*राष्ट्रीय खेल दिवस पर जावर स्टेडियम में जुटे ग्रामीण बच्चे, फुटबॉल के साथ फिटनेस का दिया संदेश*
ग्रामीण प्रतिभाओं को मिला खेल का मंच, बच्चों ने की विभिन्न खेल गतिविधियां, 6 सितंबर की हाफ मैराथन की तैयारियों का भी आगाज
*उदयपुर/भीलवाड़ा (रमेश चंद्र डाड)।* हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की प्रमुख खेल पहल जिंक फुटबॉल अकादमी की ओर से राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर ऐतिहासिक जावर स्टेडियम में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें अकादमी के खिलाड़ियों के साथ आसपास के गांवों के 100 से अधिक बच्चों ने भाग लेकर फुटबॉल, फिटनेस और टीम भावना का उत्सव मनाया। कार्यक्रम में बच्चों ने विभिन्न फुटबॉल गतिविधियों में हिस्सा लिया। अकादमी की आवासीय बालिका फुटबॉल टीम की खिलाड़ी भी आयोजन का हिस्सा रहीं। खेल गतिविधियों और आपसी संवाद के माध्यम से ग्रामीण बच्चों को फुटबॉल के प्रति प्रोत्साहित किया गया तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और खेल भावना का संदेश दिया गया। जिंक फुटबॉल अकादमी का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी फुटबॉल के अवसर उपलब्ध कराना है। आधुनिक खेल सुविधाओं और पेशेवर कोचिंग के माध्यम से अकादमी युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मंच प्रदान कर रही है। राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन 6 सितंबर को होने वाली वेदांता जिंक सिटी हाफ मैराथन की तैयारियों की शुरुआत का भी प्रतीक बना। मैराथन के माध्यम से उदयपुर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिटनेस गंतव्य के रूप में पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। हिंदुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमरेंदु प्रकाश ने कहा कि खेल युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और समावेशी समाज के निर्माण का सशक्त माध्यम हैं। कंपनी का उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि खेलों को सभी के लिए सुलभ बनाना है। अकादमी के खिलाड़ियों और ग्रामीण बच्चों को एक मंच पर लाकर स्वास्थ्य, फिटनेस और अवसरों की संस्कृति को मजबूत किया जा रहा है। वर्ष 2018 में स्थापित जिंक फुटबॉल अकादमी को एआईएफएफ से 3-स्टार रेटिंग प्राप्त है। अकादमी के खिलाड़ी राजरूप सरकार, साहिल पूनिया, प्रेम हंसदाक और मोहम्मद कैफ भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्ष 2025 में हिंदुस्तान जिंक ने ग्रामीण क्षेत्र की 20 बालिकाओं के साथ देश की पहली आवासीय बालिका फुटबॉल अकादमी भी शुरू की। हिंदुस्तान जिंक शिक्षा, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, आजीविका और पर्यावरण संरक्षण सहित विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक विकास कार्यक्रम संचालित कर रही है। कंपनी के अनुसार, 4,100 से अधिक गांवों में उसकी पहुंच से 26 लाख से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। कंपनी करीब चार दशकों से खेलों को बढ़ावा दे रही है। जावर में 1976 में स्थापित फुटबॉल स्टेडियम आज भी राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिताओं की मेजबानी करता है। फुटबॉल के अलावा एथलेटिक्स, कबड्डी और वॉलीबॉल में भी ग्रामीण प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कंपनी की खेल पहलों से अब तक करीब 30 हजार लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है।