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साइबर ठगी पर कोंच पुलिस का बड़ा शिकंजा, तीन और एफआईआर दर्ज; अब तक सात मुकदमे, कई और रडार पर प्रतिबिंब पोर्टल से मिली शिकायतों पर तेज हुई कार्रवाई, संदिग्ध बैंक खातों की गहन जांच जारी; पुलिस बोली— दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा साइबर ठगी से अर्जित धनराशि के लेनदेन में इस्तेमाल किए गए संदिग्ध बैंक खातों पर कोंच पुलिस लगातार शिकंजा कस रही है। पहले दर्ज चार मुकदमों के बाद अब तीन नई एफआईआर दर्ज होने से इस मामले में कुल मुकदमों की संख्या सात हो गई है। लगातार बढ़ती कार्रवाई से संदिग्ध खाताधारकों में हड़कंप मचा हुआ है, जबकि पुलिस ने साफ कर दिया है कि जांच अभी जारी है और जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। भारत सरकार के समन्वय 'प्रतिबिंब' पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर साइबर सेल ने संदिग्ध बैंक खातों की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान सैकड़ों खातों में संदिग्ध लेनदेन मिलने पर कई खातों को होल्ड कर दिया गया। इसके बाद विस्तृत जांच के लिए सूची कोंच कोतवाली पुलिस को सौंपी गई। जांच में कई खाताधारकों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर लगातार एफआईआर दर्ज की जा रही हैं। ताजा कार्रवाई में एसबीआई मुख्य शाखा कोंच और एसबीआई नदीगांव रोड शाखा से जुड़े खातों के संबंध में तीन नए मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उपनिरीक्षक सुमित पांडेय ने गांधी नगर निवासी सुभित के विरुद्ध, उपनिरीक्षक शुभम परमार ने नया पटेल नगर निवासी मनीष द्विवेदी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं झांसी जनपद के ग्राम मड़ोरा कलां निवासी दीपेश राजपूत की तहरीर पर मदन रायकवार के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई है। शिकायत में बैंक खाता खुलवाकर एटीएम कार्ड और पासबुक अपने पास रखने का आरोप लगाया गया है। इससे पहले भी कई अन्य लोगों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। मामले की विवेचना कर रहे क्राइम इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने बताया कि जांच लगातार आगे बढ़ रही है और जो भी व्यक्ति साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़ा पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। आपकी क्या राय है? क्या साइबर ठगी में शामिल लोगों के खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। #BreakingNews #CyberCrime #CyberFraud #Konch #Jalaun #UPPolice #CyberCell #PratibimbPortal #SBI #BankFraud #FraudAlert #DigitalCrime #PoliceAction #CrimeNews #LatestNews #UPNews #Bundelkhand #Orai #KonchNews #JalaunNews #CyberAwareness #OnlineFraud #Investigation #FIR #CrimeAlert #HindiNews #ViralNews #PublicAwareness #Justice #NewsUpdate

Kalpi, Jalaun | Jul 14, 2026

MORE NEWS

बंगरा कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं ने SDM से लगाई न्याय की गुहार, व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल

छात्राओं ने खोली विद्यालय की पोल, एसडीएम माधौगढ़ ने जताई कड़ी नाराजगी, जांच के दिए सख्त आदेश

 जालौन जनपद के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, बंगरा की छात्राओं ने विद्यालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं से परेशान होकर अपने अभिभावकों के साथ सीधे उपजिलाधिकारी माधौगढ़ के कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई।
 छात्राओं ने विद्यालय में पेयजल, साफ-सफाई, छात्रावास, भोजन, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत सौंपी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी माधौगढ़ ने तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
 शिकायत सुनते ही उन्होंने इस बात पर भी कड़ी नाराजगी व्यक्त की कि विद्यालय समय में छात्राओं को अभिभावकों के साथ कार्यालय तक कैसे आने दिया गया और उनके साथ विद्यालय का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद क्यों नहीं था।

एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि यदि रास्ते में किसी छात्रा के साथ कोई अप्रिय घटना हो जाती, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता?
 उन्होंने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस प्रकार की लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

उपजिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। 
इस घटना के बाद विद्यालय की व्यवस्थाओं और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

