सपा नेता रामज्ञान गुप्ता पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई,23 अक्टूबर को एडीएम कोर्ट में लिखित स्पष्टीकरण के साथ तलब
पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट पर कड़ा रुख अपनाते हुए एडीएम कोर्ट ने शिवनाथ नगर निवासी सपा नेता रामज्ञान गुप्ता की आपराधिक हिस्ट्रीशीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने,मारपीट व आईटी एक्ट जैसे आधा दर्जन मुकदमों को संज्ञान में लिया है। कोर्ट ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए रामज्ञान गुप्ता को 50,000 रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र भरने और इतनी ही धनराशि की सक्षम जमानत कोर्ट में प्रस्तुत करने का आदेश दिया है,जिसकी तामीली के लिए स्थानीय पुलिस को निर्देशित किया गया है।
23 अक्टूबर को हाजिर न होने पर होगा जिला बदर
प्रशासनिक आदेश के मुताबिक,रामज्ञान गुप्ता को आज यानी 23 अक्टूबर 2026 को एडीएम कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। यदि वह तय समय सीमा के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण और मांगी गई जमानत राशि से संबंधित विधिक प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं,तो कोर्ट जनसुरक्षा के मद्देनजर एकतरफा कार्रवाई करते हुए उन्हें जिला बदर करने का अंतिम आदेश पारित कर देगी।
सपा नेता का आरोप: 'बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर विपक्ष को दबाने की साजिश'
इधर, नोटिस और भारी मुचलके की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा नेता रामज्ञान गुप्ता ने पुलिस-प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, "मैंने हमेशा कानून और संविधान का सम्मान करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से जनहित के मुद्दों को उठाया है। जनता की समस्याओं के लिए आवाज उठाना कब से गुंडागर्दी हो गया? मेरी बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर सत्तापक्ष के स्थानीय नेताओं के इशारे पर यह दमनकारी कार्रवाई की जा रही है।"
प्रशासनिक दमन के खिलाफ जाएंगे उच्च न्यायालय
सपा नेता ने साफ तौर पर कहा कि प्रशासन इस तरह की एकतरफा विधिक पेचीदगियों से उनकी आवाज को दबा नहीं सकता है। वे इस दंडात्मक नोटिस और बंधपत्र के आदेश का जवाब देने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे और अपनी बेगुनाही साबित करेंगे।
Hardoi, Hardoi | Nov 4, 2026