गए हैं।
    बिजली विभाग के कार्यकारी अभियंता आदित्य कुंडू ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को लेकर विभागीय स्तर पर पात्र उपभोक्ताओं को लगातार जागरूक किया जा रहा है।    
   उन्होंने बताया कि विभाग का प्रयास है कि प्राप्त आवेदनों की प्रक्रिया को निर्धारित समय में पूरा किया जाए और लाभार्थियों को योजना का लाभ लेने में किसी तरह की कठिनाई न आए। उन्होंने उपभोक्ताओं से योजना की जानकारी प्राप्त कर पात्र होने पर आवेदन करने की अपील की।
   उपायुक्त डॉ. वशिष्ठ ने कहा कि सौर ऊर्जा भविष्य की जरूरत है और प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना इस दिशा में आम परिवारों को सीधे जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि जिले में योजना को केवल सरकारी लक्ष्य के रूप में नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा, कम बिजली खर्च और आत्मनिर्भर परिवारों के अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।
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सावन जोत महोत्सव
राज्य सरकार की मनसा हर शिकायकर्ता को कम से कम समय में मिले न्याय: कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा

सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक की समस्या को गंभीरता से सुना जाए: प्रमोद विज 

उपायुक्त डॉ हरीश के सहयोग से 15 में से 8 शिकायतों का मौके पर निपटारा

कष्ट निवारण समिति में मंत्री ने सुनी जनता की फरियाद, सात शिकायतों पर अगली बैठक तक कार्रवाई के निर्देश

 हरियाणा के लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने गुरुवार को जिला सचिवालय सभागार में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए आमजन की शिकायतों को गंभीरता से सुना। बैठक में कुल 15 शिकायतें रखी गईं, जिनमें से 8 शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि 7 शिकायतों को विस्तृत कार्रवाई और आगामी बैठक में सुनवाई के लिए लंबित रखा गया। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने मंत्री के जिला सचिवालय पहुंचने पर बुके देकर उनका अभिनंदन किया। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे। कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह के कुशल मार्गदर्शन और स्पष्ट निर्देशों के तहत प्रदेश सरकार आमजन की समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी उद्देश्य से हर महीने जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक आयोजित की जाती है, जिसमें शिकायतकर्ता और संबंधित पक्षों को पूरी मजबूती के साथ सुनकर तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं करती। प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया जाता है और सभी पक्षों की सुनवाई के बाद निष्पक्ष निर्णय लिया जाता है। 
   
 उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों को केवल औपचारिकता के रूप में न लें, बल्कि प्रत्येक शिकायत की तह तक जाकर उसका स्थायी समाधान सुनिश्चित करें। जहां किसी स्तर पर लापरवाही सामने आए, वहां नियमानुसार जिम्मेदारी तय की जाए। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जनहित के लिए अनेक योजनाएं चला रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर घर जल योजना का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि बारिश के दिनों में कई स्थानों पर वाटर लेवल ऊपर आ जाता है, जिससे जलभराव और अन्य समस्याएं पैदा होती हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों को लगातार काम करना चाहिए। उन्होंने बेहतर  व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया, ताकि पेयजल आपूर्ति और अन्य आवश्यक सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए तथा आमजन के स्वास्थ्य के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ न हो। 

 बैठक में उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के सहयोग से शिकायतों के समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की गई। मंत्री ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना और  ज्यादातर का समाधान किया। पहली शिकायत जगदीश पाल निवासी सेक्टर-18 हुड्डा और दलविंदर सिंह चीमा निवासी सिंहपुरा की थी जो कंस्ट्रक्शन कंपनी से पेमेंट से संबंधित थी। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद शिकायत को अगली कार्रवाई के लिए लंबित रखा गया। दूसरी शिकायत महेंद्र सिंह निवासी अलीपुर खालसा, जिला करनाल द्वारा रखी गई थी। यह शिकायत हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से संबंधित जमीन के मामले को लेकर थी। शिकायत सुनने के बाद मंत्री ने जमीन का ब्यौरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए और मामले को अगली बैठक के लिए लंबित रखा। तीसरी शिकायत रामफूल निवासी परशुराम कॉलोनी की थी। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद शिकायत को लंबित  रखते हुए मंत्री ने निर्देश दिए कि यदि इसके समाधान में देरी होती है तो एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों की ड्यूटी भी लगाई गई। मंत्री ने दोनों पक्षों की शिकायत को गंभीरता से सुना।

