मेहंदवानी तहसील की कार्यप्रणाली को लेकर किसान संघ का प्रदर्शन, कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन
राजस्व प्रकरणों में कथित देरी, शुल्क वसूली और न्यायालयीन आदेशों के पालन को लेकर उठाए सवाल; कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
डिंडोरी के मेहंदवानी तहसील में राजस्व संबंधी मामलों के निराकरण और तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर भारतीय किसान संघ, महाकौशल प्रांत जिला डिंडौरी ने प्रशासन के समक्ष अपनी शिकायतें रखी हैं। किसान संघ ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शहपुरा के माध्यम से कलेक्टर डिंडौरी के नाम ज्ञापन सौंपकर किसानों की समस्याओं के समयबद्ध निराकरण और मामले की जांच की मांग की है।
राजस्व प्रकरणों में देरी का आरोप
किसान संघ का आरोप है कि मेहंदवानी तहसील क्षेत्र में किसान फौती नामांतरण, विक्रय नामांतरण, बंटवारा और कब्जे जैसे भूमि संबंधी मामलों के निराकरण के लिए आवेदन करते हैं। संघ के अनुसार कई मामलों में निर्धारित समयावधि में कार्रवाई नहीं होने के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें अपने प्रकरणों की जानकारी एवं निराकरण के लिए बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
संघ ने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया की समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाए कि पात्र किसानों के मामलों में नियमानुसार और समय-सीमा के भीतर कार्रवाई हो।
₹5 हजार स्टाम्प शुल्क मांगने का आरोप
ज्ञापन में किसान संघ ने बंटवारा और फौती नामांतरण से जुड़े मामलों में गरीब किसानों से ₹5 हजार स्टाम्प शुल्क जमा कराने के लिए कहे जाने का भी आरोप लगाया है। संघ ने इस संबंध में राजस्व नियमों और लोक सेवा गारंटी व्यवस्था के तहत जांच कराने की मांग की है।
किसान संघ का कहना है कि यदि किसी प्रकरण में निर्धारित शुल्क से अलग राशि की मांग की जा रही है तो इसकी जांच आवश्यक है। संघ ने प्रशासन से संबंधित नियमों के अनुसार शुल्क की स्थिति स्पष्ट करने और शिकायत की जांच कराने की मांग की है।
न्यायालयीन आदेशों के पालन की मांग
किसान संघ ने अपने ज्ञापन में अनुविभागीय अधिकारी, कलेक्टर, कमिश्नर, व्यवहार न्यायालय और जिला न्यायालय सहित विभिन्न स्तरों से पारित आदेशों के समय पर पालन का मुद्दा भी उठाया है।
संघ का कहना है कि भूमि और राजस्व से जुड़े मामलों में आदेश पारित होने के बाद भी यदि उनका समय पर पालन नहीं होता है तो किसानों को लंबे समय तक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। संघ ने संबंधित अधिकारियों को न्यायालयीन एवं सक्षम अधिकारियों के आदेशों का नियमानुसार समय पर पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।
तहसीलदार को हटाने की मांग
ज्ञापन में मेहंदवानी तहसीलदार तेजलाल धुर्वे की कार्यप्रणाली को लेकर भी किसान संघ ने शिकायतें दर्ज कराई हैं। संघ का आरोप है कि तहसीलदार के कामकाज और व्यवहार को लेकर किसानों में असंतोष है तथा इस संबंध में पूर्व में भी शासन-प्रशासन को आवेदन एवं निवेदन दिए जा चुके हैं।
किसान संघ ने मामले की जांच कर तहसीलदार को हटाने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं और ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होती है तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपना सकता है।
प्रशासन से जांच और समयबद्ध कार्रवाई की मांग
भारतीय किसान संघ ने प्रशासन से राजस्व प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा, किसानों को नियमानुसार सेवाएं उपलब्ध कराने, शुल्क संबंधी शिकायतों की जांच, न्यायालयीन आदेशों का समय पर पालन और तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली की जांच कराने की मांग की है।
ज्ञापन कार्यक्रम में किसान संघ के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू, जिला उपाध्यक्ष जगदीश प्रसाद, सदस्य मटरू दादा सहित अन्य किसान एवं संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
हालांकि, ज्ञापन में लगाए गए आरोप किसान संघ की शिकायतों पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और संबंधित तहसीलदार अथवा प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट होगी।
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