*नगर पालिका की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल: भिंड शहर में चारों तरफ फैले कचरे के ढेरों ने प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी है।*
*अपर कलेक्टर पर भारी पड़ा CMO का प्रभार: नगर पालिका में अपर कलेक्टर को सीएमओ का प्रभार देने के बाद भी शहर की सफाई और जल निकासी व्यवस्था में कोई सुधार नहीं आया है।*
*सफाई व्यवस्था पड़ी भगवान भरोसे: नपा का डोर-टू-डोर कचरा उठाने का दावा हवा-हवाई साबित हो रहा है, कई-कई दिनों तक गली-मोहल्लों से कचरा नहीं उठ रहा।*
*सार्वजनिक स्थलों की बिगड़ी सूरत: सुभाष तिराहे से लेकर बीटीआई तिराहे तक हर प्रमुख प्रवेश द्वार कचरे के ढेर में तब्दील हो चुका है।*
*बीटीआई रोड पर गंदगी का अंबार: बीटीआई रोड स्थित जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय के ठीक बाहर कचरे का स्थायी डंपिंग यार्ड बन गया है।*
*नेहरू बालवाड़ी और रामनगर बंबा का बुरा हाल: शहर के प्रमुख स्थानों जैसे नेहरू बालवाड़ी और रामनगर बंबा हनुमान जी मंदिर के पास महीनों से कचरा जमा है।*
*आमजन और पार्षद परेशान: कचरे और बदबू से परेशान स्थानीय नागरिकों और पार्षदों ने कई बार शिकायतें कीं, लेकिन ठोस कार्रवाई के नाम पर केवल आश्वासन मिले।*
*संक्रामक बीमारियों का बढ़ा खतरा: बारिश के मौसम में जमा कचरे और जलभराव के कारण महामारियां और संक्रामक बीमारियां फैलने का डर बढ़ गया है।*
*अधिकारियों की चुप्पी पर जनता में आक्रोश: स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन और नपा अधिकारी शहर की दुर्दशा देखकर भी पूरी तरह मौन साधे हुए हैं।*
*जनता का सीधा सवाल: बदहाल सफाई व्यवस्था को देखकर अब शहरवासी पूछ रहे हैं—'शहर में कचरा है या कचरे में शहर बस गया है?'*