 चौथी शिकायत एक महिला मूर्ति वासी राज नगर द्वारा द्वारा रखी गई थी। इसमें फाइनेंसर द्वारा प्रार्थी को ब्याज पर दी गई  राशि से संबंधित और वसूलने के बाद मकान पर कब्जा लेने से संबंधित मामला रखा गया। मंत्री ने दोनों पक्षों को मजबूती से सुना और शिकायत को अगली बैठक के लिए लंबित रखा। पांचवीं शिकायत मुकेश निवासी समालखा की थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि ऑर्गेनिक फैक्ट्री द्वारा चुलकाना गांव के आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण फैलाया जा रहा है। उन्होंने पानी का टीडीएस 1100 होने का भी दावा किया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि छोड़े जा रहे पानी से प्रदूषण फैल रहा है और कार्रवाई की मांग की। मंत्री ने शिकायत को ध्यानपूर्वक सुना और मामले को अगली बैठक के लिए लंबित रखा। छठी शिकायत रामवती वासी मार्केट कमेटी आवास की ओर से रखी गई थी। शिकायतकर्ता ने तीन माह से अपने पुत्र की पुलिस द्वारा तलाश किए जाने से संबंधित शिकायत रखी। मंत्री के निर्देश पर इस शिकायत का मौके पर ही समाधान किया गया।

 सातवीं शिकायत डॉ. भारती धवन निवासी हैदराबादी हॉस्पिटल, द्वारा जमीन से संबंधित कब्जे के मामले को लेकर रखी गई थी। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह के सहयोग से इस शिकायत का मौके पर समाधान किया गया। आठवीं शिकायत रणजीत सिंह निवासी अशोक विहार की थी। इसमें पैसे के लेनदेन से संबंधित मामला था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद शिकायत का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। नौवीं शिकायत अनिल कुमार वासी रिशपुर द्वारा रखी गई थी। शिकायतकर्ता ने वुलन फैक्ट्री से पानी निकलने के कारण दुर्घटना का खतरा होने तथा पानी के गलत इस्तेमाल से फसल खराब होने का आरोप लगाया और कार्रवाई की मांग की। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद इस शिकायत का मौके पर ही समाधान किया गया। दसवीं शिकायत सतीश कुमार निवासी आजाद नगर द्वारा दी गई थी। इसमें एक प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज के बाद बंदी बनाकर रखने और 25 हजार रुपये लेकर छोडऩे से संबंधित मामला रखा गया। शिकायत पर सुनवाई के बाद इसका भी समाधान किया गया। ग्यारहवीं शिकायत गुलशन द्वारा रखी गई थी। मंत्री ने शिकायत को गंभीरतापूर्वक सुना और प्रशासन के सहयोग से इसके समाधान के निर्देश दिए। मामले का समाधान किया गया।
   