 आपकी इस पूरे मामले पर क्या राय है?
 क्या विद्यालयों में ऐसी शिकायतों पर और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए? 
अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।

#BreakingNews #Jalaun #Madhogarh #Bangra #KasturbaGandhiBalikaVidyalaya #KGBV #SDM #StudentVoice #Education #School #GirlsEducation #Hostel #CleanWater #Food #Safety #Investigation #Action #UPNews #Urai #Kalpi #Bundelkhand #HindiNews #ViralNews #GroundReport #Justice #Students #JalaunNews #EducationSystem #PublicIssue #LatestNews

बंगरा कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं ने SDM से लगाई न्याय की गुहार, व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल छात्राओं ने खोली विद्यालय की पोल, एसडीएम माधौगढ़ ने जताई कड़ी नाराजगी, जांच के दिए सख्त आदेश जालौन जनपद के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, बंगरा की छात्राओं ने विद्यालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं से परेशान होकर अपने अभिभावकों के साथ सीधे उपजिलाधिकारी माधौगढ़ के कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। छात्राओं ने विद्यालय में पेयजल, साफ-सफाई, छात्रावास, भोजन, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत सौंपी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी माधौगढ़ ने तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। शिकायत सुनते ही उन्होंने इस बात पर भी कड़ी नाराजगी व्यक्त की कि विद्यालय समय में छात्राओं को अभिभावकों के साथ कार्यालय तक कैसे आने दिया गया और उनके साथ विद्यालय का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद क्यों नहीं था। एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि यदि रास्ते में किसी छात्रा के साथ कोई अप्रिय घटना हो जाती, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता? उन्होंने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस प्रकार की लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उपजिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस घटना के बाद विद्यालय की व्यवस्थाओं और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। आपकी इस पूरे मामले पर क्या राय है? क्या विद्यालयों में ऐसी शिकायतों पर और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। #BreakingNews #Jalaun #Madhogarh #Bangra #KasturbaGandhiBalikaVidyalaya #KGBV #SDM #StudentVoice #Education #School #GirlsEducation #Hostel #CleanWater #Food #Safety #Investigation #Action #UPNews #Urai #Kalpi #Bundelkhand #HindiNews #ViralNews #GroundReport #Justice #Students #JalaunNews #EducationSystem #PublicIssue #LatestNews

Kalpi, Jalaun | Jul 14, 2026

घर में जबरन घुसी पुलिस, की तोड़फोड़ और दबाव में कराया समझौता?
 पीड़ित ने कैमरे के सामने लगाए गंभीर आरोप, वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप

जालौन के जगम्मनपुर में संपत्ति विवाद ने पकड़ा तूल, पीड़ित ने एसपी, डीआईजी, डीजीपी और डीएम से की निष्पक्ष जांच की मांग; 
सीसीटीवी, जीडी और पुलिस रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की उठाई मांग।

रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम जगम्मनपुर में संपत्ति विवाद को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
 गांव निवासी राजकुमार पुत्र स्व. बैजनाथ एवं शिवशंकर पुत्र स्व. बैजनाथ ने पुलिस अधीक्षक जालौन को पांच पृष्ठों का शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि जगम्मनपुर पुलिस चौकी के प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों ने न्यायालय में विचाराधीन संपत्ति विवाद में हस्तक्षेप किया, उनके घर में जबरन प्रवेश किया, तोड़फोड़ की और परिवार को पुलिस के दबाव में थाने ले जाकर कथित समझौता कराने का प्रयास किया।
 शिकायत की प्रतिलिपि डीआईजी झांसी, डीजीपी उत्तर प्रदेश और जिलाधिकारी जालौन को भी भेजी गई है।

पीड़ितों का कहना है कि विवादित संपत्ति का मामला माधौगढ़ न्यायालय में पहले से विचाराधीन है और इस संबंध में वाद संख्या 23/2025 लंबित है। 
इसके बावजूद कथित रूप से पुलिस ने एक पक्ष को लाभ पहुंचाने की नीयत से कार्रवाई की। 
शिकायत में कहा गया है कि 6 जून 2026 को विवादित संपत्ति का कथित विक्रय किया गया, जिसके बाद कब्जा दिलाने की कोशिशें शुरू हो गईं। इस संबंध में पुलिस को पहले ही लिखित शिकायत देकर न्यायालय में मामला लंबित होने की जानकारी दी जा चुकी थी।

