39 साल बाद भी प्राइमरी तक सीमित स्कूल, बच्चों को आज भी तय करना पड़ता है लंबा सफर
बरसों बाद अपने गांव के उस प्राइमरी स्कूल पहुंचने का अवसर मिला, जहां से मैंने भी पांचवीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की थी। बच्चों से मुलाकात कर पुरानी यादें ताजा हो गईं और उनके साथ समय बिताकर बेहद आनंद आया।
लेकिन एक बात ने हैरान कर दिया। GPS स्कूल शुक्राह स्कूल को खुले हुए लगभग 39 वर्ष हो चुके हैं, फिर भी आज तक इसका दर्जा केवल प्राथमिक विद्यालय का ही है। स्कूल से पांचवीं कक्षा पास करने वाले बच्चों को छठी कक्षा में प्रवेश लेने के लिए लगभग डेढ़ घंटे का सफर तय करना पड़ता है। पहाड़ी और दूरदराज़ क्षेत्र होने के कारण यह सफर छोटे बच्चों के लिए और भी कठिन हो जाता है।
बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतने वर्षों बाद भी इस विद्यालय को अपग्रेड क्यों नहीं किया गया? क्या दूरदराज़ क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं देने की जिम्मेदारी किसी की नहीं है? लगता है कि आज भी दुर्गम क्षेत्रों के स्कूल विकास की मुख्यधारा से दूर हैं।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने प्रशासन व शिक्षा विभाग से मांग की है कि बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस विद्यालय को जल्द से जल्द उच्चीकृत किया जाए, ताकि उन्हें बेहतर शिक्षा के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े।
– सुनील पहाड़ी
पहाड़ी न्यूज़ | ग्राउंड रिपोर्ट
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Chamba, Chamba | Jun 17, 2026