“नशा छोड़ो, जीवन से नाता जोड़ो”- नशा मुक्ति टीम पलवल ने स्वामी विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पलवल में चलाया जागरूकता अभियान।
300 से अधिक विद्यार्थियों ने ली नशे से दूर रहने की शपथ।
Aonenews अरविन्द बक्शी
पलवल पुलिस नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस' की नीति पर कर रही है काम, नशा तस्करों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई व नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान निरंतर जारी-दीप्ति गर्ग,, एसपी पलवल।
पुलिस अधीक्षक पलवल दीप्ति गर्ग,, IPS*के विजन *“नशा मुक्त पलवल, सुरक्षित पलवल”* को साकार करने हेतु जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत आज नशा मुक्ति टीम ने स्वामी विवेकानंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पलवल में वृहद नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में स्कूल प्रिंसिपल भगत सिंह, अध्यापकगण व 300 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत नशा मुक्ति टीम द्वारा युवाओं को नशे के चक्रव्यूह से आगाह करने के साथ हुई।
नशा मुक्ति टीम पलवल ने कहा, “नशा सिर्फ एक बुरी लत नहीं, बल्कि एक धीमा जहर है जो आपके सपनों, आपके परिवार और आपके भविष्य को एक साथ निगल जाता है। छात्र देश के निर्माता हैं। अगर युवा ही नशे की गिरफ्त में आ गया तो राष्ट्र निर्माण का सपना अधूरा रह जाएगा।
1. *नशे का वैज्ञानिक पक्ष:* स्मैक, गांजा, चिट्टा, शराब, तंबाकू व ई-सिगरेट से लीवर, किडनी, फेफड़े व दिमाग पर पड़ने वाले घातक प्रभावों को उदाहरण सहित समझाया गया।
2. *कानूनी शिकंजा:* बताया गया कि NDPS एक्ट के तहत नशा तस्करी में *10 साल से लेकर आजीवन कारावास* तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
3. *बचाव के तरीके:* तनाव, संगति या शौक के चलते नशे की शुरुआत करने वालों को “ना” कहना सिखाया गया। अच्छी संगति, खेल, योग व रचनात्मक कार्यों को नशे का विकल्प बताया।
4. *शपथ व संकल्प:* कार्यक्रम के अंत में पूरे सभागार ने हाथ उठाकर *“मैं आजीवन किसी भी प्रकार का नशा नहीं करूंगा और नशे के खिलाफ इस जंग में पुलिस का साथ दूंगा”* की शपथ ली।
“पलवल पुलिस, नशे के खिलाफ *‘जीरो टॉलरेंस ’* की नीति पर काम कर रही है। एक तरफ तस्करों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई हो रही है, वहीं दूसरी तरफ नशा मुक्ति टीम युवाओं को जागरूक कर रही है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल व शिक्षा में अपना तथा अपने देश का नाम रोशन करें। माता-पिता अपने बच्चों के व्यवहार पर नजर रखें। नशा गतिविधियों से जुड़ी कोई भी सूचना हो तो बेझिझक मानस हेल्पलाइन नंबर 1933, डायल-112 या नजदीकी थाना को दें, नाम गुप्त रखा जाएगा।”