पीड़ितों का आरोप है कि 11 जुलाई 2026 को उन्होंने उच्च अधिकारियों को ऑनलाइन शिकायत भेजकर आशंका जताई थी कि पुलिस की मदद से जबरन कब्जा कराया जा सकता है। 
आरोप है कि उसी दिन शाम को पुलिस उनके घर पहुंची, जबरन अंदर घुस गई, तोड़फोड़ की और परिवार के सदस्यों को रामपुरा थाने ले गई। 
वहां पहले से मौजूद सूर्यकांत मिश्रा की उपस्थिति में कथित रूप से एक हस्तलिखित समझौता पत्र तैयार कराया गया और उस पर हस्ताक्षर कराने के लिए दबाव बनाया गया।

पीड़ितों का कहना है कि यह समझौता उनकी स्वतंत्र इच्छा से नहीं बल्कि कथित पुलिस दबाव में कराया गया। 
उनका यह भी दावा है कि पूरे घटनाक्रम का वीडियो मौजूद है, जिसमें उन्होंने कैमरे के सामने अपनी आपबीती बताई है।
 वीडियो में पुलिस की कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

शिकायत में मांग की गई है कि 11 जुलाई की सीसीटीवी फुटेज, जनरल डायरी (GD), आगमन-रवानगी रजिस्टर, ड्यूटी रजिस्टर, पुलिस वाहन की लॉगबुक, कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड सुरक्षित किए जाएं, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके। 
साथ ही जांच पूरी होने तक संबंधित चौकी प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों को इस प्रकरण से अलग रखने तथा आरोप सही पाए जाने पर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी की गई है।

घटना के बाद उठ रहे बड़े सवाल

जब संपत्ति विवाद न्यायालय में विचाराधीन था तो पुलिस की भूमिका क्या थी?

क्या बिना किसी वैधानिक नोटिस या एफआईआर के घर में प्रवेश किया गया?

क्या परिवार को कानूनी प्रक्रिया के तहत थाने लाया गया था?

यदि कार्रवाई पूरी तरह वैधानिक थी तो उसकी जीडी, नोटिस और रिकॉर्ड क्या कहते हैं?

क्या सीसीटीवी फुटेज पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाएगी?

क्या पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बजाय किसी निजी विवाद में हस्तक्षेप किया?

क्या उच्च अधिकारी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेंगे?

पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय की उम्मीद है और वे चाहते हैं कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जाए।

पीड़ित ने कैमरे के सामने पूरी घटना बताई है। 
वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

आप इस पूरे मामले को किस नजरिए से देखते हैं?
 क्या निष्पक्ष जांच होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।

