45 दिन बाद भी नहीं मिला इंसाफ: इश्तियाक अहमद हत्याकांड पर फूटा जनाक्रोश, सैकड़ों लोगों ने निकाला कैंडिल मार्च
गया: गया शहर के पंचायती अखाड़ा निवासी जमीन कारोबारी इश्तियाक अहमद की हत्या के 45 दिन बीत जाने के बावजूद सभी नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों का गुस्सा बुधवार को सड़कों पर उतर आया। सैकड़ों लोगों ने मृतक के आवास से टावर चौक तक कैंडिल मार्च और न्याय मार्च निकालकर दोषियों की जल्द गिरफ्तारी, स्पीडी ट्रायल के माध्यम से कड़ी सजा तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन पर जांच में सुस्ती बरतने का आरोप लगाते हुए अपराध नियंत्रण को लेकर भी सवाल उठाए। हाथों में कैंडिल और तख्तियां लिए मार्च में शामिल लोग "इश्तियाक अहमद हत्याकांड में स्पीडी ट्रायल चलाओ", "सभी नामजद अभियुक्तों को तुरंत गिरफ्तार करो", "गया एसएसपी जवाब दो", "मगध रेंज आईजी जवाब दो" और "गया में बढ़ते अपराध पर रोक लगाओ" जैसे नारे लगा रहे थे। न्याय मार्च पंचायती अखाड़ा से शुरू होकर किरानी घाट, किरण सिनेमा होते हुए टावर चौक पहुंचा, जहां सभा का आयोजन किया गया।
मार्च में मृतक की मां के साथ उनके भाई अतीक अहमद, एखलाक अहमद और शाहनवाज हुसैन सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। पूरे मार्च के दौरान लोगों ने घटना के प्रति गहरा आक्रोश जताते हुए कहा कि यदि समय रहते सभी आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
सभा को संबोधित करते हुए मृतक की मां भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उनके बेटे की निर्मम हत्या को डेढ़ महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन परिवार को अब तक न्याय की उम्मीद ही मिल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी शशांक शुभंकर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार से हस्तक्षेप कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार कराने तथा स्पीडी ट्रायल के जरिए कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की।
भाकपा (माले) के गया नगर प्रभारी तारिक अनवर ने कहा कि घटना के 45 दिन बाद भी पुलिस की कार्रवाई संतोषजनक नहीं है। उनका आरोप था कि कई नामजद अभियुक्त अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जबकि मृतक का मोबाइल फोन भी अब तक बरामद नहीं किया जा सका है। उन्होंने यह भी कहा कि परिजनों के अनुसार घटना के बाद पुलिस प्रशासन का कोई वरिष्ठ अधिकारी परिवार से मिलने तक नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में निराशा और नाराजगी बढ़ी है।
इंसाफ मंच के जिला प्रभारी मोहम्मद शेरजहां ने कहा कि जिले में लगातार बढ़ते जघन्य अपराधों के बीच पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। उनका कहना था कि अपराध नियंत्रण के साथ-साथ संवेदनशील मामलों की जांच में भी गंभीरता का अभाव दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में तेजी नहीं लाई गई और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं हुई तो आम लोगों का पुलिस प्रशासन पर भरोसा और कमजोर होगा। उन्होंने मगध रेंज के आईजी और गया के एसएसपी सुशील कुमार से मामले की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक करने तथा लंबित कार्रवाई पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि न्याय तभी संभव है जब सभी नामजद अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध स्पीडी ट्रायल चलाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कार्यक्रम में भाकपा (माले) जिला कमेटी सदस्य रामचंद्र प्रसाद, सिद्धनाथ सिंह, तारिक अनवर, नूर शेख, मोहम्मद आजम, साबिर खान सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान शांतिपूर्ण ढंग से न्याय और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग उठाई गई।
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