 बारहवीं शिकायत रमेश निवासी शिमला मौलाना द्वारा पेयजल पाइपलाइन से संबंधित रखी गई। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच की मांग की। इसमें 100 मीटर लंबी पाइपलाइन दबाने का मामला सामने आया। सुनवाई के बाद शिकायत का मौके पर ही समाधान किया गया। तेरहवीं शिकायत विनोद वासी टीडीआई सिटी द्वारा रखी गई। शिकायतकर्ता ने टीडीआई सिटी में अन्य सुविधाओं के साथ-साथ एसटीपी की व्यवस्था न होने और क्षेत्र के अंधेरे में डूबे रहने सहित कई समस्याएं रखीं। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद मामले को अगली बैठक के लिए लंबित रखा गया। चौदहवीं शिकायत राकेश वासी विद्यानंद कॉलोनी की नई शिकायत थी। इसमें पेशेंट के साथ दुव्र्यवहार सहित अन्य आरोप लगाए गए थे। मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए और शिकायत का समाधान किया गया। पंद्रहवीं शिकायत वीरेंद्र प्रताप द्वारा रखी गई थी। यह संपदा विभाग से संबंधित थी और इसमें जमीन के एक टुकड़े पर रोड बनाने का मामला सामने आया। सुनवाई के बाद इसका भी मौके पर समाधान कर दिया गया।

    मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि हरियाणा सरकार के लिए आमजन की समस्या केवल एक शिकायत नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है। जिला कष्ट निवारण समिति के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या लेकर कार्यालयों के चक्कर काटने के लिए मजबूर न हो। उन्होंने कहा कि शिकायतों की सुनवाई में किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। प्रत्येक पक्ष को पूरा अवसर मिलेगा और तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय होगा। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन मामलों का समाधान मौके पर संभव है, उनका तत्काल समाधान करें तथा जिन मामलों में जांच आवश्यक है, उनमें समयबद्ध जांच पूरी कर आगामी बैठक में ठोस रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास सरकार की सबसे बड़ी ताकत है और इस विश्वास को किसी भी स्तर पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। 

   शहरी विधायक प्रमोद विज ने कहा कि जिला कष्ट निवारण समिति आमजन और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। मुख्यमंत्री नायब सिंह के नेतृत्व में सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक नागरिक की समस्या को गंभीरता से सुना जाए और उसे न्याय दिलाया जाए। 
  
 उपायुक्त डॉ हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि मंत्री ने जिस गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ शिकायतकर्ताओं की बात सुनी, उससे जनता में विश्वास मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों  को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि शिकायतों का समाधान केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका वास्तविक लाभ शिकायतकर्ता तक पहुंचे। इस मौके पर शहरी विधायक प्रमोद विज, मेयर कमल सैनी, जिला परिषद अध्यक्ष ज्योति शर्मा, जिला अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट, सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र सलूजा, एएसपी हर्षित गोयल, निगम अतिरिक्त आयुक्त विवेक चौधरी, एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, नगराधीश टीनू पोसवाल, सीएमओ विजय मलिक, डीईओ राकेश बूरा, डीडीपीओ राजेश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा सोनीपत के दातौली गांव स्थित पीएम श्री राजकीय स्कूल के निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों से संवाद करते हुए। 

हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा सोनीपत के दातौली गांव स्थित पीएम श्री राजकीय स्कूल के निरीक्षण के दौरान मिड-डे-मील की जांच करते हुए।
एसपी भूपेंद्र सिंह ने अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित कर थाना प्रबंधकों, क्राइम युनिट प्रभारियों, चौकी इंचार्जों और अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

अपराध नियंत्रण, महिला विरूध अपराधों का समयबद्ध निपटारा और निष्पक्ष जांच पुलिस की प्राथमिकता

पानीपत, 19 अगस्त (प्रदीप कुमार) पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने बुधवार को जिला सचिवालय स्थित पुलिस विभाग के सभागार में पर्यवेक्षण अधिकारियों, थाना प्रबंधकों, क्राइम युनिट प्रभारियों तथा चौकी इंचार्जों के साथ अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित कर कानून एवं व्यवस्था व दर्ज मुकदमों में की जा रही कार्रवाही की समीक्षा लेकर अपराध नियंत्रण, कानून एवं व्यवस्था और थानों की कार्यप्रणाली को और अधिक बेहतर बनाने के कड़े दिशा निर्देश दिए।

