श्री गुरु संत रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर चांदन प्रखंड अंतर्गत पश्चिमी कटसकरा पंचायत के ग्राम फुलहरा महादलित टोला स्थित पंचायत सरकार भवन में जिला पदाधिकारी, बांका श्री अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में श्री गुरु संत रविदास विकास शिविर का आयोजन किया गया।
जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित फुलहरा पंचायत में जिला पदाधिकारी एवं अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिति से ग्रामीणों में खासा उत्साह और खुशी देखने को मिली। प्रशासन के इस पहल की ग्रामीणों ने सराहना करते हुए कहा कि दूरस्थ क्षेत्र में विकास शिविर आयोजित होने से उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी एवं लाभ प्राप्त करने के लिए जिला मुख्यालय अथवा अन्य कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। शिविर के माध्यम से प्रशासन के सीधे गांव तक पहुंचने से ग्रामीणों में विशेष प्रसन्नता एवं विश्वास का भाव देखने को मिला।
प्रत्येक गुरुवार को विकास शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत बांका जिले में कुल 509 विकास शिविर आयोजित किए जाएंगे।
जिले के विभिन्न प्रखंडों में प्रस्तावित विकास शिविरों में शंभूगंज प्रखंड में 57, फुल्लीडुमर में 33, धोरैया में 60, बांका में 46, कटोरिया में 41, चांदन में 44, बेलहर में 50, बाराहाट में 28, बौंसी में 39, अमरपुर में 59 तथा रजौन प्रखंड में 52 विकास शिविरों का किया जाएगा।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि आज बेहद खुशी और गर्व का दिन है। श्री गुरु संत रविदास जी की 650वीं जयंती के इस ऐतिहासिक और पावन अवसर पर हम सभी यहां एकत्रित हुए हैं। संत रविदास जी ने समाज में समरसता, भाईचारे और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान का जो मार्ग दिखाया था, उसी सोच को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से सरकार द्वारा विकास शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार की स्पष्ट मंशा है कि राज्य का कोई भी नागरिक कल्याणकारी योजनाओं से अछूता न रहे। इसी उद्देश्य से विकास शिविरों के माध्यम से सरकार की 22 महत्वपूर्ण योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाया जा रहा है। हमारा उद्देश्य केवल आवेदन लेना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजना का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना है।
विकास शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सरकारी सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। शिविर में राशन कार्ड, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, आंगनबाड़ी से संबंधित सेवाएं, जन्म प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड सहित कुल 22 योजनाओं एवं सेवाओं से संबंधित लाभ एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए काउंटरों के माध्यम से ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पात्र लाभुकों से आवेदन भी प्राप्त किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक गुरुवार को विकास शिविरों का आयोजन किया जाएगा। शिविर से पूर्व पंचायत स्तर के सभी कर्मियों द्वारा गांव-गांव एवं घर-घर जाकर विभिन्न योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा तथा पात्र लाभुकों से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। शिविर के दिन शिविर स्थल पर संबंधित योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ एवं स्वीकृति प्रदान करने की कार्रवाई की जाएगी।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के बच्चों का भविष्य संवारने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वर्तमान में जिले में 5 डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावासों का संचालन किया जा रहा है, जिनकी कुल आवासन क्षमता 300 है। इसके अतिरिक्त 720-720 आवासन क्षमता वाले 2 आवासीय विद्यालय भी सफलतापूर्वक संचालित हैं। इन आवासीय विद्यालयों में बच्चों को सरकार द्वारा उत्कृष्ट स्तर की सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।
छात्रावास एवं आवासीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल क्लासरूम एवं सुसज्जित लाइब्रेरी जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। भविष्य की योजनाओं के तहत जिन प्रखंडों में राजकीय डिग्री कॉलेज का निर्माण हो रहा है, वहां 100 क्षमता वाले नए छात्रावास बनाए जाएंगे। वहीं, बांका में बालिकाओं के लिए सावित्रीबाई फुले छात्रावास के निर्माण की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है।
जिला पदाधिकारी ने उपस्थित ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि प्रशासन आपके द्वार तक आया है। सभी ग्रामीण विकास शिविरों की जानकारी अपने आसपास के लोगों तक पहुंचाएं और सरकार द्वारा संचालित 22 जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का पात्रता के अनुसार पूरा लाभ उठाएं। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि शिविर में आने वाले पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो तथा प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
Banka, Bihar | Aug 27, 2026