दिनारा हत्याकांड में रोहतास पुलिस की सक्रियता से टली बड़ी घटना
दिनारा थाना क्षेत्र के जोगिया गांव में चंदेश्वर चौधरी की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। मजदूरी विवाद में हुई इस जघन्य घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। आरोपी के घर और वाहनों में आगजनी हुई तथा बड़ी संख्या में लोग गांव में जुट गए। हालात ऐसे थे कि यदि समय पर प्रभावी पुलिस कार्रवाई नहीं होती, तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती थी।
ऐसे माहौल में रोहतास के पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने मुख्य आरोपितों को शीघ्र गिरफ्तार किया, गांव में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की, लगातार गश्त कराई और लोगों से संवाद स्थापित कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया। बाद में आरोपी अजीत तिवारी की निशानदेही पर चंदेश्वर चौधरी का शव भी गांव कुछ दूरी पर नहर से शव बरामद कर लिया गया।
चंदेश्वर चौधरी की हत्या अत्यंत निंदनीय और अमानवीय घटना है। मजदूरी के विवाद में गोली मारकर हत्या करना और फिर शव को छिपाने का प्रयास करना गंभीर अपराध है, जिसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है। ऐसे मामलों में दोषियों को कानून के अनुसार कठोर से कठोर सजा मिलनी चाहिए।
साथ ही, यह भी आवश्यक है कि किसी भी बड़ी घटना के बाद जनता कानून और संविधान पर भरोसा बनाए रखे। प्रशासन का दायित्व लोगों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना है, जबकि समाज की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करना है। दिनारा की घटना में एसपी रोशन कुमार की तत्परता और संयमित कार्रवाई ने संभावित बड़े टकराव को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे यह संदेश भी मिलता है कि कठिन परिस्थितियों में त्वरित और संतुलित पुलिस कार्रवाई हिंसा को बढ़ने से रोकने में अहम साबित हो सकती है। हम वहां जितना देर मौजूद थे। उस वक्त तक एक बढ़कर एक मजरा देखा। लेकिन पुलिस ने ग्रामीणों से परिजनों से लगातार बातचीत करती रही जो पुलिस के कार्यशैली को कुशल बनता है। इस घटना दो पुलिस कर्मी घायल भी हुए। उसके बाजूद पुलिस का करवाई बहुत अच्छा रहा है।