*प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने कृषि सखियों को दिया प्रशिक्षण*
*स्थानीय संसाधनों के उपयोग और कम लागत में टिकाऊ खेती अपनाने पर जोर*
कृषि विज्ञान केंद्र, डिंडौरी में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा कृषकों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों, लाभ एवं व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराने के उद्देश्य से प्राकृतिक खेती कार्यशाला सह जिले के अंदर कृषक प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कार्यक्रम कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन तथा उपसंचालक कृषि डॉ. राजेश सिंह चौहान, परियोजना संचालक आत्मा श्रीमती अरुणिमा सेन एवं कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. के.के. देशमुख के मार्गदर्शन में हुआ। कार्यशाला में जिले के विभिन्न विकासखंडों से चयनित कृषि सखियों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण का उद्देश्य रासायनिक आदानों पर निर्भरता कम करने, स्थानीय संसाधनों के उपयोग से कम लागत में टिकाऊ एवं पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा देना रहा।
कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक खेती की अवधारणा, जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत, आच्छादन एवं वाफसा जैसी तकनीकों के साथ मधुमक्खी पालन की उपयोगिता की जानकारी दी। साथ ही मृदा स्वास्थ्य, मृदा में जैविक गतिविधियों को बढ़ाने, कृषि लागत कम करने तथा खेत स्तर पर प्राकृतिक खेती अपनाने की व्यावहारिक तकनीकों पर चर्चा की गई। कृषकों एवं कृषि सखियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए विभिन्न फसलों में प्राकृतिक खेती की संभावनाओं एवं आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण डॉ. के.के. देशमुख, डॉ. पी.एल. अंबुलकर, डॉ. गीता सिंह, श्री अवधेश कुमार पटेल, श्रीमती रेणु पाठक एवं कु. श्वेता मसराम द्वारा दिया गया।
कार्यक्रम में कृषि विभाग एवं आत्मा परियोजना से श्री जगदीश बिसेन, श्रीमती आरती चौरसिया, श्री अशोक कोरी एवं श्री संतोष उइके सहित सभी विकासखंडों से चयनित कृषि सखियां उपस्थित रहीं। कृषि विभाग, आत्मा परियोजना एवं कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारियों एवं वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक खेती की तकनीकों को ग्राम स्तर तक पहुंचाने तथा अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़ने पर जोर दिया। कृषि सखियों से अपेक्षा की गई कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को अपने-अपने क्षेत्रों के किसानों तक पहुंचाकर प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ाएं तथा जिले में प्राकृतिक खेती एवं मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करने में सक्रिय भूमिका निभाएं
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13 views | Dindori, Madhya Pradesh | Sep 28, 2026