अपराध गोष्ठी में एएसपी हर्षित गोयल आईपीएस, डीएसपी मुख्यालय विकास कुमार, डीएसपी सुरेश कुमार सैनी, डीएसपी नरेंद्र सिंह, डीएसपी मुकेश तथा सभी थाना प्रबंधक व चौकी इंचार्ज उपस्थित रहें।

पुलिस अधीक्षक  भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने बैठक के दौरान थानों में दर्ज मुकदमों की प्रगति, लंबित जांच, अपराध नियंत्रण की स्थिति तथा कानून व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता दिखाई देनी चाहिए ताकि आमजन का पुलिस पर विश्वास और मजबूत हो।

पुलिस अधीक्षक श्री भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी आपराधिक मामलें की जांच अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहनी चाहिए। सभी जांच अधिकारी निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण जांच पूरी कर माननीय न्यायालय में चालान पेश करना सुनिश्चित करें। विशेष रूप से महिला विरूध अपराधों, बच्चों के विरुद्ध अपराधों तथा अन्य संवेदनशील मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा अपराध नियंत्रण और आमजन को त्वरित न्याय दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता। सभी थाना प्रबंधकों और चौकी इंचार्ज अपने अधिकार क्षेत्र में रात के समय प्रभावी गश्त और नाकाबंदी कराए ताकि अपराधियों में भय और आमजन में सुरक्षा का विश्वास बना रहे। 

*थाना चौकी में शिकयतकर्ता के साथ नैतिक व्यवहार करें;*
एसपी श्री भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने निर्देश दिए की थाना चौकी में शिकायत लेकर आने वाले प्रत्येक शिकायतकर्ता के साथ नैतिकता पूर्वक व्यवहार करते हुए शिकायत को ध्यानपूर्वक सुनें और नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाए। पीड़ित की शिकायत चाहे ऑनलाईन, ऑफलाईन या उच्च अधिकारियों के कार्यालय के माध्यम से प्राप्त हुई हो उस पर त्वरित कार्रवाई करें। 

*आदतन अपराधियों पर विशेष नजर रखे;*
थाना प्रबंधक अपने-अपने क्षेत्र में प्रभावी गश्त कर संद्विगध वाहनों व व्यक्तियों की गहनता से चेकिंग करें। आदतन अपराधियों पर विशेष रुप से नजर रखे व समय-समय पर उनके बारे पुछताछ करते रहें। उद्घोषित, पीओ, बेल जंपर अपराधियों का पता लगाकर उन्हे गिरफ्तार करे। मुकदमों मे बकाया आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द से जल्द करें। अपराधिक घटना घटीत होनें की कोई भी सूचना मिलती है तो तुरंत घटना स्थल पर पहुचें। अपराध पर अंकुश लगाने का हर संभव प्रयास किया जाए।

पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह आईपीएस ने कहा कि भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत मे सहन नही किया जाएगा अनुशासन में रहकर ईमानदारी से कार्य करें। अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी बताए। शिकायत मिलने पर सख्त कानूनी कार्रवाही अमल में लाई जाएगी।
अवैध कॉलोनियों पर जिला नगर योजनाकार (प्रवर्तन) की बड़ी कार्रवाई
.जिला नगर योजनाकार (प्रवर्तन), पानीपत द्वारा बुधवार को अवैध कॉलोनियों एवं अनधिकृत निर्माणों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान लगभग 30 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही 4 अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त किया गया। इसके अतिरिक्त लगभग 30 डीपीसी (DPC) तथा कॉलोनियों में विकसित किए गए आंतरिक सड़क नेटवर्क को भी जेसीबी मशीनों की सहायता से हटाया गया।

यह कार्रवाई मनाना, भापरा, करहंस एवं पट्टी कल्याणा के राजस्व एस्टेट में की गई। अभियान के दौरान अवैध कॉलोनियों में किए गए विकास कार्यों को जेसीबी मशीनों की सहायता से ध्वस्त किया गया। कार्रवाई को शांतिपूर्ण एवं प्रभावी ढंग से संपन्न कराने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