नोट: यह समाचार शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध दस्तावेजों/वीडियो के आधार पर तैयार किया गया है। 
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
 संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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घर में जबरन घुसी पुलिस, की तोड़फोड़ और दबाव में कराया समझौता? पीड़ित ने कैमरे के सामने लगाए गंभीर आरोप, वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप जालौन के जगम्मनपुर में संपत्ति विवाद ने पकड़ा तूल, पीड़ित ने एसपी, डीआईजी, डीजीपी और डीएम से की निष्पक्ष जांच की मांग; सीसीटीवी, जीडी और पुलिस रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की उठाई मांग। रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम जगम्मनपुर में संपत्ति विवाद को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गांव निवासी राजकुमार पुत्र स्व. बैजनाथ एवं शिवशंकर पुत्र स्व. बैजनाथ ने पुलिस अधीक्षक जालौन को पांच पृष्ठों का शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि जगम्मनपुर पुलिस चौकी के प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों ने न्यायालय में विचाराधीन संपत्ति विवाद में हस्तक्षेप किया, उनके घर में जबरन प्रवेश किया, तोड़फोड़ की और परिवार को पुलिस के दबाव में थाने ले जाकर कथित समझौता कराने का प्रयास किया। शिकायत की प्रतिलिपि डीआईजी झांसी, डीजीपी उत्तर प्रदेश और जिलाधिकारी जालौन को भी भेजी गई है। पीड़ितों का कहना है कि विवादित संपत्ति का मामला माधौगढ़ न्यायालय में पहले से विचाराधीन है और इस संबंध में वाद संख्या 23/2025 लंबित है। इसके बावजूद कथित रूप से पुलिस ने एक पक्ष को लाभ पहुंचाने की नीयत से कार्रवाई की। शिकायत में कहा गया है कि 6 जून 2026 को विवादित संपत्ति का कथित विक्रय किया गया, जिसके बाद कब्जा दिलाने की कोशिशें शुरू हो गईं। इस संबंध में पुलिस को पहले ही लिखित शिकायत देकर न्यायालय में मामला लंबित होने की जानकारी दी जा चुकी थी। पीड़ितों का आरोप है कि 11 जुलाई 2026 को उन्होंने उच्च अधिकारियों को ऑनलाइन शिकायत भेजकर आशंका जताई थी कि पुलिस की मदद से जबरन कब्जा कराया जा सकता है। आरोप है कि उसी दिन शाम को पुलिस उनके घर पहुंची, जबरन अंदर घुस गई, तोड़फोड़ की और परिवार के सदस्यों को रामपुरा थाने ले गई। वहां पहले से मौजूद सूर्यकांत मिश्रा की उपस्थिति में कथित रूप से एक हस्तलिखित समझौता पत्र तैयार कराया गया और उस पर हस्ताक्षर कराने के लिए दबाव बनाया गया। पीड़ितों का कहना है कि यह समझौता उनकी स्वतंत्र इच्छा से नहीं बल्कि कथित पुलिस दबाव में कराया गया। उनका यह भी दावा है कि पूरे घटनाक्रम का वीडियो मौजूद है, जिसमें उन्होंने कैमरे के सामने अपनी आपबीती बताई है। वीडियो में पुलिस की कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। शिकायत में मांग की गई है कि 11 जुलाई की सीसीटीवी फुटेज, जनरल डायरी (GD), आगमन-रवानगी रजिस्टर, ड्यूटी रजिस्टर, पुलिस वाहन की लॉगबुक, कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड सुरक्षित किए जाएं, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके। साथ ही जांच पूरी होने तक संबंधित चौकी प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों को इस प्रकरण से अलग रखने तथा आरोप सही पाए जाने पर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी की गई है। घटना के बाद उठ रहे बड़े सवाल जब संपत्ति विवाद न्यायालय में विचाराधीन था तो पुलिस की भूमिका क्या थी? क्या बिना किसी वैधानिक नोटिस या एफआईआर के घर में प्रवेश किया गया? क्या परिवार को कानूनी प्रक्रिया के तहत थाने लाया गया था? यदि कार्रवाई पूरी तरह वैधानिक थी तो उसकी जीडी, नोटिस और रिकॉर्ड क्या कहते हैं? क्या सीसीटीवी फुटेज पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाएगी? क्या पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बजाय किसी निजी विवाद में हस्तक्षेप किया? क्या उच्च अधिकारी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेंगे? पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय की उम्मीद है और वे चाहते हैं कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जाए। पीड़ित ने कैमरे के सामने पूरी घटना बताई है। वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। आप इस पूरे मामले को किस नजरिए से देखते हैं? क्या निष्पक्ष जांच होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। नोट: यह समाचार शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध दस्तावेजों/वीडियो के आधार पर तैयार किया गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। #BreakingNews #Jalaun #Orai #Rampura #Jagammanpur #UPPolice #Police #PoliceAction #PropertyDispute #LandDispute #Justice #ViralVideo #CrimeNews #HindiNews #SPJalaun #DIGJhansi #DGPUP #DMJalaun #CourtCase #Madhogarh #CCTV #GD #Investigation #GroundReport #LatestNews #PublicVoice #UraiNews #KalpiNews #JalaunNews #UttarPradesh

Kalpi, Jalaun | Jul 14, 2026

दिव्यांग युवक ने पत्नी और ससुराल पक्ष पर लगाया पैतृक मकान कब्जाने का आरोप!

