प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में मुजफ्फरपुर जिला आयोजना क्षेत्र प्राधिकार की बैठक का आयोजन हुआ; मास्टर प्लान-2047 के प्रारूप पर विस्तृत चर्चा हुई
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योजनाबद्ध ढंग से शहरीकरण एवं आयोजना क्षेत्र के समावेशी तथा सतत विकास सुनिश्चित करने हेतु सभी आवश्यक कार्यों को शामिल करने का प्रमंडलीय आयुक्त ने अधिकारियों को दिया निदेश
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अंतर्विभागीय समन्वय एवं माइक्रो-प्लानिंग सुनिश्चित करें; मुजफ्फरपुर जिला आयोजना क्षेत्र प्राधिकार का वेबसाइट निर्माण कर जनहित की सभी सूचनाओं को नागरिक प्रक्षेत्र में उपलब्ध करायेंः प्रमंडलीय आयुक्त
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मुजफ्फरपुर, शुक्रवार, दिनांक 16.10.2026ः आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर श्री गिरिवर दयाल सिंह की अध्यक्षता में आज मुजफ्फरपुर जिला आयोजना क्षेत्र प्राधिकार की बैठक का आयोजन हुआ। इसमें प्राधिकार द्वारा तैयार किये जा रहे मुजफ्फरपुर मास्टर प्लान-2047 के प्रारूप (ड्राफ्ट मास्टर प्लान) पर विस्तृत चर्चा की गयी।
इस बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग, राजस्व, ग्रामीण विकास, पथ निर्माण, एनएचएआई, वन प्रमंडल, रेलवे, परिवहन, जल संसाधन, विद्युत आपूर्ति, बुडको, उद्योग सहित जिला प्रशासन एवं अन्य सभी हितधारक विभागों के पदाधिकारीगण उपस्थित थे। प्रमंडलीय आयुक्त ने इन सभी विभागों के पदाधिकारियों को आपस में सुदृढ़ समन्वय एवं सार्थक संवाद स्थापित कर सरकार के आदेश का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि जनता की आवश्यकता एवं आकांक्षा के अनुरूप सरकार द्वारा सभी क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है। इसी के तहत सरकार के आदेशानुसार मुजफ्फरपुर जिला आयोजना क्षेत्र प्राधिकार द्वारा ड्राफ्ट मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें विकास के बदलते आयाम, अन्य बड़े-बड़े शहरों की प्रगति, जनता की बढ़ती आवश्यकताओं सहित सभी तथ्यों को ध्यान में रखने की जरूरत है। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि यह मास्टर प्लान-2047 आगामी वर्षों में संतुलित, समावेशी एवं सतत विकास का मार्गदर्शक दस्तावेज होगा। इसके अंतर्गत भूमि उपयोग, परिवहन, आवास, आधारभूत संरचना, पर्यावरण संरक्षण, आर्थिक विकास तथा सरकार की महत्वाकांक्षी तिरहुत ग्रीनफिल्ड सैटलाईट टाउनशिप जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए दीर्घकालिक विकास रणनीति भी शामिल रहेगी। प्रमंडलीय आयुक्त ने अधिकारियों को निदेश दिया कि योजनाबद्ध ढंग से शहरीकरण एवं आयोजना क्षेत्र के समावेशी तथा सतत विकास सुनिश्चित करने हेतु सभी ज़रूरी कार्यों को मास्टर प्लान में शामिल करें। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना या कार्यक्रम के सफल होने के लिए अधिकतम जन-सहभागिता आवश्यक है। अतः अधिकारीगण आम जनता सहित सभी स्टेकहोल्डर से सुझाव तथा फीडबैक लें तथा नियमानुसार इसे ड्राफ्ट मास्टर प्लान में शामिल करें।
इस बैठक में नगर आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर नगर निगम, मुजफ्फरपुर जिला आयोजना क्षेत्र प्राधिकार, मुजफ्फरपुर द्वारा पीपीटी के माध्यम से एजेंडावार प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। उपस्थित सभी विभागों एवं हितधारकों के पदाधिकारियों द्वारा जीआईएस-आधारित मुजफ्फरपुर मास्टर प्लान-2047 के प्रारूप (ड्राफ्ट) पर विस्तृत चर्चा की गयी। निर्माण कार्यों का नियमन एवं नियमों का अनुपालन, विभागीय समन्वय एवं अनुपालन, जीआईएस-आधारित मुजफ्फरपुर मास्टर प्लान-2047 की वर्तमान स्थिति, मानचित्र, डेटा, अद्यतन स्थिति, टास्क फोर्स का गठन सहित सभी पहलुओं पर एक-एक कर विस्तार से चर्चा की गयी। आयुक्त महोदय के संज्ञान में लाया गया कि मुजफ्फरपुर नगर निगम क्षेत्र के विस्तार के प्रस्तावित योजना के तहत मुजफ्फरपुर आयोजना क्षेत्र का क्षेत्रफल 428.29 वर्ग किलोमीटर है। इसके अंतर्गत तीन शहरी स्थानीय निकाय (मुजफ्फरपुर नगर निगम, काँटी नगर परिषद तथा माधोपुर सुस्ता नगर पंचायत) एवं 274 गाँव शामिल है। मुजफ्फरपुर मास्टर प्लान-2047 के पाँचवें चरण मास्टर प्लान के प्रारूप निर्माण हेतु आज विभिन्न स्टेकहोल्डर के साथ चर्चा की जा रही है। कुल ग्यारह चरणों में कार्य होना है। विभिन्न हितधारक विभागों यथा राजस्व, ग्रामीण विकास, नगर विकास एवं आवास विभाग, उद्योग, पथ निर्माण, एनएचएआई इत्यादि के वर्ष 2047 तक के विकास विजन, भावी योजनाओं, प्रस्तावित परियोजनाओं, भूमि एवं अवसंरचनाओं से संबंधित आवश्यकताओं तथा अन्य महत्वपूर्ण सुझावों को मास्टर प्लान में शामिल किया जायेगा।
प्रमंडलीय आयुक्त ने अधिकारियों को निदेश देते हुए कहा कि पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित करते हुए अग्रतर कार्य करें। पदाधिकारीगण अंतर्विभागीय समन्वय एवं माइक्रो-लेवल पर प्लानिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने नगर आयुक्त को निदेश दिया कि मुजफ्फरपुर जिला आयोजना क्षेत्र प्राधिकार का *वेबसाइट निर्माण कर जनहित की सभी सूचनाओं को नागरिक प्रक्षेत्र* (पब्लिक डोमेन) में उपलब्ध करायें।
प्रमंडलीय आयुक्त ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निदेश दिया कि ओवरलैपिंग न हो यह सुनिश्चित करें। उन्होंने प्राधिकार के अधिकारियों को निदेश दिया कि विभिन्न विभागों के कार्यालय प्रधानों के साथ एक-एक कर विस्तार से कन्सलटेशन करें तथा जनहित के कार्यों को शामिल करें। पदाधिकारीगण क्षेत्रों का भ्रमण करें तथा लोगों से मिलकर उनका सुझाव लें। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व के पश्चात वे कार्यों में प्रगति की पुनः समीक्षा करेंगे।
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