जिला नगर योजनाकार (प्रवर्तन) ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्लॉट, मकान अथवा अन्य संपत्ति की खरीद से पूर्व उसकी वैधता की विभागीय स्तर पर जांच अवश्य कर लें तथा अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से बचें। उन्होंने कहा कि ऐसी कॉलोनियों में सरकार द्वारा मूलभूत नागरिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा सकतीं, जिसके कारण भविष्य में खरीदारों को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा अवैध कॉलोनियों एवं अनधिकृत निर्माणों के विरुद्ध विशेष अभियान निरंतर जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाती रहेगी, ताकि योजनाबद्ध, सुरक्षित एवं वैध शहरी विकास को बढ़ावा दिया जा सके।
मानव सेवा और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए सदैव समर्पित संस्था है भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ

रेडक्रॉस सोसायटी ने जरूरतमंद की जिंदगी आसान बनाने की दिशा में बढ़ाया मदद का हाथ

जरूरतमंद को व्हीलचेयर भेंट कर उपायुक्त ने दिया सेवा और सहयोग का संदेश

मानव सेवा ही रेडक्रॉस का मूल उद्देश्य, जरूरतमंद व्यक्ति तक हरसंभव मदद पहुंचाना प्राथमिकता
 
जरूरतमंदों की सहायता के लिए हर समय तत्पर है रेडक्रॉस सोसायटी

पानीपत, 19 अगस्त। उपायुक्त एवं रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बुधवार को उपायुक्त कार्यालय में एक जरूरतमंद व्यक्ति को व्हीलचेयर भेंट की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी मानव सेवा और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए सदैव समर्पित संस्था है। समाज के ऐसे लोगों को सहयोग देना, जिन्हें जीवन की सामान्य आवश्यकताओं को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, हम सभी की सामाजिक जिम्मेदारी है।

    उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि रेडक्रॉस सोसायटी का उद्देश्य केवल सहायता उपलब्ध करवाना ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति को सम्मान के साथ बेहतर जीवन जीने का अवसर प्रदान करना भी है। उन्होंने कहा कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को थोड़ा भी आसान बनाने में यदि हमारी छोटी-सी मदद काम आती है तो इससे बड़ी मानव सेवा कोई नहीं हो सकती। उन्होंने रेडक्रॉस सोसायटी से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि जरूरतमंद लोगों की पहचान कर उन्हें उनकी आवश्यकता के अनुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाने के प्रयास निरंतर जारी रखें।

    उन्होंने कहा कि दिव्यांग, बुजुर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर तथा अन्य जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं और सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उपायुक्त डॉ हरीश ने कहा कि समाज के सक्षम लोगों और स्वयंसेवी संस्थाओं को भी आगे आकर जरूरतमंदों की मदद के लिए योगदान देना चाहिए। इससे समाज में सहयोग, संवेदना और मानवता की भावना और मजबूत होगी।

    डॉ. वशिष्ठ ने कहा कि रेडक्रॉस सोसायटी सेवा, संवेदना और समर्पण का प्रतीक है। संस्था द्वारा समय-समय पर जरूरतमंद लोगों को व्हीलचेयर, कृत्रिम अंग, चिकित्सा सहायता तथा अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाकर उन्हें आत्मनिर्भर और सुगम जीवन जीने में सहयोग दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की सहायता केवल एक वस्तु प्रदान करने तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह जरूरतमंद व्यक्ति के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनती है। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि वे समाज में जरूरतमंद लोगों की पहचान कर उनकी सहायता के लिए आगे आएं।    

    उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही ऐसा समाज बनाया जा सकता है, जहां कोई व्यक्ति स्वयं को असहाय महसूस न करे। प्रशासन और रेडक्रॉस सोसायटी जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ब्लॉक स्तर पर कैंप लगाकर लोगों को जागरूक करने के भी निर्देश दिए।  इस मौके पर रेड क्रॉस सोसायटी के सचिव गौरव रामकरण, प्रशिक्षण अधिकारी हरमेश, राहगीरी संयोजक एडवोकेट संदीप जिंदल, स्टाफ सदस्य लालचंद और अमित मौजूद रहे
विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में तेजी लाएं अधिकारी, बीएलओ पूरी गंभीरता से निभाएं जिम्मेदारी: एसडीएम मनदीप कुमार

मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने में जुटा प्रशासन, एसडीएम ने अधिकारियों से लिया कार्य का अपडेट

मतदाताओं से केवल जरूरी दस्तावेज लें, सम्मानजनक व्यवहार रखें अधिकारी

हर बीएलओ अपने दायित्व के प्रति रहे सजग

मतदाताओं से केवल जरूरी दस्तावेज ही लें, व्यवहार में विनम्रता रखें अधिकारी

पानीपत, 19 अगस्त। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्य की प्रगति को लेकर बुधवार को जिला सचिवालय सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में एसडीएम मनदीप ने अधिकारियों से एक-एक करके कार्य की प्रगति का अपडेट लिया और पुनरीक्षण कार्य में और अधिक तेजी लाने के निर्देश दिए।

एसडीएम मनदीप ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसलिए बीएलओ सहित सभी संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता, सजगता और ईमानदारी के साथ निभाएं। उन्होंने कहा कि कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बीएलओ को निर्देश दिए कि मतदाताओं से संपर्क करते समय आवश्यक दस्तावेजों की ही मांग की जाए। अनावश्यक दस्तावेजों के लिए मतदाताओं को परेशान न किया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी मतदाताओं के साथ विनम्र एवं सम्मानजनक व्यवहार करें, ताकि पुनरीक्षण प्रक्रिया में लोगों का विश्वास और सहयोग बना रहे। एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नोटिस भेजने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए। जिन मामलों में नोटिस जारी किए जाने हैं, उनमें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

  उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित रिकॉर्ड और आवश्यक दस्तावेजों को व्यवस्थित रूप से तैयार रखें, ताकि किसी भी स्तर पर अपडेट या रिपोर्ट मांगे जाने पर पूरी जानकारी तुरंत उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपने स्तर पर कार्य की नियमित समीक्षा करें और अधीनस्थ कर्मचारियों को भी लगातार मार्गदर्शन देते रहें। बीएलओ के कार्य की निगरानी करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्धारित समयसीमा के भीतर पुनरीक्षण कार्य को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।

एसडीएम मनदीप ने कहा, विशेष गहन पुनरीक्षण केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि मतदाता सूची की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। प्रत्येक बीएलओ और संबंधित अधिकारी अपने दायित्व को पूरी गंभीरता से निभाएं। मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज ही लिए जाएं, उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और किसी भी स्तर पर अनावश्यक परेशानी न हो। हमारा लक्ष्य है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरी हो तथा हर पात्र मतदाता का नाम सही तरीके से मतदाता सूची में दर्ज रहे।

बैठक में रोडवेज जीएम विक्रम कंबोज, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक संजय आंतिल, डॉ. अशोक लोहान, डिप्टी डीईओ मनीष गुप्ता, गवर्नमेंट कॉलेज के प्रिंसिपल सुभाष जागलान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
राजकीय महिला महाविद्यालय डाहर में दाखिले का सुनहरा अवसर, 23 अगस्त तक ओपन काउंसलिंग: उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ

बेटियों की उच्च शिक्षा को नई उड़ान दे रहा राजकीय महिला महाविद्यालय डाहर, बीए में 160 सीटें उपलब्ध

ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को घर के नजदीक उच्च शिक्षा की सुविधा, महाविद्यालय में  दाखिला प्रक्रिया जारी

