दीपावली मेला एवं सोमवती अमावस्या को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक संपन्न, श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुगम आवागमन के लिए व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश
30 से 35 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना, मेला क्षेत्र को 08 जोन एवं 22 सेक्टरों में बांटकर की जाएगी व्यवस्था
42 स्थानों पर बैरियर, 15 पार्किंग स्थल, 03 खोया-पाया केंद्र एवं 08 एंबुलेंस रहेंगी तैनात
कड़े सुरक्षा के बीच होगा दीपावली मेले का आयोजन
दीपावली मेला एवं सोमवती अमावस्या के अवसर पर संभावित भारी भीड़ को देखते हुए जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि दीपावली मेले के साथ ही सोमवती अमावस्या पड़ने के कारण जनपद में लगभग 30 से 35 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करें कि श्रद्धालु शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में दर्शन-पूजन और परिक्रमा कर सकें तथा बिना किसी दुर्घटना के सकुशल अपने घर लौटें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों और संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
जिलाधिकारी ने बताया कि मेले की व्यवस्थाओं के लिए अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। मेला क्षेत्र को 08 जोन एवं 22 सेक्टरों में विभाजित कर आवश्यक पुलिस बल एवं अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के लिए 16 सीओ, 28 एसएचओ, 32 इंस्पेक्टर तथा 06 फायर टेंडर की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त 42 स्थानों पर बैरियर लगाए जाएंगे, मेला क्षेत्र में 15 पार्किंग स्थल चिह्नित किए गए हैं तथा 03 खोया-पाया केंद्र स्थापित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 08 एंबुलेंस चौबीसों घंटे तैनात रहेंगी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी पार्किंग स्थलों, खोया-पाया केंद्रों, फायर टेंडरों एवं एंबुलेंस की लोकेशन की मैपिंग कराकर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ साझा की जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। पार्किंग स्थलों की मैपिंग में दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों की क्षमता का स्पष्ट उल्लेख किया जाए। प्रत्येक पार्किंग स्थल पर प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, पानी के टैंकर तथा मोबाइल शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि बांदा एवं महोबा की ओर से ट्रैक्टरों के माध्यम से आने वाले श्रद्धालुओं के संबंध में संबंधित जनपदों के अधिकारियों से समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि ट्रैक्टरों को निर्धारित स्थानों पर ही रोका जा सके और मेला क्षेत्र में अनावश्यक भीड़ एवं दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि एंबुलेंस एवं चिकित्सा सेवाओं की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए। जिला चिकित्सालय में भी एक एंबुलेंस उपलब्ध रखी जाए, जिससे आपातकालीन स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।
जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र एवं संपर्क मार्गों पर साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग को भरतकूप से रामसैया तक सड़क के मध्य उगी झाड़ियों की कटाई एवं सफाई कराने तथा राष्ट्रीय राजमार्ग पर मौजूद गड्ढों को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि होल्डिंग एरिया में टेंट की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए तथा रैन बसेरों में प्रकाश, पंखे, पेयजल सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहें।
उन्होंने भरतकूप से खोह तक स्थापित स्ट्रीट लाइटों की जांच कराकर सभी लाइटों को क्रियाशील रखने के निर्देश दिए, ताकि रात्रि के समय श्रद्धालुओं के आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो। रामघाट पर लगाए जाने वाले लाउडस्पीकरों की गुणवत्ता एवं ध्वनि व्यवस्था बेहतर रखने के साथ ही उनमें पूर्व रिकॉर्ड किए गए संदेश प्रसारित कराए जाएं। इन संदेशों के माध्यम से श्रद्धालुओं को खोया-पाया केंद्रों, रैन बसेरों एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी दी जाए। मोबाइल शौचालयों की अतिरिक्त आवश्यकता होने पर निकटवर्ती जनपदों से समन्वय स्थापित कर उनकी व्यवस्था कराई जाए।
जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि 05 नवंबर तक प्रत्येक विकासखंड में कैटल कैचर की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़कों पर आवारा पशुओं की मौजूदगी नहीं रहनी चाहिए। जिन पशुओं के कारण यातायात बाधित होता है अथवा दुर्घटना की आशंका रहती है, उनके स्वामियों के विरुद्ध नियमानुसार जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाए। इस संबंध में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी।
रामघाट की स्वच्छता व्यवस्था के संबंध में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि क्षेत्र को अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित कर चौबीसों घंटे सफाई कर्मियों की तैनाती की जाए। अधिशासी अभियंता, विद्युत को निर्देशित किया कि मेला क्षेत्र में कहीं भी विद्युत तार लटकते हुए न रहें तथा विद्युत सुरक्षा के सभी आवश्यक प्रबंध समय से पूरे किए जाएं।
उन्होंने रामघाट चौकी प्रभारी को निर्देश दिए कि परिक्रमा मार्ग में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न होने दिया जाए। मेले से पूर्व सभी अवैध एवं बाधक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को परिक्रमा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्थानीय नागरिकों, साधु-संतों एवं महात्माओं से भी मेले की व्यवस्थाओं के संबंध में सुझाव आमंत्रित किए। इस दौरान भरतकूप के महाराज विपिन विराट सहित अन्य साधु-संतों एवं स्थानीय लोगों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त सुझावों पर विचार करते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में नगर पालिका परिषद कर्वी के अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता, मुख्य विकास अधिकारी डी.पी. पाल, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) चंद्रशेखर, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, साधु-संत एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।