टीआईटी भिवानी में चार सप्ताहीक कृत्रिम बुद्धिमत्ता कार्यशाला का सफल समापन
120 विद्यार्थियों ने लिया लाभ, वेलेडिक्ट्री समारोह में प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित
*भिवानी, 5 जून।*
वस्त्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकीय संस्थान टी आई टी भिवानी के कंप्यूटर इंजीनियरिंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग द्वारा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस (11 मई) के अवसर पर प्रारम्भ की गई चार सप्ताहीक निशुल्क ए आई कार्यशाला का आज दीक्षान्त समारोह के साथ सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस कार्यशाला में भिवानी जिले के विभिन्न विद्यालयों से 12वीं उत्तीर्ण 120 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मूलभूत अवधारणाओं, आधुनिक तकनीकी अनुप्रयोगों तथा भविष्य में उपलब्ध होने वाले करियर अवसरों से परिचित कराना था। चार सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों को मशीन लर्निंग, जनरेटिव एआई, डेटा एनालिटिक्स, स्मार्ट ऑटोमेशन, कंप्यूटर विज़न तथा विभिन्न औद्योगिक एवं सामाजिक क्षेत्रों में एआई के व्यावहारिक उपयोगों के बारे में प्रशिक्षित किया गया।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए कार्यशाला की मुख्य समन्वयक एवं कंप्यूटर इंजीनियरिंग तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभागाध्यक्ष *डॉ. ज्योति चौधरी* ने कहा कि आज के तकनीकी युग में एआई केवल एक उभरती हुई तकनीक नहीं बल्कि नवाचार और विकास की आधारशिला बन चुकी है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए एआई की प्रारम्भिक समझ अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि आने वाले वर्षों में लगभग प्रत्येक तकनीकी क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का व्यापक उपयोग होगा। उन्होंने प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।
संस्थान के निदेशक *प्रो. बी. के. बेहरा*, जो वर्तमान एक हफ्ते के लिए यूरोप के विभिन्न विश्वविद्यालयों में व्याख्यान दे रहे हैं, ने अपने डिजिटल संदेश के माध्यम से विभाग को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि टी आई टी सदैव नई प्रौद्योगिकियों के प्रसार और युवा प्रतिभाओं के कौशल विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में विद्यार्थियों को प्रारम्भिक स्तर से ही प्रशिक्षित करना समय की आवश्यकता है।
कार्यशाला के सफल संचालन में पाठ्यक्रम समन्वयकों *डॉ. अखिल कौशिक, डॉ. सात्विका, डॉ. अर्चना तथा सुश्री रितु* का विशेष योगदान रहा। सभी समन्वयकों ने विभिन्न तकनीकी सत्रों, प्रयोगात्मक गतिविधियों तथा परियोजना आधारित शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को एआई की व्यावहारिक समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दीक्षान्त समारोह के अवसर पर प्रशिक्षु छात्र छात्राओं ने अपने प्रशिक्षण के ऊपर प्रस्तुति भी दी और इसके आधार पर उनका मूल्यांकन भी किया गया।
इसके अतिरिक्त एम.टेक. शोधार्थी *अभिषेक श्योकंद* के संगठनात्मक प्रयासों की भी विशेष सराहना की गई, जिन्होंने कार्यशाला के संचालन, प्रतिभागियों के समन्वय तथा विभिन्न गतिविधियों के सफल प्रबंधन में उल्लेखनीय योगदान दिया।
समारोह के दौरान प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा भविष्य में भी इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की गई। इस अवसर पर टी आई टी कॉलेज परिवार के सभी संकाय सदस्य, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और उन्होंने कार्यशाला की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की।