23 अगस्त तक फिजिकल ओपन काउंसलिंग, छात्राएं जल्द लें दाखिले का लाभ

पानीपत, 19 अगस्त। राजकीय महिला महाविद्यालय डाहर, पानीपत में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए दाखिला प्रक्रिया जारी है। महाविद्यालय में छात्राओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न विषयों में दाखिले दिए जा रहे हैं। दाखिला प्रक्रिया 22 जुलाई से शुरू हुई थी। फिलहाल महाविद्यालय का संचालन सामुदायिक केंद्र में किया जा रहा है।

राजकीय महिला महाविद्यालय डाहर भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां से संबद्ध है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में बीए की 160 तथा बीकॉम की 80 सीटें उपलब्ध हैं। बीए में अंग्रेजी, हिंदी, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, गणित, राजनीतिक विज्ञान, कंप्यूटर साइंस और शारीरिक शिक्षा जैसे विषय शामिल किए गए हैं।

प्रथम मेरिट सूची के माध्यम से बीए में 17 छात्राओं ने दाखिला लिया। इसके बाद फिजिकल ओपन काउंसलिंग के माध्यम से भी 6 छात्राओं ने प्रवेश लिया है। महाविद्यालय में फिजिकल ओपन काउंसलिंग के तहत दाखिला लेने की अंतिम तिथि 23 अगस्त निर्धारित की गई है। ऐसे में इच्छुक छात्राओं को निर्धारित तिथि से पहले महाविद्यालय में संपर्क कर दाखिले का अवसर प्राप्त करना चाहिए।

    उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि बेटियों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। राजकीय महिला महाविद्यालय डाहर शुरू होने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि बेटियों को आत्मनिर्भर, सक्षम और आत्मविश्वासी बनाने का सबसे मजबूत आधार है।    

  उपायुक्त ने अभिभावकों से भी आह्वान किया कि वे अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करें और उपलब्ध अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए उनका सहयोग करें।

    महाविद्यालय के प्राचार्य सुभाष चंद्र जागलान ने कहा कि राजकीय महिला महाविद्यालय डाहर क्षेत्र की बेटियों के लिए उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हमारा प्रयास है कि छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ ऐसा सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जहां वे अपनी प्रतिभा को निखार सकें और भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें।

उन्होंने कहा कि बीए में विभिन्न रोजगारपरक एवं उपयोगी विषयों का विकल्प छात्राओं को अपनी रुचि और भविष्य की संभावनाओं के अनुसार विषय चुनने का अवसर देता है। उन्होंने पात्र छात्राओं से अपील की कि वे 23 अगस्त तक फिजिकल ओपन काउंसलिंग के माध्यम से दाखिले का अवसर अवश्य प्राप्त करें।

महाविद्यालय प्रशासन ने छात्राओं एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे दाखिले से संबंधित जानकारी के लिए महाविद्यालय से संपर्क करें और निर्धारित अंतिम तिथि का विशेष ध्यान रखें।
प्रदेश की 10 लाख एकड़ भूमि सुधार हेतू जिप्सम खरीद को स्वीकृति- मुख्यमंत्री

 

किसानों को 50 प्रतिशत सब्सिडी पर दिया जाएगा जिप्सम

 

निश्चित अवधि से कम समय में कार्य पूरा करने पर दिया जाएगा प्रोत्साहन

 

मुख्यमंत्री ने की हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक की अध्यक्षता

 
 हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश के किसानों की 10 लाख एकड़ भूमि को सुधारने के लिए लगभग 15.63 करोड़ रुपए की लागत से 25 हजार टन जिप्सम की खरीद की जाएगी ताकि किसानों को पर्याप्त मात्रा में जिप्सम उपलब्ध हो सके।

 

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी चंडीगढ़ में हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री विपुल गोयल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा, लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

