रांची में एआईएसए (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकने की घटना बेहद निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) लंबे समय से शिक्षा, रोजगार, छात्र अधिकारों और लोकतांत्रिक मुद्दों पर आवाज़ उठाने वाला छात्र संगठन रहा है। संगठन के कार्यकर्ता और नेता देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और राज्यों में छात्रों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाते रहे हैं। ऐसे में किसी छात्र नेता पर इस तरह का हमला लोकतांत्रिक असहमति की भावना के अनुरूप नहीं माना जा सकता। नेहा बोरा एक युवा महिला छात्र नेता हैं, जो दिल्ली से लेकर बिहार और अब झारखंड तक छात्रों के अधिकारों, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और शिक्षा से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठा रही हैं। उनके विचारों से असहमति हो सकती है, लेकिन किसी भी लोकतांत्रिक समाज में असहमति का जवाब स्याही फेंककर या किसी भी प्रकार के हमले से नहीं दिया जाना चाहिए। लोकतंत्र में हर व्यक्ति और संगठन को अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने का अधिकार है।
हम मानते हैं कि विचारों का मुकाबला विचारों से होना चाहिए, न कि डराने, अपमानित करने या हिंसक तरीके अपनाने से। ऐसी घटनाएं लोकतांत्रिक संस्कृति को कमजोर करती हैं और स्वस्थ संवाद की परंपरा के खिलाफ हैं। हम रांची में नेहा बोरा पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं तथा निष्पक्ष जांच और दोषी के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग करते हैं। साथ ही, छात्रों की आवाज़ को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए।
Kargahar, Rohtas | Aug 7, 2026