दस्तावेज, जेवर और घर पर कब्जे का दावा, एसपी से लगाई न्याय व सुरक्षा की गुहार; पुलिस जांच के बाद होगी आरोपों की पुष्टि

जालौन जनपद के रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम जगम्मनपुर से एक पारिवारिक विवाद का मामला सामने आया है। 
दिव्यांग युवक गौतम रावत ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
 युवक का दावा है कि उसके पैतृक मकान पर कब्जा कर लिया गया है, महत्वपूर्ण दस्तावेज और जेवरात अपने कब्जे में रख लिए गए हैं तथा विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई।

पीड़ित के अनुसार उसकी शादी वर्ष 2021 में बिना दान-दहेज के दीक्षा रावत निवासी खकसीस, थाना रेंढर के साथ हुई थी।
 दोनों के दो छोटे बच्चे हैं। गौतम का कहना है कि वह दाएं हाथ और पैर से दिव्यांग है, जिसके कारण अपनी सुरक्षा और अधिकारों की लड़ाई लड़ना उसके लिए और भी कठिन हो गया है।

प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि पत्नी, सास, ससुर और साले ने मिलकर उसके दिवंगत पिता के महत्वपूर्ण दस्तावेज तथा जेवरात अपने कब्जे में ले लिए। जब उसने उन्हें वापस मांगा तो उसके साथ मारपीट की गई।

 पीड़ित का यह भी आरोप है कि उसके पैतृक घर पर कब्जा कर लिया गया है, जिससे वह अपने ही घर से वंचित हो गया है।

गौतम रावत ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दस्तावेज, जेवरात और मकान वापस दिलाने के साथ-साथ अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

फिलहाल पुलिस को प्रार्थना पत्र सौंप दिया गया है। मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

 आपकी क्या राय है?
 क्या ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए?
 अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।

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दिव्यांग युवक ने पत्नी और ससुराल पक्ष पर लगाया पैतृक मकान कब्जाने का आरोप! दस्तावेज, जेवर और घर पर कब्जे का दावा, एसपी से लगाई न्याय व सुरक्षा की गुहार; पुलिस जांच के बाद होगी आरोपों की पुष्टि जालौन जनपद के रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम जगम्मनपुर से एक पारिवारिक विवाद का मामला सामने आया है। दिव्यांग युवक गौतम रावत ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक का दावा है कि उसके पैतृक मकान पर कब्जा कर लिया गया है, महत्वपूर्ण दस्तावेज और जेवरात अपने कब्जे में रख लिए गए हैं तथा विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। पीड़ित के अनुसार उसकी शादी वर्ष 2021 में बिना दान-दहेज के दीक्षा रावत निवासी खकसीस, थाना रेंढर के साथ हुई थी। दोनों के दो छोटे बच्चे हैं। गौतम का कहना है कि वह दाएं हाथ और पैर से दिव्यांग है, जिसके कारण अपनी सुरक्षा और अधिकारों की लड़ाई लड़ना उसके लिए और भी कठिन हो गया है। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि पत्नी, सास, ससुर और साले ने मिलकर उसके दिवंगत पिता के महत्वपूर्ण दस्तावेज तथा जेवरात अपने कब्जे में ले लिए। जब उसने उन्हें वापस मांगा तो उसके साथ मारपीट की गई। पीड़ित का यह भी आरोप है कि उसके पैतृक घर पर कब्जा कर लिया गया है, जिससे वह अपने ही घर से वंचित हो गया है। गौतम रावत ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दस्तावेज, जेवरात और मकान वापस दिलाने के साथ-साथ अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस को प्रार्थना पत्र सौंप दिया गया है। मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। आपकी क्या राय है? क्या ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। #BreakingNews #Jalaun #Orai #Rampura #Jagammanpur #CrimeNews #FamilyDispute #PropertyDispute #DisabledPerson #Justice #SPJalaun #PoliceInvestigation #UttarPradesh #HindiNews #SonuMaharaj #LocalNews #LatestNews #GroundReport #ViralNews #LawAndOrder #PoliceAction #PublicVoice #जालौन #उरई #रामपुरा #जगम्मनपुर #दिव्यांग #पैतृक_मकान #संपत्ति_विवाद

Kalpi, Jalaun | Jul 14, 2026