कैथल में बनेगा 21680 एमटी का गोदाम तथा क्वालिटी कंट्रोल लेब

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा भूमि सुधार निगम के माध्यम से किसानों को 50 प्रतिशत सब्सिडी पर भूमि सुधार के लिए जिप्सम उपलब्ध करवाया जाता है। उन्होंने कहा कि जिप्सम उच्च गुणवतायुक्त सुलभ करवाया जाए ताकि भूमि में जल्द सुधार कर उसे अधिक उपजाऊ बनाया जा सके। इसके अलावा कैथल के हैफेड कॉम्पलेक्स में 9.80 करोड़ रुपए की लागत से 21680 एमटी का गोदाम बनाने तथा क्वालिटी कंट्रोल लेब बनाने की भी स्वीकृति प्रदान की गई।

पानीपत के 9 गांवों में 75.50 करोड़ रुपए की पेयजल योजनाएं स्वीकृत

 

मुख्यमंत्री ने पानीपत जिले के भैंसवाल, कुतानी, राजाखेड़ी, निम्बरी, उग्रखेड़ी, रिसालु, नांगलखेड़ी, काबरी, गढी, सिकन्दरपुर सहित 9 गांवों में महाग्राम योजना के तहत 75.50 करोड़ रुपए की लागत से पेयजल योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की। इसी प्रकार गोहाना शहर के शनि मंदिर, एमपीएस गुढा क्षेत्र में सीवरेज लाईन भी 16.30 करोड़ रुपए की लागत से मंजूर की गई।

 नायब सिंह सैनी ने पिंजौर कालका सेक्टर 27 में न्यायिक परिसर का निर्माण करने की स्वीकृति प्रदान की। इस पर 22.70 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसी प्रकार अम्बाला शहर में लघु सचिवालय के प्रशासनिक ब्लॉक के तृतीय चरण का कार्य 34 करोड़ रुपए की लागत से करने की मंजूरी दी गई। 

सफीदों में बनेगा राजकीय नर्सिंग कॉलेज 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो कार्य निश्चित अवधि से कम समय में पूरा किया जाएगा, सरकार की योजना अनुसार उसे प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने अम्बाला कैंट में बैंक स्कवेयर भवन फेज 1 का निर्माण कार्य 52 करोड़ रुपए की लागत से तैयार करने की स्वीकृति प्रदान की। इसके अलावा राजकीय नर्सिंग कॉलेज सफीदों का भी निर्माण 37.49 करोड़ रुपए की लागत से किया जाएगा।

पंचकूला व फतेहाबाद में बनेंगी जिला जेल

 

मुख्यमंत्री ने इण्डस्ट्रीयल एरिया फेज 1 पंचकूला में सड़कों को अपग्रेड एवं मजबूत बनाने के लिए 16.80 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की। पंचकूला के गांव जलोली में जिला जेल का निर्माण लगभग 40 करोड़ रुपए की लागत किया जाएगा। इसके अलावा कुण्डली मानेसर सड़क सेक्शन मार्ग की 65.66 करोड़ रुपए लागत से लगभग 83 किलोमीटर मार्ग की मुरम्मत एवं रखरखाव किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने फतेहाबाद में जिला जेल बनाने की भी स्वीकृति प्रदान की। इस पर 37 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसी प्रकार जुलाना शहर में वाटर सप्लाई कार्य पर 21.17 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। उन्होंने कहा कि नारनौल के होस्पीटल को अप्रगेड कर 100 से 200 बेड का बनाया जाएगा। इस पर 26.30 करोेड़ रुपए की लागत आएगी। यमुनानगर में 16.89 करोड़ रुपए की लागत से 50 बेड का आयुष हस्पताल का निर्माण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र सहारनपुर स्टेट हाईवे के कार्य की मंजूरी प्रदान की। लगभग 10 मीटर चौड़ी सड़क पर 26.90 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस सड़क मार्ग को फोन लेन बनाने के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। इसके बाद कुरुक्षेत्र सहारनपुर सड़क मार्ग को फोरलेन बनाया जाएगा। 

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, सुधीर राजपाल, ए के सिंह, विजयेंद्र कुमाऱ, अनुराग अग्रवाल, जीएमडीए के मुख्य सलाहाकार डी एस ढेसी, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, महानिदेशक यश गर्ग सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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