डीडवाना: ऐतिहासिक अशोक स्तंभ सर्किल के सौंदर्यीकरण के नाम पर महज खानापूर्ति, स्थानीय निवासियों में भारी रोष
डीडवाना। शहर के नागोरी गेट के बाहर स्थित ऐतिहासिक अशोक स्तंभ सर्किल के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण को लेकर नगर परिषद की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। 1960 में स्थापित इस ऐतिहासिक प्रतीक चिन्ह को भव्य रूप देने के बजाय महज खानापूर्ति की जा रही है, जिससे स्थानीय नागरिकों में गहरा असंतोष और विरोध व्याप्त है।
*ऐतिहासिक पहचान से खिलवाड़ का आरोप*
वर्ष 1960 में इस अशोक स्तंभ सर्किल का निर्माण सेठ गणेशमल जाजू द्वारा करवाया गया था। तब से ही यहां उनके नाम की पट्टिका लगी हुई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद द्वारा करवाए जा रहे वर्तमान निर्माण कार्य के दौरान इस नाम पट्टिका को ढक दिया गया है और चारदीवारी बनाकर मिट्टी भर दी गई है। भामाशाह के नाम को छुपाने की इस कवायद से गुस्साए लोगों ने हाल ही में जारी कार्य को रुकवा दिया और कड़ा विरोध दर्ज कराया।
7D के बाद बदला स्वरूप, अब देखरेख का अभाव
स्थानीय निवासियों ने बताया कि वर्ष 2016-17 में आई 7D के दौरान शहर के अधिकांश बाजार क्षतिग्रस्त हो गए थे। उस समय जो अशोक स्तंभ भव्य रूप में पार्क और चारदीवारी के साथ मौजूद था, उसे हटाकर एक बेहद छोटा स्वरूप दे दिया गया। इसके बाद से ही भारत के इस राष्ट्रीय प्रतीक की उचित देखरेख नहीं हो पा रही है, जिससे इसकी गरिमा प्रभावित हो रही है।
*लाखों का टेंडर, फिर भी बुनियादी सुधार नदारद*
नगर परिषद द्वारा इस कार्य के लिए लाखों रुपये का टेंडर जारी किए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन मौके पर हो रहा काम केवल औपचारिक नजर आ रहा है। नागरिकों की मांग है कि सर्किल का पुनर्गठन:सर्किल को सड़क के बीचों-बीच स्थापित कर चौराहे तिराहे के रूप में विकसित किया जाए ताकि यातायात व्यवस्था सुगम हो सके।भव्य सौंदर्यीकरण: चारों तरफ रेलिंग, आकर्षक लाइटिंग और उचित पौधरोपण कर इसे भव्य रूप दिया जाए।ऐतिहासिक पट्टिका का सम्मान: भामाशाह स्व. गणेशमल जाजू की मूल नाम पट्टिका को यथावत सुरक्षित और दृश्यमान रखा जाए।सफाई व्यवस्था:सर्किल के आसपास फैली गंदगी को तुरंत साफ कर क्षेत्र को स्वच्छ बनाया जाए।स्थानीय निवासियों का स्पष्ट कहना है कि भारत के प्रतीक चिन्ह का पूर्ण सम्मान होना चाहिए। यदि नगर परिषद ने खानापूर्ति छोड़कर योजनाबद्ध तरीके से इसका भव्य निर्माण नहीं किया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
Didwana, Nagaur | Oct 19, 2026