विश्व ओजोन परत संरक्षण दिवस पर तामिया महाविद्यालय में कार्यशाला एवं प्रदर्शनी आयोजित
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शासकीय महाविद्यालय तामिया में विश्व ओजोन परत संरक्षण दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कार्यशाला एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ओजोन परत के महत्व, उसके संरक्षण तथा पर्यावरणीय चुनौतियों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री विजय सिंह सिरसाम ने कहा कि ओजोन परत पृथ्वी के वायुमंडल के समताप मंडल में स्थित एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है, जो सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों को अवशोषित कर जीव-जगत की रक्षा करती है। उन्होंने बताया कि क्लोरोफ्लोरोकार्बन (सीएफसी) सहित विभिन्न प्रदूषक तत्वों के कारण ओजोन परत को क्षति पहुंच रही है, जो पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं जागरूक बनें तथा समाज में भी पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रसारित करें। साथ ही ऐसे साधनों एवं उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा दें, जिनसे क्लोरोफ्लोरोकार्बन का उत्सर्जन न्यूनतम हो और ओजोन परत के संरक्षण में सहयोग मिल सके।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय नवरे, डॉ. मनिंदर भाटिया, माधविका उइके, रविना नर्रे, निरंजन राजपूत, विपिन माहौरे, सुरेश भारती, रीता, वासुदेव पाटणकर सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।