प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय रुद्रा कॉलोनी ने मनाया विश्व पर्यावरण दिवस
डा. कल्पना शास्त्री ने भेंट किए 51 पौधे
विश्व पर्यावरण दिवस पर 101 पौधे लगाने का लिया संकल्प: बीके रजनी
भिवानी, 5 जून। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय रुद्रा कॉलोनी द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। इस दौरान संस्था के 90 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक विचार एक सोच मंच की संस्थापक डा. कल्पना शास्त्री ने शाखा को 51 पौधे भेंट कर शुभकामनाएं दीं। डा. कल्पना शास्त्री ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था समाज, प्रकृति, पर्यावरण तथा रक्तदान जैसे अनेक सामाजिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का नियमित रूप से आयोजन करती रहती है। शाखा संचालिका बीके रजनी दीदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज प्रकृति के अत्यधिक दोहन के कारण मानव समाज अनेक प्रकार की बीमारियों का सामना कर रहा है। पेड़-पौधे जहां हमें शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान करते हैं तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, वहीं दूसरी ओर जंगलों की निरंतर कटाई से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है और प्रकृति का संतुलन बिगड़ता जा रहा है। इसलिए हम सभी को प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए तथा उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हमें मानसिक प्रदूषण से स्वयं को बचाना चाहिए, उसी प्रकार पर्यावरण को भी प्रदूषित होने से बचाना हमारा कर्तव्य है। ब्रह्माकुमारी संस्था का उद्देश्य है मन स्वच्छ, तन स्वच्छ, प्रकृति स्वच्छ और पर्यावरण स्वच्छ। इसी के तहत हमने 101 पौधे लगाने का संकल्प किया और कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पर सिर्फ पेड़ नहीं लगाएं बल्कि हम अपने संस्कार बदलने का संकल्प लें क्योंकि जब मानव मन में संतोष होगा तो प्रकृति का शोषण स्वत:कम हो जाएगा। जब मन संतुष्ट होगा तो सिर्फ लेने की तरफ ध्यान नहीं होगा संरक्षण की तरफ भी ध्यान होगा। राजयोग भी हमें यही याद दिलाता है हमारा मूल स्वरूप सुख शांति संतुष्ट स्वरूप है हम जिसे बाहर पाने के लिए प्रकृति का नुकसान करते हैं परमपिता परमात्मा हमें सिखलाते कि ये सुख शांति ,संतुष्टता तो हमारी निजी प्रॉपर्टी है।
कार्यक्रम में सुभाष गोयल , हिंदी की स्नातकोत्तर शिक्षिका किरण, सुशील, सुमित्रा, ईश्वर, बीके कलावती, बीके सज्जन भाई, बीके कृष्णा, बीके दीनानाथ, बीके मंजू अग्रवाल, बीके अंजू, बीके रोनित तथा बीके ज्योति सहित अनेक ब्रह्मावत्सों ने पौधारोपण कर पर्यावरण एवं प्रकृति की सुरक्षा का संकल्प लिया।