#बालाघाट
मजदूरी से उद्यमिता तक का सफर: सिलाई और साड़ी के व्यापार से आत्मनिर्भर बनीं ग्राम बघोली की छमेश्वरी
कहते हैं कि हौसलों की उड़ान अगर सही दिशा में हो, तो मंजिल खुद-ब-खुद पास चली आती है। लालबर्रा विकासखंड के ग्राम बघोली की रहने वाली श्रीमती छमेश्वरी ठाकरे ने इसे सच कर दिखाया है। कभी दूसरों के खेतों में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाली छमेश्वरी आज न केवल खुद आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा की एक मिसाल बन गई हैं।
आजीविका मिशन से जुड़ी जीवन की नई राह
श्रीमती ठाकरे का जीवन तब बदला जब वे वर्ष 2016 में 'सत्यसाईं आजीविका स्वयं सहायता समूह' से जुड़ीं। मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एमपीएसआरएलएम) ने उन्हें न केवल एक पहचान दी, बल्कि नियमित बचत, बैंकिंग और उद्यमशीलता का हुनर भी सिखाया। समूह के अनुशासन और प्रशिक्षण ने उनमें वह आत्मविश्वास भरा, जिसने उनके सपनों को पंख दे दिए।
शून्य से शुरू किया सफर, आज खड़ा किया सफल व्यापार
शुरुआत में छमेश्वरी ने घर से ही सिलाई का छोटा सा काम शुरू किया। मेहनत रंग लाई तो उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। मिशन से प्राप्त वित्तीय सहायता (सीआईएफ, सीसीएल एवं एसवीईपी योजनाओं) का उपयोग कर उन्होंने न केवल अपनी सिलाई यूनिट का विस्तार किया, बल्कि लालबर्रा में अपना सिलाई सेंटर खोल लिया। ग्राहकों की बढ़ती मांग और अपनी सूझबूझ से उन्होंने साड़ी का व्यवसाय भी शुरू किया, जो आज उनकी आय का प्रमुख जरिया बन गया है।
आत्मनिर्भरता ने बदली तकदीर
कभी आर्थिक तंगी और मजदूरी पर निर्भर रहने वाला छमेश्वरी का परिवार आज स्वाभिमान के साथ जीवन जी रहा है। व्यवसाय से होने वाली आय से उन्होंने न केवल अपने ऋणों को समय पर चुकाया, बल्कि अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा भी प्रदान कर रही हैं। उनके घर की सुख-सुविधाएं बढ़ी हैं और समाज में उनकी एक अलग पहचान बनी है।
दूसरों के लिए बनीं प्रेरणा
छमेश्वरी अब केवल अपनी उन्नति तक सीमित नहीं हैं। वह अपने क्षेत्र की अन्य ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जुड़ने और स्वरोजगार अपनाने के लिए लगातार प्रेरित कर रही हैं। वे मानती हैं कि "मिशन ने मुझे केवल आर्थिक संबल ही नहीं दिया, बल्कि मुझे एक सफल उद्यमी के रूप में नई पहचान और नेतृत्व क्षमता भी दी है।"
आज छमेश्वरी ठाकरे की यह सफलता बताती है कि सही मार्गदर्शन और दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो ग्रामीण परिवेश की महिलाएं भी किसी बड़े उद्यमी से कम नहीं होतीं। उनकी कहानी हर उस महिला के लिए उम्मीद की एक किरण है जो अपनी मेहनत से अपनी किस्मत बदलना चाहती है।
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26 views | Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 28, 2026